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बिहार चुनाव 2015


'बिहार चुनाव 2015' - 742 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    साल 2015 में बिहार में जिस नारे के दम पर नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव जीता था इस बार उसमें थोड़ा सा बदलाव किया गया है. पिछली बार नारा था, 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' इस नारे को गढ़ने में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का दिमाग़ था. लेकिन जो नया बदलाव किया गया है इसमें प्रशांत किशोर का कोई हाथ नहीं है. लेकिन साल 2020 में होने वाले चुनाव को लेकर जो नारा गढ़ा गया है वह है, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'. अब देखने वाली बात यह होगी कि बदली परिस्थितियों में नारे कितना काम करते हैं. लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके नीतीश कुमार ने पिछला चुनाव आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस को मिलाकर महागठबंधन के बैनर तले लड़ा था. जिसमें इन तीन पार्टियों का वोटबैंक बीजेपी पर भारी पड़ गया था. नीतीश कुमार इससे पहले एनडीए में थे लेकिन नरेंद्र मोदी  को पीएम पद का चेहरा बनाए जाने पर वह नाराज हो गए और बीजेपी से नाता तोड़ लिया. 

  • बहुत दुखद मामला, उत्तर प्रदेश में अब तक हुए मतदान में मुस्लिम वोट बंट गए, बिहार की तरह वोटिंग नहीं हुई : सलमान खुर्शीद

    बहुत दुखद मामला, उत्तर प्रदेश में अब तक हुए मतदान में मुस्लिम वोट बंट गए, बिहार की तरह वोटिंग नहीं हुई : सलमान खुर्शीद

    पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम वोटों में सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच बंटवारा हो गया है. आईएएनएस को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव प्रचार के दौरान बहस के मुद्दे को बदल रहे हैं, क्योंकि वह जानते हैं कि 'हार रहे हैं और हताश हैं. उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद से चुनाव लड़ रहे खुर्शीद ने कहा कि मुस्लिम समुदाय ने इस फैले हुए राज्य में रणनीति बनाकर वोट नहीं डाला है, जैसा कि इसने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में किया था और कई जगहों पर वोट बंटे हुए हैं उन्होंने कहा, "मुस्लिम वोट बिखरे हुए हैं. कई जगहों पर यह कांग्रेस को मिला है. कुछ जगहों पर यह गठबंधन और कांग्रेस के बीच बंट गया है.

  • RJD नेता तेजस्वी यादव का सीएम नीतीश कुमार पर हमला- 2015 में क्यों लालू जी के पैरों पर गिरे थे?

    RJD नेता तेजस्वी यादव का सीएम नीतीश कुमार पर हमला- 2015 में क्यों लालू जी के पैरों पर गिरे थे?

    Lok Sabha Polls 2019: बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर ट्वीट के जरिए तीखा हमला बोला है.

  • बिहार में चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे तेजस्वी यादव

    बिहार में चुनावी रैलियों में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा करेंगे तेजस्वी यादव

    तेजस्वी ने इसे रणनीति का एक हिस्सा बताते हुए कहा कि हमें (महागठबंधन के नेताओं) चुनाव प्रचार के दौरान अधिक से अधिक स्थानों को कवर करना चाहिए. उन्होंने 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि यही बात उस दौरान भी कही जा रही थी क्योंकि लालू प्रसाद, राहुल गांधी और नीतीश कुमार मंच साझा नहीं कर रहे थे.

  • लोकसभा चुनाव 2019: बेगूसराय में कन्हैया कुमार की राह में सबसे बड़ा रोड़ा क्या है?

    लोकसभा चुनाव 2019: बेगूसराय में कन्हैया कुमार की राह में सबसे बड़ा रोड़ा क्या है?

    बेगूसराय लोकसभा सीट पर महागठबंधन उम्मीदवार तनवीर हसन के मैदान में उतरने से भाजपा विरोधी वोट राजद और भाकपा के बीच बंट सकते हैं.  कन्हैया कुमार को सबसे ज्यादा इसी बात का नुकसान उठाना पड़ सकता है यानी बीजेपी विरोधी वोटों के विभाजन का. 

  • तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर किया तंज, कहा - आशा है डीएनए ..

    तेजस्वी यादव ने पीएम मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर किया तंज, कहा - आशा है डीएनए ..

