NDTV Khabar

मैनपुरी


'मैनपुरी' - 83 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • यूपी पुलिस की करतूत: पत्नी से रेप की शिकायत करने थाने पहुंचा शख़्स, तो उसी को दी 'थर्ड डिग्री' यातना

    यूपी पुलिस की करतूत:  पत्नी से रेप की शिकायत करने थाने पहुंचा शख़्स, तो उसी को दी 'थर्ड डिग्री' यातना

    उत्तर प्रदेश पुलिस की एक और करतूत सामने आई है. एक शख़्स जब अपनी पत्नी के अपहरण और उसके साथ किए गए दुष्कर्म के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने थाने पहुंचा तो पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर उसे ही थर्ड-डिग्री की यातना दी. यह घटना मैनपुरी जिले में हुई, जो समाजवादी दिग्गज मुलायम सिंह यादव का संसदीय क्षेत्र है.

  • उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 19 लोगों की मौत, 48 घायल

    उत्तर प्रदेश में आंधी-तूफान और बिजली गिरने से 19 लोगों की मौत, 48 घायल

    प्रदेश के राहत आयुक्त कार्यालय ने शुक्रवार को बताया कि मैनपुरी में सबसे अधिक छह मौतें हुईं. एटा और कासगंज में तीन-तीन लोगों के मरने की खबर है. मुरादाबाद में आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी. बदायूं, पीलीभीत, मथुरा, कन्नौज, संभल और गाजियाबाद से भी एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है.

  • लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार पर पार्टी में मंथन जारी

    लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की करारी हार पर पार्टी में मंथन जारी

    लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी(सपा) को महज पांच सीटें मिली हैं. पिछले चुनाव में भी सपा को पांच सीटें मिली थीं. पिछले चुनाव में सपा अकेले चुनाव लड़ी थी. इस बार उसका दो दलों -बहुजन समाज पार्टी (बसपा), राष्ट्रीय लोकदल (रालोद)- के साथ गठबंधन था. इस गठबंधन को अपराजेय माना जा रहा था. लेकिन ढाक के वही तीन पात. गठबंधन में बसपा को भले ही लाभ हुआ. उसने 10 सीटें जीत लीं, लेकिन बाकी दो दल जहां के तहां रह गए. मुलायम परिवार के तीन सदस्य चुनाव हार गए. रालोद अपने हिस्से की तीनों सीटें हार गया. इस चुनाव में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव क्रमश: आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव जीतने में कामयाब रहे.

  • UP Election Results 2019: यूपी में हाथी को रास आई साइकिल की सवारी, नुकसान में अखिलेश, कांग्रेस को केवल एक सीट

    UP Election Results 2019: यूपी में हाथी को रास आई साइकिल की सवारी, नुकसान में अखिलेश, कांग्रेस को केवल एक सीट

    2009 के चुनाव में 21 सीट जीतने वाली बसपा के लिये 2014 के चुनाव में शून्य पर सिमटने के बाद बसपा के लिये 2019 का लोकसभा चुनाव वजूद की लड़ाई बन गया था. बसपा उम्मीदवारों ने गाजीपुर, मेरठ और सहारनपुर सहित पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की दर्जन भर सीटों पर बढ़त बना ली है. वहीं सपा को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की आजमगढ़ सीट के अलावा अपने परंपरागत गढ़ रामपुर, फिरोजाबाद और मैनपुरी सहित छह सीटों पर निर्णायक बढ़त के आधार इन सीटों को जीतने की उम्मीद है. गाजीपुर में बसपा के उम्मीदवार अफजाल अंसारी ने केन्द्रीय मंत्री और भाजपा उम्मीदवार मनोज सिन्हा से लगभग 40 हजार मतों से बढ़त बनायी हुयी. वहीं रामपुर से सपा के आजम खान भाजपा की जयाप्रदा से आगे हैं.

