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पीएसएलवी


'पीएसएलवी' - 52 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ISRO का नया सैटेलाइट RISAT-2BR1 लॉन्च, सेना की बढ़ेगी ताकत

    ISRO का नया सैटेलाइट RISAT-2BR1 लॉन्च, सेना की बढ़ेगी ताकत

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने दोपहर 3.25 बजे ताकतवर राडार इमेजिंग सैटेलाइट रीसैट-2बीआर1 (RiSAT-2BR1) की सफल लॉन्चिंग की. ‘रिसैट-2बीआर1' को प्रक्षेपण के लगभग 16 मिनट बाद और अन्य उपग्रहों को लगभग पांच मिनट बाद उनकी अलग-अलग निर्दिष्ट कक्षाओं में स्थापित कर दिया गया.

  • भारत का निगरानी सैटेलाइट RISAT-2BR1 आज होगा लॉन्च

    भारत का निगरानी सैटेलाइट RISAT-2BR1 आज होगा लॉन्च

    भारत के नया निगरानी उपग्रह रीसेट-2बीआर1 बुधवार को 3 बजकर 25 मिनट पर लॉन्च हो जाएगा. इसके लिए मंगलवार 4:40 बजे से उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.

  • NEWS FLASH: सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरेगा PSLV-C47

    NEWS FLASH: सुबह 9 बजकर 28 मिनट पर उड़ान भरेगा PSLV-C47

    देश-दुनिया की राजनीति, खेल एवं मनोरंजन जगत से जुड़े समाचार इसी एक पेज पर जानें...

  • एक और कामयाबी: 'मिशन शक्ति' के बाद अब ISRO ने लॉन्च किया दुश्मन की रडार का पता लगाने वाला सैटेलाइट

    एक और कामयाबी: 'मिशन शक्ति' के बाद अब ISRO ने लॉन्च किया दुश्मन की रडार का पता लगाने वाला सैटेलाइट

    ISRO launches EMISAT: ISRO ने इतिहास रच दिया है.  एमिसैट सैटेलाइट लॉन्च कर दिया गया है. एमिसैट (EMISAT) का प्रक्षेपण रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (डीआरडीओ) के लिए किया गया है.

  • ASAT मिसाइल टेस्‍ट के बाद अब दुश्‍मनों के रडार का पता लगाने वाले सैटेलाइट के लॉन्‍च की तैयारी में भारत

    ASAT मिसाइल टेस्‍ट के बाद अब दुश्‍मनों के रडार का पता लगाने वाले सैटेलाइट के लॉन्‍च की तैयारी में भारत

    स्‍पेस मिसाइल का इस्तेमाल कर एक लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट को मार गिराने के बाद भारत अब पोलर सैटेलाइट लॉन्‍च व्‍हीकल (पीएसएलवी) के मिशन के जरिए एक ऐसे निगरानी उपग्रह को लॉन्‍च करना चाहता है जिसमें कई बातें पहली बार होंगी.

  • ISRO ने छात्रों द्वारा बनाए दुनिया के सबसे हल्के सैटेलाइट को सफलतापूर्वक किया लॉन्च

    ISRO ने छात्रों द्वारा बनाए दुनिया के सबसे हल्के सैटेलाइट को सफलतापूर्वक किया लॉन्च

    इसरो के पीएसएलवी-सी44 रॉकेट ने गुरुवार को श्रीहरिकोटा से भारतीय सेना का उपग्रह माइक्रोसैट और छात्रों का उपग्रह कलामसैट लेकर अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी थी.

  • मोदी सरकार ने 30 PSLV और 10 GSLV एमके III लॉन्‍च के लिए 10,000 करोड़ की मंजूरी दी, कैबिनेट ने लिए ये 6 फैसले

    मोदी सरकार ने 30 PSLV और 10 GSLV एमके III लॉन्‍च के लिए 10,000 करोड़ की मंजूरी दी, कैबिनेट ने लिए ये 6 फैसले

    इस कदम से इसरो को हल्के और भारी वजन के उपग्रहों के प्रक्षेपण में मदद मिलेगी. पीएसएलवी के परिचालन से देश पृथ्‍वी अवलोकन, आपदा प्रबंधन, दिशा सूचक और अंतरिक्ष विज्ञान के लिए उपग्रह प्रक्षेपण क्षमता में आत्‍मनिर्भर बना है. 

