NDTV Khabar

भारत में विदेशी निवेश


'भारत में विदेशी निवेश' - 109 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वत: मंजूरी के जरिये 74 प्रतिशत तक एफडीआई को मंजूरी दी:डीपीआईआईटी

    सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वत: मंजूरी के जरिये 74 प्रतिशत तक एफडीआई को मंजूरी दी:डीपीआईआईटी

    सरकार ने रक्षा क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से 74 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी दे दी है. विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के इरादे से यह कदम उठाया गया है

  • रक्षा निर्माण क्षेत्र में FDI की सीमा बढ़ाने की मंजूरी, तीन लेबर कोड को मॉनसून सत्र में रखा जाएगा

    रक्षा निर्माण क्षेत्र में FDI की सीमा बढ़ाने की मंजूरी, तीन लेबर कोड को मॉनसून सत्र में रखा जाएगा

    आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत वित्त मंत्री ने जुलाई में इसका ऐलान किया था. इससे पहले जुलाई 2018 में सरकार ने रक्षा निर्माण के क्षेत्र में 49% FDI को ऑटोमैटिक रूट से अनुमति दी थी. भारत में रक्षा क्षेत्र में 70% आयात होता है और भारत में रक्षा निर्माण को बढ़ाना देने के लिए यह फैसला किया गया था. हालांकि इस क्षेत्र में विदेशी निवेश अधिक नहीं आया है. 

  • सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को लेकर विदेशी निवेशक गंभीर : सीतारमण

    सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को लेकर विदेशी निवेशक गंभीर : सीतारमण

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि सुधारों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को विदेशी निवेशक गंभीरता से ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि इसका पता इस बात से चलता है कि कोविड-19 के समय भी देश में अच्छा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जुलाई की अवधि के दौरान देश में 20 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया.

  • FPI के जरिए भारतीय बाजार में आए 28,203 करोड़ रुपये

    FPI के जरिए भारतीय बाजार में आए 28,203 करोड़ रुपये

    विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने अगस्त के पहले पखवाड़े में भारतीय पूंजी बाजारों में शुद्ध रूप से 28,203 करोड़ रुपये का निवेश किया है. इसके अलावा करीब पांच माह बाद FPI ऋण या बॉन्ड बाजार में शुद्ध निवेशक रहे हैं. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनियों के उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों तथा वैश्विक स्तर पर तरलता की स्थिति सुधरने की वजह से FPI का निवेश बढ़ा है.

  • 'मेक इन इंडिया' के बाद पूरी दुनिया के लिए भी PM मोदी ने दिया नया नारा

    'मेक इन इंडिया' के बाद पूरी दुनिया के लिए भी PM मोदी ने दिया नया नारा

    पीएम मोदी ने कहा कि पिछले साल भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. आज दुनिया की बहुत बड़ी-बड़ी कंपनियां भारत का रुख कर रही हैं. हमें ‘मेक इन इंडिया’ के साथ-साथ ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ के मंत्र को लेकर आगे बढ़ना है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोनावायरस (Coronavirus) महामारी के बीच भारतीयों ने आत्मनिर्भर होने का संकल्प लिया है और यह केवल शब्द नहीं बल्कि सभी लोगों के लिए मंत्र है.

  • कांग्रेस को याद आए बरसों से बिसराए हुए नरसिम्हा राव, गांधी परिवार ने पत्र लिखकर की प्रशंसा

    कांग्रेस को याद आए बरसों से बिसराए हुए नरसिम्हा राव, गांधी परिवार ने पत्र लिखकर की प्रशंसा

    डॉ मनमोहन सिंह, जो 1991 में वित्त मंत्री थे, उन्होंने आयात शुल्क में कटौती, कम करों, अधिक विदेशी निवेश और अन्य उपायों से भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया, जिससे अंततः अर्थव्यवस्था का उदारीकरण हुआ, और उसी के परिणाम सहस्राब्दी के अंत में देखे गए जब देश का विकास आसमान छूने लगा.

  • PM मोदी आज 'इंडिया ग्लोबल वीक 2020' को करेंगे संबोधित, जानिए कार्यक्रम की 10 बड़ी बातें

    PM मोदी आज 'इंडिया ग्लोबल वीक 2020' को करेंगे संबोधित, जानिए कार्यक्रम की 10 बड़ी बातें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज (गुरुवार) ब्रिटेन में आयोजित 'इंडिया ग्लोबल वीक 2020' में एक प्रमुख विश्वव्यापी संबोधन देंगे. इस कार्यक्रम में भारत के व्यापार और विदेशी निवेश की संभावनाओं पर, उनके ध्यान केंद्रित करने की संभावना है. इंडिया इंक ग्रुप के चेयरमैन और सीईओ मनोज लाडवा ने कहा, 'जैसा कि विश्व कोविड-19 की छाया से बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है, भारत अपनी अपार प्रतिभा, अपनी तकनीकी क्षमता और नेतृत्व के लिए बढ़ती चाह के साथ वैश्विक मामलों में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है. मुझे विश्वास है कि भारतीय प्रधानमंत्री का दुनिया को दिए जाने वाला संदेश नई शुरुआत करने से संबंधित होगा.'

