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बैलेट पेपर


'बैलेट पेपर' - 34 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • EVM के विरोध में एकजुट हुए विपक्ष के नेता, पहली बार राज ठाकरे कांग्रेस के साथ

    EVM के विरोध में एकजुट हुए विपक्ष के नेता, पहली बार राज ठाकरे कांग्रेस के साथ

    महाराष्ट्र के विपक्षी पार्टियों के सभी नेता ईवीएम के विरोध और बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग को लेकर शुक्रवार को एक मंच पर नजर आए. इन नेताओं ने ईवीएम पर जनता का भरोसा नहीं होने के कारण बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की. विपक्ष के नेताओं ने अपनी मांग को लेकर 21 अगस्त को एक रैली भी निकालने की बात कही. इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस, एनसीपी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना, स्वाभिमानी शेतकरी संघटना सहित महाराष्ट्र के करीब सभी विपक्षी दलों के नेता एकजुट दिखे.

  • महाराष्ट्र में विपक्ष निकालेगा मार्च, नारा दिया 'ईवीएम भारत छोड़ो'

    महाराष्ट्र में विपक्ष निकालेगा मार्च, नारा दिया 'ईवीएम भारत छोड़ो'

    महाराष्ट्र में विपक्षी दलों की मांग है कि विधानसभा का चुनाव ईवीएम के बदले बैलेट पेपर से हो. इस मुद्दे को लेकर राज्य के सभी विपक्षी दलों ने पत्रकार परिषद का आयोजन किया. विपक्षी दलों ने ईवीएम के खिलाफ नौ अगस्त क्रांति दिवस के अवसर पर लांग मार्च निकालने की घोषणा की है. नौ अगस्त 1942 को महात्मा गांधी ने "अंग्रेजो भारत छोड़ो" के नारे के साथ क्रांति की शुरुआत की थी. विपक्षी दल उसी दिन आंदोलन करेंगे. वे लांग मार्च कर ''ईवीएम भारत छोड़ो'' का नारा देंगे.

  • कोलकाता की रैली में बोलीं ममता बनर्जी- वे ईवीएम, सीआरपीएफ चुनाव आयोग के दम पर चुनाव जीते हैं

    कोलकाता की रैली में बोलीं ममता बनर्जी- वे ईवीएम, सीआरपीएफ चुनाव आयोग के दम पर चुनाव जीते हैं

    कोलकाता में रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कहा कि वे (बीजेपी) चुनाव ईवीएम, सीआरपीएफ चुनाव आयोग के दम पर चुनाव जीते हैं. उन्हें सिर्फ 18 सीटें मिली हैं. कुछ सीटें जीतकर वे पार्टी ऑफिस कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं को पीट रहे हैं. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि पंचायत और म्यनिसपल चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाएं. बंगाल की सीएम ने कहा कि इस बार लोकसभा चुनाव 'इतिहास' नहीं, 'रहस्य' है. रैली में ममता बनर्जी ने एक तरह से चेतावनी देते हुए, 'कुछ बीजेपी नेता कहते हैं कि टीएमसी नेताओं को बसों से खींचों, मैं बीजेपी से कहती हूं कि अगर हमने इस तरह से करना शुरू कर दिया तो क्या झेलने के लायक होंगे?

  • Election Results: रामदास अठावले EVM विवाद पर बोले- 2024 का चुनाव बैलेट से लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन...

    Election Results: रामदास अठावले EVM विवाद पर बोले- 2024 का चुनाव बैलेट से लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन...

    इस पर रामदास अठावले (Ram Das Athawale) ने कहा, ''हम 2024 का चुनाव बैलेट से लड़ने के लिए तैयार हैं, लेकिन मेरी पार्टी बैलेट पेपर का विरोध करती है क्योंकि इससे बहुत ज्यादा बोगस वोटिंग होता है.''

