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युद्धकेविरुद्ध


'युद्धकेविरुद्ध' - 16 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • 'सर्जिकल स्‍ट्राइक' और सरकार के साथ लेकिन उन्‍माद और युद्ध के विरुद्ध ….

    'सर्जिकल स्‍ट्राइक' और सरकार के साथ लेकिन उन्‍माद और युद्ध के विरुद्ध ….

    अखबार और मीडिया की गुरुवार और शु‍क्रवार की हेडलांइस से समाज के हितों का कोई लेना-देना नहीं है. यह बस एकाकी राग है, मूल विषयों से ध्‍यान भटकाने और उस जंग के उस बेसुरे राग छेड़ने का जिसका कोई लक्ष्‍य मनुष्‍य से जुड़ाव नहीं रखता. मनुष्‍यता और जंग परस्‍पर विरोधी स्‍वर हैं.

  • #युद्धकेविरुद्ध : इतने अधीर क्यों हैं हम?

    #युद्धकेविरुद्ध : इतने अधीर क्यों हैं हम?

    उरी में आतंकवादी हमला हुए तकरीबन एक हफ्ते का वक़्त बीत चुका है. ऐसा नहीं है कि इस हमले में 18 जवानों की शहादत के बाद सेना या सरकार चुप बैठे हैं. बावजूद इसके देश में हर तरफ से ढेरों बातें आने लगी हैं. कोई कह रहा है कि सर्जिकल स्ट्राइक कीजिए तो कोई युद्ध न किये जाने का पैरोकार है.

  • #युद्धकेविरुद्ध : हां, जरूरी है यह युद्ध, आप लड़कर तो देखिये...

    #युद्धकेविरुद्ध : हां, जरूरी है यह युद्ध, आप लड़कर तो देखिये...

    सत्ता से बाहर बैठकर विरोध करने और सत्ता में बैठकर निर्णय लेने में बहुत फर्क होता है. सत्ता को यह समझ आ रहा है कि कश्मीर का हल किए बिना कोई भी ठोस नतीजा सामने नहीं आ सकता.

  • #युद्धकेविरुद्ध : आतंकवाद ही पाकिस्तानी मीडिया का राष्ट्रवाद है...!

    #युद्धकेविरुद्ध : आतंकवाद ही पाकिस्तानी मीडिया का राष्ट्रवाद है...!

    जब पेशावर में स्कूल में बच्चे मारे गए तो पूरा हिन्दुस्तान रोता है. हर चैनल हर अखबार हर पत्रकार रोता है. जब भी वहां धमाके में आम शहरियों की जान जाती है, हम सब रोते हैं. लेकिन पाकिस्तानी मीडिया का एक हिस्सा हिन्दुस्तानियों की मौत को हाफिज़ सईद और मसूद अज़हर जैसे आतंकवादी मंसूबों की जीत समझता है.

  • #युद्धकेविरुद्ध : गरीबी, बेरोजगारी से युद्ध का ऐलान, मोर्चे पर कब तैनात होंगे एंकर!

    #युद्धकेविरुद्ध : गरीबी, बेरोजगारी से युद्ध का ऐलान, मोर्चे पर कब तैनात होंगे एंकर!

    क्या सोमवार को युद्धकामी एंकर और चैनल ग़रीबी, कुपोषण, बेरोज़गारी और शिशु मृत्यु दर के आंकड़े निकाल कर प्राइम टाइम में बहस करेंगे? अगर भारत और पाकिस्तान के बीच इन बातों पर युद्ध करना होगा तो युद्धकामी एंकरों को कुपोषण और ग़रीबी पर बहस करने के लिए उन्हीं लोगों को बुलाना होगा जिन्हें वे दिन रात बददुआएं देते रहते हैं, जिन्हें एनजीओ टाइप बताकर पाकिस्तान के प्रेमी बताते हैं.

  • #युद्धकेविरुद्ध : यकीन मानिए देशभक्ति इससे भी पहचानी जाएगी !

    #युद्धकेविरुद्ध : यकीन मानिए देशभक्ति इससे भी पहचानी जाएगी !

    सतर्क रहिए, सुरक्षित रहिए. सुरक्षा के हर संभव इंतजाम कीजिए. लेकिन असली दुश्मनों को भी पहचानिए. पहचानिए कि नौकरशाही की कौन सी कुर्सी देश के लिए खतरनाक काम कर रही है.

  • #युद्धकेविरुद्ध : जंग के ढके-छुपे कुछ चेहरे

    #युद्धकेविरुद्ध : जंग के ढके-छुपे कुछ चेहरे

    इस समय युद्ध के नफे नुकसान, उसकी नीति अनीति और उसके इतिहास भूगोल पर खुलकर चर्चाएं हो रही हैं. एक सभ्य समाज के लिए इससे अच्छी और क्या बात हो सकती है. वैसे अब तो तेज तर्रारी की मुद्रा बनाकर सत्ता में आई सरकार भी सोच समझकर, सही समय पर सही कार्रवाई की बात करने लगी है.

  • #युद्धकेविरुद्ध : 'जंगबहादुरों' की ललकार और हकीकत की अनदेखी...

    #युद्धकेविरुद्ध : 'जंगबहादुरों' की ललकार और हकीकत की अनदेखी...

    मैं अक्सर कहता रहा हूं कि सिपाही जंग में शहीद नहीं होते, वे शासकों के अहंकार की बलि चढ़ाए जाते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जितने संयम से काम लेंगे, वह हमारे देश की गरीब जनता और जवानों के उतने ही हित में होगा.

  • #युद्धकेविरुद्ध : क्या हम एक वक्त खाने को तैयार हैं...?