  • ISRO का 100वां सैटेलाइट लॉन्च, भारत को अब डिफेंस और कृषि क्षेत्र की मिलेगी तत्‍काल जानकारी, जानें 10 बातें

    ISRO का 100वां सैटेलाइट लॉन्च, भारत को अब डिफेंस और कृषि क्षेत्र की मिलेगी तत्‍काल जानकारी, जानें 10 बातें

    आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में सेंचुरी लगा दी है. थोड़ी देर पहले श्रीहरिकोटा से इसरो का 100वां सैटेलाइट लॉन्च हुआ. इसरो ने एक साथ 31 सैटेलाइट अंतरिक्ष में लॉन्‍च किए. PSLV C-40 अपने साथ सबसे भारी कार्टोसैट 2 सीरीज के उपग्रह के अलावा 30 दूसरी सैटलाइट भी अंतरिक्ष में ले गया है. इसमें एक भारतीय माइक्रो सैटेलाइट और एक नैनो सैटेलाइट के अलावा 28 छोटे विदेशी उपग्रह हैं. इसरो के वैज्ञानिक एएस किरण ने बताया कि पिछले पीएसएलवी लॉन्च के दौरान हमें समस्याएं हुईं थी और आज जो हुआ है उससे यह साबित होता है कि समस्या को ठीक से देखा गया और उसमें सुधार किया गया. देश को इस नए साल का उपहार देने के लिए शुभकामनाएं. आपको बता दें कि चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षा में देश के आठवें नेविगेशन उपग्रह को वितरित करने में असफल रहा था. पीएसएलवी-सी40 वर्ष 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है.

  • ISRO की शतकीय उड़ान: 100वें सैटेलाइट समेत 31 उपग्रह अंतरिक्ष की ओर रवाना, 10 खास बातें

    ISRO की शतकीय उड़ान: 100वें सैटेलाइट समेत 31 उपग्रह अंतरिक्ष की ओर रवाना, 10 खास बातें

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) आज अंतरिक्ष में शतक लगाया है. सुबह 9.28 पर श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र से इसरो अपने 100वें उपग्रह को लॉन्च किया. कार्टोसैट 2 सैटेलाइट से 710 किलो वजनी है. यह निगरानी उपग्रह है और इससे तटीय क्षेत्रों और शहरों की निगरानी के लिए इस्‍तेमाल किया जाएगा. इसमें हाईरेजुलेशन कैमरा लगा है जिससे खींची फोटो का इस्‍तेमाल किया जाएगा. चार स्‍तर पर लॉन्‍च किया जाएगा. ढाई घंटे की ये प्रक्रिया है. सह-यात्री उपग्रहों में भारत का एक माइक्रो और एक नैनो उपग्रह शामिल है जबकि छह अन्य देशों - कनाडा, फिनलैंड, फ्रांस, कोरिया, ब्रिटेन और अमेरिका के तीन माइक्रो और 25 नैनो उपग्रह शामिल किए जा रहे हैं. आपको बता दें कि चार महीने पहले 31 अगस्त 2017 इसी तरह का एक प्रक्षेपास्त्र पृथ्वी की निम्न कक्षा में देश के आठवें नेविगेशन उपग्रह को वितरित करने में असफल रहा था. पीएसएलवी-सी40 वर्ष 2018 की पहली अंतरिक्ष परियोजना है.

  • अंतरिक्ष क्षेत्र में देश का पहला स्‍टार्टअप टीमइंडस, चंद्रमा पर यान भेजने की रेस से पीछे हटा

    अंतरिक्ष क्षेत्र में देश का पहला स्‍टार्टअप टीमइंडस, चंद्रमा पर यान भेजने की रेस से पीछे हटा

    इसरो का कहना है कि वो टीम इंडस को पीएसएलवी रॉकेट देने को तैयार है लेकिन टीम इंडस रॉकेट के लिए इंस्टॉलमेंट तक देने में असफल रहा है.

  • तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल

    तकनीकी गड़बड़ी के बाद देश का पहला निजी नौवहन उपग्रह का प्रक्षेपण हुआ विफल

    इसरो के अध्यक्ष किरन कुमार ने कहा कि आईआरएनएसएस-1एच से हीट शील्ड अलग नहीं हुआ. ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान-पीएसएलवी-सी39 के चौथे चरण में उपग्रह फंस गया जिससे यह प्रक्षेपण मिशन सफल नहीं हुआ.

  • निजी क्षेत्र द्वारा तैयार पहले सैटेलाइट की ISRO द्वारा लॉन्चिंग रही नाकामयाब

    निजी क्षेत्र द्वारा तैयार पहले सैटेलाइट की ISRO द्वारा लॉन्चिंग रही नाकामयाब

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान (इसरो) एक बार फिर एक बड़ी छलांग की कोशिश की जो नाकामयाब रही. इस बार एक ऐसे सैटेलाइट को लॉन्च किया गया जिसे पूरी तरह से देश के निजी क्षेत्र ने मिलकर तैयार किया था. इसरो का  यह प्रयास विफल रहा. इसरो ने इस बार 41वां सैटेलाइट भेजने की तैयारी की थी, लेकिन यह विफल रही. बताया जा रहा है कि सैटेलाइट से हीटशील्ड अलग नहीं हुई और पीएसएलवी का लॉन्य बेकार गया. बेंगलुरु की अल्फा डिजाइन टेक्नोलॉजी ने 'नाविक' श्रृंखला का एक उपग्रह बनाया है. जिससे देशी जीपीएस की क्षमता बढ़ेगी.

