NDTV Khabar

बजट 2019


'बजट 2019' - 234 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • Redmi Note 8, Realme 5, Redmi Note 7S: 10,000 रुपये से कम में बिकने वाले बेस्ट स्मार्टफोन (नवंबर 2019)

    Redmi Note 8, Realme 5, Redmi Note 7S: 10,000 रुपये से कम में बिकने वाले बेस्ट स्मार्टफोन (नवंबर 2019)

    Best Phones Under Rs. 10,000: अगर आपका बजट 10,000 रुपये है तो हमारा आज का यह लेख खास आप लोगों के लिए है। इस लेख में हमने 10,000 रुपये से कम में आने वाले बेस्ट स्मार्टफोन को शामिल किया है।

  • इस कॉमेडियन का BJP पर तंज, लिखा- बीजेपी का फेसबुक बजट कांग्रेस के चुनाव बजट से ज्यादा, फिर भी...

    इस कॉमेडियन का BJP पर तंज, लिखा- बीजेपी का फेसबुक बजट कांग्रेस के चुनाव बजट से ज्यादा, फिर भी...

    स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा (Kunal Kamra) ने अपने ट्वीट में लिखा: "बीजेपी के फेसबुक बूस्ट पोस्ट का बजट कांग्रेस के पूरे इलेक्शन बजट से ज्यादा है...फिर भी बीजेपी को पिछली बार के मुकाबले कम सीटें मिली हैं."

  • Redmi 8, Realme 3i, Asus ZenFone Max Pro M1: 8,000 रुपये से कम में मिलने वाले बेस्ट स्मार्टफोन (नवंबर 2019)

    Redmi 8, Realme 3i, Asus ZenFone Max Pro M1: 8,000 रुपये से कम में मिलने वाले बेस्ट स्मार्टफोन (नवंबर 2019)

    Best Phones Under Rs. 8000: अगर आपका बजट थोड़ा टाइट है तो आज हम आपको 8,000 रुपये से कम के बजट में मिलने वाले बेस्ट स्मार्टफोन जैसे कि Redmi 8, Realme 3i, Infinix S4, Asus ZenFone Max Pro M1 के बारे में जानकारी देंगे।

  • यूपी होमगार्ड एसोसिएशन का आरोप, योगी आदित्यनाथ सरकार दे रही है धोखा

    यूपी होमगार्ड एसोसिएशन का आरोप, योगी आदित्यनाथ सरकार दे रही है धोखा

    उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय की तरफ से 11 अक्टूबर 2019 को एक नोटिफिकेशन निकाला गया जिसमें लिखा था कि मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश लखनऊ की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2019 को हुई मीटिंग में यह निर्णय किया गया है कि उत्तर प्रदेश के पुलिस विभाग में तैनात 25000 होम गार्डों (UP Home Guards) की तैनाती खत्म कर दी जाती है. इसमें कहीं यह नहीं लिखा था कि होम गार्डों की ड्यूटी ही कम की गई है. इस नोटिफिकेशन के कुछ घंटों के बाद उत्तर प्रदेश के मंत्री चेतन चौहान का एक बयान आया जिसमें उन्होंने कहा कि किसी को निकाला नहीं जाएगा, बजट की कमी को देखते हुए ड्यूटी कम हो सकती हैं.

  • Paytm Maha Cashback Carnival 2019: 99 रुपये में Redmi फोन खरीदने का मौका

    Paytm Maha Cashback Carnival 2019: 99 रुपये में Redmi फोन खरीदने का मौका

    Paytm Maha Cashback Carnival 2019: पेटीएम महा कैशबैक कार्निवल में Apple, Samsung, Oppo, Vivo, Xiaomi समेत कई अन्य ब्रांड के हैंडसेट पर डिस्काउंट मिल रहा है।

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • राज्यसभा : कांग्रेस ने की बजट 2019 की आलोचना, वित्त मंत्री ने कहा- निवेश को मिलेगी गति

    राज्यसभा : कांग्रेस ने की बजट 2019 की आलोचना, वित्त मंत्री ने कहा- निवेश को मिलेगी गति

    कांग्रेस ने 2019-20 के केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि इसमें देश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई ठोस कार्यक्रम या योजना नहीं है.  उच्च सदन में बजट पर चल रही चर्चा को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस की वानसुक सियाम ने कहा कि बजट से बहुत अपेक्षाएं थीं लेकिन इसमें न तो अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए कोई समुचित तथा ठोस कदम उठाए गए हैं और न ही पूर्वोत्तर के विकास पर ध्यान दिया गया है.  उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर प्रति लीटर दो रुपये का अधिभार लगाना एवं उत्पाद शुल्क में बढ़ोत्तरी ऐसे समय बड़ा झटका है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम स्थिर हैं. 

