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पृथ्वी


'पृथ्वी' - 338 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई शुरू, बीजेपी-शिवसेना में मतभेद, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, पढ़ें 10 बड़ी बातें

    कोर्ट के आदेश के बाद पेड़ों की कटाई शुरू, बीजेपी-शिवसेना में मतभेद, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, पढ़ें 10 बड़ी बातें

    मुंबई के आरे में पेड़ों की कटाई जारी है.पेड़ों को काटने का काम कल रात को शुरू किया गया है.जैसे ही पेड़ों की कटाई का काम शुरू हुआ लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.जिसके बाद पुलिस ने देर रात इन लोगों को हिरासत में ले लिया गया.हिरासत में कई महिलाओं को भी हिरासत में लिया गया. इसके बाद पूरी रात पेड़ों की कटाई हुई है.सुबह भी लोग प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं लेकिन लोगों को पुलिस ने आरे के बाहर रोक दिया है.आरे की ओर जाने वाले रास्तों पर पुलिस ने नाकेबंदी कर दी गई है. लोगों को इस इलाके में आने से रोका जा रहा है.आरे और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिसबल की तैनाती की गई है.आरे के आसपास धारा 144 लगाई दी गई है. सामाजिक कार्यकर्ता योगेन्द्र यादव ने भी आरे में पेड़ों की कटाई शुरू होने का विरोध किया साथ ही स्थति को चिंताजनक बताया है. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ऐसे समय में जब जलवायु परिवर्तन से होने वाले गंभीर संकट सामने दिख रहे हैं. जब महाराष्ट्र सरकार की ओर पेड़ों को काटने और मेट्रो शेड के लिए दूसरी जगह न देखने की ज़िद काफी डराने वाली है ये पृथ्वी को लेकर एक अदूरदर्शिता है जो आगे हमे परेशान करेगी.

  • चांद पर अंधेरा छाने के साथ ही Chandrayaan-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क की संभावना लगभग खत्म

    चांद पर अंधेरा छाने के साथ ही Chandrayaan-2 के लैंडर ‘विक्रम’ से संपर्क की संभावना लगभग खत्म

    शनिवार तड़के से चांद पर रात शुरू हो जाएगी और अंधकार छाने के साथ ही ‘चंद्रयान-2’ (Chandrayaan-2 ) के लैंडर ‘विक्रम’ से सपंर्क की सभी संभावनाएं अब लगभग खत्म हो गई हैं. लैंडर का जीवनकाल एक चंद्र दिवस यानी कि धरती के 14 दिन के बराबर है. सात सितंबर को तड़के ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ में असफल रहने पर चांद पर गिरे लैंडर का जीवनकाल 21 सितंबर को खत्म हो जाएगा क्योंकि सात सितंबर से लेकर 21 सितंबर तक चांद का एक दिन पूरा होने के बाद शनिवार तड़के पृथ्वी के इस प्राकृतिक उपग्रह को रात अपने आगोश में ले लेगी.

  • World Ozone Day 2019: क्यों मनाया जाता है ओजोन दिवस? जानिए धरती पर जीवन के लिए क्यों जरूरी है ओजोन परत

    World Ozone Day 2019: क्यों मनाया जाता है ओजोन दिवस? जानिए धरती पर जीवन के लिए क्यों जरूरी है ओजोन परत

    ओजोन दिवस (World Ozone Day) हर साल पूरी दुनिया में 16 सितंबर को मनाया जाता है. इस साल यानी विश्व ओजोन दिवस 2019 की थीम (Ozone Day Theme) '32 years and Healing' है. ओजोन दिवस (Ozone Day) का उद्देश्य ओजोन परत के संरक्षण के लिए लोगों को जागरुक करना है. ओजोन परत (Ozone Layer) ओजोन अणुओं की एक परत है जो 20 से 40 किलोमीटर के बीच के वायुमंडल में पाई जाती है. ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक अल्ट्रा वाइलट किरणों से बचाने का काम करती है.