    वर्ष 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी ने नीतीश कुमार पर हमला करते हुए उनके डीएनए पर सवाल खड़े किए. जिसे लेकर बाद में पीएम मोदी कड़ी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी. उस दौरान पीएम मोदी के प्रत्येक भाषण के बाद नीतीश कुमार और लालू प्रसाद की प्रेस कांफ्रेंस भी कम रोचक नहीं होती थी जहां आरोपों का सिलसिलेवार तरीके से जवाब दिया जाता था. 

  • BJP अध्यक्ष अमित शाह ने माना नीतीश कुमार का लोहा, बोले- पूरे बिहार को रोशन किया

    BJP अध्यक्ष अमित शाह ने माना नीतीश कुमार का लोहा, बोले- पूरे बिहार को रोशन किया

    बिहार में आखिरकार बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने माना कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने 10 साल में हर घर में बिजली पहुंचा दी है. बिहार में बीजेपी ने शुक्रवार को लोकसभा (Loksabha Elections) के प्रथम चरण के चार संसदीय क्षेत्रों में प्रचार अभियान शुरू किया.

  • NDA की पटना रैली से पहले तेजस्वी यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना, पुराने वादों को लेकर पूछे सवाल

    NDA की पटना रैली से पहले तेजस्वी यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नीतीश कुमार पर साधा निशाना, पुराने वादों को लेकर पूछे सवाल

    2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी और भाजपा को हराने के लिए उनके टेप सुनाते थे, बहती हवा सा बताते थे. 15 लाख और 2 करोड़ नौकरियाँ माँगते थे. लेकिन 2017 में नीतीश कुमार ने जनादेश का अपमान करते हुए सारे सिद्धांत, मर्यादा, नीति और नियम ताक पर रखते हुए जिस भाजपा को हराया था उसी से हाथ मिला लिया. तेजस्वी यादव के अनुसार अभी भी नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी में अविश्वास का रिश्ता है.

  • सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी के साथ हुआ 'सम्‍मानजनक' समझौता : नीतीश कुमार

    सीटों के बंटवारे को लेकर बीजेपी के साथ हुआ 'सम्‍मानजनक' समझौता : नीतीश कुमार

    बिहार के मुख्‍यमंत्री और जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार ने कहा है कि 2019 लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर 'सम्‍मनजनक समझौता' हो चुका है और अब केवल उसकी औपचारिक घोषणा होना ही बाकी है.

  • ओवैसी के निशाने पर आए नीतीश कुमार, 2015 की बात याद दिलाकर किया बड़ा हमला

    ओवैसी के निशाने पर आए नीतीश कुमार, 2015 की बात याद दिलाकर किया बड़ा हमला

    2019 लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड पहुंचे ओवैसी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान एआईएमआईएम को नीतीश ने 'वोट कटवा' पार्टी बताया था और आज उनकी पार्टी खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गोद में बैठ गयी है.

  • JDU नेता संजय सिंह बोले- 2019 का चुनाव बिना नीतीश कुमार के नहीं जीत सकती BJP

    JDU नेता संजय सिंह बोले- 2019 का चुनाव बिना नीतीश कुमार के नहीं जीत सकती BJP

    अगले लोकसभा चुनावों की खातिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवा बीजेपी सहित बिहार की चार सहयोगी पार्टियों में सीट बंटवारे के लिए जदयू 2015 के राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाना चाहता है. जदयू ने विधानसभा चुनाव में भाजपा से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया था.

  • नीतीश को सीएम पद के अयोग्य घोषित करने की याचिका पर चुनाव आयोग ने दिया हलफनामा

    नीतीश को सीएम पद के अयोग्य घोषित करने की याचिका पर चुनाव आयोग ने दिया हलफनामा

    नीतीश कुमार को बिहार सीएम के पद से अयोग्य घोषित करने की मांग वाली याचिका पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है. आयोग ने कहा है कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, इसे खारिज किया जाए. आयोग ने कहा है कि याचिका तुच्छ है और गलत तथ्यों पर आधारित है. इसमें दी गई जानकारी गुमराह करने वाली है और यह अदालती प्रक्रिया का दुरुपयोग है.

  • आयकर विभाग की इस कार्रवाई से बिहार के सभी राजनीतिक दलों के सामने आया संकट

    आयकर विभाग की इस कार्रवाई से बिहार के सभी राजनीतिक दलों के सामने आया संकट

    बिहार के आयकर विभाग ने राज्य के 50 विधायकों एवं नेताओं की अघोषित संपत्ति की जांच में 28 विधायकों व नेताओं के पास से 30 करोड़ से अधिक की अघोषित संपत्ति मिलने का दावा किया है. आयकर विभाग ने 2015 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों द्वारा दिए गए हलफनामा में संपत्ति के वृद्धि के आधार पर किया है. अब विभाग जल्द ही इन पर क़ानूनी शिकंजा कसने की तयारी में है. 

