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बिहार चुनाव


'बिहार चुनाव' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • नीतीश कुमार का वादा- अगले साल तक बिहार के हर घर को नल का पानी मिलेगा

    नीतीश कुमार का वादा- अगले साल तक बिहार के हर घर को नल का पानी मिलेगा

    बिहार के मुख्यमंत्री अपने तीसरे कार्यकाल में अब हर वर्ष अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड तो जारी नहीं करते लेकिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी पटना के गांधी मैदान से अपने भाषण में सरकार के कामकाज, खासकर सात निश्चय पर अभी तक हुए कामों का लेखाजोखा जरूर दे देते हैं. बृहस्पतिवार को भी अपने भाषण में चुनाव के एक वर्ष पूर्व नीतीश कुमार ने हर घर में नल का जल अगले साल तक पहुंचाने का वादा किया. नीतीश का कहना है कि अधिकांश वादे पूरे किए जा चुके हैं.

  • बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बरोज़गारी का सवाल अजीब होता है. न चुनाव में होता है और न चुनाव के बाद होता है. सरकारी सेक्टर की नौकरियों की परीक्षाओं का हाल विकराल है. मध्यप्रेश, बिहार, यूपी से रोज़ किसी न किसी परीक्षा के नौजवानों के मेसेज आते रहते हैं. इनकी संख्या लाखों में है फिर भी सरकारों को फर्क नहीं पड़ता. किसी परीक्षा में इंतज़ार की अवधि सात महीने है तो किसी परीक्षा में 3 साल.

  • BJP ने शुरू की विधानसभा चुनाव की तैयारी, चार राज्यों के नियुक्त किए चुनाव प्रभारी

    BJP ने शुरू की विधानसभा चुनाव की तैयारी, चार राज्यों के नियुक्त किए चुनाव प्रभारी

    हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव प्रभारी तथा उत्तर प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया है. और झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए BJP के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश माथुर को चुनाव प्रभारी तथा बिहार के मंत्री नंदकिशोर यादव को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया है. बता दें, दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक हो सकते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी इसको लेकर कोई तारीख जारी नहीं की गई है.

  • आर्टिकल 370 हटाने के मुद्दे पर अब नीतीश की पार्टी पड़ी नरम, रुख बदलने का यह है कारण

    आर्टिकल 370 हटाने के मुद्दे पर अब नीतीश की पार्टी पड़ी नरम, रुख बदलने का यह है कारण

    जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) के अधिकांश प्रावधानों को हटाए जाने के मुद्दे पर विरोध दर्ज करा चुका जनता दल यूनाइटेड (JDU)अब इस मुद्दे पर जनभावना के आगे नतमस्तक होता नजर आ रहा है. बुधवार को जेडीयू ने संसद में इस मुद्दे पर अपने विरोध के पक्ष में सफाई दी कि यदि आर्टिकल 370 को हटाने का समर्थन किया जाता तो जॉर्ज फर्नांडिस (George Fernandes) की आत्मा को दुख पहुंचता. उन्होंने इस मुद्दे पर सन 1996 में ही अपना रुख तय कर दिया था. जेडीयू ने कहा है कि अब जब एक बार कानून बन गया तो वह देश का कानून हो गया और हम सब साथ हैं.

  • पीएम नरेंद्र मोदी के एक फैसले के बाद बीजेपी उसके सहयोगियों की मजबूरी बन गई

    पीएम नरेंद्र मोदी के एक फैसले के बाद बीजेपी उसके सहयोगियों की मजबूरी बन गई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने एक निर्णय से राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है जिससे भाजपा (BJP) के सहयोगी भी अब उसके बिना नहीं चलने वाले. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा में जैसे ही आर्टिकल 370 (Article 370) को खत्म करने की घोषणा की तो पहली बार सदन के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर समर्थन करने की बीजेपी के विरोधियों में भी होड़ दिखी. बीजेपी के एक सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के अलावा हर सहयोगी के मुंह से वाह-वाह निकल रहा था. बीजेपी की घोर विरोधी बहुजन समाज पार्टी (BSP), अरविंद केजरीवाल की 'आप' (AAP), चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम और उसके अलावा हर मुद्दे पर अपना अलग स्टैंड लेने वाली जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने जहां इस मुद्दे पर अपना समर्थन देने में कोई देरी नहीं की.

  • राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर नीतीश कुमार ने इस तरह की मोदी सरकार की मदद

    राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर नीतीश कुमार ने इस तरह की मोदी सरकार की मदद

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अगले साल विधानसभा चुनाव बीजेपी (BJP) के साथ गठबंधन में ही लड़ेंगे. इसका संकेत मंगलवार को तीन तलाक (Teen Talaq Bill) के मुद्दे पर राज्यसभा (Rajya Sabha) में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के रुख से मिला. जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसदों के बिल के खिलाफ मतदान से यह बिल खतरे में पड़ सकता था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर ही पार्टी के सभी सांसदों ने बजाय मतदान में बाग लेने के सदन का बहिष्कार कर दिया. इससे केंद्र सरकार को न केवल राहत मिली बल्कि इस बिल के राज्यसभा में पारित होने का रास्ता भी आसान हो गया.

  • बिहार में राजद नेताओं का जदयू में पलायन शुरू, अब इस दिग्गज नेता ने छोड़ा लालू यादव की पार्टी का साथ

    बिहार में राजद नेताओं का जदयू में पलायन शुरू, अब इस दिग्गज नेता ने छोड़ा लालू यादव की पार्टी का साथ

    बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेताओं और विधायकों में असंतोष हैं. कहा जा रहा है कि ये नाराज़गी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू यादव के उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव को लेकर हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान राजद से जनता दल यूनाइटेड में  नेताओं के जाने का जो क्रम शुरू हुआ वो रविवार को भी जारी रहा.

  • दो साल पहले पीएम मोदी के लिए चुनौती बने रहे नीतीश कुमार अब उन्हीं की कृपा पर निर्भर

    दो साल पहले पीएम मोदी के लिए चुनौती बने रहे नीतीश कुमार अब उन्हीं की कृपा पर निर्भर

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का वर्तमान कार्यकाल इसलिए देश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण माना जाएगा कि उन्होंने जिस दल के साथ मिलकर विरोधी दल को पराजित किया उसी दल के साथ डेढ़ साल में फिर सरकार भी बनाई. दूसरी तरफ चुनाव में सहयोगी रहे दल को विपक्ष में बैठने पर मजबूर किया. शनिवार को बीजेपी के साथ नीतीश कुमार का दो वर्षों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा. इन दो वर्षों में राजनीतिक रूप से नीतीश को हुए हानि-लाभ का यदि हिसाब करें तो वे नुकसान में जाते दिखाई देते हैं. दो साल पहले नीतीश कुमार को गैर एनडीए दलों में बहुत मजबूत नेता माना जाता था. यहां तक कि उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए भी प्रबल दावेदार माना जाता था. पीएम नरेंद्र मोदी के लिए चुनौती बने रहने वाले नीतीश कुमार आज उन्हीं के रहमोकरम पर बिहार की सत्ता की नैया खेते नजर आ रहे हैं.

  • अमित शाह फिर कामयाब, कांग्रेस खस्ताहाल

    अमित शाह फिर कामयाब, कांग्रेस खस्ताहाल

    कांग्रेस के सामने इस समय बहुत बड़ा संकट मौजूद है - राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर राहुल गांधी का स्थान कौन लेगा - सो, उसके पास अपनी गिनी-चुनी सरकारों में से एक के गिर जाने के बारे में गंभीरता से सोचने का वक्त तक नहीं है. कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का कर्नाटक इकाई को भेजा गया संदेश है - हमें परवाह नहीं, अगर आपकी सरकार गिर जाती है, क्योंकि जब तक हम शीर्षहीन हैं, हम राहुल गांधी की टाल-मटोल की नीति का ही पालन करते रहेंगे.

  • सुशील मोदी के बयान का अब बिहार की राजनीति में एक ही सच ‘एक बार फिर नीतीश कुमार'

    सुशील मोदी के बयान का अब बिहार की राजनीति में एक ही सच ‘एक बार फिर नीतीश कुमार'

    बिहार के उप मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने सोमवार को यह कहकर कि अगले विधानसभा चुनाव में भी NDA मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव मैदान में जाएगी एक साथ कई राजनीतिक अटकलों पर विराम लगा दिया है. सुशील मोदी के इस बयान के तुरंत दो अर्थ तत्काल निकाले जा रहे हैं. एक भारतीय जनता पार्टी फ़िलहाल विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को डंप कर अकेले चुनाव में किसी पिछड़ा ख़ासकर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव में नहीं जाना चाहती है.

  • बिहार : एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगा

    बिहार : एनडीए नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही अगला विधानसभा चुनाव लड़ेगा

    एनडीए बिहार में अगला विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़ेगा. यह घोषणा बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बिहार विधानसभा में की.

