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महागठबंधन


'महागठबंधन' - 636 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बिहार से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए भाजपा प्रत्याशी सतीश चंद्र दुबे

    बिहार से राज्यसभा उपचुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए भाजपा प्रत्याशी सतीश चंद्र दुबे

    राजग प्रत्याशी की जीत पक्की होने के चलते बिहार में विपक्षी महागठबंधन में शामिल राजद ने राज्यसभा की इस सीट के लिए अपने किसी उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा था. हालांकि शुरुआत में ऐसी अटकलें लगायी जा रही थीं कि इस सीट से जदयू अपना उम्मीदवार खड़ा करना चाहेगी.

  • बिहार में उपचुनाव : RJD ने उतारे अपने प्रत्याशी तो महागठबंधन के दूसरे दलों ने फंसाया पेंच

    बिहार में उपचुनाव : RJD ने उतारे अपने प्रत्याशी तो महागठबंधन के दूसरे दलों ने फंसाया पेंच

    बिहार में चार विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव अगले महीने 21 तारीख़ को होगा लेकिन इन चुनावों में सीटों के बंटवारे पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने सहयोगियों के दावों को दरकिनार करते हुए उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. आपको बता दें कि बिहार में समस्तीपुर लोकसभा के अलावा किशनगंज , सिमरी बख्तियारपुर , नाथनगर , दरौंद-I और बेलहर की विधानसभा सीटों पर मतदान होगा.

  • बिहार उपचुनाव में 'सियासी दोस्ती' कसौटी पर

    बिहार उपचुनाव में 'सियासी दोस्ती' कसौटी पर

    इस उपचुनाव को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के रूप में भी देखा जा रहा है. बिहार के जिन पांच विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव की घोषणा हुई है, पिछले विधानसभा चुनाव में इन सभी सीटों पर महागठबंधन का कब्जा था. इनमें चार सीटों पर जद (यू) के उम्मीदवार, जबकि किशनगंज सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विजयी हुए थे. उस समय जद (यू) महागठबंधन में ही था, मगर अब राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल है. ऐसे में इस चुनाव में बदले समीकरण में महागठबंधन की चुनौती इन सीटों पर कब्जा बनाए रखने की होगी.

  • क्या नीतीश कुमार के नए हनुमान हैं सुशील मोदी?

    क्या नीतीश कुमार के नए हनुमान हैं सुशील मोदी?

    लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने अपने एक इंटरव्‍यू से एक नये विवाद को जन्म दिया कि नीतीश बिहार में एनडीए का चेहरा हैं लेकिन जब तक भाजपा चाहेगी. इस पर सुशील मोदी ने विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को निशाने पर रखते हुए ट्वीट में कहा कि 'जैसे संसदीय चुनाव से पहले विरोधी दलों के नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विकल्प नहीं दे पाये, उसी तरह महागठबंधन बिहार में नीतीश कुमार का विकल्प नहीं दे पाएगा

  • राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर 12 अक्टूबर को बिहार में महागठबंधन का कार्यक्रम, तेजस्वी के शामिल होने पर संशय

    राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर 12 अक्टूबर को बिहार में महागठबंधन का कार्यक्रम, तेजस्वी के शामिल होने पर संशय

    बिहार में विपक्षी महागठंधन में शामिल पांच दल आगामी 12 अक्टूबर को पटना स्थित बापू सभागार में समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर एक कार्यक्रम का आयोजन करेंगे. कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम में महागठबंधन (राजद, कांग्रेस, रालोसपा, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और विकासशील इंसान पार्टी) की एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए रालोसपा प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा जो कि इस समारोह के संयोजक भी हैं, ने बताया कि पंद्रह दिन पहले हुई महागठबंधन की बैठक में सभी घटक दलों ने सर्वसम्मति से विपक्ष और मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास कर रही भाजपा के तानाशाही शासन जो कि लोकतंत्र में शर्मनाक है,

  • एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

    एनडीए को हराने के लिए RJD नेता रघुवंश प्रसाद ने दिया सभी दलों के विलय का सुझाव

    बिहार में लोकसभा चुनाव के दौरान करारी हार का सामना कर चुके विपक्षी दल आने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए को हराने की रणनीति पर मंथन कर रहे हैं. इसी कड़ी में राष्ट्रीय जनता दल के वयोवृद्ध नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने सभी विपक्षी दलों का विलय करने का एक बार फिर सुझाव दिया. रघुवंश प्रसाद ने शुक्रवार को दोबारा कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) का मुकाबला करने के लिए सभी क्षेत्रीय विपक्षी पार्टियों का महागठबंधन में विलय करना चाहिए.

  • बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    बिहार चुनाव को लेकर जेडीयू का नया नारा, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'

    साल 2015 में बिहार में जिस नारे के दम पर नीतीश कुमार ने विधानसभा चुनाव जीता था इस बार उसमें थोड़ा सा बदलाव किया गया है. पिछली बार नारा था, 'बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है' इस नारे को गढ़ने में चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर का दिमाग़ था. लेकिन जो नया बदलाव किया गया है इसमें प्रशांत किशोर का कोई हाथ नहीं है. लेकिन साल 2020 में होने वाले चुनाव को लेकर जो नारा गढ़ा गया है वह है, 'क्यूं करें विचार, ठीके तो है नीतीश कुमार'. अब देखने वाली बात यह होगी कि बदली परिस्थितियों में नारे कितना काम करते हैं. लगातार तीन बार मुख्यमंत्री बन चुके नीतीश कुमार ने पिछला चुनाव आरजेडी+जेडीयू+कांग्रेस को मिलाकर महागठबंधन के बैनर तले लड़ा था. जिसमें इन तीन पार्टियों का वोटबैंक बीजेपी पर भारी पड़ गया था. नीतीश कुमार इससे पहले एनडीए में थे लेकिन नरेंद्र मोदी  को पीएम पद का चेहरा बनाए जाने पर वह नाराज हो गए और बीजेपी से नाता तोड़ लिया. 

  • बिहार: महागठबंधन में CM पद पर अभी से घमासान, जीतन राम मांझी के बेटे ने कहा- मैं क्यों नहीं मुख्यमंत्री बन सकता...

    बिहार: महागठबंधन में CM पद पर अभी से घमासान, जीतन राम मांझी के बेटे ने कहा- मैं क्यों नहीं मुख्यमंत्री बन सकता...

    मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. महागठबंधन में शामिल सभी प्रमुख दल अपने-अपने नेता के मुख्यमंत्री पद के लिए योग्य उम्मीदवार होने का दावा ठोंक रहे हैं. स्थिति यह है कि हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के मुख्यमंत्री बनने की महत्वकांक्षा फिर से जाग उठी है.

  • जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

    जीतनराम मांझी ने जताई बिहार का मुख्यमंत्री बनने की ख्वाहिश, शिवानंद तिवारी ने कहा- हमारा उपहास न उड़ाएं

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी को राज्य की राजनीति में कोई गंभीरता से नहीं लेता. अपने बयान के कारण सुर्ख़ियां में बने रहने की आदत से वह अपने सहयोगियों के लिए परेशानी का कारण बने रहते है. ताज़ा घटनाक्रम में जीतन राम मांझी ने महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनने की इच्छा जतायी हैं क्योंकि तेजस्वी यादव को अनुभव की कमी है. मांझी ने ऐसा बयान कोई पहली बार नहीं दिया है और उनके सहयोगी भी उनके बड़बोलेपन के कारण हमेशा सफ़ाई देते रहते हैं. लेकिन मांझी ने यह बयान महागठबंधन की बैठक के दो दिन के अंदर दिया है जब उन्हें मीडिया को ब्रीफ़ करने का ज़िम्मा दिया गया था. हालांकि उस ब्रीफ़िंग में माँझी ने कोई ऐसा बायन नहीं दिया लेकिन गुरुवार को उन्होंने अपनी इच्छा मीडिया के सामने जाहिर कर दिया.  

  • क्या तेजस्वी यादव अब बिहार में महागठबंधन के नेता नहीं रहे?

    क्या तेजस्वी यादव अब बिहार में महागठबंधन के नेता नहीं रहे?

    बिहार में आने वाले दिनों में लोकसभा की एक और विधानसभा की चार सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव महागठबंधन मिलकर लड़ेगा. यह फैसला मंगलवार को पटना में हुई बैठक में लिया गया. लेकिन क्या तेजस्वी यादव बिहार में महगठबंधन का चेहरा हैं? इस पर अलग-अलग दलों की अलग-अलग राय है.

  • बिहार: तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के नेताओं को आखिरकार अपना मोबाइल नंबर दिया

    बिहार: तेजस्वी यादव ने महागठबंधन के नेताओं को आखिरकार अपना मोबाइल नंबर दिया

    बिहार में महागठबंधन के नेताओं की मंगलवार को एक बैठक हुई. इस बैठक की ख़ास बात यह रही कि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi yadav) ने अपना मोबाइल का नंबर अन्य दलों के नेताओं को दिया. यह बैठक भले राबड़ी देवी के घर पर हुई लेकिन इस बैठक के बारे में मीडिया को जानकारी देने के लिए तेजस्वी यादव अपने घर के बाहर अन्य नेताओं के साथ नहीं आए. इसके कारण अन्य दलों के नेताओं में नाराजगी भी दिखी. बैठक में उपेन्द्र कुशवाहा के सवाल कि आखिर महगठबंधन के अन्य नेता नीतीश कुमार की इतनी तारीफ़ क्यों करते हैं? पर तय हुआ कि भविष्य में नीतीश कुमार और उनकी सरकार को निशाने पर रखा जाएगा. साथ ही विधानसभा और लोकसभा के उपचुनाव में सभी दल अभी से तैयारी में लग जाएंगे.

