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मौद्रिक नीति की समीक्षा


'मौद्रिक नीति की समीक्षा' - 133 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • SBI ने MCLR दर घटाया, 0.05 प्रतिशत की हुई कटौती

    SBI ने MCLR दर घटाया, 0.05 प्रतिशत की हुई कटौती

    बैंक ने एक बयान में कहा कि इस कटौती के बाद एक साल की परिपक्वता अवधि वाले ऋण का एमसीएलआर कम होकर 7.85 प्रतिशत पर आ गया है. बैंक ने MCLR में यह कटौती रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के नतीजों की घोषणा के एक दिन बाद की है.

  • हमारे पास आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने के लिए ब्याज दर के अलावा और भी हैं उपाय: शक्तिकांत दास

    हमारे पास आर्थिक वृद्धि दर बढ़ाने के लिए ब्याज दर के अलावा और भी हैं उपाय: शक्तिकांत दास

    रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने लगातार दूसरी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर स्थिर रखने के बाद गुरुवार को कहा कि आर्थिक वृद्धि दर की गति बढ़ाने के लिये मुख्य ब्याज दर में घट बढ़ करने के अलावा और भी कई अन्य उपाय हैं.

  • RBI ने 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    RBI ने  2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह प्रतिशत रहने का जताया अनुमान

    संसद में 31 जनवरी को पेश आर्थिक समीक्षा में 2020-21 में आर्थिक वृद्धि दर छह से 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है. रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता में यहां हुई तीन दिवसीय बैठक के बाद मौद्रिक नीति समिति ने पाया कि अर्थव्यवस्था में नरमी अभी भी बरकरार है और आर्थिक वृद्धि की गति क्षमता से कमजोर बनी हुई है.

  • सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शेयर बाजार लुढ़का, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

    सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शेयर बाजार लुढ़का, सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा आने से पहले नीतिगत दरों में कटौती की उम्मीद के चलते शेयर बाजारों की शुरुआत अच्छी रही थी. इसके अलावा अमेरिका-चीन के बीच जल्द व्यापार समझौते की संभावना का असर भी बाजार में दिखा था.

  • भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPCC) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 3-5 दिसंबर को बैठक होगी. क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है. रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है.

  • मूडीज ने भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान घटाया, कहा- आर्थिक नरमी के असर दीर्घकालिक वाले हैं

    मूडीज ने भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान घटाया, कहा- आर्थिक नरमी के असर दीर्घकालिक वाले हैं

    मूडीज का कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था नरमी से काफी प्रभावित है और इसके कुछ कारक दीर्घकालिक असर वाले हैं. रिजर्व बैंक ने भी हालिया मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक के बाद जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.10 प्रतिशत कर दिया है. मूडीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि नरमी का कारण निवेश में कमी है जो बाद में रोजगार सृजन में नरमी तथा ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय संकट के कारण उपभोग में भी प्रभावी हो गया.

  • रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से पहले बाजार रिकार्ड स्तर से नीचे आया, सेंसेक्स 184 अंक गिरा

    रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति से पहले बाजार रिकार्ड स्तर से नीचे आया, सेंसेक्स 184 अंक गिरा

    शेयर बाजारों में मंगलवार को मुनाफा वसूली की बिकवाली से सूचकांक गिरावट में बंद हुये. रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा की घोषणा से पहले वाहन और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में मुनाफा वसूली का जोर रहा.

  • आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से पहले शेयर बाजारों में मिला-जुला असर

    आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक से पहले शेयर बाजारों में मिला-जुला असर

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक शुरू होने से पहले मंगलवार को शेयर बाजारों की शुरुआत मिली-जुली रही. घरेलू और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच निवेशकों का रुख सावधानी भरा है.

  • मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI ने नहीं किया रेपो रेट में कोई बदलाव

    मौद्रिक नीति समीक्षा में RBI ने नहीं किया रेपो रेट में कोई बदलाव

    रेपो रेट 6.5 फीसदी पर बरकरार रहा है और रिवर्स रेपो रेट भी 6.25 फीसदी पर ही बरकरार रहेगा. जून से केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों में लगातार दो बार इजाफा किया है. उसके बाद अक्टूबर में केंद्रीय बैंक ने बाजार को हैरान करते हुए ब्याज दरों को यथावत रखा था. हालांकि रुपए में गिरावट तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की वजह से मुद्रास्फीतिक दबाव के चलते उम्मीद की जा रही थी कि ब्याज दरों में इजाफा होगी. उस समय रेपो दर को 6.50 प्रतिशत पर कायम रखा गया था.

  • चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंची थोक महंगाई, दरें यथावत रख सकता है रिजर्व बैंक

    चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंची थोक महंगाई, दरें यथावत रख सकता है रिजर्व बैंक

     थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में बढ़कर चार माह के उच्च स्तर 5.28 प्रतिशत पर पहुंच गई. हालांकि कच्चा तेल के नरम पड़ने तथा रुपये की स्थिरता लौटने के कारण रिजर्व बैंक अगली मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में दरें यथावत रख सकता है.