  • देश में चीनी FDI घटने पर उठे सवालों के जवाब में केंद्र ने जारी किए 20 सालों के विदेशी निवेश के आंकड़े

    देश में चीनी FDI घटने पर उठे सवालों के जवाब में केंद्र ने जारी किए 20 सालों के विदेशी निवेश के आंकड़े

    वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए इन आंकड़ों के मुताबिक, चीन भारत में निवेश करने वाले टॉप के 10 देशों में भी शामिल नहीं है, ऐसे में माना जा रहा है कि उसे चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध के चलते विदेशी निवेश में बहुत नुकसान होने का डर नहीं है.

  • इन 10 प्वाइंट्स में समझें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांचवें दिन क्या-क्या ऐलान किए

    इन 10 प्वाइंट्स में समझें, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांचवें दिन क्या-क्या ऐलान किए

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि आर्थिक प्रोत्साहन पैकेज की पांचवीं और अंतिम किस्त में भी सुधारों पर ही जोर दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस किस्त में मनरेगा, स्वास्थ्य एवं शिक्षा, कारोबार, कंपनी अधिनियम के उल्लंघनों को गैर-आपराधिक बनाने, कारोबार की सुगमता, सार्वजनिक उपक्रम और राज्य सरकारों से जुड़े संसाधनों पर ध्यान दिया गया है. इससे पहले वित्त मंत्री चार किस्तों की जानकारी दे चुकी हैं. पिछले चार दिनों में चार किस्तों में सरकार ने करीब 11 लाख करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा की थी. घोषित किये गये उपायों में छोटे व्यवसायों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, किसानों और गरीब प्रवासियों के साथ-साथ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), सूक्ष्त वित्त संस्थानों (एमएफआई) और बिजली वितरकों के लिये राहत दी गयी हैं. चौथी किस्त में शनिवार को, सरकार ने रक्षा विनिर्माण में विदेशी निवेश सीमा को बढ़ाने की घोषणा की. इसके अलावा वाणिज्यिक कोयला खनन, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, बिजली वितरण में सुधार, अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी क्षेत्र के लिये खोलने, विमानन क्षेत्र में सुधार आदि की घोषणा की गई. वित्त मंत्री की आज की प्रेस कांफ्रेंस में 10 मुख्य बातें इस प्रकार से हैं.

  • सरकार ने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई, आर्थिक सुधार के लिए कई बड़े फैसले

    सरकार ने रक्षा क्षेत्र में विदेशी निवेश की सीमा बढ़ाई, आर्थिक सुधार के लिए कई बड़े फैसले

    भारत सरकार ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में विदेशी निवेश की सीमा ऑटोमेटिक रूट के जरिए 49% से बढाकर 74% करने का फैसला किया है.  वित्त मंत्री ने आपने चौथे इकॉनामिक पैकेज के ऐलान के दौरान इसका खुलासा किया. साथ ही सरकार ने कोयला और खनिज से लेकर बिजली डिस्ट्रीब्यूशन और अंतरिक्ष के क्षेत्र में बड़े स्तर पर आर्थिक सुधार करने का फैसला किया है.

  • कोरोना वायरस से जंग के बीच पहले चीन का रास्ता रोका, अब बड़ा झटका देने के प्लान पर मोदी सरकार का काम शुरू

    कोरोना वायरस से जंग के बीच पहले चीन का रास्ता रोका, अब बड़ा झटका देने के प्लान पर मोदी सरकार का काम शुरू

    Coronavirus News Update : पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से जंग के बीच 'व्यापारिक युद्ध' भी अंदर ही अंदर शुरू हो चुका है. भारत में नीति-निर्धारक में कोरोना वायरस की वजह से उपजीं चुनौतियों के बीच नए संभावनाओं को भी देख रहे हैं. चीन भले ही कहे कि उसने कोरोना पर काबू पा लिया है लेकिन उसके यहां कई विदेशी कंपनियों की यूनिटें बाहर आने के लिए तैयार बैठी हैं उसकी वजह अमेरिका का उसको लेकर अविश्वास है और भारत सरकार की कोशिश इस बात की है ये यूनिटें  उसकी जमीन पर लगाई जाएं.  इस बात का अंदाजा इस बात से हाल ही में दिए उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान से लगाया जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चीन से मोह भंग हुई कंपनियों के लिये विशेष पैकेज व सहूलियत देने को तैयार है. 

  • चीन ने की भारत के नए FDI नियमों की आलोचना, उदारीकरण के खिलाफ करार दिया

    चीन ने की भारत के नए FDI नियमों की आलोचना, उदारीकरण के खिलाफ करार दिया

    FDI Rules: चीन ने की भारत के नए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नियमों की आलोचना की. चीन ने सोमवार को कहा कि ये विश्व व्यापार संगठन (WTO)के सिद्धांतों के विरूद्ध है और मुक्त एवं निष्पक्ष व्यापार के खिलाफ है.

