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ब्याज दरें


'ब्याज दरें' - 182 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • SBI ने होम लोन और एफडी की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया

    SBI ने होम लोन और एफडी की ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया है. एसबीआई ने मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेडिंग रेट MCLR में 0.10 फीसदी कटौती का ऐलान किया है. जो पहले MCLR 8.25 फीसदी थी अब घटकर  8.15 फीसदी सालाना कर दी गई है. एमसीएलआर के रेट कम होने से होम लोन भी  ब्याज दरें भी कम हो जाएंगी.  यह नई दरें 10 सितंबर से लागू हो जाएंगी. यह वित्तीय साल 2019-20 में यह पांचवा मौका है जब एसबीआई ने ब्याज दरों में कटौती की है. इसके साथ ही बैंक ने फिक्स डिपॉजिट पर भी कटौती का ऐलान किया है. रिटेल डिपॉजिट पर दरों में 0.25 फीसदी की कटौती और टर्म डिपॉजिट रेट पर 0.10 से 0.20 फीसदी की कटौती की है.

  • कच्चे तेल के गिरते दाम, स्थिर रुपया आने वाले समय में उच्च आर्थिक वृद्धि का पक्का संकेत : वित्त सचिव गर्ग

    कच्चे तेल के गिरते दाम, स्थिर रुपया आने वाले समय में उच्च आर्थिक वृद्धि का पक्का संकेत : वित्त सचिव गर्ग

    वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि तेल की वैश्विक कीमतों में गिरावट, रुपये में स्थिरता तथा गिरती ब्याज दरें आने वाले महीनों में उच्च आर्थिक वृद्धि दर हासिल होने के ठोस संकेतक हैं. देश की आर्थिक वृद्धि दर 2018-19 की चौथी तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही जो पांच साल का न्यूनतम स्तर है.

  • अप्रैल के महीने में खुदरा महंगाई की दर 3.07 प्रतिशत रही

    अप्रैल के महीने में खुदरा महंगाई की दर 3.07 प्रतिशत रही

    अप्रैल के महीने में खुदरा महंगाई की दर 3.07 प्रतिशत रही है जो कि मार्च के महीने में तीन माह के उच्चतम स्तर  पर पहुंच गई 3.18 प्रतिशत से कम है. यह आंकड़े मंगलवार को सरकार की ओर से जारी किए गए हैं. वहीं सोमवार को आए एक और आंकड़े बताते हैं कि खुदरा महंगाई दर पिछले महीने बढ़कर 2.92 प्रतिशत बढ़ गई है.आंकड़ों से एक बार फिर उम्मीद बढ़ी है कि रिजर्व बैंक अगली मौद्रिक नीति में ब्याज दरें घटा सकती है.  

  • एसबीआई ने कर्जदाताओं को दी राहत, ब्याज दर में की 0.05 प्रतिशत की कटौती

    एसबीआई ने कर्जदाताओं को दी राहत, ब्याज दर में की 0.05 प्रतिशत की कटौती

    देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) अपनी ऋण की ब्याज दरों में 0.05 प्रतिशत की मामूली कटौती की है. नई दरें 10 अप्रैल से प्रभावी होंगी.

  • लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम: छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है सरकार

    लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा कदम: छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें बढ़ा सकती है सरकार

    कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) द्वारा 2018-19 के लिए भविष्य निधि जमा पर ब्याज दर 8.55 फीसदी से बढ़कार 8.65 फीसदी करने के प्रस्ताव की घोषणा किए जाने के बाद छोटी बचत योजनाओं पर ब्जाज दरों में संशोधन करने पर विचार किया जा रहा है. बाजार में जहां भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख ब्याज दरों में कटौती के बाद बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है वहां ईपीएफओ ने बाजार के रुखों के बिल्कुल उलट अपने प्रस्ताव की घोषणा की. ब्याज दरों में बदलाव अमल में आने पर इससे पेंशनधारकों, बुजुर्गो, किसानों और मुख्य रूप से छोटी बचतों के ब्याज से प्राप्त आय पर निर्भर रहने वाले लोगों को फायदा होगा.