  • कर्नाटक के CM कुमारस्वामी ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- एग्जिट पोल से छोटे दलों को लुभा रही BJP

    कर्नाटक के CM कुमारस्वामी ने EVM पर उठाए सवाल, कहा- एग्जिट पोल से छोटे दलों को लुभा रही BJP

    कुमारस्वामी ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए हैं. उन्होंने टि्वटर पर लिखा है, 'सभी विपक्षी राजनीतिक दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन में EVM की विश्वसनीयता पर चिंता जाहिर की थी. विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था और पारंपरिक बैलेट पेपर से चुनाव की मांग की थी. ताकि दोषपूर्ण ईवीएम से बचा जा सके, जिसमें फर्जीवाड़े की संभावना है. पूरे विश्व, यहां तक कि विकसित देशों में भी बैलेट पेपर से चुनाव कराए जा रहे हैं.'

  • विपक्ष का दावा: बैलेट पेपर पर चुनाव निशान कमल के नीचे लिखा है 'BJP', चुनाव आयोग से की शिकायत

    विपक्ष का दावा: बैलेट पेपर पर चुनाव निशान कमल के नीचे लिखा है 'BJP', चुनाव आयोग से की शिकायत

    चुनाव आयोग के एक सीनियर अधिकारी ने एनडीटीवी को बताया कि विपक्षी पार्टियां का दावा गलत है. उन्होंने कहा, '2013 के मध्य भाजपा ने चुनाव आयोग से कहा था कि उनके चुनाव निशान की रूपरेखा बहुत ही हल्की है, इसे और ज्यादा गहरा होना चाहिए. उनकी अपील के आधार पर कमल के फूल की रूपरेखा को बोल्ड कर दिया गया. कमल के फूल के नीचे का पानी भी इसमें शामिल था. पानी की ये लाइनें 'एफ और पी' की तरह दिखती हैं, लेकिन यह भाजपा नहीं है.' साथ ही उन्होंने बताया कि इस निशान का इस्तेमाल साल 2014 से किया जा रहा है.

  • क्यों चुनावों में मशीन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए?

    क्यों चुनावों में मशीन का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए?

    बताया कि ये पर्ची पांच साल तक नहीं मिटेगी. बेहतर है इसे गिना जाना चाहिए. वीवीपैट के अपने खर्चे भी हैं. इसका इस्तेमाल करने पर मतगणना की रफ्तार भी धीमी होती है. फिर बैलेट पेपर ही क्यों नहीं?

  • निजामाबाद में 185 उम्मीदवार, ईवीएम नहीं बैलेट पेपर का होगा इस्तेमाल : चुनाव आयोग

    निजामाबाद में 185 उम्मीदवार, ईवीएम नहीं बैलेट पेपर का होगा इस्तेमाल : चुनाव आयोग

    इस सीट पर 170 से अधिक किसानों सहित कुल 185 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. गुरुवार को नाम वापस लेने की समय सीमा समाप्त होने के बाद तेलंगाना में कुल 443 उम्मीदवार मैदान में बचे हैं.

  • Election Results 2018: तेलंगाना में कांग्रेस को भारी नुकसान, ईवीएम में गड़बड़ी का जताया अंदेशा

    Election Results 2018: तेलंगाना में कांग्रेस को भारी नुकसान, ईवीएम में गड़बड़ी का जताया अंदेशा

    तेलंगाना में सात दिसंबर को चुनाव हुए थे. यहां कांग्रेस ने 99 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए थे और वह केवल 22 सीटों पर ही आगे चल रही है. तेलंगाना कांग्रेस कमेटी के राज्या इकाई के अध्यक्ष उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा, ''मुझे परिणामों पर शक है. हम बैलेट पेपर काउंटिंग में जीत रहे थे. हमें शक है कि हो सकता है कि ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की गई है. वीवीपीएटी की पर्चियां गिनी जानी चाहिए...''

  • बैलेट पेपर से चुनाव का 70 फीसदी पार्टियों ने किया समर्थन, अलग-थलग पड़ी BJP : कांग्रेस

    बैलेट पेपर से चुनाव का 70 फीसदी पार्टियों ने किया समर्थन, अलग-थलग पड़ी BJP : कांग्रेस

    उसने यह भी दावा किया कि ईवीएम से चुनाव जारी रखने की पैरवी कर रही भाजपा और उसके कुछ सहयोगी दल चुनाव आयोग द्वारा बुलाई गई बैठक में इन दोनों मुद्दों पर अलग-थलग पड़ गए थे.

  • ममता बनर्जी का मैनेजमेंट...

    ममता बनर्जी का मैनेजमेंट...

