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'ब्लॉग' - 886 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • क्या नेहरू युवा केंद्र के 300 प्रोग्राम कोर्डिनेटर निकाले जा रहे हैं?

    क्या नेहरू युवा केंद्र के 300 प्रोग्राम कोर्डिनेटर निकाले जा रहे हैं?

    कल कई कोर्डिनेटरों ने मुझे मैसेज पर मैसेज करना शुरू कर दिया. ज़ाहिर है किसी की नौकरी जाएगी तो परेशान होगा. जब चुनाव आया तो मिनिरत्न कंपनी बेसिल के ज़रिए 300 कार्यक्रम समन्वयक की नियुक्ति होती है. 1500 रुपये का फार्म ख़रीदा था इन युवाओं ने. ऑनलाइन परीक्षा दी और इंटरव्यू दिया. तब जाकर 3 साल के कांट्रेक्ट की नौकरी पर हुआ. इनकी सैलरी 31000 फिक्स हुई. अब इनकी आशंका है कि सरकार निकाल रही है क्योंकि चुनाव हो गया है. कांट्रेक्ट के तीन साल भी नहीं हुए हैं. उन्हीं के मैसेज के आधार पर लिख रहा हूं.

  • एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    एक डॉक्टर और उसका कश्मीर, एक पत्रकार और उसका हिन्दी प्रदेश

    अचानक दरवाज़ा खुला और एक शख़्स सामने आकर खड़ा हो गया. कंधे पर आला लटका हुआ था. नाम बताने और फैन कहने के कुछ अधूरे वाक्यों के बीच वह फफक पड़ा. पल भर में संभाला, लेकिन तब तक आंखों से आंसू बाहर आ चुके थे.

  • इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    इंसाफ़ के पहलू, अमेरिका का लिंचिंग म्यूज़ियम

    भारत माता की जय करने वालों ने आरोपी का ख़्याल रखा, रखना भी चाहिए लेकिन जो मारा गया वो उनके जय के उद्घोष से बाहर कर दिया गया. आरोपी बरी हुए हैं, पहलू ख़ान को इंसाफ़ नहीं मिला है. हमारी पब्लिक ओपिनियन में इंसाफ़ की ये जगह है. जिसकी हत्या होगी उस पर चुप रहा जाएगा, आरोपी बरी होंगे तो भारत माता की जय कहा जाएगा. सब कुछ कितना बदल गया है. भारत माता की जय. भारत माता ने जयकारा सुनकर ज़रूर उस पुलिस की तरफ देखा होगा जो दो साल की तफ्तीश के बाद इंसाफ नहीं दिला सकी. पुलिस ने किस तरफ देखा होगा, ये बताने की ज़रूरत नहीं है.

  • नैरेटिव नेशनलिज़्म में फंसा नौजवान नौकरी के लिए व्हाट्सऐप क्यों करता है?

    नैरेटिव नेशनलिज़्म में फंसा नौजवान नौकरी के लिए व्हाट्सऐप क्यों करता है?

    मैं यही सोचता हूं कि जब उनके पीछे इतनी संख्या है तो फिर उनकी बात क्यों नहीं सुनी जा रही है. क्यों वे इतने परेशान हैं और महीनों बाद भी उनकी समस्या जस की तस है. बहुत दिनों से सीजीएल 2017 के पीड़ित छात्र लिखते रहते हैं.

  • कश्मीर से रिपोर्टर का ब्लॉग : कर्फ्यू पास के बिना चेकपोस्टों के बीच भटकती जिन्दगी...

    कश्मीर से रिपोर्टर का ब्लॉग : कर्फ्यू पास के बिना चेकपोस्टों के बीच भटकती जिन्दगी...

    दो-देशों की थ्योरी को खारिज करने और भारतीय संघ से जुड़ने के फैसले के तहत लोगों को संवैधानिक गारंटियां दी गई थीं, वे अब नदारद हो गई हैं. भारत और पाकिस्तान के संप्रभु राष्ट्र बनने से भी पहले से संप्रभु राष्ट्र के रूप में मौजूद कश्मीर अब संप्रभु नहीं रहा है- वह अब एक केंद्रशासित प्रदेश है. रातोंरात इसने अपना झंडा, संविधान और दंड संहिता - रणबीर दंड संहिता (RPC) खो दिए हैं.

  • सुषमा स्वराज बीजेपी की ही रहीं, कभी केंद्र में, तो कभी हाशिये पर

    सुषमा स्वराज बीजेपी की ही रहीं, कभी केंद्र में, तो कभी हाशिये पर

    राजनीति की दुनिया की रिश्तेदारियां लुभाती भी हैं और दुखाती भी हैं. उसकी कशिश को समझना मुश्किल है. पक्ष और विपक्ष का बंटवारा इतना गहरा होता है कि अक्सर इस तरफ के लोग उस तरफ के नेता में अपना अक्स खोजते हैं. लगता है कि वहां भी कोई उनके जैसा हो. यह कमी आप तब और महसूस करते हैं जब राजनीतिक विरोध दुश्मनी का रूप लेने के दौर में पहुंच जाए. सुषमा स्वराज को आज उस तरफ के लोग भी मिस कर रहे हैं. उनके निधन पर आ रही प्रतिक्रियाओं में यह बात अक्सर उभरकर आ रही है कि वे पुराने स्कूल की नेता थीं. नए स्कूल के साथ चलती हुई सुषमा स्वराज पुराने स्कूल वाली नेता क्यों किसी को लग रही थीं. वो अपने पीछे बहुत गहरा सवाल छोड़ गईं हैं.

