NDTV Khabar

भारतीय वैज्ञानिक


'भारतीय वैज्ञानिक' - 95 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा: विजयराघवन

    भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा: विजयराघवन

    केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के. विजयराघवन ने शुक्रवार को कहा कि भारत में कोविड-19 टीका विकसित करने वालों को ‘‘कठिन मूल्यांकन प्रक्रिया’’ से गुजरना होगा और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा. विजयराघवन ने अपने इस बयान से यह संकेत दिया है कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)-भारत बायोटेक द्वारा विकसित टीके के 15 अगस्त तक आने की संभावना कम है.

  • टीका विकसित करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि PM मोदी स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा कर सकें: सीताराम येचुरी

    टीका विकसित करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है, ताकि PM मोदी स्वतंत्रता दिवस पर घोषणा कर सकें: सीताराम येचुरी

    माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने शनिवार को आरोप लगाया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) कोरोना वायरस का टीका बनाने की प्रक्रिया तेज करने की कोशिश कर रही है, ताकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वतंत्रता दिवस पर इसके संबंध में घोषणा कर सकें. उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान 'आदेश के अनुसार' नहीं किया जा सकता. आईसीएमआर ने कोविड-19 का स्वदेशी टीका चिकित्सकीय उपयोग के लिए 15 अगस्त तक उपलब्ध कराने के मकसद से चुनिंदा चिकित्सकीय संस्थाओं और अस्पतालों से कहा है कि वे भारत बॉयोटेक के सहयोग से विकसित किए जा रहे संभावित टीके ‘कोवैक्सीन’ को परीक्षण के लिए मंजूरी देने की प्रक्रिया तेज करें.

  • भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर रतन लाल को मिला 2020 का 'विश्व खाद्य पुरस्कार'

    भारतीय मूल के मृदा वैज्ञानिक डॉक्टर रतन लाल को मिला 2020 का 'विश्व खाद्य पुरस्कार'

    विश्व खाद्य पुरस्कार फाउंडेशन ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि डॉक्टर लाल ने चार महाद्वीपों तक फैले और अपने पांच दशक से अधिक के करियर में मिट्टी की गुणवत्ता को बचाए रखने की नवीन तकनीकों को बढ़ावा देकर 50 करोड़ से अधिक छोटे किसानों की आजीविका को लाभ पहुंचाया है, दो अरब से ज्यादा लोगों की खाद्य एवं पोषण सुरक्षा में सुधार किया है.

  • दिल्ली-NCR में बार-बार भूकंप (Earthquake): क्या किसी खतरे का संकेत? इस सवाल पर भारतीय वैज्ञानिक का जवाब

    दिल्ली-NCR में बार-बार भूकंप (Earthquake): क्या किसी खतरे का संकेत? इस सवाल पर भारतीय वैज्ञानिक का जवाब

    Earthquake Delhi NCR Today: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाके में अप्रैल के महीने से 8 जून तक 7 बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं. एक ओर जहां कोरोना संक्रमण की वजह से लोग घरों में रहने के लिए मजबूर हैं. वहीं बार-बार आ रहे भूकंप के झटके लोगों में दहशत फैला रहे हैं. हालांकि अभी तक जितनी बार भी भूकंप आए हैं उनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर काफी कम आंकी गई है. बीते अप्रैल महीने से अब तक के आए भूकंप की बात करें तो सबसे अधिक तीव्रता वाला झटका 29 मई को लगा था. रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.2 आंकी गई थी. वहीं इस बीच 12 अप्रैल और 13 अप्रैल को लगतार दो दिन आए भूकंप झटकों ने काफी डरा दिया था. लोगों के मन में इस बात के सवाल उठ रहे थे कि क्या बार-बार डोल रही धरती किसी खतरे की ओर से इशारा कर रही है. 

  • कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद इसके लक्षण नहीं दिखाने वाले लोगों का अध्‍ययन करेगा ICMR

    कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद इसके लक्षण नहीं दिखाने वाले लोगों का अध्‍ययन करेगा ICMR

    भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् (ICMR) के वैज्ञानिक यह अध्ययन जल्द से जल्द करना चाहते हैं. सूत्रों ने कहा कि जिन जिलों में आबादी ज्यादा है और जहां अंतरराज्यीय आवाजाही अधिक है, वहां के लोगों को अध्ययन के लिए चुना जाएगा ताकि संबंधित राज्य का प्रतिनिधित्व हो जाए.

