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'ब्लॉग' - 843 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    श्रीनिवास आप कहानी बन कर मुझ तक आए, आपकी कहानी लोगों तक पहुंचा रहा हूं

    पिता का नाम भारत के पहले कार्डियोलॉजिस्ट का नाम है. डॉ. श्रीनिवास. आज के समस्तीपुर के गढ़सिसाई गांव के रहने वाले थे. 1932 में समस्तीपुर के किंग एडवर्ड इंगलिश हाईस्कूल से आठवीं तक पढ़े. पटना साइंस कालेज आए. प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से 1944 में एमबीबीसी की पढ़ाई की. अब यह कॉलेज पीएमसीएच के नाम से जाना जाता है. स्वर्ण पदक हासिल किया. 1948 में एला लैमन काबेट फेलोशिप लेकर हार्वर्ड जाते हैं. वहां से डॉक्टर ऑफ मेडिसिन, डॉक्टर ऑफ साइंस की डिग्री लेते हैं.

  • तीन तलाक़ पर आपने जो भी राय बनाई है, वह राय कहां से पाई है

    तीन तलाक़ पर आपने जो भी राय बनाई है, वह राय कहां से पाई है

    अगर आपने अपनी राय चाहे पक्ष में हो या विपक्ष में न्यूज़ चैनलों के आधार पर बनाई है तो आपको शर्म आनी चाहिए. इतने बड़े सार्वजनिक मसले पर आपने राय बनाने के लिए कोई परिश्रम नहीं की. तीन तलाक़ पर कितनी बहस हुई है. न्यूज़ चैनलों पर हर दूसरी तीसरी शाम इस विषय पर डिबेट चला है. संसद में हुई है. सुप्रीम कोर्ट में हुई है. यह आपके विवेक के सम्मान का प्रश्न है. आप अपने विवेक को कैसे समृद्ध करते हैं, इसके लिए कितना श्रम करते हैं, इस पर निर्भर करता है कि आप किसी सार्वजनिक मसले में हिस्सेदारी से पहले कितनी मेहनत करते हैं. यह सवाल मोदी समर्थकों से भी है और मोदी विरोधियों से भी है.

  • बिहार में जल्दी आने वाला है ‘नीतीश सूखा’, लग रहे हैं हजारों सबमर्सिबल पंप

    बिहार में जल्दी आने वाला है ‘नीतीश सूखा’, लग रहे हैं हजारों सबमर्सिबल पंप

    जिस तरह चक्रवाती तूफानों के नाम होते हैं उसी तरह अब सूखे का भी नाम रखना चाहिए. मैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम पर ‘नीतीश सूखा’ रखना चाहता हूं. ‘नीतीश सूखा’ वह सूखा है जो राज्य सरकार की हज़ारों सबमर्सिबल पंप लगाने की नीति से आ चुका है या आने वाला है.

  • योग दिवस पर एक छोटा सा संवाद

    योग दिवस पर एक छोटा सा संवाद

    जीवन शैली बदलिए. क्या वो आपके बस में है? अगर नहीं तो योग आपके बस में नहीं हो सकता? फिर भी योग करते रहिए. सेल्फी के लिए नहीं, सेल्फ के लिए. अभ्यास से आगे जाइये. योग का सच्चा साधक आत्म प्रचार नहीं करता. वह भीड़ नहीं बनाता है. वह एकांत प्राप्त करता है.

  • बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यथा-कथा

    बिहार के सरकारी अस्पतालों की व्यथा-कथा

    आज बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने एक ट्वीट किया है कि राबड़ी देवी बताएं, उनके शासन में मेडिकल कॉलेजों की क्या स्थिति थी. यह सुनकर किसी को भी लग सकता है कि राबड़ी देवी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद काफी कुछ सुधार हुआ होगा.

  • क्या विश्वविद्यालयों से देश को ख़तरा है?

    क्या विश्वविद्यालयों से देश को ख़तरा है?