  • सुषमा स्वराज के होने के मायने

    सुषमा स्वराज के होने के मायने

    सुषमा स्वराज इस देश के लाखों- बल्कि करोड़ों- लोगों की प्रिय नेता रहीं. वे शायद हाल के वर्षों की सबसे अच्छी वक्ता भी थीं. उनकी वक्तृता शैली अपनी सहजता और शुद्धता में वाजपेयी की ठहराव भरी नाटकीयता को मात करती थी और उसमें नरेंद्र मोदी की शैली वाली सत्ता की हनक नहीं थी. वे सरल और सहज थीं- हालांकि सरलता और सहजता की भी अपनी जटिलताएं और वक्रताएं होती हैं- इस बात को बहुत सारे दूसरे लोगों की तरह वो प्रमाणित करती थीं.

  • आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    आर्टिकल 370 पर संसद में निराश किया कांग्रेस ने

    जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में भी पास हो गया. राज्यसभा में सोमवार को पास हो गया था. गृह मंत्रालय का विधेयक था इसलिए दोनों ही दिन अमित शाह के रहे. प्रधानमंत्री दोनों दिन मौजूद रहे मगर वे सुनते ही रहे. खबर है कि वे देश को संबोधित करेंगे. अमित शाह ने पूरी तैयारी के साथ भाषण दिया. दोनों दिनों का भाषण एक जैसा ही था फिर भी विपक्ष उन्हें प्रभावशाली तरीके से घेर नहीं सका. शशि थरूर ने सरदार पटेल को लेकर अपनी बात रखी कि धारा 370 पर नेहरू और पटेल सबके दस्तखत थे. कांग्रेस भीतर से बंटती चली गई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ज़रूर संवैधानिक प्रक्रियाओं का सवाल उठाया है लेकिन उन्होंने भी सरकार के विधेयक का समर्थन किया है.

  • क्या कश्मीर को सबने मिलकर हिन्दू-मुसलमान ही बना डाला!

    क्या कश्मीर को सबने मिलकर हिन्दू-मुसलमान ही बना डाला!

    कई दिनों से कुछ लिखा नहीं, लिखना चाहता भी नहीं ... फिर भी यही आता है खुद को व्यक्त करने के लिए ... शब्द एक ही है ... हतप्रभ हूं ...कश्मीर को सबने मिलकर हिन्दू-मुसलमान ही बना डाला. ज्ञान के भंडार खुल गए 370 से लेकर 35 ए तक ...संविधान निर्माता, संविधान विशेषज्ञ से लेकर अदालती तर्क आने लगे ...बुनियादी सवाल बचे रहे ...ख़ैर लौटना होगा उस पर ... एक बात समझ लें, लोकतंत्र में हर बात लोकतांत्रिक तरीक़े से हो ज़रूरी नहीं ...इसलिए सरकार ने सदन से कैसे मंज़ूरी ली, जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल ने इजाज़त दी मुख्यमंत्री से लेनी चाहिए जैसी बातों के मायने हैं, लेकिन हो ये सरकार ने जता दिया कि ज़रूरी नहीं.

  • रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    रवीश कुमार का ब्लॉग : कश्मीर ताले में बंद है, कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है

    कश्मीर ताले में बंद है. कश्मीर की कोई ख़बर नहीं है. शेष भारत में कश्मीर को लेकर जश्न है. शेष भारत को कश्मीर की ख़बर से मतलब नहीं है. एक का दरवाज़ा बंद कर दिया गया है. एक ने दरवाज़ा बंद कर लिया है. जम्मू कश्मीर और लद्दाख का पुनर्गठन विधेयक पेश होता है. ज़ाहिर है यह महत्वपूर्ण है और ऐतिहासिक भी. राज्यसभा में पेश होता है और विचार के लिए वक्त भी नहीं दिया जाता है. जैसे कश्मीर बंद है वैसे संसद भी बंद थी. पर कांग्रेस ने भी ऐसा किया था इसलिए सबने राहत की सांस ली. कांग्रेस ने बीजेपी पर बहुत अहसान किया है.

  • Samsung Galaxy J3 (2017) को कुछ मार्केट में एंड्रॉयड पाई मिलने की खबर

    Samsung Galaxy J3 (2017) को कुछ मार्केट में एंड्रॉयड पाई मिलने की खबर

    Samsung Galaxy J3 (2017) के लिए यह एंड्रॉयड पाई अपडेट रूस और वियतनाम में रोलआउट किया जा रहा है। एंड्रॉयड ब्लॉग गेटड्रॉडटिप्स की मानें तो अपडेट का बिल्ड नंबर J330FXXU3CSG6 और J330GDXU3CSG7 है।

  • नौकरियां जा रही हैं तो कोई बता क्यों नहीं रहा, मंदी है तो कहां है मंदी?