  • आरबीआई ने जारी की मौद्रिक समीक्षा : प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, रेपो दर 6.5 फीसदी पर बरकरार

    आरबीआई ने जारी की मौद्रिक समीक्षा : प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं, रेपो दर 6.5 फीसदी पर बरकरार

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2018-19 की चौथी मौद्रिक समीक्षा में प्रमुख ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. रेपो दर 6.5 फीसदी पर बरकरार है.

  • लोन हो जाएंगे महंगे, आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाया

    लोन हो जाएंगे महंगे, आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 प्रतिशत बढ़ाया

    रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन से जारी बैठक आज खत्म हुई. इस बैठक के बाद आरबीआई ने रेपो रेट 0.25 बेसिस प्वाइंट से बढ़ा दिया है. अब यह 6.25 प्रतिशत हो गया है. अब यह तय है कि इससे सभी लोन महंगे हो जाएंगे.

  • आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज होगी खत्म, नई दरें हो सकती हैं जारी

    आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक आज होगी खत्म, नई दरें हो सकती हैं जारी

    रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन से जारी बैठक के निष्कर्षों पर पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी का असर पड़ सकता है. एमपीसी की बैठक चार जून से जारी है और आज इस चर्चा का समापन होगा. रिजर्व बैंक ने एक बयान में कहा था, ‘‘एमपीसी की 2018-19 की दूसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 4-6 जून को बैठक होगी. एमपीसी के निर्णय को छह जून 2018 को दोपहर 2.30 मिनट पर वेबसाइट पर डाला जाएगा.’’

  • उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी गिरे

    उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच सेंसेक्स-निफ्टी गिरे

    भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की समीक्षा बैठक से पहले शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा रुख रहा. सेंसेक्स 215.37 अंक फिसलकर 35,011.89 पर और निफ्टी 67.70 अंक गिरकर 10,628.50 अंक पर बंद हुआ. वहीं आज सेंसेक्स सुबह ही शुरुआती कारोबारी तेजी खोते हुए करीब 137 अंक गिर गया था. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की द्वैमासिक बैठक 4 से 6 जून तक होनी है.

  • 6 जून को जारी होगी आरबीआई की मौद्रिक नीति, शेयर बाजार पर दिखेगा असर

    6 जून को जारी होगी आरबीआई की मौद्रिक नीति, शेयर बाजार पर दिखेगा असर

    अगले सप्ताह शेयर बाजार की चाल भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति के निर्णय और घरेलू और वैश्विक व्यापक आर्थिक आंकड़े मिलकर तय करेंगे. इसके साथ ही निवेशकों की नजर प्रमुख कंपनियों के तिमाही नतीजे, मानसून की चाल, वैश्विक बाजारों के रुख, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) और घरेलू संस्थापक निवेशकों (डीआईआई) द्वारा किए गए निवेश, डॉलर के खिलाफ रुपये की चाल और कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी.

  • रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों पर ईंधन के दाम का असर झलक सकता है

    रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति के निर्णयों पर ईंधन के दाम का असर झलक सकता है

    रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की अगली बैठक के निष्कषों पर पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी का असर पड़ सकता है. एमपीसी की बैठक चार से शुरू होगी और तीन दिन चलेगी.  यह पहला मौका है जब प्रशासनिक जरूरतों के कारण मौद्रिक नीति समिति की बैठक तीन दिन चलेगी. सामान्य स्थिति में समिति मौद्रिक नीति की घोषणा से पहले दो महीने में दो दिन के लिये बैठक करती है. 

  • कच्चे तेल के दाम बढ़ने से रिजर्व बैंक अगस्त में दरें बढ़ाने को हो सकता है मजबूर: विश्लेषक

    कच्चे तेल के दाम बढ़ने से रिजर्व बैंक अगस्त में दरें बढ़ाने को हो सकता है मजबूर: विश्लेषक

    कच्चे तेल के दाम बढ़ने का देश में मुद्रास्फीति पर असर पड़ सकता है और इससे रिजर्व बैंक अगस्त में होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दर में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि करने पर मजबूर होना पड़ सकता है. एक विदेशी ब्रोकरेज एजेंसी ने यह कहा है. एजेंसी ने कहा है , ‘हालांकि शीर्ष बैंक जून में होने वाली आगामी समीक्षा में यथास्थिति बनाये रख सकता है.’

  • आरबीआई ने मौद्रिक समीक्षा बैठक की अवधि बढ़ाई, 4 जून से शुरू

    आरबीआई ने मौद्रिक समीक्षा बैठक की अवधि बढ़ाई, 4 जून से शुरू

    भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की दो दिवसीय बैठक एक दिन पहले 4 जून से शुरू होगी और " कुछ प्रशासनिक जरुरतों " की वजह से इसकी अवधि को दो से बढ़ाकर तीन दिन किया गया है. पहली बार एमपीसी की बैठक, दो दिन के बजाए तीन दिन होगी.

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