    उत्तर प्रदेश की योगी सरकार छात्रों को देशभक्त बनाने के लिए एक अध्यादेश लेकर आई है. उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अध्यादेश नाम के इस कानून के मुताबिक विश्वविद्यालयों में अगर राष्ट्र विरोधी गतिविधियां हुईं तो उन पर कार्रवाई हो सकती है, उनकी मान्यता भी खतरे में पड़ सकती है.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    रवीश कुमार का ब्लॉग: बिहार में बच्चों की मौत पर रिपोर्टिंग करती टीवी पत्रकारिता को टेटेनस हो गया

    आम तौर पर तीन बेड पर एक डॉक्टर होना चाहिए. अगर 1500 बेड की बात कर रहे हैं तो करीब 200-300 डॉक्टर तो चाहिए ही नहीं. बेड बनाकर फोटो खींचाना है या मरीज़ों का उपचार भी करना है. जिस मेडिकल कालेज की बात कर गए हैं वहां मेडिकल की पढ़ाई की मात्र 100 सीट है. 2014 में हर्षवर्धन 250 सीट करने की बात कर गए थे. यहां सीट दे देंगे तो प्राइवेट मेडिकल कालेजों के लिए शिकार कहां से मिलेंगे. गेम समझिए. इसलिए नीतीश कुमार की घोषणा शर्मनाक और मज़ाक है. अस्पताल बनेगा उसकी घोषणा पर मत जाइये. देश में बहुत से अस्पताल बन कर तैयार हैं मगर चल नहीं रहे हैं. गली-गली में खुलने वाले एम्स की भी ऐसी ही हालत है.

  • बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था कब तक बीमार रहेगी?

    बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था कब तक बीमार रहेगी?

    बिहार के मुज़फ्फरपुर ज़िले में 109 बच्चों की मौत हो चुकी है. यह आधिकारिक आंकड़ा है. मीडिया में आंकड़ा तो 130 पार कर गया है. जब तक हम पूरे बिहार के हेल्थ सिस्टम और बजट को नहीं समझेंगे, बड़े सवाल नहीं करेंगे. श्री कृष्ण मेडिकल कालेज अस्पताल के कुछ वीडियो लेकर तड़क भड़क करने से कुछ नहीं होगा. आप अभी भी स्वास्थ्य से जुड़े असली मसलों से भाग रहे हैं. यह एक दिन का मामला नहीं है.

  • असदुद्दीन ओवैसी को देख इन्हें याद आती है भारत माता...!

    असदुद्दीन ओवैसी को देख इन्हें याद आती है भारत माता...!

    लोकसभा में असदुद्दीन ओवैसी जब शपथ लेने के लिए आए, तो BJP सांसदों ने 'वन्दे मातरम्' और 'भारत माता की जय'के नारे लगाने शुरू कर दिए. असदुद्दीन ओवैसी हमेशा की तरह ज़्यादा समझदार निकले और उन्होंने हाथ से इशारा किया कि और ऊंची आवाज़ में यह नारे लगाए जाएं.

  • सामंती घोड़ों पर सवार हमारे लोकतंत्री नवाब

    सामंती घोड़ों पर सवार हमारे लोकतंत्री नवाब

    केंद्र में उपप्रधानमंत्री तथा राज्यों में एक-एक उपमुख्यमंत्री के बारे में तो हम लोग सुनते आए थे, लेकिन एक राज्य में पांच उपमुख्यमंत्री- यह आंध्र प्रदेश ने हमें पहली बार दिखाया है. और ऐसा तब है, जब इस पदनाम के रूप में न उनके पास कोई अतिरिक्त अधिकार होंगे, न किसी तरह की भी कोई विशेष सुविधा, तो फिर ऐसा क्यों है...?

  • अमिताभ बच्चन ने की बिहार के 2100 किसानों की मदद, चुकाया उनका इतना लोन

    अमिताभ बच्चन ने की बिहार के 2100 किसानों की मदद, चुकाया उनका इतना लोन

    अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने इस बार बिहार के 2100 किसानों का लोन चुकाया है. इस बात की जानकारी उन्होंने ब्लॉग लिखकर दी है.

  • गिरीश कर्नाड प्रतिरोध का व्याकरण थे, जो हम भूलते जा रहे हैं...

    गिरीश कर्नाड प्रतिरोध का व्याकरण थे, जो हम भूलते जा रहे हैं...

    गिरीश कर्नाड की कुछ अंतिम मार्मिक छवियां उन प्रतिरोध सभाओं से बनती हैं, जहां वह कभी 'मैं भी अर्बन नक्सल' और कभी 'नॉट इन माई नेम' की तख़्ती लगाकर पहुंचे दिखाई पड़ते थे. 80 साल की उम्र में अपनी लगातार बड़ी होती शारीरिक व्याधियों के बीच वह अगर इन सभाओं में लंबी दूरी तय कर पहुंचते थे, तो इसलिए नहीं कि उनमें किसी तात्कालिक राजनीतिक प्रतिरोध का शौक या जुनून था, बल्कि इसलिए कि वह जिस बहुलता, विविधता और स्वतंत्रता को भारतीय चेतना का मूल्य मानते रहे, उस पर बढ़ रहे खतरे का उन्हें गंभीरता से एहसास था.