    नौकरियां जा रही हैं तो कोई बता क्यों नहीं रहा, मंदी है तो कहां है मंदी?

    अर्थव्यवस्था के आकार के मामले में भारत का स्थान फिसल गया है. 2018 में भारत पांचवे नंबर पर आ गया था अब फिर से सातवें नंबर पर आ गया है. 31 जुलाई के बिजनेस स्टैंडर्ड में ख़बर छपी है कि 2018 में भारत ने ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवी बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान प्राप्त किया था. 2017 में भारत की अर्थव्यवस्था का आकार 2.65 ट्रिलियन डॉलर का था. ब्रिटेन का 2.64 ट्रिलियन डॉलर का था और फ्रांस का 2.59 ट्रिलियन डॉलर का.

  • सुनील ग्रोवर कभी महीने भर में कमाते थे 500 रुपये, आज जीते हैं ऐसी लाइफ- जानें खास बातें

    सुनील ग्रोवर कभी महीने भर में कमाते थे 500 रुपये, आज जीते हैं ऐसी लाइफ- जानें खास बातें

    सुनील ग्रोवर (Sunil Grover) ने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातों का खुलासा किया. इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मैं हमेशा से एक्टिंग और लोगों का मनोरंजन करने में अच्छा था. मुझे याद है कि 12वीं क्लास में मैंने एक ड्रामा प्रतियोगिता में भाग लिया था, जिसमें एक मुख्य अतिथि ने मुझसे कहा, 'मुझे इसमें पार्टिसिपेट नहीं करना चाहिए था.

  • Samsung Galaxy Tab S6 और Galaxy Watch Active 2 इस दिन होंगे लॉन्च

    Samsung Galaxy Tab S6 और Galaxy Watch Active 2 इस दिन होंगे लॉन्च

    नए टीज़र और ब्लॉग में Samsung Galaxy Tab S6 और Galaxy Watch Active 2 की झलक मिलती है। लेकिन कहीं भी इन डिवाइस के नाम का ज़िक्र नहीं है।

  • यह कविता उन्नाव पर नहीं, चुनाव पर है

    यह कविता उन्नाव पर नहीं, चुनाव पर है

    देश में इस वक्त उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुआ सड़क हादसा चर्चा में है, क्योंकि उसके रेप का ताकतवर आरोपी जेल में है, और हादसे में रेप पीड़िता की मौसी और चाची की मौत हो गई, जबकि पीड़िता का वकील और वह खुद गंभीर रूप से ज़ख्मी हुए हैं. फिलहाल रेप पीड़िता वेंटिलेटर पर है, और ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रही है. यह मुद्दा लोकसभा में भी हंगामे की वजह बना. इसी मुद्दे पर अपनी पीड़ा को अपने फेसबुक पेज पर व्यक्त किया है रवीश कुमार ने...

  • क्या स्कूल में श्रम करना अपराध है...?

    क्या स्कूल में श्रम करना अपराध है...?

    बुनियादी तालीम इस जमाने में बीते दिनों की बात ही लगती है, क्योंकि इसमें श्रम पर जोर दिया गया है. खेती, किसानी, साफ-सफाई, खाना बनाने, सिलाई, कढ़ाई, चित्रकारी और बहुत सारी गतिविधियों पर जोर दिया गया है, अब ये काम यदि स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कर लिए जाएं, तो अख़बार या टीवी चैनल की ख़बर बनते देर नहीं लगेगी.

  • अमिताभ बच्चन ने खोल दिया राज, यूं मिला उन्हें 'बच्चन' सरनेम

    अमिताभ बच्चन ने खोल दिया राज, यूं मिला उन्हें 'बच्चन' सरनेम

    अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने बताया कि उनके पिता जाति प्रथा के घोर विरोधी थे. अमिताभ बच्चन अपने ब्लॉग में लिखते हैं, 'बाबूजी का जन्म कायस्थ परिवार में हुआ और श्रीवास्तव सरनेम था...'

  • सुधीर जैन का ब्लॉग: बाढ़ से ज्यादा सूखे का भय

    सुधीर जैन का ब्लॉग: बाढ़ से ज्यादा सूखे का भय

    नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक 28 जुलाई तक देश में बारिश का आलम यह है कि देश के 53 फीसदी भूभाग पर पानी बहुत कम गिरा है. देश के स्तर पर औसत से 10 फीसदी कम बारिश हो, तो सरकारी मौसम विभाग उसे डैफिशिएंट, यानी जलन्यून वर्षा मानता है. 28 जुलाई तक देश में हुई कुल वर्षा औसत से 13 फीसदी कम है, और अगर संभागीय और उपसंभागीय स्तर पर उतरकर झांकें, तो देश के कुल 36 उपसंभागों में 18 उपसंभाग 19 फीसदी से भी बड़ी जलन्यूनता से जूझ रहे हैं.