  • PPF, NCS और अन्‍य छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर 0.4 प्रतिशत बढ़ाई

    PPF, NCS और अन्‍य छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर 0.4 प्रतिशत बढ़ाई

    वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं.

  • मोदी सरकार ने PPF, NCS और अन्‍य छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर बढ़ाई

    मोदी सरकार ने PPF, NCS और अन्‍य   छोटी बचत योजनाओं में ब्‍याज दर बढ़ाई

    लघु बचत योजनाओं के लिए ब्याज दरों को तिमाही के आधार पर संशोधित किया जाता है. वित्तमंत्री ने जारी अधिसूचना में कहा कि वित्त वर्ष 2018-19 की तीसरी तिमाही के लिए विभिन्न लघु बचत योजनाओं की ब्याज दरें संशोधित की जाती हैं. 

  • एसबीआई (SBI) ने बढ़ाई ब्याज दरें (Interest Rates), एफडी (Fixed Deposits FD) पर मिलेगा ज्यादा ब्याज

    एसबीआई (SBI) ने बढ़ाई ब्याज दरें (Interest Rates), एफडी (Fixed Deposits FD) पर मिलेगा ज्यादा ब्याज

    देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने आज से सावधि जमा (Fixed Deposits) के लिए अपनी ब्याज दरें बढ़ाने की घोषणा की है.  एसबीआई की साइट के मुताबिक बैंक ने सभी प्रकार के सावधि जमा पर ब्याज दरें बढ़ाई हैं. इसमें अलग अलग समय पर पूरी हो रही एफडी से लेकर सामान्य नागरिक और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग अलग दरें हैं.

  • अब इस बैंक ने बढ़ाई ब्याज दर, हो गया लोन महंगा

    अब इस बैंक ने बढ़ाई ब्याज दर, हो गया लोन महंगा

    सार्वजनिक क्षेत्र के विजया बैंक ने कोष की सीमांत लागत आधारित ब्याज दर बुधवार को 0.5 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की. विजया बैंक ने शेयर बाजारों को यह जानकारी दी है. इसके अनुसार ब्याज दर में यह बदलाव पांच जुलाई 2018 से प्रभावी होगा. इसके तहत तीन साल की अवधि वाले कर्ज के लिए उधारी दर अब 0.50 प्रतिशत बढ़कर 9.25% हो जाएगी.

  • लोक भविष्य निधि (PPF), अन्य लघु बचत योजनाओं पर ये है मौजूदा ब्याज दर

    लोक भविष्य निधि (PPF), अन्य लघु बचत योजनाओं पर ये है मौजूदा ब्याज दर

    सरकार ने राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र (एनएससी) और लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) समेत लघु बचत योजनाओं पर जुलाई-सितंबर के लिये ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है. लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को तिमाही आधार पर अधिसूचित किया जाता है.

  • PNB के साथ इन बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें, लोन हुआ महंगा

    PNB के साथ इन बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें, लोन हुआ महंगा

    सार्वजनिक क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक ने कोष की सीमांत लागत आधारित ऋण की ब्याज दर (एमसीएलआर) में 0.10% तक की वृद्धि की है. शेयर बाजार को दी जानकारी में बैंक ने बताया कि यह दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं. बैंक ने छह माह की अवधि के ऋण की ब्याज दर में 0.10% वृद्धि की है जो अब 8.40% हो गई है. 

  • एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक ने बढ़ा दी हैं ब्याज दरें, कर्ज हो गया महंगा

    एसबीआई, पीएनबी, आईसीआईसीआई बैंक ने बढ़ा दी हैं ब्याज दरें, कर्ज हो गया महंगा

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक से पहले देश के तीन बड़े बैंकों एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक ने बेंचमार्क ऋण दर यानी कोष की सीमान्त लागत (एमसीएलआर) आधारित दर में 0.1 प्रतिशत की वृद्धि की है. यह दर 1 जून से लागू की गई है. इससे उपभोक्ताओं के लिए कर्ज महंगा हो गया है. 