  • भारतीय मूल के नोबेल विजेता वैज्ञानिक होंगे ब्रिटेन के COVID-19 विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष

    भारतीय मूल के नोबेल विजेता वैज्ञानिक होंगे ब्रिटेन के COVID-19 विशेषज्ञ समूह के अध्यक्ष

    Coronavirus: भारतीय मूल के वैज्ञानिक और नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर वेंकी रामकृष्णन ब्रिटेन में उच्च स्तरीय विशेषज्ञों की एक समिति के अध्यक्ष बनाए गए हैं जो विश्व भर से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने और इस महामारी के दूरगामी समाधान की खोज करेगी. प्रोफेसर रामकृष्णन विश्व की सबसे पुरानी स्वतंत्र वैज्ञानिक अकादमी ‘द रॉयल सोसाइटी’ के अध्यक्ष भी हैं.

  • कोरोना वायरस (Coronavirus) को लेकर ICMR के वैज्ञानिक की ये बातें जानना हर भारतीय के लिए बेहद जरूरी

    कोरोना वायरस (Coronavirus) को  लेकर ICMR के वैज्ञानिक की ये बातें जानना हर भारतीय के लिए बेहद जरूरी

    भारतीय अनुसंधान परिषद (ICMR) के वरिष्ठ वैज्ञानिक रमन आर गंगाखेडकर ने कहा है कि लॉकडाउन का फैसला और उसका जो समर्थन मिला है, उसने बीमारी फैलने से रोका है. NDTV से बातचीत में उन्होंने कहा कि अगर सही से लड़ना है तो सामान्य बीमारी सर्दी खांसी, बुखार में घर से निकलने से बचे हैं,

  • आज का इतिहास: आज के दिन अंटार्कटिका पहुंचा था भारत का पहला वैज्ञानिक अभियान दल

    आज का इतिहास: आज के दिन अंटार्कटिका पहुंचा था भारत का पहला वैज्ञानिक अभियान दल

    धरती के चरम दक्षिण में स्थित बर्फीले अंटार्कटिक महाद्वीप पर पहला भारतीय अभियान दल नौ जनवरी 1982 को पहुंचा. यह भारत के लिए एक बड़ी भूराजनीतिक उपलब्धि थी.

  • आज का इतिहासः जब मैरी क्यूरी और उनके पति पियरे ने की थी रेडियम की खोज

    आज का इतिहासः जब मैरी क्यूरी और उनके पति पियरे ने की थी रेडियम की खोज

    21 दिसंबर के इतिहास की बात करें तो आज ही के दिन 1952 में सैफुद्दीन किचलू तत्कालीन सोवियत संघ का लेनिन शांति पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बने थे. यही नही यह दिन विज्ञान जगत के लिए बेहद अहम रहा है. वर्ष 1898 में 21 दिसम्बर को मैरी क्यूरी और उनके पति पियरे ने रेडियम की खोज की थी.

  • C V Raman: सीवी रमन को 'रमन प्रभाव' के लिए मिला था नोबेल पुरस्कार, जानिए 5 बातें

    C V Raman: सीवी रमन को 'रमन प्रभाव' के लिए मिला था नोबेल पुरस्कार, जानिए 5 बातें

    वैज्ञानिक सीवी रमन की आज पुण्यतिथि (C.V. Raman Death Anniversary) है. भौतिक-शास्त्री सीवी रमन (C.V. Raman) को प्रकाश के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्य के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया था. वह एक मात्र भारतीय हैं जिन्हें विज्ञान का नोबेल पुरस्कार प्राप्त है. विज्ञान के क्षेत्र में भारत को ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका काफी बड़ा योगदान रहा है. अपनी खोज 'रमन प्रभाव' के लिए सीवी रमन (CV Raman) को दुनिया भर में जाना जाता है. इस खोज के लिए उन्हें विश्व प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. आज रमन प्रभाव के सहारे वैज्ञानिक कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं. सीवी रमन को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था. उन्हें वर्ष 1929 में नाइटहुड, वर्ष 1954 में भारत रत्न और वर्ष 1957 में लेनिन शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. आइये जानते हैं सीवी रमन से जुड़ी 5 बातें...

  • C V Raman: सीवी रमन यूं बने विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय

    C V Raman: सीवी रमन यूं बने विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार हासिल करने वाले पहले भारतीय

    वैज्ञानिक सीवी रमन की जयंती (C.V. Raman Jayanti) हर साल 7 नवंबर को मनाई जाती हैं. सीवी रमन (CV Raman) पहले भारतीय थे जिन्हें विज्ञान के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) से सम्मानित किया गया था. सर सीवी रमन (CV Raman) का जन्‍म ब्रिटिश भारत में तत्‍कालीन मद्रास प्रेजीडेंसी (तमिलनाडु) में सात नवंबर 1888 को हुआ था. उनके पिता गणित और भौतिकी के प्राध्यापक थे.