  • कमलनाथ सरकार के पहले बजट में दिखी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छाप, जानें क्या कुछ रहा खास

    कमलनाथ सरकार के पहले बजट में दिखी 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की छाप, जानें क्या कुछ रहा खास

    इस बजट में सबका ध्यान किसानों के लिये आवंटन पर था, कृषि योजनाओं के लिये 22,736 करोड़ का बजट आवंटित किया गया. सरकार ने कहा कि पहले चरण में 20 लाख किसानों के 7000 करोड़ का कर्ज माफ किया, दूसरे चरण के लिये 8000 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है

  • आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    बजट में इस्तेमाल किया गया रिवाइज़्ड एस्टिमेट बताता है कि 2018-19 के दौरान 17.3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में अपडेट किए जा चुके प्रोविज़नल आंकड़े बताते हैं कि सरकार की आय कहीं कम रही, 15.6 लाख करोड़ रुपये, यानी 1.7 लाख करोड़ रुपये कम. प्रतिशत के लिहाज़ से (GDP के प्रतिशत के रूप में कुल राजस्व) बजट में रिवाइज़्ड एस्टिमेट 9.2 फीसदी बताया गया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में दिया गया अपडेटेड आंकड़ा इसे एक फीसदी कम, यानी 8.2 प्रतिशत बताता है.

  • आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    आर्थिक सर्वे और बजट के आंकड़ों में अंतर कैसे?

    श्रीनिवासन जैन ने एक रिपोर्ट की है. बजट से 1 लाख 70 हज़ार करोड़ का हिसाब ग़ायब है. प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य रथिन रॉय ने आर्थिक सर्वे और बजट का अध्ययन किया. उन्होंने देखा कि आर्थिक सर्वे में सरकार की कमाई कुछ है और बजट में सरकार की कमाई कुछ है. दोनों में अंतर है. बजट में राजस्व वसूली सर्वे से एक प्रतिशत ज्यादा है. यह राशि 1 लाख 70 हज़ार करोड़ की है, क्या इतनी बड़ी राशि की बजट में चूक हो सकती है.

  • बजट और दृष्टिपत्र का फर्क...?

    बजट और दृष्टिपत्र का फर्क...?

    इस बजट ने वाकई चक्कर में डाल दिया. विश्लेषक तैयार थे कि इस दस्तावेज की बारीकियां समझकर सरल भाषा में सबको बताएंगे, लेकिन बजट का रूप आमदनी खर्चे के लेखे-जोखे की बजाय दृष्टिपत्र जैसा दिखाई दिया. यह दस्तावेज इच्छापूर्ण सोच का लंबा-चौड़ा विवरण बनकर रह गया. बेशक बड़े सपनों  का भी अपना महत्व है. आर्थिक मुश्किल के दौर में 'फील गुड' की भी अहमियत होती है, लेकिन बजट में सपनों या बहुत दूर की दृष्टि का तुक बैठता नहीं है. पारंपरिक अर्थों में यह दस्तावेज देश के लिए एक साल की अवधि में आमदनी और खर्चों का लेखा-जोखा भर होता है. हां, इतनी गुंजाइश हमेशा रही है कि इस दस्तावेज में कोई यह भी बताता चले कि अगले साल फलां काम पर इसलिए ज्यादा खर्च किया जा रहा है, क्योंकि ऐसा करना आने वाले सालों में देश के लिए हितकर होगा.

  • मोदी सरकार की पेंशन योजना पर आप ट्रेड विंग ने उठाए सवाल, कहा- यह हास्यास्पद और समझ से परे है

    मोदी सरकार की पेंशन योजना पर आप ट्रेड विंग ने उठाए सवाल, कहा- यह   हास्यास्पद और समझ से परे है

    आप ट्रेड  विंग के संयोजक बृजेश गोयल ने पत्र में लिखा है कि मोदी सरकार की यह पेन्शन योजना पूरी तरह हास्यास्पद और समझ से परे है जिसको लेकर व्यापारियों में ही भारी असमंजस की स्थिति है इसलिए मोदी सरकार इस योजना की पुनर्समीक्षा करे. 

