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बिहार विधानसभा चुनाव


'बिहार विधानसभा चुनाव' - 798 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जेडीयू की बैठक में नीतीश कुमार ने कही कुछ ऐसी बातें कि भड़क गए गिरिराज सिंह और तेजस्वी यादव

    जेडीयू की बैठक में नीतीश कुमार ने कही कुछ ऐसी बातें कि भड़क गए गिरिराज सिंह और तेजस्वी यादव

    जेडीयू की बैठक में बिहार के सीएम और पार्टी अध्यक्ष नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं और प्रवक्ताओं को समझाया कि अगर 'कोई अनाप-शनाप बोल रहा हैं तो बोलने दीजिए, नोटिस मत लीजिए. फिर प्रवक्ताओं की तरफ़ मुख़ातिब होते हुए कहा कि आप लोग भी प्रतिक्रिया देने से बचें'. उनका इशारा बीजेपी के एक गुट के नेताओं की ओर से जारी बयानबाजी की ओर था. नीतीश कुमार के रुख से साफ़ हैं कि वो अगले साल के विधानसभा चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ेंगे. नी

  • बिहार में 200 से ज़्यादा विधानसभा सीटें जीतेगा NDA: नीतीश कुमार

    बिहार में 200 से ज़्यादा विधानसभा सीटें जीतेगा NDA: नीतीश कुमार

    शुक्रवार को अपनी पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) की राज्य परिषद की बैठक में बोलते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि जब वर्ष 2010 में गठबंधन ने 243 में से 206 सीटें जीती थीं, तब भी किसी ने वैसे चुनाव परिणाम की कल्पना नहीं की थी, लेकिन अब अगली बार उससे भी बेहतर परिणाम आएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जिसे जो बोलना है, बोले, क्योंकि अब वह किसी की परवाह नहीं करते.

  • BJP नेताओं के बयान से दुखी नीतीश कुमार ने कहा- गठबंधन में 'खचपच' करने वाला विधानसभा चुनाव के बाद बुरे हाल में होगा

    BJP नेताओं के बयान से दुखी नीतीश कुमार ने कहा- गठबंधन में 'खचपच' करने वाला विधानसभा चुनाव के बाद बुरे हाल में होगा

    बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शुक्रवार को साफ़-साफ़ कहा कि राज्य में बीजेपी के साथ गठबंधन में कोई तनाव नहीं हैं. नीतीश अपने पार्टी के राज्य परिषद की बैठक में बोलते हुए कहा कि इस गठबंधन में खचपच करने वाला अगले साल के विधानसभा चुनाव के बाद बुरे हाल में होगा.

  • नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव लड़ने पर रामविलास पासवान का बड़ा बयान, कहा- अगर बीजेपी कहेगी तो इस बार ...

    नीतीश कुमार की अगुवाई में चुनाव लड़ने पर रामविलास पासवान का बड़ा बयान, कहा- अगर बीजेपी कहेगी तो इस बार ...

    बता दें कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव में लोकजन शक्ति पार्टी  ने अपने सभी छह सीटें जीतीं हैं. ऐसे में विधानसभा चुनाव में पार्टी पहले की तुलना में ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ सकती है. बिहार में फिलहाल पार्टी के पास सिर्फ दो विधायक हैं. जबकि बीजेपी के पास 52 और जेडीयू के पास 67. 

  • झारखंड: बोकारो में जेडीयू ने किया ऐलान, पूरे राज्य में चुनाव लड़ेगी पार्टी

    झारखंड: बोकारो में जेडीयू ने किया ऐलान, पूरे राज्य में चुनाव लड़ेगी पार्टी

    कार्यक्रम में संजय कुमार ने कहा कि जेडीयू झारखंड में सभी 81 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी. उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में परिवर्तन के लिए लिए चुनाव लड़ेगी और जेडीयू, झारखंड में एक विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है. उन्होंने कहा कि राज्य में झारखण्ड मुक्ति मोर्चा, झारखण्ड विकास मोर्चा, एवं कांग्रेस पार्टी का इंजन फेल हो चुका है और बिहार के नीतीश मॉडल की चर्चा अब झारखण्ड में भी हो रही है. लोग जदयू के तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं. 

  • एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

    एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

    बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान करारी हार का सामना कर चुके विपक्षी दल आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए को हराने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं. इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के वयोवृद्ध नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सभी विपक्षी दलों का विलय करने का एक बार फिर सुझाव दिया. रघुवंश प्रसाद ने शुक्रवार को दोबारा कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का मुकाबला करने के लिए सभी क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन में विलय करना चाहिए.

  • बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी आखिर क्यों बने एक दूसरे की मजबूरी?

    बिहार में नीतीश कुमार और बीजेपी आखिर क्यों बने एक दूसरे की मजबूरी?

    बुधवार का दिन बिहार के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन में हाल के कुछ महीनो में सबसे सुखद रहा होगा. इसलिए नहीं कि उनके नेतृत्व पर बिहार एनडीए के दो वरिष्ठ नेता , सुशील मोदी और राजविलास पासवान ने बयान दिया है कि नीतीश कुमार कप्तान हैं और उन्हीं की कप्तानी में अगले साल विधानसभा चुनाव लड़ेंगे या नीतीश चेहरा हैं और चेहरा रहेंगे जैसे बयान दिए बल्कि नीतीश कुमार के कट्टर आलोचक रहे आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने माना कि बीजेपी को हराने के लिए महगठबंधन में नीतीश कुमार वापस आएं तो उनका स्वागत है.

  • बिहार में भाजपा नेताओं को अचानक नीतीश कुमार के नेतृत्व से क्यों होने लगी है बोरियत?

    बिहार में भाजपा नेताओं को अचानक नीतीश कुमार के नेतृत्व से क्यों होने लगी है बोरियत?

    मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष नीतीश कुमार ने शनिवार को रांची में झारखंड के आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. जहां उन्होंने शराबबंदी पर रघुबर दास सरकार को घेरा और बताया कि कैसे बिहार हर मामले में झारखंड से आगे निकल चुका हैं.

  • अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जीत आखिर क्यों तय?

    अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की जीत आखिर क्यों तय?

    बिहार विधानसभा का चुनाव अगले साल होना है और जब उसके पहले कई अन्य राज्यों में चुनाव होना है तो उस परिप्रेक्ष्य में बिहार के विधानसभा चुनाव को लेकर भविष्यवाणी जल्दीबाजी होगी लेकिन जो संकेत मिल रहे हैं उससे तो केवल एक बात साफ लग रही है, और वह है नीतीश कुमार का एक बार फिर मुख्यमंत्री चुना जाना. खासकर इस कथन को बल बिहार की राजधानी पटना में पिछले दिनों तीन अलग-अलग घटनाओं से मिला. इनका एक-दूसरे से कोई सम्बंध नहीं था लेकिन सबका राजनीतिक अर्थ एक था.

  • बिहार : सुशील मोदी को पसंद नहीं आया जेडीयू का यह कदम, कहा- विकास पर ध्यान दीजिए

    बिहार : सुशील मोदी को पसंद नहीं आया जेडीयू का यह कदम, कहा- विकास पर ध्यान दीजिए

    बिहार में जनता दल यूनाइटेड (JDU) को उनकी सहयोगी बीजेपी के वरिष्ठ नेता और उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने कुछ सलाह दी है. सुशील मोदी जनता दल यूनाइटेड द्वारा अगले साल होने वाले विधानसभा के मद्देनजर अभी से चुनावी होर्डिंग लगाए जाने से खुश नहीं हैं.