  • लालू को घेरने वाले सुशील कुमार मोदी का रहा है उनसे खास नाता, जानें 5 बातें

    लालू को घेरने वाले सुशील कुमार मोदी का रहा है उनसे खास नाता, जानें 5 बातें

    2015 में बिहार विधानसभा का चुनाव हारने के बाद बिहार बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी पार्टी में हाशिए पर चले गए.

  • क्या राष्ट्रपति चुनाव पर नीतीश कुमार का रुख बिहार में महागठबंधन के अंत की शुरुआत है...?

    क्या राष्ट्रपति चुनाव पर नीतीश कुमार का रुख बिहार में महागठबंधन के अंत की शुरुआत है...?

    राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलग रुख की वजह से क्या राज्य में उनके सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और कांग्रेस उनकी सरकार को अस्थिर कर देंगे - पत्रकारों के इस सवाल को खारिज करते हुए झुंझलाए नज़र आ रहे आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा, "सपोर्ट (समर्थन) तो दे ही दिए हैं..." लेकिन यह बात सभी जानते हैं कि नीतीश के इस कदम ने लालू और राज्य में सत्तासीन गठबंधन में जूनियर पार्टनर कांग्रेस को नाराज़ तो कर ही दिया है, और नीतीश का उन्हें मनाने का भी कोई इरादा नहीं है... आइए, नीतीश और लालू में लगातार बढ़ती दूरियों के बीच जानते हैं वे 10 कारण, जिनसे स्पष्ट है कि अगस्त, 2015 में बना यह गठजोड़ अब ज़्यादा वक्त तक चलने वाला नहीं है, लेकिन यह फैसला जब भी करेंगे, नीतीश कुमार ही करेंगे, क्योंकि लालू यह निर्णय नहीं करने वाले, क्योंकि वह जानते हैं कि अगर वह समर्थन वापस ले लेंगे, तो 122 के बहुमत के आंकड़े को छूना उनके लिए मुमकिन नहीं, और फिर वह सत्ता से दूर हो जाएंगे...

  • राष्ट्रपति के लिए बीजेपी की पसंद रामनाथ कोविंद को लेकर नीतीश कुमार और लालू यादव के ख्याल जुदा : सूत्र

    राष्ट्रपति के लिए बीजेपी की पसंद रामनाथ कोविंद को लेकर नीतीश कुमार और लालू यादव के ख्याल जुदा : सूत्र

    बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद को एनडीए की ओर से राष्ट्रपति पद का प्रत्याशी घोषित कर जिस तरह बीजेपी चाहती थी, बिल्कुल उसी तरह विपक्ष में दरारें दिखने लगी हैं. खासतौर से बिहार में, जहां कोविंद अगस्त, 2015 से राज्यपाल के रूप में कार्यरत हैं, और जहां सत्ता पर आरूढ़ दोनों साझीदारों - मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव - के बीच अलग-अलग मुद्दों पर असहमति हो जाना कतई आश्चर्यजनक नहीं है.

  • राष्‍ट्रपति चुनाव : रामनाथ कोविंद सियासत के अलावा अदालत में भी खेल चुके हैं लंबी पारी

    राष्‍ट्रपति चुनाव : रामनाथ कोविंद सियासत के अलावा अदालत में भी खेल चुके हैं लंबी पारी

    अध्‍ययन में बचपन से ही मेधावी रहे कोविंद बीजेपी में कई पदों पर रहने के अलावा हाईकोर्ट में वकालत कर चुके थे. वे अदालत में केंद्र सरकार के वकील भी रह चुके हैं. वर्ष 2015 से वे बिहार के राज्‍यपाल का पद संभाल रहे हैं. कोविंद बीजेपी में भी कई पद संभाल चुके हैं.

  • क्या बिहार की तरह यूपी में भी बीजेपी के लिए सिरदर्द तो साबित नहीं होगा आरक्षण पर संघ का बयान?

    क्या बिहार की तरह यूपी में भी बीजेपी के लिए सिरदर्द तो साबित नहीं होगा आरक्षण पर संघ का बयान?

    जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण खत्म करने के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है. मनमोहन वैद्य के बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया. बयान के कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, जेडीयू, समाजवादी पार्टी, आरजेडी और बीएसपी सबने मोर्चा खोल दिया है.

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