  • दस साल में बच्चों के बजट पर सबसे कम प्रावधान

    दस साल में बच्चों के बजट पर सबसे कम प्रावधान

    जब हम बच्चों के लिए खास बजट की बात करते हैं तो उसका मतलब क्या है? उसका मतलब दो दर्जन से अधिक विभागों से जुड़ी उन 89 योजनाओं से है जो सीधे तौर पर देश की चालीस प्रतिशत आबादी यानी बच्चों से जाकर जुड़ती है. अच्छी बात है कि इसको अलग करके देखा जाता है यानी कि एक पूरा दस्तावेज ही बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर आधारित होता है. भारी बहुमत लेकर संसद पहुंची बीजेपी सरकार ने 5 जुलाई को जो बजट पेश किया उसमें चालीस प्रतिशत आबादी यानी बच्चों का हिस्सा केवल 3.29 प्रतिशत है. भारत के कुल 27,86,349 करोड़ रुपये के बजट में से 91,644.29 करोड़ रुपये बाल कल्याण के लिए आवंटित किए गए हैं.

  • Parliament Update: ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019’ को संसद ने दी मंजूरी

    Parliament Update: ‘आधार और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक 2019’ को संसद ने दी मंजूरी

    बजट पेश होने के बाद स्थगित हुई लोकसभा और राज्यसभा में सोमवार यानि आज से कार्यवाही पुन: शुरू हो रही है.

  • पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

    पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की इस महत्वाकांक्षी योजना को मोदी सरकार ने बजट में दिये मात्र 1 लाख रुपये

    मोदी सरकार 2.O का पहला बजट भले ही 27.86 लाख करोड़ रुपये का हो, लेकिन पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की महत्वाकांक्षी ‘नदी जोड़ो’ परियोजना के लिए इसमें मात्र एक लाख रुपये रखे गए हैं. राजग सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में देश की नदियों को आपस में जोड़ने की महत्वकांक्षी योजना को जोर-शोर से आगे बढ़ाया था, लेकिन इस बार के बजट में इसके लिए काफी कम धनराशि रखी गई है.

  • जब वाराणसी में PM मोदी ने सुनाई कविता 'वो जो मुश्किलों का अंबार है', देखें- VIDEO

    जब वाराणसी में PM मोदी ने सुनाई कविता 'वो जो मुश्किलों का अंबार है', देखें- VIDEO

    पीएम ने जो कविता पढ़ी वो कुछ यूं है, 'वो जो सामने मुश्किलों का अंबार है, उसी से तो मेरे हौसलों की मीनार है. चुनौतियों को देखकर घबराना कैसा, इन्हीं में तो छिपी संभावना अपार है.

  • सीतारमण का नया भजन, ट्रिलियन ट्रिलियन ठन ठन

    सीतारमण का नया भजन, ट्रिलियन ट्रिलियन ठन ठन

    5 से तुकंबदी बिठानी थी. इसलिए वाक्य से 70 हटा दिया गया. 2014-19 के बीच चला कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ. 2019 में बजट में कहा गया कि 55 साल में जो नहीं हुआ वो 5 साल में हो गया. 2 साल बाद जब मोदी सरकार के सात साल हो जाएंगे तो 70 साल बनाम 7 साल का जुमला फिट बैठेगा.

  • बजट दस्तावेजों को सूटकेस की जगह बस्ते में रखने पर PM मोदी ने क्या कहा?

    बजट दस्तावेजों को सूटकेस की जगह बस्ते में रखने पर PM मोदी ने क्या कहा?

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार पुरानी परंपरा को बदलते हुए बजट दस्तावेज को ब्रीफकेस में रखने के बजाए एक लाल रंग के कपड़े में रखा है जिस पर 'अशोक चिन्ह' बना हुआ था. अब वित्त मंत्री ने खुलासा किया कि लाल रंग के बस्ते को उनकी मामी ने उन्हें बनाकर दिया था. 

Advertisement