  • ब्लॉग : क्या नीतीश कुमार अब अपनी ही पार्टी जेडीयू के लिए 'कामचलाऊ' नेता बन गए हैं

    ब्लॉग :  क्या नीतीश कुमार अब अपनी ही पार्टी जेडीयू के लिए 'कामचलाऊ' नेता बन गए हैं

    क्या बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड अपने सुप्रीमो नीतीश कुमार को अब 'कामचलाऊ' और 'अस्थायी'  मानती है. ये सवाल सोमवार को पार्टी दफ़्तर के बाहर लगाए गये नए होर्डिंग के बाद लोग पूछ रहे हैं.  रविवार शाम , पटना में पार्टी दफ़्तर के बाहर नए होर्डिंग लगाए गए जिसमें नारा  था , ‘क्यूं करे विचार ठीके तो है नीतीश कुमार’.  निश्चित रूप से जिसने भी स्लोगन लिखा होगा उसमें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ख़ासकर नीतीश कुमार के क़रीबी आरसीपी सिंह के सहमति से  ही ये होर्डिंग लगायी होगी. लेकिन पार्टी के ही नेताओं को लगता है ये नारा लोगों को पच नहीं रहा. ठीके का मतलब बिहार की राजनीति और गांव घर में यही होता हैं कि वो बहुत अच्छे तो नहीं लेकिन ठीक ठाक कामचलाऊ हैं.

  • बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    साल 2015 में बिहार में जिस नारे के दम पर नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव जीता था इस बार उसमें थोड़ा सा बदलाव किया गया है. पिछली बार नारा था, 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' इस नारे को गढ़ने में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का दिमाग़ था. लेकिन जो नया बदलाव किया गया है इसमें प्रशांत किशोर का कोई हाथ नहीं है. लेकिन साल 2020 में होने वाले चुनाव को लेकर जो नारा गढ़ा गया है वह है, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'. अब देखने वाली बात यह होगी कि बदली परिस्थितियों में नारे कितना काम करते हैं. लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके नीतीश कुमार ने पिछला चुनाव आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस को मिलाकर महागठबंधन के बैनर तले लड़ा था. जिसमें इन तीन पार्टियों का वोटबैंक बीजेपी पर भारी पड़ गया था. नीतीश कुमार इससे पहले एनडीए में थे लेकिन नरेंद्र मोदी  को पीएम पद का चेहरा बनाए जाने पर वह नाराज हो गए और बीजेपी से नाता तोड़ लिया. 

  • पटना में लगेगी अरुण जेटली की प्रतिमा, जन्मदिन सरकारी समारोह के तौर पर मनाया जाएगा : नीतीश कुमार

    पटना में लगेगी अरुण जेटली की प्रतिमा, जन्मदिन सरकारी समारोह के तौर पर मनाया जाएगा : नीतीश कुमार

    बिहार में एनडीए सरकार के गठन में और लालू -रबड़ी शासन के ख़ात्मे में पूर्व वित मंत्री अरुण जेटली की अहम भूमिका रही है. उनके निधन के बाद अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को घोषणा की उनकी आदमक़द प्रतिमा पटना में लगाने के अलावा उनका जन्मदिवस राजकीय समारोह के रूप में मनाया जायेगा.  शनिवार को पटना में एनडीए की ओर से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. इस मौके पर नीतीश कुमार ने बिहार में एनडीए सरकार के गठन में उनकी भूमिका की चर्चा करते हुए कहा कि उनके साथ उनका एक विशेष सम्बंध रहा है ख़ासकर जब बिहार के भाजपा के प्रभारी बने और विधानसभा के दो चुनाव हुए उसमें उनकी भूमिका कोई नहीं भुला नहीं सकता.

  • जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

    जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी को राज्य की राजनीति में कोई गंभीरता से नहीं लेता. अपने बयान के कारण सुर्ख़ियां में बने रहने की आदत से वह अपने सहयोगियों के लिए परेशानी का कारण बने रहते है. ताज़ा घटनाक्रम में जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की इच्छा जतायी हैं क्योंकि तेजस्वी यादव को अनुभव की कमी है. मांझी ने ऐसा बयान कोई पहली बार नहीं दिया है और उनके सहयोगी भी उनके बड़बोलेपन के कारण हमेशा सफ़ाई देते रहते हैं. लेकिन मांझी ने यह बयान महागठबंधन की बैठक के दो दिन के अंदर दिया है जब उन्हें मीडिया को ब्रीफ़ करने का ज़िम्मा दिया गया था. हालांकि उस ब्रीफ़िंग में माँझी ने कोई ऐसा बायन नहीं दिया लेकिन गुरुवार को उन्होंने अपनी इच्छा मीडिया के सामने जाहिर कर दिया.  