  • बिहार बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष, रेस में इन नेताओं का नाम

    बिहार बीजेपी को मिल सकता है नया अध्यक्ष, रेस में इन नेताओं का नाम

    बिहार में अध्यक्ष पद के लिए कई नामों के कयास भी लगाए जा रहे हैं. बीजेपी के कुछ नेता जहां चुनाव की तरह सामाजिक समीकरणों के गणित के आधार पर गुणा-भाग कर नामों पर चर्चा कर रहे हैं, वहीं कई नेता ऐसे भी हैं जो सांगठनिक क्षमता वाले नेता को अध्यक्ष बनाए जाने की बात कर रहे हैं.  

  • राजद का भविष्य और बिहार की राजनीति की दिशा क्यों और कैसे तय करेंगे नीतीश कुमार...

    राजद का भविष्य और बिहार की राजनीति की दिशा क्यों और कैसे तय करेंगे नीतीश कुमार...

    लोकसभा चुनाव के बाद बिहार की राजनीति को लेकर जो भी क़यास लगाए जा रहे हैं उसके केंद्र में एक ही बात की प्रमुखता होती है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अगला कदम क्या होगा और राजद टूटेगी या अब एक बार फिर नीतीश कुमार की शरण में जाएगी.

  • तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी RJD, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ फैसला

    तेजस्वी यादव के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ेगी RJD, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुआ फैसला

    राजद नेता तेजस्वी यादव को लेकर बिहार में चर्चा और कयासों का दौर जारी है. इस बीच खबर है कि शुक्रवार को पार्टी के स्थापना दिवस कार्यक्रम से नदारद रहने के बाद शनिवार को तेजस्वी यादव पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे और भाषण भी दिया. अब पार्टी ने तेजस्वी के नेतृत्व में ही आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की है. तेजस्वी ने मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया.

  • वापस लौटे तेजस्वी यादव, ट्विटर पर लिखा- 'करा रहा था इलाज', बच्चों की मौतों पर भी दिया ये बयान

    वापस लौटे तेजस्वी यादव, ट्विटर पर लिखा- 'करा रहा था इलाज', बच्चों की मौतों पर भी दिया ये बयान

    राजनैतिक गलियारे में विपक्ष उनपर सवाल उठाने लगे कि आखिर वह लोकसभा चुनाव के बाद कहां चले गए. इतना ही नहीं, बिहार में इंसेफेलाइटिस की वजह से 100 से ज्यादा बच्चों की मौत के बावजूद उनका कोई भी बयान या ट्विटर पर ट्वीट नहीं आया.

  • 'बदलाव लाने वालों' के लिए कल नया ऑनलाइन मंच लॉन्च करेंगे तेजप्रताप यादव

    'बदलाव लाने वालों' के लिए कल नया ऑनलाइन मंच लॉन्च करेंगे तेजप्रताप यादव

    बिहार के 30-वर्षीय पूर्व स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को ट्वीट किया, "बदलाव के लिए तेज सेना से जुड़िए, जो एक बदलाव लाने वालों के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है..." तेजप्रताप यादव ने RJD में दरकिनार किए जाने का दावा करते हुए आम चुनाव से पहले मार्च में लालू-राबड़ी मोर्चा लॉन्च किया था.

  • रामविलास पासवान ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, निर्विरोध निर्वाचन के साथ अपने परिवार के चौथे सांसद बनेंगे

    रामविलास पासवान ने राज्यसभा के लिए किया नामांकन, निर्विरोध निर्वाचन के साथ अपने परिवार के चौथे सांसद बनेंगे

    भाजपा विपक्षी दलों पर अक्‍सर वंशवाद का आरोप लगाती रहती है, लेकिन उसकी ही सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी में वंशवाद की मिसाल देखी जा सकती है. रामविलास पासवान, जो राज्‍यसभा उपचुनाव में बिहार से एनडीए के उम्‍मीदवार हैं, उनके बेटे चिराग पासवान और उनके दो भाई इस बार लोकसभा चुनाव में सांसद चुने गए. यानी एक ही परिवार के चार-चार लोग सांसद होंगे. 

  • लोकसभा चुनाव में हार के बाद 'एक्शन' में कांग्रेस, UP-बिहार की इकाइयों को भंग करने की तैयारी

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद 'एक्शन' में कांग्रेस, UP-बिहार की इकाइयों को भंग करने की तैयारी

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर उठापटक का दौर जारी है. इस बीच पार्टी की कर्नाटक प्रदेश इकाई को भंग होने के एक दिन बाद पार्टी सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि कुछ और प्रदेशों की इकाइयों में बदलाव किया जा सकता है. लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद यह कार्रवाई की जा रही है.