  • ISRO के अधिकारी ने कहा, चंद्रयान-2 का मानवयुक्त मिशन 'गगनयान' पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव

    ISRO के अधिकारी ने कहा, चंद्रयान-2 का मानवयुक्त मिशन 'गगनयान' पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन का इसरो के महत्त्वकांक्षी मानवयुक्त मिशन गगनयान पर “बिलकुल भी प्रभाव नहीं पड़ेगा.” गगनयान मिशन 2022 में शुरू होगा. बेंगलुरु स्थित इसरो मुख्यालय में पृथ्वी अवलोकन अनुप्रयोग एवं आपदा प्रबंधन कार्यक्रम कार्यालय के निदेशक पी जी दिवाकर ने कहा कि चंद्रयान और गगनयान दोनों के अलग-अलग लक्ष्य एवं आयाम हैं.

  • मिशन चंद्रयान 2 : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    मिशन चंद्रयान 2  : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 'विक्रम' लैंडर और उसमें मौजूद 'प्रज्ञान' रोवर को संभवत: खो दिया है.  इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, 'विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा. इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया.

  • मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.

  • चांद की धरती में छिपा हो सकता है खज़ाना, रिसर्च में हुआ ये खुलासा

    चांद की धरती में छिपा हो सकता है खज़ाना, रिसर्च में हुआ ये खुलासा

    धरती और चांद पर मूल्यवान धातु की मौजूदगी के संबंध में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के गर्भ में मूल्यवान धातुओं का बड़ा भंडार छुपा हो सकता है.

  • Chandrayaan 2 landing: लैंडर को निचली कक्षा में सफलतापूर्वक उतारा गया, चंद्रमा पर उतरने के करीब पहुंचा मिशन 

    Chandrayaan 2 landing: लैंडर को निचली कक्षा में सफलतापूर्वक उतारा गया, चंद्रमा पर उतरने के करीब पहुंचा मिशन 

    इसरो ने कहा कि लैंडर पर लगी प्रणोदक प्रणाली को पहली बार इसे नीचे की कक्षा में लाने के लिये सक्रिय किया गया. इससे पहले इसने स्वतंत्र रूप से चंद्रमा की कक्षा में परिक्रमा शुरू कर दी थी. जीएसएलवी मैक-थ्री एम1 द्वारा 22 जुलाई को पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित 3,840 किलोग्राम के चंद्रयान-दो अंतरिक्ष यान के मुख्य ऑर्बिटर द्वारा चंद्रमा की यात्रा के सभी अभियानों को अंजाम दिया गया है.

  • Chandrayaan 2: अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी उपलब्धि, चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान- 2

    Chandrayaan 2: अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी उपलब्धि, चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान- 2

    यह भारत का अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान है. गत 22 जुलाई को प्रक्षेपण यान जीएसएलवी मार्क।।।-एम 1 के जरिए प्रक्षेपित किए गए चंद्रयान-2 ने गत 14 अगस्त को पृथ्वी की कक्षा से निकलकर चंद्र पथ पर आगे बढ़ना शुरू किया था. बेंगलुरु के नजदीक ब्याललू स्थित डीप स्पेस नेटवर्क (आईडीएसएन) के एंटीना की मदद से बेंगलुरु स्थित इसरो, टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क (आईएसटीआरएसी) के मिशन ऑपरेशंस कांप्लेक्स (एमओएक्स) से यान की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. इसरो ने 14 अगस्त को कहा था कि चंद्रयान-2 की सभी प्रणालियां सामान्य ढंग से काम कर रही हैं.

  • 2050 तक डूब सकती है इस देश की राजधानी, कुछ हिस्से अभी से गायब होना शुरू

    2050 तक डूब सकती है इस देश की राजधानी, कुछ हिस्से अभी से गायब होना शुरू

    पृथ्वी पर सबसे तेजी से डूबने वाले शहरों में से एक जकार्ता को लेकर पर्यावरण विशेषज्ञों ने आगाह किया है. उन्होने कहा कि अगर यही रफ्तार जारी रही तो इसका एक तिहाई हिस्सा 2050 तक डूब सकता है.

  • चंद्रयान-2 से ली गई पहली तस्वीरों को ISRO ने किया जारी, Tweet कर लिखी यह बात

    चंद्रयान-2 से ली गई पहली तस्वीरों को ISRO ने किया जारी, Tweet कर लिखी यह बात

    मिशन मून पर निकले भारत के चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) ने पहली बार पृथ्वी की खूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं. चंद्रयान-2 से भेजी गई इन तस्वीरों को इसरो ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है.

  • चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोवर उतारने के लिए चंद्रयान-2 की सभी गतिविधियां सामान्य हैं : ISRO

    चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर रोवर उतारने के लिए चंद्रयान-2 की सभी गतिविधियां सामान्य हैं : ISRO

    चंद्रयान-2 को सोमवार को पृथ्वी की कक्षा में सफलतापूर्वक और ऊंचाई पर पहुंचाने के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने कहा कि चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर 'रोवर' उतारने के इरादे से भेजे गए भारत के दूसरे चंद्र मिशन की सभी गतिविधियां सामान्य हैं.

  • Sawan Shivratri 2019: 30 जुलाई को है सावन शिवरात्रि, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विध‍ि और महत्‍व

    Sawan Shivratri 2019: 30 जुलाई को है सावन शिवरात्रि, जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विध‍ि और महत्‍व

    मान्‍यता है कि सावन के महीने में स्वयं भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, नंदी और अपने शिवगणों सहित पूरे महीने पृथ्वी पर विराजते हैं. यही वजह है कि सावन शिवरात्रि (Shivratri) के दिन भगवान भोले नाथ की विशेष पूजा का विधान है. 

  • चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    चंद्रयान 2 से क्या मिलेगा भारत को, क्या होंगे तीन सबसे बड़े फायदे...

    पृथ्वी के एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, यानी चांद पर भारत अपना दूसरा महत्वाकांक्षी मिशन 'चंद्रयान-2' आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में अपने सबसे शक्तिशाली रॉकेट लॉन्चर - GSLV Mk III - के ज़रिये प्रक्षेपित कर दिया गया है. 'चंद्रयान-2' चांद पर पानी की मौजूदगी तलाशने के अलावा भविष्य में यहां मनुष्य के रहने की संभावना भी तलाशेगा.

  • Lunar Eclipse 2019: क्या चंद ग्रहण के दौरान भोजन करना होता है हानिकारक?

    Lunar Eclipse 2019: क्या चंद ग्रहण के दौरान भोजन करना होता है हानिकारक?

    चंद्र ग्रहण होने से पहले सूतक काल 16 जुलाई को 4 बजकर 31 मिनट से ही शुरू हो जाएगा. सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ जैसे काम नहीं किए जाते. इसलिए जो लोग गुरु पुर्णिमा के अवसर पूजा करते हैं वे सूतक काल लगने से पहले ही पूजा कर लेंगे.

  • Lunar Eclipse 2019: साल का आखिरी Chandra Grahan आज, यहां देखें Live Streaming

    Lunar Eclipse 2019: साल का आखिरी Chandra Grahan आज, यहां देखें Live Streaming

    Lunar Eclipse 2019: आज चंद्र ग्रहण का नजारा दिखाई देखा. देशवासी बुधवार तड़के तीन घंटे तक लगने वाले आंशिक चंद्रग्रहण का गवाह बन पाएंगे जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाएगी. यह आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse) होगा जिसे पूरे देश में देखा जा सकेगा.

  • लोकसभा अध्यक्ष ने संसद सदस्यों से 'स्वच्छता अभियान' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की

    लोकसभा अध्यक्ष ने संसद सदस्यों से 'स्वच्छता अभियान' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने की अपील की

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ हर्षवर्धन,केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री प्रहलाद जोशी समेत कई अन्य केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री, संसद सदस्य इस अवसर पर उपस्थित थे.

  • चंद्रयान 2 की तस्वीरें सामने आईं, अगले हफ्ते श्रीहरिकोटा से होगा प्रक्षेपण

    चंद्रयान 2 की तस्वीरें सामने आईं, अगले हफ्ते श्रीहरिकोटा से होगा प्रक्षेपण

    चंद्रयान 2 सैटेलाइट की पहली तस्वीर सामने आ गई है. यह पृथ्वी से चंद्रमा की ओर श्रीहरिकोटा से 15 जुलाई को लगभग आधी रात को रवाना होगा. इसका वजन 3.8 टन है और यह एक हजार करोड़ का मिशन है. जीएसएलवी मार्क-3 रॉकेट इसे लेकर अंतरिक्ष में जाएगा. प्रक्षेपण के बाद उपग्रह 'चंद्रयान 2' को कई हफ्ते लगेंगे, और फिर वह चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा.