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यूपी चुनाव


'यूपी चुनाव' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बेरोज़गारी के मुद्दे का हल कब तक निकलेगा?

    बरोज़गारी का सवाल अजीब होता है. न चुनाव में होता है और न चुनाव के बाद होता है. सरकारी सेक्टर की नौकरियों की परीक्षाओं का हाल विकराल है. मध्यप्रेश, बिहार, यूपी से रोज़ किसी न किसी परीक्षा के नौजवानों के मेसेज आते रहते हैं. इनकी संख्या लाखों में है फिर भी सरकारों को फर्क नहीं पड़ता. किसी परीक्षा में इंतज़ार की अवधि सात महीने है तो किसी परीक्षा में 3 साल.

  • यूपी के इन चुनावों में भी उम्मीदवार उतारेगी आम आदमी पार्टी

    यूपी के इन चुनावों में भी उम्मीदवार उतारेगी आम आदमी पार्टी

    यूपी में पैठ मजबूत करने के लिए आप ने अगले साल सितंबर में होने जा रहे जिला पंचायत और ब्लॉक प्रमुख के चुनावों में अपने उम्मीदवार खड़े करने का निर्णय किया है.राज्यसभा सदस्य एवं आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश मामलों के प्रभारी संजय सिंह ने कहा कि पार्टी जल्द ही एक राज्यस्तरीय राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) का गठन करेगी जो संगठन की गतिविधियों पर नजर रखेगी.

  • सीएम योगी का प्रियंका गांधी को जवाब- अंगूर खट्टे हैं...अब दिल्ली-इटली-इंग्लैंड में बैठकर कमेंट करना पड़ रहा है ताकि हेडलाइन में बने रहें

    सीएम योगी का प्रियंका गांधी को जवाब- अंगूर खट्टे हैं...अब दिल्ली-इटली-इंग्लैंड में बैठकर कमेंट करना पड़ रहा है ताकि हेडलाइन में बने रहें

    उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा, 'अंगूर खट्टे हैं जैसा मामला है. उनकी पार्टी के अध्यक्ष चुनाव हार गए हैं तो अब दिल्ली-इटली-इंग्लैंड में बैठकर कमेंट करना पड़ रहा है ताकि हेडलाइन में बने रहें'. आपको बता दें कि  उत्तर प्रदेश में अपराध की हालिया घटनाओं को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने दावा किया कि राज्य में अपराधी सरेआम मनमानी करते घूम रहे हैं लेकिन इससे सरकार पर कोई असर नहीं हो रहा है.

  • लोकसभा चुनाव में हार के बाद 'एक्शन' में कांग्रेस, UP-बिहार की इकाइयों को भंग करने की तैयारी

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद 'एक्शन' में कांग्रेस, UP-बिहार की इकाइयों को भंग करने की तैयारी

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर उठापटक का दौर जारी है. इस बीच पार्टी की कर्नाटक प्रदेश इकाई को भंग होने के एक दिन बाद पार्टी सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि कुछ और प्रदेशों की इकाइयों में बदलाव किया जा सकता है. लोकसभा चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद यह कार्रवाई की जा रही है.

  • राहुल गांधी के जन्मदिन पर PM मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई तो कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐसे दिया जवाब

    राहुल गांधी के जन्मदिन पर PM मोदी ने ट्वीट कर दी बधाई तो कांग्रेस अध्यक्ष ने ऐसे दिया जवाब

    लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राफेल डील में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे. राहुल गांधी ने अपने प्रचार के दौरान 'चौकीदार चोर है' के नारे खूब लगाए थे. पीएम मोदी और राहुल गांधी के बीच राजीव गांधी को लेकर भी दोनों में बहस हुए थी. पीएम मोदी ने यूपी में एक रैली के दौरान राजीव गांधी को 'भ्रष्टाचारी नंबर 1' बताया था. इसके जवाब में राहुल गांधी ने पीएम मोदी को झप्पी का ऑफर देते हुए कहा था कि आपके 'कर्मों' का फल मिलेगा. हालांकि, राहुल गांधी की पूरी कोशिश के बाद भी कांग्रेस प्रदर्शन नहीं कर पाई. कांग्रेस के खाते में केवल 52 सीटें आईं. इस बार राहुल गांधी अपनी लोकसभा सीट अमेठी भी नहीं बचा पाए. हालांकि, उन्होंने केरल के वायनाड सीट से जीत हासिल की है.

  • मायावती ने लगाया सरकार पर आरोप, ट्वीट कर लिखा- 'लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में दलितों-अल्पसंख्यकों पर...'

    मायावती ने लगाया सरकार पर आरोप, ट्वीट कर लिखा- 'लोकसभा चुनाव के बाद यूपी में दलितों-अल्पसंख्यकों पर...'

    मायावती ने ट्वीट कर कहा, “उप्र के प्रतापगढ़ में दलित किसान की जलाकर कथित हत्या, डॉक्टरों की कल हड़ताल के दौरान लोहिया अस्पताल में उत्पात वास्तव में ज्यादती की उस श्रृंखला की ताजा कड़ी है जो लोकसभा चुनाव के बाद दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हैं.”

  • मिशन उत्तर प्रदेश 2022 में जुटीं प्रियंका गांधी, चुनावों के लिए बनाई ये रणनीति

    मिशन उत्तर प्रदेश 2022 में जुटीं प्रियंका गांधी, चुनावों के लिए बनाई ये रणनीति

    प्रियंका गांधी, राहुल गांधी के आवास पर हर मंगलवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से अपराह्न् एक बजे तक कार्यकर्ताओं से मिला करेंगी. कांग्रेस के एक वरिष्ठ सूत्र ने कहा कि लोकसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद से प्रियंका गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपने आवास पर मिलना शुरू किया था.

  • लोकसभा चुनावों के बाद यूपी में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी, उठी ये मांग

    लोकसभा चुनावों के बाद यूपी में कार्यकर्ताओं से मिलने पहुंची प्रियंका गांधी, उठी ये मांग

    कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रियंका गांधी को 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने की मांग की. प्रियंका ने यहां अतिथिगृह में नेताओं- कार्यकर्ताओं सबसे अलग-अलग मुलाकात की और सबकी बात सुनीप्रियंका ने अलग-अलग जिलाध्यक्षों और समन्वयकों से भी बातचीत की और उनसे फीडबैक लिया. 

  • चुनाव बाद यूपी पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 25 IPS अधिकारियों का हुआ तबादला

    चुनाव बाद यूपी पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, 25 IPS अधिकारियों का हुआ तबादला

    लोकसभा चुनाव के बाद पुलिस विभाग में पहला बड़ा फेरबदल करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिये.  

  • भीषण गर्मी में यूपी में बिजली कटौती : 'चुनाव खत्म हो चुका है, स्मृति ईरानी जीत चुकी हैं, अब अमेठी से बिजली चली गई है'

    भीषण गर्मी में यूपी में बिजली कटौती :  'चुनाव खत्म हो चुका है, स्मृति ईरानी जीत चुकी हैं, अब अमेठी से बिजली चली गई है'

    लोकसभा चुनाव 2019 समाप्त हो गए और इसी के साथ उत्तर प्रदेश में बिजली की निर्बाध आपूर्ति की रौनक भी चली गई. जैसे-जैसे गर्मी का पारा ऊपर चढ़ता गया, राज्य में शहरों और गांवों में अघोषित बिजली कटौती बढ़ती गई और गर्मी में जीना और मुहाल हो गया. अमेठी में जगदीशपुर एक ऐसी ही जगह है जिसने चुनाव के दौरान निर्बाध बिजली का मजा लिया. अब स्थिति बदल गई है. जगदीशपुर के व्यापारी बेचू खान ने कहा, "अब चुनाव खत्म हो चुका है, स्मृति ईरानी जीत चुकी हैं, अब अमेठी से बिजली चली गई है. हम घंटों की कटौती झेल रहे हैं और कोई अधिकारी हमारे सवालों का जवाब देने के लिए तैयार नहीं है." सुल्तानपुर जिले के लंभुआ के अर्जुनपुर गांव में विवेक सिंह ने भी कुछ ऐसी ही कहानी सुनाई. उन्होंने कहा, "हम तो अब, जब बिजली आती है तो जश्न मनाते हैं. पूरे दिन बिजली गायब रही. आधी रात को ही पंखा चलता है और वह भी कुछ घंटे के लिए."

  • SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    SP-BSP गठबंधन टूटने की खबरों पर BJP का तंज, यूपी के डिप्टी सीएम ने कही यह बात...

    यूपी में बना महागठबंधन लोकसभा चुनावों में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. इसके लेकर बीजेपी ने तंज कसा है. मायावती (Mayawati) के फैसले के बाद प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, 'चुनाव के पहले जो गठबंधन हुआ था हार के बाद आज वह अंतिम सांसे, अंतिम हिचकियां ले रहा है, एक तरह से वह वेंटिलेटर पर है, कभी भी, वेंटिलेटर पर जो हिचकियां है वह और बढ़ सकती है.'

  • यूपी में मायावती के उप-चुनाव अकेले लड़ने के फैसले के बाद अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर दिया बयान, कही यह बात...

    यूपी में मायावती के उप-चुनाव अकेले लड़ने के फैसले के बाद अखिलेश यादव ने लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर दिया बयान, कही यह बात...

    उन्होंने (Akhilesh Yadav) इशारों में सपा की हार का ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ते हुए कहा कि बताइए हर दिन टीवी पर कौन दिखता था, किसका टीवी था? वे हमारे दिमाग में टीवी और मोबाइल से खेले. यह अलग किस्म की लड़ाई थी, हम इस लड़ाई को नहीं समझ पाए. जिस दिन हम इस लड़ाई को समझ जाएंगे उस दिन जीत जाएंगे. अखिलेश यादव ने कहा कि विरोधी काफी ताकतवर हैं लेकिन सामाजिक गठबंधन के जरिए उन्हें मात देने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा.

  • यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भविष्यवाणी 100% सच साबित हुई, जानिये PM ने क्या कहा था? 10 बातें...

    यूपी में बना महागठबंधन (Mahagathbandhan) पहले लोकसभा चुनावों (Lok Sabha Elections) में अपने लक्ष्य पाने में नाकाम रहा और उसके बाद अब वह टूटता नज़र आ रहा है. पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के साथ-साथ कई नेताओं ने बुआ-बबुआ की जोड़ी को चुनाव परिणाम के बाद टूटने की बात कही थी. बता दें कि दिल्ली में कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक में मायावती (Mayawati) ने साफ कर दिया कि विधानसभा की 11 सीटों पर होने वाले उपचुनावों में BSP अकेले लड़ेगी. वैसे ये भी एक नया चलन है, क्योंकि बीएसपी (BSP) आम तौर पर उपचुनाव लड़ने से अब तक परहेज करती रही है, लेकिन आज की बैठक में मायावती ने जो कुछ कहा, उससे साफ है कि वो नई राजनीतिक लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही हैं और गठबंधन उनके लिए अप्रासंगिक हो रहा है. बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले 12 जनवरी को उत्तर प्रदेश की राजनीति के दो कट्टर प्रतिद्वंद्वी समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने मिलकर आम चुनाव लड़ने का ऐतिहासिक फैसला लिया था, लेकिन चुनाव में इस गठबंधन को उम्मीद के मुताबिक कामयाबी नहीं मिली. बसपा के खाते में 10 सीटें आईं, जबकि सपा को 5 सीट से ही संतोष करना पड़ा. हालांकि गठबंधन तोड़ने का ऐलान अभी तक बसपा प्रमुख मायावती ने औपचारिक रूप से नहीं किया है. इन सबके बाद अब पीएम नरेंद्र मोदी की यह भविष्यवाणी सच साबित हो गई कि चुनाव बात यह गठबंधन टूट जाएगा. पीएम मोदी के साथ-साथ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी चुनाव बाद इस गठबंधन के टूटने की बात कही थी.

  • सपा-बसपा की राह हुई अलग? इन 5 वजहों से टूट गया गठबंधन

    सपा-बसपा की राह हुई अलग? इन 5 वजहों से टूट गया गठबंधन

    समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच लोकसभा चुनाव से पहले हुए गठबंधन का अंत हो गया है. हालांकि इसकी कोई अभी तक औपचारिक घोषणा नहीं हुई है लेकिन मायावती ने 11 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में अकेले दम पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर गठबंधन की स्‍थ‍िति साफ कर दी है. इस मसले पर अभी सपा की ओर से कोई बयान नहीं आया है. सपा-बसपा गठबंधन को पहले भी राजनीतिक विश्‍लेषक बेमेल समझौता बताते आ रहे थे. इस दौरान मायावती की चालाकी का भी जिक्र आया कि कैसे उन्‍होंने अखिलेश यादव के खाते में उन सीटों को दे दिया जिस पर उनकी जीत की कोई गुंजाइश नहीं बन पा रही थी. लखनऊ, गोरखपुर, बनारस, गाजियाबद जैसी लोकसभा सीटें इसके उदाहरण हैं. गठबंधन को लेकर सपा के संस्‍थापक और पूर्व मुख्‍यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुश नहीं थे. अपनी नाराजगी उन्‍होंने साफ जाहिर कर दी थी. सपा से अलग होकर शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी बनाई और अपने उम्‍मीदवार सभी सीटों पर उतारे. शिवपाल यादव ने भी इस गठबंधन का मजाक उड़ाया था. गेस्‍ट हाउस कांड का भी जिक्र आया लेकिन कहा गया कि दोनों पार्टियां अब इस हादसे से उबर चुकी हैं. मंच पर मायावती के साथ मुलायम और अखिलेश की कई तस्‍वीरें सामने आईं. हालांकि एक चुनावी भाषण में मायावती यह कहने से नहीं चूकीं कि सपा के कार्यकर्ताओं को बसपा के लोगों से काफी कुछ सीखने की जरूरत है.

  • मायावती ने तोड़ा सपा से गठबंधन? कहा- यादव वोट ट्रांसफर नहीं हुए, विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ेगी बीएसपी

    मायावती ने तोड़ा सपा से गठबंधन? कहा- यादव वोट ट्रांसफर नहीं हुए, विधानसभा उप चुनाव अकेले लड़ेगी बीएसपी

    SP BSP alliance: बीएसपी सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने कहा है कि लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) में यादव वोट बीएसपी (BSP) के पक्ष में ट्रांसफर नहीं हुए हैं इसलिए बीएसपी अब उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में अकेले लड़ेगी.

  • काशी की बेटियों से लेकर यूपी के गरीबों तक, PM मोदी ने भाषण में कही ये 10 खास बातें

    काशी की बेटियों से लेकर यूपी के गरीबों तक, PM मोदी ने भाषण में कही ये 10 खास बातें

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) वाराणसी में एक बार फिर से सांसद चुने जाने के बाद सोमवार को पहली बार वाराणसी (काशी) पहुंचे. यहां पीएम मोदी (PM Modi) ने भगवान भोले नाथ के दर्शन किए. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) के साथ काशी (Kashi) पहुंचे. मोदी ने अपने इस एकदिवसीय दौरे की शुरुआत काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन से की. उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी थे. पीएम मोदी (PM Modi) काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में पूजा-अर्चना के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला केन्द्र में आयोजित समारोह को संबोधित किया. आइए जानते हैं पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें-

  • मुस्लिम महिला ने अपने बच्चे का नाम नरेंद्र मोदी रखा, हैरान कर देगी वजह

    मुस्लिम महिला ने अपने बच्चे का नाम नरेंद्र मोदी रखा, हैरान कर देगी वजह

    पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों और कार्यक्रमों से प्रभावित होकर यूपी के गोंडा में एक मुस्लिम परिवार ने अपने नवजात शिशु का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रखा है. साथ ही सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को इस आशय का शपथ पत्र देते हुए बच्चे का नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का अनुरोध किया है.

  • Results 2019: ...तो इस वजह से बिहार में हुई महागठबंधन की दुर्गति

    Results 2019: ...तो इस वजह से बिहार में हुई महागठबंधन की दुर्गति

    बिहार में शायद 1991 के बाद इस बार के लोकसभा चुनाव का परिणाम होगा जहां सत्तारूढ़ दल ने विपक्ष को मात्र एक सीट पर समेट दिया. 1991 के चुनाव में सामाजिक न्याय की हवा और लालू यादव के नेतृत्व के कारण कांग्रेस पार्टी एक मात्र बेगूसराय की सीट जीत पायी थी और भाजपा को चार सीटें अब के झारखंड में मिली थीं. लेकिन इस बार भी उसी कांग्रेस पार्टी को किशनगंज सीट से संतोष करना पड़ा. लेकिन इस बार के बाद सब इस पराजय का कारण जानने में लगे हैं लेकिन सरसरी नज़र से देखें तो इस परिणाम के कारण कुछ यूं हैं...