  • पीएसएलवी सी 38 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो को बधाइयों का तांता लगा

    पीएसएलवी सी 38 की सफल लॉन्चिंग पर इसरो को बधाइयों का तांता लगा

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) द्वारा शुक्रवार को अपने पृथ्वी अवलोकन उपग्रह काटरेसैट, नैनो उपग्रह एनआईयूएसएटी तथा 14 देशों के 29 विदेशी उपग्रहों को सफलतापूर्वक छोड़े जाने के बाद अंतरिक्ष एजेंसी को बधाइयों का तांता लगा हुआ है. राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर एजेंसी को बधाई दी है.

  • खास बातें : इसरो ने पीएसएलवी सी 38 का सफल लॉन्च किया, जानें सरहद पर कैसे रखेगा नजर

    खास बातें : इसरो ने पीएसएलवी सी 38 का सफल लॉन्च किया, जानें सरहद पर कैसे रखेगा नजर

    कार्टोसैट 2 श्रृंखला के उपग्रह और 30 अन्य उपग्रहों को ले जा रहे पीएसएलवी-सी 38 का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण किया गया है.

  • वैज्ञानिक माधवन नायर की चिंता, 'नैनो उपग्रहों का कचरा बन सकता है सक्रिय उपग्रहों के लिए खतरा'

    वैज्ञानिक माधवन नायर की चिंता, 'नैनो उपग्रहों का कचरा बन सकता है सक्रिय उपग्रहों के लिए खतरा'

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में एकसाथ 104 उपग्रह प्रक्षेपित कर इतिहास रच दिया है लेकिन, इस अभियान का एक नकारात्मक पहलू भी है, जो चिंता का विषय है. वरिष्ठ अंतरिक्ष वैज्ञानिक माधवन नायर का कहना है कि नैनो उपग्रह अंतरिक्ष में कचरा बढ़ा रहे हैं और यह कचरा सक्रिय उपग्रहों के लिए खतरा हो सकते हैं.

  • जब 104 सैटेलाइट भेजकर विश्वरिकॉर्ड बना रहा था भारत, पीएसएलवी ने खींची थीं ये बेहद खूबसूरत सेल्फी...

    जब 104 सैटेलाइट भेजकर विश्वरिकॉर्ड बना रहा था भारत, पीएसएलवी ने खींची थीं ये बेहद खूबसूरत सेल्फी...

    बुधवार को जिस समय इसरो ने श्रीहरिकोटा से एक साथ 104 उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजकर विश्वरिकॉर्ड स्थापित किया, और देशभर के विज्ञानियों का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया, उसी समय स्पेस मिशन की सेल्फी खींची गईं, जो किसी और ने नहीं, सैटेलाइटों को ले जा रहे पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल, यानी पीएसएलवी ने ही खींची थीं...

  • जब दुनिया ने माना ISRO का लोहा, चीन ने (भारत को) दिया 'चुभने वाला' यह जवाब...

    जब दुनिया ने माना ISRO का लोहा, चीन ने (भारत को) दिया 'चुभने वाला' यह जवाब...

    इसरो या भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने शानदार मिशन के जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाया. ISRO ने पीएसएलवी के जरिए एक साथ 104 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर कक्षा में स्थापित कर इतिहास रचा है. इससे पहले रूस ने 2014 में 37 सैटेलाइट एक साथ भेजे थे. भारत ने इसरो की इस कामयाबी का जश्न मनाया, देशवासी खुश हुए, ट्विटर पर वाहवाही मिली और पूरी दुनिया ने इसे सराहा. दुनियाभर के प्रमुख अखबारों ने इस खबर को तरजीह दी और मिशन की तारीफ की, लेकिन अगर किसी ने इस कामयाबी को कमतर बताया, इस पर उंगली उठाई और इसरो की कमियां गिनाई वह देश रहा भारत का पड़ोसी चीन.

  • इसरो की कामयाबी का डंका पूरी दुनिया में बजा, विश्व के प्रमुख अखबारों ने दी यह प्रतिक्रिया

    इसरो की कामयाबी का डंका पूरी दुनिया में बजा, विश्व के प्रमुख अखबारों ने दी यह प्रतिक्रिया

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने मेगा मिशन के जरिए विश्व रिकॉर्ड बना लिया है. पीएसएलवी के जरिए एक साथ 104 सैटेलाइट को सफल तरीके से लांच कर इतिहास रच दिया है. अब तक यह रिकार्ड रूस के नाम है, जो 2014 में 37 सैटेलाइट एक साथ भेजा था. भारत के इसरो की इस कामयाबी का जश्न और डंका पूरी दुनिया में बना. दुनियाभर के प्रमुख अखबारों ने इस खबर को तरजीह दी और यह प्रतिक्रिया दी.

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