    #युद्धकेविरुद्ध : क्या हम एक वक्त खाने को तैयार हैं...?

    बात-बात पर रिश्वत लेने-देने वाला, टैक्स बचाने के तमाम जतन करने वाला, सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाला, अपनी ही बहन-बेटियों के साथ बलात्कार करने वाला, हत्याएं करने वाला, पड़ोसियों से जलने वाला, एक-दूसरे को नीचा दिखाने वाला यह समाज जब देशभक्ति की बातें करता है, तो इन्हें पचाना आसान नहीं होता...?

  • #युद्धकेविरुद्ध : युद्ध से पहले प्रधानमंत्री ये 35 काम ज़रूर करें

    #युद्धकेविरुद्ध : युद्ध से पहले प्रधानमंत्री ये 35 काम ज़रूर करें

    हमला सिर्फ उड़ी के बेस कैंप पर नहीं हुआ है बल्कि सोशल मीडिया पर बने भक्तों के कैंप पर भी हो गया है. विरोधी को भी छर्रे लग गए हैं. दोनों चीख़ रहे हैं. युद्ध की ललकार और न होने पर फटकार की भरमार हो गई है. प्रधानमंत्री क्या करें, क्या न करें की बाढ़ आई हुई है. इसी सैलाब से भयाक्रांत होकर मैंने तय कर लिया है कि प्रधानमंत्री कभी नहीं बनूंगा.

  • #युद्धकेविरुद्ध : क्यों हो रही है युद्ध की बात, आखिर क्यों...?

    #युद्धकेविरुद्ध : क्यों हो रही है युद्ध की बात, आखिर क्यों...?

    जंग की बात जब भी होती है, मन विचलित हो जाता है. कहां हम 'ग्लोबल' हो जाने की बात कर रहे हैं, बाज़ार का विस्तार कर रहे हैं, एक देश के होनहार बच्चे दूसरे मुल्क की नामचीन यूनिवर्सिटी में तालीम ले रहे हैं, कलाकार अपनी कला का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं... ऐसे में सच पूछिए, युद्ध जैसे शब्द से चिढ़ होती है. मत करिए युद्ध की बात, मिलकर-बैठकर बात करिए. बातचीत से हर मसले का हल निकल सकता है, बशर्ते बातचीत गंभीर हो.

  • #युद्धकेविरुद्ध : युद्ध से बना ही रहता है युद्धों का सिलसिला...

    #युद्धकेविरुद्ध : युद्ध से बना ही रहता है युद्धों का सिलसिला...

    युद्ध से युद्धों का सिलसिला ही बना रहता है, जो हमारी खुशहाली के लिए कतई मुनासिब नहीं है. हमें अपने राष्ट्रीय अहम् पर बेशक कायम रहना चाहिए, लेकिन इस दुश्चक्र को तोड़ने के स्थायी उपायों पर गौर करना चाहिए.

  • #युद्धकेविरुद्ध : रोकने से ही युद्ध रुकेगा!

    #युद्धकेविरुद्ध : रोकने से ही युद्ध रुकेगा!

    बात पाकिस्तान की हो, या भारत की, इस टकराव से जूझते हुए दो पीढ़ियां गुजर गईं. जिन्होंने 1947 के मंजर देखे थे, ज्यादातर तो अब रहे ही नहीं, फिर ऐसा क्या हो रहा है कि उनमें ज्यादा हिंसा और प्रतिशोध है, जिन्होंने उस मंजर को देखा ही नहीं था. यह मानस तैयार कौन कर रहा है कि बिना अवकाश एक बड़ा तबका युद्ध के उद्घोष के साथ की दिन की शुरुआत करता है. क्या उन्हें अंदाजा है कि मानव इतिहास में किसी भी युद्ध ने इंसानियत का झंडा नहीं लहराया है?

  • #युद्धकेविरुद्ध : सत्ता का सोशल मीडिया काल और युद्धोन्मादी ताल

    #युद्धकेविरुद्ध  : सत्ता का सोशल मीडिया काल और युद्धोन्मादी ताल

    पाकिस्तान पर बम मार दो. उसका समूल विनाश कर दो. ईंट से ईंट बजा दो. इस बार मत छोड़ो. इस तरह की बातों से न सिर्फ सोशल मीडिया भरा पड़ा है बल्कि न्यूज़ चैनलों के स्‍टूडियोज़ से भी ऐसी ही चीख सुनाई पड़ रही है.

  • #युद्धकेविरुद्ध : युद्धवाद के बीमार मनोविज्ञान से उबरें...

    #युद्धकेविरुद्ध : युद्धवाद के बीमार मनोविज्ञान से उबरें...

    असली सवाल यहीं छुपा है- इस युद्धवाद में कितना देशप्रेम है और कितना वह उन्माद जो हाल के वर्षों में बाकायदा एक विचारधारा की तरह विकसित किया गया है? वे कौन से लोग हैं जो विपक्ष में रहते हुए भारत के पौरुष को ललकारते रहे और एक के बदले दस सैनिकों के सिर काट कर लाने की बात करते रहे?

  • #युद्धकेविरुद्ध : जो युद्ध आ रहा है...वो पहला नहीं होगा....

    #युद्धकेविरुद्ध : जो युद्ध आ रहा है...वो पहला नहीं होगा....

    हिन्दुस्तान सोचना दाना मांझी को, पाकिस्तान सोचना 20 साल के लड़के को जो लाख रुपये में सरहद पार चला आता है... मरने के लिए... न-न बरगलाना मत उसे गाजी या शहीद नहीं बनना था... सिर्फ परिवार का पेट भरना था...

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