  • APJ Abdul Kalam: दूसरी बार राष्ट्रपति बनने को तैयार थे अब्दुल कलाम, इस वजह से हटे थे पीछे, जानिए 10 बातें

    APJ Abdul Kalam: दूसरी बार राष्ट्रपति बनने को तैयार थे अब्दुल कलाम, इस वजह से हटे थे पीछे, जानिए 10 बातें

    पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम (Dr APJ Abdul Kalam) की जयंती 15 अक्टूबर को मनाई जाती है. अब्दुल कलाम का जन्म (APJ Abdul Kalam Birthday) 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में हुआ था. मिसाइल मैन अब्दुल कलाम (Missile Man Abdul Kalam) भारत के 11वें राष्ट्रपति और जाने माने वैज्ञानिक थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र को समर्पित कर दिया था. उन्होंने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक के रूप में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में काम किया.

  • संभाजी भिड़े के बारे में जाने सब कुछ जिन्होंने पीएम मोदी के बुद्ध वाले बयान का किया विरोध

    संभाजी भिड़े के बारे में जाने सब कुछ जिन्होंने पीएम मोदी के बुद्ध वाले बयान का किया विरोध

    संयुक्त राष्ट्र महासंघ की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के बयान 'भारत ने दुनिया को युद्ध नहीं बुद्ध दिए हैं', से इत्तेफाक नहीं रखने वाले संभाजी भिड़े का विवादों से पुराना नाता रहा है. इस बार उन्होंने पीएम मोदी के बुद्ध वाले बयान का विरोध करते हुए कहा है कि दुनिया को वर्तमान समय में शांति का संदेश नहीं चाहिए जो बुद्ध ने अपने उपदेश में दिया था. उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह (बुद्ध का उल्लेख) करके गलती की. हमने दुनिया को बुद्ध दिया लेकिन यह (बुद्ध का शांति और सहिष्णुता का संदेश) अब उपयोगी नहीं है. यदि आपको दुनिया में व्यवस्था कायम करनी है तो हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र संभाजी महाराज के 'विचारों' की आवश्यकता होगी.' संभाजी भिड़े ने कुछ दिन पहले ही कहा था कि अमेरिका चंद्रमा पर अपना अंतरिक्षयान भेजने की 39 वीं कोशिश में इसलिए सफल रहा था कि उसने इसे ‘एकादशी के दिन' भेजा था. उन्होंने कहा कि बार-बार की नाकामियों के बाद एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था. इसका अनुपालन करते हुए अमेरिका अपनी 39 वीं कोशिश में सफल रहा. इससे पहले भिडे ने नासिक में कहा था, ‘उनके बाग का आम खाने पर कई दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है.'

  • Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से संपर्क की खत्‍म हो रही उम्‍मीदों के बीच चंद्रयान-2 को लेकर आया इसरो प्रमुख का बड़ा बयान

    Chandrayaan 2: विक्रम लैंडर से संपर्क की खत्‍म हो रही उम्‍मीदों के बीच चंद्रयान-2 को लेकर आया इसरो प्रमुख का बड़ा बयान

    Chandrayaan 2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) (ISRO) के अध्यक्ष के. सिवन ने शनिवार को कहा कि चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) मिशन ने अपना 98 फीसदी लक्ष्य हासिल किया है जबकि वैज्ञानिक लैंडर ‘विक्रम’ (Vikram Lander) के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं.

  • नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही भारत के पहले मून लैंडर की समस्या को दूर करने की कोशिश करेंगे. हरोशे के अनुसार विज्ञान हमें हैरान करता रहता है-कभी इसमें असफलता मिलती है तो कभी सफलता.

  • पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    उन्होंने दावा किया कि बार-बार की नाकामियों के बाद एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था. इसका अनुपालन करते हुए अमेरिका अपनी 39 वीं कोशिश में सफल रहा. इससे पहले भिडे ने नासिक में कहा था, ‘उनके बाग का आम खाने पर कई दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है.'

  • ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है."

  • अमेरिका में रह रहे भारतीय दंपति, वैज्ञानिक की कैलिफोर्निया नौका हादसे में मौत

    अमेरिका में रह रहे भारतीय दंपति, वैज्ञानिक की कैलिफोर्निया नौका हादसे में मौत

    नौका में आग लग गई थी और वह कैलिफोर्निया तट पर डूब गई थी. सोमवार को 75 फुट लंबी चार्टर नौका में उस समय आग लग गई थी जब यात्री सो रहे थे. इस हादसे में एक क्रू सदस्य समेत 34 लोगों की मौत हो गई. कनेक्टिकट में रह रहे दंपति कौस्तभ निर्मल और संजीरी देवपुजारी भी मृतकों में शामिल हैं. यह नौका तीन दिन की गोताखोरी सैर पर जा रही थी.

Advertisement

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com