  • कच्चे तेल के दाम बढ़ने से रिजर्व बैंक अगस्त में दरें बढ़ाने को हो सकता है मजबूर: विश्लेषक

    कच्चे तेल के दाम बढ़ने से रिजर्व बैंक अगस्त में दरें बढ़ाने को हो सकता है मजबूर: विश्लेषक

    कच्चे तेल के दाम बढ़ने का देश में मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है और इससे रिजर्व बैंक अगस्त में होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने पर मजबूर होना पड़ सकता है. एक विदेशी ब्रोकरेज एजेंसी ने यह कहा है. एजेंसी ने कहा है , ‘हालांकि शीर्ष बैंक जून में होने वाली आगामी समीक्षा में यथास्थिति बनाये रख सकता है.’

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखा

    अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने नीतिगत बैठक में ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा. बैंक ने दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. हालांकि बैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति उसके निर्धारित लक्ष्य दो प्रतिशत के करीब है. विश्लेषकों का कहना है कि आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं. 

  • अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

    अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव

    अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने नीतिगत बैठक में ब्याज दर को अपरिवर्तित रखा. बैंक ने दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है. हालांकि बैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति उसके निर्धारित लक्ष्य दो प्रतिशत के करीब है. विश्लेषकों का कहना है कि आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाई जा सकती हैं. 

  • इन बैंकों में मिल रहा FD पर शानदार ब्याज, 9.25% तक भी है दर, जानिए Top 10 बैंक

    इन बैंकों में मिल रहा FD पर शानदार ब्याज, 9.25% तक भी है दर, जानिए Top 10 बैंक

    हर नौकरीपेशा के पास पैसे को बढ़ाने के माध्यम बहुत सीमित हैं. यह सब उसे केवल अपने भविष्य को सुधारने के लिए करना होता है. वह अपने बच्चों, बुजुर्गों और अपने लिए अपनी मेहनत की कमाई से बचाए गए पैसे को सुरक्षित रखने और उसे निरंतर बढ़ाने के लिए प्रयास करता है. ऐसे में नौकरी वाला व्यक्ति पीएफ में तो पैसा लगाता ही है, यह नियमानुसार भी है. लेकिन उससे बचा हुआ पैसा कहां लगाए यह उसकी दूसरी बड़ी चिंता है.

  • इन बैंकों में मिल रहा FD पर शानदार ब्याज, 9.25% तक भी है दर, जानिए Top 10 बैंक

    इन बैंकों में मिल रहा FD पर शानदार ब्याज, 9.25% तक भी है दर, जानिए Top 10 बैंक

    हर नौकरीपेशा के पास पैसे को बढ़ाने के माध्यम बहुत ही सीमित हैं. यह सब उसे केवल अपने भविष्य को सुधारने के लिए करना होता है. वह अपने बच्चों, बुजुर्गों और अपने लिए अपनी मेहनत की कमाई से बचाए गए पैसे को सुरक्षित रखने और उसे निरंतर बढ़ाने के लिए प्रयास करता है. ऐसे में नौकरी वाला व्यक्ति पीएफ में तो पैसा लगाता ही है, यह नियमानुसार भी है. लेकिन उससे बचा हुआ पैसा कहां लगाए यह उसकी दूसरी बड़ी चिंता है.

  • मानसून सामान्य रहने से अगस्त में आरबीआई घटा सकता है दरें: रिपोर्ट

    मानसून सामान्य रहने से अगस्त में आरबीआई घटा सकता है दरें: रिपोर्ट

    गौरतलब है कि मौसम विभाग के अनुसार देश में इस बार मानसून सामान्य रहने का अनुमान लगाया जा रहा है. मानसून दीर्घकालिक औसत के हिसाब से 97 प्रतिशत रहेगा जिसे सामान्य माना जाता है. जून से सितंबर तक की चार महीने की मानसून अवधि में वर्ष के दौरान होने वाली कुल वर्षा का करीब 75 प्रतिशत बरस जाता है.