  • Election Results: यूपी में यादव कुनबे के लिये कहीं खुशी, कहीं गम, जानें- कौन है आगे और कौन पीछे

    Election Results: यूपी में यादव कुनबे के लिये कहीं खुशी, कहीं गम, जानें- कौन है आगे और कौन पीछे

    Election 2019: प्रारम्भिक चरणों में सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव, पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, उनकी पत्नी डिम्पल यादव और फिरोजाबाद से अक्षय यादव अपने-अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वियों से आगे चल रहे हैं. वहीं, बदायूं से धर्मेन्द्र यादव पीछे हैं. मुलायम मैनपुरी सीट से अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के प्रेम सिंह शाक्य पर 12 हजार मतों से ज्यादा की बढ़त बनाये हुए हैं. वहीं, आजमगढ़ से सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के दिनेश लाल यादव ''निरहुआ'' से 59 हजार मतों से ज्यादा की बढ़त बनाये हुए हैं.

  • Mulayam Singh Yadav: मुलायम सिंह यादव पहलवानी छोड़ राजनीति में कैसे आए और मैनपुरी क्यों है सपा का गढ़, जानें यहां...

    Mulayam Singh Yadav: मुलायम सिंह यादव पहलवानी छोड़ राजनीति में कैसे आए और मैनपुरी क्यों है सपा का गढ़, जानें यहां...

    मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और एक बार देश के रक्षा मंत्री के रूप में भी सेवाएं दीं.

  • मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    मायावती ने की तारीफ, अखिलेश यादव 'टाइगर बाम' की तरह

    उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो बड़े दिग्गज मुलायम सिंह यादव और मायावती जब दशकों पुरानी दुश्मनी भुलाकर मैनपुरी की रैली में एक ही मंच पर आए तो उनकी तस्वीरें खूब वायरल हुईं देखी गईं.  दुश्मनी भुलाकर दोनों नेताओं ने अब उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी को रोकने की कोशिश करने की एक तरह से कसम खाई है. इन दोनों नेताओं को एक साथ लाने में मुलायम सिंह के बेटे और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने का बड़ा रोल रहा है. समाजवादी पार्टी की डिजिटल सेल का दावा है कि इन दोनों नेताओं की संयुक्त रैली ने यूट्यूब में सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. लेकिन इस सबके होते हुए यह साफ नहीं है कि मुलायम  सिंह यादव और मायावती ने अपने-अपने कॉडर और वोटर को क्या संदेश दिया है जो कि एक दूसरे के विरोधी हैं. ऐसा लगता है कि कुछ खास नहीं. 

  • तारीख 2 जून 1995 : गेस्ट हाउस कांड की पूरी कहानी, जानें क्या हुआ था उस दिन

    तारीख 2 जून 1995 : गेस्ट हाउस कांड की पूरी कहानी, जानें क्या हुआ था उस दिन

    24 साल बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव और बीएसपी सुप्रीमो मायावती एक ही मंच पर आए और एक-दूसरे को जिताने की अपील की. उत्तर प्रदेश बीते 24 सालों में हर उस लम्हे का गवाह रहा है जब मायावती और मुलायम सिंह यादव एक दूसरे को देखना भी पसंद नहीं करते थे. दोनों के बीच कटुता इतनी बढ़ गई थी कि मायावती मुलायम को पागल खाने भेजने की बात कहती थीं और फिर दोनों ओर से बयानों के तीर मर्यादाओं को तार-तार कर देते थे. ऐसा नहीं था कि दोनों के बीच हमेशा से ही दुश्मनी थी, दोनों नेता एक साथ मिलकर बना चुके हैं. लेकिन तारीख 2 जून 1995 को हुए गेस्ट हाउस कांड ने न सिर्फ दोनों को कट्टर दुश्मन बना दिया बल्कि खाई इतनी चौड़ी हो गई कि सियासी मतभेद एक दूसरे को देख लेने जैसे चुनौती में बदल गए. गेस्ट हाउस कांड के बाद एक पूरी पीढ़ी बदल गई और अब फिर दोनों के एक साथ हैं और मैनपुरी में 19 अप्रैल 2019 की तारीख दोनों की दोस्ती की गवाह बन गई.