  • सेक्रेटरी शीतल जैन के अंतिम संस्कार में पहुंचे अमिताभ बच्चन, अभिषेक और ऐश्वर्या राय भी आए नजर...देखें Photos

    सेक्रेटरी शीतल जैन के अंतिम संस्कार में पहुंचे अमिताभ बच्चन, अभिषेक और ऐश्वर्या राय भी आए नजर...देखें Photos

    शीतल जैन (Sheetal Jain) के गुजरने पर 'बिग बी' काफी उदास नजर आए, उन्होंने अपनी ये संवेदनाएं अपने ब्लॉग में भी जताईं. ब्लॉग पर अपने सेक्रेट्री के बारे में लिखते हुए अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने बताया 'इन्होंने करीब 40 साल से मेरे कामों का बोझ अपने ऊपर लिया हुआ था.

  • काम के लंबे घंटे और वर्किंग हॉलिडे, अलग है अमित शाह का गृह मंत्रालय

    काम के लंबे घंटे और वर्किंग हॉलिडे, अलग है अमित शाह का गृह मंत्रालय

    दिल्ली में नॉर्थ ब्लॉक में स्थित गृह मंत्रालय में काम के घंटे बढ़ गए हैं. ऐसा इसलिए नहीं हुआ कि गर्मी के दिन काफी लंबे होते हैं, बल्कि इसकी वजह गृह मंत्री की बहुत ज्यादा काम करने की प्रवृति है. अमित शाह सोमवार, मंगलवार और बुधवार को सुबह 10 बजे से पहले ही अपने कार्यालय पहुंच गए. गुरुवार को भी वे सुबह 9.40 बजे पहुंचे और देर तक रुके. मैं बीते एक दशक से गृह मंत्रालय को कवर कर रही हूं और चार गृह मंत्रियों को देखा है. अमित शाह ऐसे पहले गृह मंत्री हैं जो अपना पूरा दिन ऑफिस में बिताने हैं और रात 8 बजे के बाद निकलते हैं.

  • कांग्रेस की कलह रोकने के लिए जल्द बनाना होगा नया अध्यक्ष

    कांग्रेस की कलह रोकने के लिए जल्द बनाना होगा नया अध्यक्ष

    कांग्रेस से यह खबर आ रही है कि राहुल गांधी से अलग पार्टी किसी और को अध्यक्ष बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है और नए पार्टी अध्यक्ष की खोज भी शुरू हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की माने तो पार्टी का नया अध्यक्ष गैर गांधी होगा यानी नए अध्यक्ष का गांधी परिवार से कोई लेना देना नहीं होगा. साथ ही अगले दो से तीन महीनों में इसकी घोषणा की जाएगी.

  • मोदी और शाह- दो बाघ, एक पहाड़, राजनाथ कहां छूटे?

    मोदी और शाह- दो बाघ, एक पहाड़, राजनाथ कहां छूटे?

    "एक पहाड़ पर दो बाघ नहीं हो सकते." क्या यह चीनी कहावत नरेन्द्र मोदी की हाल ही में शुरू हुई दूसरी पारी की खासियत बनने जा रही है? या फिर मोदी और अमित शाह इसे गलत साबित करेंगे?

  • छह महीने में मिलेंगे कॉलेजों को दो लाख नए शिक्षक, उनकी योग्यता को लेकर रहिए सतर्क

    छह महीने में मिलेंगे कॉलेजों को दो लाख नए शिक्षक, उनकी योग्यता को लेकर रहिए सतर्क

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश के सभी वाइस चांसलरों से कहा है कि वह छह महीने के भीतर ख़ाली पदों को भर दें. अगर ऐसा हुआ तो छह महीने के भीतर दो लाख से अधिक लोगों को यूनिवर्सिटी में नौकरी मिलेगी.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : जेम्स बॉन्ड को मालूम है, बंगाल में 370 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का ख़रीदार कौन है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : जेम्स बॉन्ड को मालूम है, बंगाल में 370 करोड़ के इलेक्टोरल बॉन्ड का ख़रीदार कौन है

    क्या ऐसा हो सकता है कि कई सारी अज्ञात शक्तियां, देसी और विदेशी, एक पार्टी के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड ख़रीदती हैं. वह पार्टी उस बॉन्ड के पैसे से कुछ प्रभावशाली लोगों को ख़रीद लेती है और वो लोग उन वोटरों को जो दो से तीन हज़ार के नोट के लिए वोट बेचने के लिए तैयार बैठे हैं.