    ममता बनर्जी का दिल्ली दौरा विपक्षी एकता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण रहा है. एक तरह से ममता ने दिल्ली आकर यहां नेताओं से मुलाकात की. लगता है उन्होंने यह तय कर लिया है कि विपक्षी एकता की धुरी वही बनने वाली हैं. शरद पवार, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल से उनकी मुलाकात ने यह तय कर दिया कि विपक्षी एकता को एकजुट करने की बात अब गंभीरता से लेनी शुरू कर देनी चाहिए. ममता की विपक्षी नेताओं से कई मुद्दों पर बातचीत हुई है. उसमें एक है कि विपक्ष चाहता है कि अगला लोकसभा चुनाव वोटिंग मशीन के बजाए बैलेट पेपर से हो और इस पर एनडीए के दलों को छोड़कर सारा विपक्ष एकजुट है. हालांकि लगता नहीं है कि चुनाव आयोग विपक्ष की इस मांग को मानेगा. हां इतना जरूर है कि चुनाव आयोग यह कोशिश करेगा कि हरेक वोटिंग मशीन के साथ पर्ची निकलने की भी सुविधा हो, जिससे कि वोटर को पता चल सके कि उसने किसको वोट किया है.

  • वोटिंग मशीन हटाने के पक्ष में नहीं मुख्य चुनाव आयुक्त, बोले- निर्णय लेने के लिए राजनीतिक दल स्वतंत्र

    वोटिंग मशीन हटाने के पक्ष में नहीं मुख्य चुनाव आयुक्त, बोले- निर्णय लेने के लिए राजनीतिक दल स्वतंत्र

    वोटिंग मशीन को खारिज कर बैलेट पेपर्स से चुनाव कराने की अखिलेश यादव की मांग पर मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने एनडीटीवी से कहा कि यह कतई सही नहीं है कि हम फिर से पेपर बैलेट पेपर से चुनाव कराएं. हालांकि, उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल इस बात के लिए स्वतंत्र हैं कि वह किससे चुनाव कराना चाहते हैं. रावत ने इस बात को रेखांकित करते हुए कहा कि कमीशन और मतदान कर्मचारी वीवीपीएटी, या मतदाता सत्यापन योग्य पेपर ऑडिट ट्रेल मशीनों के घटनाओं को कम करने में सक्षम होंगे और 2019 में बेहतर प्रशिक्षण की वजह से खराब प्रदर्शऩ को भी कम कर सकते हैं. 

  • EVM से वोटिंग होने से लोकतंत्र खतरे में, बैलेट पेपर्स से हो चुनाव: अखिलेश यादव

    EVM से वोटिंग होने से लोकतंत्र खतरे में, बैलेट पेपर्स से हो चुनाव: अखिलेश यादव

    अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्‍य में जो चुनाव हो वह बैलेट पेपर्स से होने चाहिए. बैलेट पेपर से चुनाव होने से लोगों का भरोसा बढ़ेंगे. जहां शिकायतें आई हैं वहां हमें दोबारा वोट डालने का मौका मिलने जा रहा है.

  • कर्नाटक विधानसभा चुनाव: उद्धव ठाकरे ने ईवीएम पर उठाए सवाल, कहा- एक बार बैलेट पेपर से कराओ चुनाव

    कर्नाटक विधानसभा चुनाव: उद्धव ठाकरे ने ईवीएम पर उठाए सवाल, कहा- एक बार बैलेट पेपर से कराओ चुनाव

    शिवसेना प्रमुख ने कहा कि जब इतने सारे लोग इसकी मांग कर रहे हैं तो इससे ( ईवीएम के इस्तेमाल को लेकर ) शंकाएं हमेशा के लिए दूर हो जाएंगी. कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहली बड़ी चुनावी लड़ाई होने के बाबत सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि चुनाव आते जाते रहते हैं और कई बार आप जीतते हैं तो कई बार हारते हैं.

  • ईवीएम पर बहस पार्ट-2: बैलेट के बाद EVM से बिहार के लोगों ने ली राहत की सांस!

    ईवीएम पर बहस पार्ट-2: बैलेट के बाद EVM से बिहार के लोगों ने ली राहत की सांस!