  • मुलायम ने कहा- मायावती जी का हमेशा सम्मान करना, बीएसपी सुप्रीमो ने भी नहीं छोड़ी सम्मान में कोई कसर

    मुलायम ने कहा- मायावती जी का हमेशा सम्मान करना, बीएसपी सुप्रीमो ने भी नहीं छोड़ी सम्मान में कोई कसर

    उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में आयोजित महागठबंधन में नजारा देखने वाला था, कभी एक दूसरे को फूटी आंखों न सुहाने वाले मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि वह आखिरी चुनाव लड़ रहे हैं. इसके साथ ही वहां आए लोगों से अपील करते हुए कहा, 'आप लोग हमेशा मायावती जी का सम्मान करना.' इससे पहले जब मंच पर मुलायम सिंह यादव को जब पानी दिया गया तो उन्होंने लोगों से भी यह पूछा कि क्या मायावती को पानी दिया गया है नहीं.

  • Election Update: यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इटावा में कहा, 'आज दुनिया के जिस भी हिस्‍से में चुनाव हो रहे हों, मुद्दे भारत और पीएम मोदी होते हैं'

    Election Update: यूपी के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने इटावा में कहा, 'आज दुनिया के जिस भी हिस्‍से में चुनाव हो रहे हों, मुद्दे भारत और पीएम मोदी होते हैं'

    यहां वह देशभर से आए ट्रेडर्स को संबोधित करेंगे. उनके अलावा अखिलेश यादव, मायावती और अजीत सिंह (सपा, बसपा और आरएलडी) की संयुक्त रैली यूपी के मैनपुरी में करेंगे. यह रैली 11 बजे तक होगी.

  • लोकसभा चुनाव : 24 साल बाद आज बीएसपी सुप्रीमो मायावती और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह होंगे एक ही मंच पर

    लोकसभा चुनाव : 24 साल बाद आज बीएसपी सुप्रीमो मायावती और सपा के संस्थापक मुलायम सिंह होंगे एक ही मंच पर

    सपा-बीएसपी-रालोद महागठबंधन की चौथी रैली शुक्रवार को मैनपुरी में होगी. इस दौरान बसपा अध्यक्ष मायावती भी अपने दशकों पुराने प्रतिद्वंद्वी सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के लिये वोट मांगेंगी.  मैनपुरी की क्रिश्चियन फील्ड में होने वाली इस रैली में मायावती और मुलायम के मंच साझा करेंगे.

  • लोकसभा चुनाव : आजमगढ़ में क्या अखिलेश यादव को घेरेगी कांग्रेस या फिर 'निरहुआ' को होगा नुकसान?

    लोकसभा चुनाव : आजमगढ़ में क्या अखिलेश यादव को घेरेगी कांग्रेस या फिर 'निरहुआ' को होगा नुकसान?

    लोकसभा चुनाव के पहले चरण के तहत पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर मतदान हो चुका है. अब चुनाव धीरे-धीरे प्रदेश की सबसे वीवीआईपी सीटों की ओर से बढ़ रहा है. रायबरेली, अमेठी, मैनपुरी, वाराणसी और आजमगढ़ की सीटों पर नजर है. लेकिन सहारनपुर में महागठबंधन की रैली में मायावती क मंच से मुस्लिमों से कांग्रेस के खिलाफ की गई अपील और हमले के बाद से ऐसा लग रहा है कि अब सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस के बीच लड़ाई और चरम पर पहुंचने वाली है. ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस अब थोड़े नरम दिख रहे अखिलेश यादव को भी बख्शने के मूड में नहीं है.

  • मैनपुरी : मुलायम सिंह की फिर इम्तिहान की घड़ी, पर्चा भरने के लिए बेटे के साथ पहुंचे

    मैनपुरी : मुलायम सिंह की फिर इम्तिहान की घड़ी, पर्चा भरने के लिए बेटे के साथ पहुंचे

    मुलायम सिंह यादव ने आज मैनपुरी लोकसभा सीट से अपना पर्चा दाखिल किया. मुलायम सिंह अखिलेश के बनवाए रथ से इटावा से मैनपुरी गए. उनके साथ अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, धर्मेंद्र यादव भी थे. शिवपाल ने उन्हें घर पहुंचकर बधाई दी.