  • BJP ने शुरू की विधानसभा चुनाव की तैयारी, चार राज्यों के नियुक्त किए चुनाव प्रभारी

    BJP ने शुरू की विधानसभा चुनाव की तैयारी, चार राज्यों के नियुक्त किए चुनाव प्रभारी

    हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को चुनाव प्रभारी तथा उत्तर प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया है. और झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए BJP के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश माथुर को चुनाव प्रभारी तथा बिहार के मंत्री नंदकिशोर यादव को चुनाव सह-प्रभारी नियुक्त किया है. बता दें, दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड और हरियाणा में विधानसभा चुनाव इस साल के अंत तक हो सकते हैं. हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी इसको लेकर कोई तारीख जारी नहीं की गई है.

  • आर्टिकल 370 हटाने के मुद्दे पर अब नीतीश की पार्टी पड़ी नरम, रुख बदलने का यह है कारण

    आर्टिकल 370 हटाने के मुद्दे पर अब नीतीश की पार्टी पड़ी नरम, रुख बदलने का यह है कारण

    जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में आर्टिकल 370 (Article 370) के अधिकांश प्रावधानों को हटाए जाने के मुद्दे पर विरोध दर्ज करा चुका जनता दल यूनाइटेड (JDU)अब इस मुद्दे पर जनभावना के आगे नतमस्तक होता नजर आ रहा है. बुधवार को जेडीयू ने संसद में इस मुद्दे पर अपने विरोध के पक्ष में सफाई दी कि यदि आर्टिकल 370 को हटाने का समर्थन किया जाता तो जॉर्ज फर्नांडिस (George Fernandes) की आत्मा को दुख पहुंचता. उन्होंने इस मुद्दे पर सन 1996 में ही अपना रुख तय कर दिया था. जेडीयू ने कहा है कि अब जब एक बार कानून बन गया तो वह देश का कानून हो गया और हम सब साथ हैं.

  • पीएम नरेंद्र मोदी के एक फैसले के बाद बीजेपी उसके सहयोगियों की मजबूरी बन गई

    पीएम नरेंद्र मोदी के एक फैसले के बाद बीजेपी उसके सहयोगियों की मजबूरी बन गई

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने एक निर्णय से राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है जिससे भाजपा (BJP) के सहयोगी भी अब उसके बिना नहीं चलने वाले. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्यसभा में जैसे ही आर्टिकल 370 (Article 370) को खत्म करने की घोषणा की तो पहली बार सदन के अंदर और बाहर इस मुद्दे पर समर्थन करने की बीजेपी के विरोधियों में भी होड़ दिखी. बीजेपी के एक सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के अलावा हर सहयोगी के मुंह से वाह-वाह निकल रहा था. बीजेपी की घोर विरोधी बहुजन समाज पार्टी (BSP), अरविंद केजरीवाल की 'आप' (AAP), चंद्रबाबू नायडू की तेलगू देशम और उसके अलावा हर मुद्दे पर अपना अलग स्टैंड लेने वाली जगनमोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस ने जहां इस मुद्दे पर अपना समर्थन देने में कोई देरी नहीं की.

  • राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर नीतीश कुमार ने इस तरह की मोदी सरकार की मदद

    राज्यसभा में तीन तलाक बिल पर नीतीश कुमार ने इस तरह की मोदी सरकार की मदद

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) अगले साल विधानसभा चुनाव बीजेपी (BJP) के साथ गठबंधन में ही लड़ेंगे. इसका संकेत मंगलवार को तीन तलाक (Teen Talaq Bill) के मुद्दे पर राज्यसभा (Rajya Sabha) में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के रुख से मिला. जनता दल यूनाइटेड के राज्यसभा सांसदों के बिल के खिलाफ मतदान से यह बिल खतरे में पड़ सकता था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर ही पार्टी के सभी सांसदों ने बजाय मतदान में बाग लेने के सदन का बहिष्कार कर दिया. इससे केंद्र सरकार को न केवल राहत मिली बल्कि इस बिल के राज्यसभा में पारित होने का रास्ता भी आसान हो गया.

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