  • भारत में वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय ''एक अवसर'' साबित हो सकता है: अमेरिकी समूह

    भारत में वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय ''एक अवसर'' साबित हो सकता है: अमेरिकी समूह

    भारत केंद्रित एक अमेरिकी उद्योग-व्यापार मंडल ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए भारत में जारी 21 दिनों का लॉकडाउन देश के लिए ‘‘एक अवसर’’ हो सकता है. समूह ने कहा कि इस कदम से सरकार के नीति निर्धारण में पारदर्शिता का पता चलता है, जिसके चलते विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद मिलेगी. भारत में कोरोना वायरस से 19 लोगों की मौत हो चुकी है और 870 से अधिक संक्रमित हैं. इस महामारी को रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को तीन हफ्तों के लिए देशव्यापी बंद का ऐलान किया था.

  • दुनिया के 130 ऊर्जावान शहरों की लिस्ट में हैदराबाद, बेंगलुरु टॉप पर, दिल्ली-पुणे का नाम भी है शामिल

    दुनिया के 130 ऊर्जावान शहरों की लिस्ट में हैदराबाद, बेंगलुरु टॉप पर, दिल्ली-पुणे का नाम भी है शामिल

    जेएलएल इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और भारत में प्रमुख रमेश नायर ने कहा, ''भारत के तेजी से बढ़ते शहरों के प्रति विदेशी निवेशक खासी रुचि दिखा रहे हैं. बुनियादी ढांचे और नीति के मोर्चे पर सरकार की ओर से किए गए सुधारों का असर दिख रहा है. अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद इन सुधारों की वजह से बाजार में पारदर्शिता आई है, जिससे रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा.'' 

  • अर्थव्यवस्था ढलान पर है, लेकिन क्या ऐसी ख़बरें हिन्दी अख़बारों में छप रही हैं...?

    अर्थव्यवस्था ढलान पर है, लेकिन क्या ऐसी ख़बरें हिन्दी अख़बारों में छप रही हैं...?

    2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनते ही विदेशी निवेशकों ने भरोसा दिखाना शुरू कर दिया था, जिसके कारण भारत में 45 अरब डॉलर का विदेशी निवेश आया. अब वह भरोसा डगमगाता नज़र आ रहा है. जून महीने के बाद से निवेशकों ने 4.5 अरब डॉलर भारतीय बाज़ार से निकाल लिए हैं. 

  • भारत को इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और मोबाइल फोन का मैन्‍यूफैक्‍चरिंग हब बनाना चाहती है सरकार

    भारत को इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स और मोबाइल फोन का मैन्‍यूफैक्‍चरिंग हब बनाना चाहती है सरकार

    अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार का सबसे ज़्यादा असर इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापार पर पड़ रहा है. चीन में जैसे जैसे इलेक्ट्रॉनिक इक्विपमेन्ट्स की मैन्यूफैक्चरिंग करना महंगा हो रहा है. वहां सक्रीय कंपनियां अब नया बाज़ार तलाश रही हैं. इस माहौल में सरकार ने भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में ग्लोबल मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने की कवायद शुरू कर दी है.

  • डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    डिजिटल अर्थव्यवस्था का अराजक विस्तार और आर्थिक मंदी

    कई साल पहले दिल्ली में अनेक शॉपिंग मॉल तो बन गए, पर उनमें दुकानदारों और ग्राहकों की भारी कमी थी. मॉल के बिल्डरों की शक्तिशाली लॉबी ने राजनेताओं और जजों के बच्चों को अपना पार्टनर बना लिया. उसके बाद अदालती फैसले के नाम पर दिल्ली में सीलिंग का सिलसिला शुरू हो गया. तीर निशाने पर लगा और मॉल्स में दुकानदार और ग्राहक दोनों आ गए. अब वक्त बदल गया है. देश के असंगठित क्षेत्र और छोटे उद्योगों के सामने डिजिटल कंपनियों की पावरफुल लॉबी है.

  • क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    क्या मीडिया 5 प्रतिशत जीडीपी की सच्चाई छिपा रहा है?

    सड़क पर बेरोज़गारों की फौज पुकार रही है कि काम नहीं है, दुकानदारों की फौज कह रही है कि मांग रही है और उद्योग जगत की फौज पुकार रही है कि न पूंजी है, न मांग है और न काम है. नेशनल स्टैस्टिकल ऑफिस के आंकड़ों ने बता दिया कि स्थिति बेहद ख़राब है. छह साल में भारत की जीडीपी इतना नीचे नहीं आई थी. तिमाही के हिसाब से 25 तिमाही में यह सबसे ख़राब रिपोर्ट है.

Advertisement

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com