  • मुलायम सिंह ने मैनपुरी से भरा पर्चा, साथ में थे अखिलेश और राम गोपाल यादव, नहीं दिखे शिवपाल

    मुलायम सिंह ने मैनपुरी से भरा पर्चा, साथ में थे अखिलेश और राम गोपाल यादव, नहीं दिखे शिवपाल

    मुलायम सिंह यादव मैनपुरी सीट से चार बार सांसद रह चुके हैं. साल 2014 में उन्होंने मैनपुरी के साथ ही आजमगढ़ सीट से लोकसभा चुनाव लड़ा था. मुलायम ने दोनों ही सीटों से जीत हासिल कर ली थी, बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट छोड़ दी. इसके बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए, जिसमें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार तेज प्रताप यादव जीतने में कामयाब रहे. मैनपुरी सीट से मुलायम 1996, 2004 और 2009 से चुनाव जीत चुके हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मैनपुरी लोकसभा सीट समाजवादी पार्टी के लिये काफी सुरक्षित सीट है. इस सीट पर पिछली बार मुलायम साढ़े तीन लाख से अधिक वोटो से जीते थे.

  • उत्तर प्रदेश के दम पर केंद्र में सरकार बनाने वाली बीजेपी इस बार फंस सकती है '65' के फेर में

    उत्तर प्रदेश के दम पर केंद्र में सरकार बनाने वाली बीजेपी इस बार फंस सकती है '65' के फेर में

    लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान उत्तर प्रदेश की सत्ता में काबिज समाजवादी पार्टी लोकसभा चुनाव में सिर्फ 5 सीटें ही जीत पाई थी. इनमें बदायूं से धर्मेन्द्र यादव,  फिरोजाबाद से अक्षय यादव, आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव, कन्नौज से डिंपल यादव  और मैनपुरी से मुलायम सिंह यादव चुनाव जीते थे. '

  • Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस ने यूपी की 7 सीटों पर अपने कैंडिडेट्स नहीं उतारने का किया ऐलान, सपा-बसपा ने छोड़ी हैं 2 सीटें

    Lok Sabha Election 2019: कांग्रेस ने यूपी की 7 सीटों पर अपने कैंडिडेट्स नहीं उतारने का किया ऐलान, सपा-बसपा ने छोड़ी हैं 2 सीटें

    उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का सपा और बसपा के साथ गठबंधन नहीं हुआ है लेकिन कांग्रेस की तरफ से सपा-बसपा और आरएलडी के लिए 7 सीटों पर चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया है. उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर ने एक प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि यूपी में उन 7 सीटों पर कांग्रेस अपने प्रत्याशी नहीं उतारेगी जहां से सपा-बसपा और आरएलडी चुनाव लड़ रहे हैं. इन सीटों में मैनपुरी, कन्नौज, फिरोजाबाद की सीट शामिल हैं.

  • Exclusive: गठबंधन न होने के बावजूद कांग्रेस यूपी में मुलायम परिवार के खिलाफ नहीं उतारेगी उम्मीदवार!

    Exclusive: गठबंधन न होने के बावजूद कांग्रेस यूपी में मुलायम परिवार के खिलाफ नहीं उतारेगी उम्मीदवार!

    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कांग्रेस (Congress) ने सपा-बसपा के साथ गठबंधन (SP-BSP Alliance) नहीं होने के बावजूद मुलायम परिवार के खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है. मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के मैनपुरी से लड़ने की घोषणा समाजवादी पार्टी (SP) पहले ही कर चुकी है, वहीं कन्नौज से डिंपल यादव (Dimple Yadav) के नाम का भी औपचारिक ऐलान किया जा चुका है.

  • लोकसभा चुनाव : क्या मुलायम सिंह यादव की वजह से कट गया लालू प्रसाद यादव के दामाद का टिकट?

    लोकसभा चुनाव : क्या मुलायम सिंह यादव की वजह से कट गया लालू प्रसाद यादव के दामाद का टिकट?

    समाजवादी पार्टी का गढ़ कहे जाने वाली सीट मैनपुरी से एक बार फिर मुलायम सिंह यादव मैदान में होंगे. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने आजमगढ़ और मैनपुरी से चुनाव जीता था. लेकिन बाद में उन्होंने मैनपुरी सीट से छोड़ दी. बात करें नतीजों की तो 'मोदी लहर' में भी मुलायम सिंह यादव को 595918 वोट मिले थे.