    साल 2000 तक बिहार में हर चुनाव बैलेट पेपर से हुए, लेकिन हर चुनाव में जीत का मुख्य आधार सामाजिक समीकरण ही रहे. हालांकि, यह भी सच है कि उम्मीदवार अपनी जीत के लिए बैलेट पेपर को लूटने के प्रयास करते रहे. हालात ऐसे थे कि अगर पार्टी सता में होती तो प्रशासन का साथ मिलता, लेकिन विपक्ष में रहने पर गोलीबारी, चुनाव में अथाह खर्चे आदि करना एक नियमित अनिवार्य प्रक्रिया थी, जिसे नजर अंदाज करना चुनाव से पहले घुटने टेकने के समान था. इसलिए मतदान के दिन हिंसा, गोली चलना, बम विस्फोट एक आम बात थी. शायद ही कोई एक ऐसा चुनाव हो जब लोकतंत्र के नाम पर बूथ लूटने में बीस लोगों से कम जाने गयी हो. 

  • ईवीएम पर बहस समय की बर्बादी क्यों है?

    ईवीएम पर बहस समय की बर्बादी क्यों है?

    इन दिनों पूरे देश में एक बार फिर से EVM पर बहस शुरू हो गई है. खासकर कांग्रेस महाधिवेशन के बाद जिसमें फिर से बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की मांग की गई है. कई क्षेत्रिय दलों ने यह मांग पहले से कर रखी है. लेकिन अगर आप मुझसे पूछेंगे तो मेरे हिसाब से ये बहस बेमानी है. क्योंकि बिहार, जहां बैलेट और बुलेट का संघर्ष जगव्यापी रहा है, वहां ईवीएम से गरीब और वंचित समाज के लोग ज्यादा निर्भिक होकर मतदान करते हैं. बिहार हो या उतर प्रदेश या कोई अन्य राज्य, अभी चुनाव में जीत-हार आपके सामाजिक समीकरण , चुनाव अभियान के नेतृत्व और आपके संगठन की शक्ति तय करते हैं. लेकिन पिछले क़रीब तीन दशक के बिहार चुनाव परिणामों पर नजर दौड़ाएंगे तो यह दूध का दूध और पानी का पानी साबित हो जाएगा. 

  • महाधिवेशन : चुनाव में बैलेट पेपर के पुराने तरीके को फिर से लागू करना चाहिए, कांग्रेस के राजनीतिक प्रस्ताव की 10 बड़ी बातें

    महाधिवेशन :  चुनाव में बैलेट पेपर के पुराने तरीके को फिर से लागू करना चाहिए, कांग्रेस के राजनीतिक प्रस्ताव की 10 बड़ी बातें

    कांग्रेस के 84वें महाधविशेन के पहले दिन आज देश भर से जमा हुए पार्टी के हजारों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और साथ ही उनकी आंखों में यह आस भी दिखी कि राहुल गांधी की नुमाइंदगी में पार्टी की​​ किस्मत ​फिर संवरेगी. ध्वजारोहण और राष्ट्रगीत दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में देश की सबसे पुरानी पार्टी का अधिवेशन शुरू हुआ. पार्टी के एक पदा​धिकारी ने बताया कि इस महाधिवेशन में देश भर से तीन हजार प्रतिनिधि और 15 हजार से अधिक पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आमंत्रित किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे पह​ले ध्वजारोहण किया और फिर राष्ट्रगीत से महाधिवेशन की विधिवत शुरुआत हुई इसके बाद राहुल ने उपस्थित लोगों को संबोधित किया. पिछले साल दिसंबर में राहुल गांधी के पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में कांग्रेस का यह पहला महाधिवेशन है.

  • जन्मदिन पर मायावती का हमला, 'हर-हर मोदी वाले' अपने घर से ही बेघर होने से बच गए

    जन्मदिन पर मायावती का हमला, 'हर-हर मोदी वाले' अपने घर से ही बेघर होने से बच गए

    बसपा प्रमुख मायावती ने सोमवार को अपने जन्मदिन के मौके पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला. इसके अलावा उन्होंने  EVM पर भी सवाल उठाए और कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव कराने में घबराहट क्यों है ? उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए, क्योंकि जनता से वादा खिलाफी की आवाज चारों तरफ से उठने लगी है.