  • एक ही झटके में महागठबंधन धड़ाम! विधानसभा की ये 11 सीटें बनीं वजह

    एक ही झटके में महागठबंधन धड़ाम! विधानसभा की ये 11 सीटें बनीं वजह

    उत्तर प्रदेश में 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव को लेकर सपा-बसपा गठबंधन टूट गया है. लोकसभा चुनाव में बड़े जोर-शोर से बने इस गठबंधन में आरएलडी भी शामिल थी. जिस दिन गठबंधन हुआ था उस दिन ऐसा लग रहा था कि अब यह महागठबंधन उत्तर प्रदेश की राजनीति ही नहीं पूर देश में असर डालेगा और बीएसपी सुप्रीमो मायावती और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की बातों से ऐसा लग रहा था कि दोनों के बीच अच्छा समन्वय है और लोकसभा चुनाव में दोनों मिलकर पीएम मोदी के विजय रथ को रोक देंगे.

  • मंत्री पद को लेकर BJP से 'नाराज' चल रहे नीतीश को मिला लालू का न्योता, कहा- फिर एकजुट होने का समय

    मंत्री पद को लेकर BJP से 'नाराज' चल रहे नीतीश को मिला लालू का न्योता, कहा- फिर एकजुट होने का समय

    लोकसभा चुनाव में बहुमत के साथ जीत के बाद भाजपा ने अपने सभी सहयोगी दलों को एक-एक मंत्री पद का ऑफर दिया है, लेकिन इसको लेकर नीतीश कुमार नाराज दिख रहे हैं. नीतीश कुमार ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया था कहा कि जदयू सरकार का हिस्सा नहीं बनेगी. नीतीश की पार्टी को साल 2017 में भी मोदी सरकार का हिस्सा नहीं बनाया गया था, जब उन्होंने कांग्रेस और लालू यादव का साथ छोड़कर भाजपा से हाथ मिलाया था. इस बार उम्मीद थी कि उन्हें इसका फल मिलेगा. विशेषकर तब जब लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 17 में से 16 सीटों पर जीत हासिल की है.

  • SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    यूपी में बना महागठबंधन लोकसभा चुनावों में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. इसके लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. मायावती (Mayawati) के फैसले के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, 'चुनाव के पहले जो गठबंधन हुआ था हार के बाद आज वह अंतिम सांसे, अंतिम हिचकियां ले रहा है, एक तरह से वह वेंटिलेटर पर है, कभी भी, वेंटिलेटर पर जो हिचकियां है वह और बढ़ सकती है.'

  • यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी में बना महागठबंधन (Mahagathbandhan) पहले लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के साथ-साथ कई नेताओं ने बुआ-बबुआ की जोड़ी को चुनाव परिणाम के बाद टूटने की बात कही थी. बता दें कि दिल्ली में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में मायावती (Mayawati) ने साफ कर दिया कि विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में BSP अकेले लड़ेगी. वैसे ये भी एक नया चलन है, क्योंकि बीएसपी (BSP) आम तौर पर उपचुनाव लड़ने से अब तक परहेज करती रही है, लेकिन आज की बैठक में मायावती ने जो कुछ कहा, उससे साफ है कि वो नई राजनीतिक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही हैं और गठबंधन उनके लिए अप्रासंगिक हो रहा है. बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले 12 जनवरी को उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने मिलकर आम चुनाव लड़ने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन चुनाव में इस गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली. बसपा के खाते में 10 सीटें आईं, जबकि सपा को 5 सीट से ही संतोष करना पड़ा. हालांकि गठबंधन तोड़ने का ऐलान अभी तक बसपा प्रमुख मायावती ने औपचारिक रूप से नहीं किया है. इन सबके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी की यह भविष्यवाणी सच साबित हो गई कि चुनाव बात यह गठबंधन टूट जाएगा. पीएम मोदी के साथ-साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव बाद इस गठबंधन के टूटने की बात कही थी.

  • लोकसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में रार, मांझी बोले तेजस्वी तो...

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद महागठबंधन में रार, मांझी बोले तेजस्वी तो...

    महागठबंधन में शामिल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को स्पष्ट कहा कि 2020 में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का नेता अभी तक तय नहीं हुआ है.

  • बिहार में महागठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई कांग्रेस, तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर भी असंतोष

    बिहार में महागठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई कांग्रेस, तेजस्वी के नेतृत्व को लेकर भी असंतोष

    लोकसभा चुनाव में भारी हार के बाद बिहार के महागठबंधन के अंदर का असंतोष बुधवार को सामने दिखा और कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर आयोजित सहयोगी दलों की बैठक में भाग नहीं लिया.

  • एक चुनाव से सूपड़ा साफ नहीं होता, जीत का रास्ता दिखाती है हार : तेजस्वी यादव

    एक चुनाव से सूपड़ा साफ नहीं होता, जीत का रास्ता दिखाती है हार : तेजस्वी यादव

    बिहार (Bihar) में करारी हार के बाद बुधवार को आरजेडी और उनके सहयोगी दलों के बीच दो दिवसीय समीक्षा इस बात पर समाप्त हुई कि जो पराजय हुई उसकी कल्पना या अनुमान किसी को नहीं था और हार से ही जीत का रास्ता खुलता है. तेजस्वी यादव (Tejaswi yadav) ने कहा कि एक चुनाव से सूपड़ा साफ नहीं होता.