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रवीश कुमार


'रवीश कुमार' - 879 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मैं प्रधानमंत्री को इस बात की याद दिलाता रहूंगा...

    मैं प्रधानमंत्री को इस बात की याद दिलाता रहूंगा...

    मैं अब भी कर्नाटक चुनावों में नेहरू और भगत सिंह को लेकर बोले गए झूठ से ज़्यादा परेशान हूं. प्रधानमंत्री ने सही बात बताने पर सुधार की बात कही थी. सारे तथ्य बताने के बाद भी उन्होंने अभी तक सुधार नहीं किया है. मेरे लिए येदियुरप्पा प्रकरण से भी यह गंभीर मामला है.

  • देश के कृषि मंत्री बनें येदियुरप्पा और न्यूज एंकर बनाए जाएं बीजेपी महासचिव

    देश के कृषि मंत्री बनें येदियुरप्पा और न्यूज एंकर बनाए जाएं बीजेपी महासचिव

    येदियुरप्पा ने किसानों की जितनी बात की है उतनी तो चार साल में देश के कृषि मंत्री ने नहीं की होगी. उन्हें ही कृषि मंत्री बना देना चाहिए और न्यूज एंकरों को बीजेपी का महासचिव. एक एंकर बोल रहा था कि येदियुरप्पा इस्तीफा देंगे. नेरेंद्र मोदी कभी इस तरह की राजनीति को मंजूरी नहीं देते.

  • 'पूरब और पश्चिम' के एक गीत के संदर्भ में कर्नाटक की व्याख्या

    'पूरब और पश्चिम' के एक गीत के संदर्भ में कर्नाटक की व्याख्या

    अभी तुमको मेरी ज़रूरत नहीं, बहुत चाहने वाले मिल जाएंगे... अभी रूप का एक सागर हो तुम, कंवल जितने चाहोगी, खिल जाएंगे..." पंक्तियों का संबंध कर्नाटक में चल रही गतिविधियों से नहीं है, मगर इस गाने में नायक मनोज कुमार का घर देखकर लगता है कि वह कम से कम राज्यपाल तो होंगे ही.

  • कर्नाटक के राज्‍यपाल के फैसले पर उठे सवाल

    कर्नाटक के राज्‍यपाल के फैसले पर उठे सवाल

    सुप्रीम कोर्ट के रात भर जाग जाने से जो दिन दहाड़े हो रहा था उसके होने पर कोई आंच नहीं आई. पर यह क्या कम है कि सुप्रीम कोर्ट के जज साहिबान रात भर सरकार और विपक्ष का पक्ष सुनते रहे. ऐसे वक्त में जब कोई सुन ले इसकी तलाश में नेता नहीं जनता भी मारी मारी फिर रही है, देश की सर्वोच्च अदालत के सुन लेने से ही करार आ जाना चाहिए.

  • कर्नाटक मामले में सुप्रीम कोर्ट वही कहेगा जो 2005 में झारखंड मामले में कह चुका है?

    कर्नाटक मामले में सुप्रीम कोर्ट वही कहेगा जो 2005 में झारखंड मामले में कह चुका है?

    कर्नाटक राज्यपाल के फैसले और वहां सरकार बनाने की दावेदारी के संदर्भ में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है. इसके पहले आपको 2005 में झारखंड मामले में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच के फैसले और बहस के दौरान मुकुल रोहतगी और अभिषेक मनु सिंघवी की दलील को पढ़ लीजिए, आप तीन दिनों तक बिस्तर से नहीं उठेंगे कि नेता और वकील कैसे वक्त आने पर अपने ही कहे के खिलाफ मज़बूती से तर्क करते हैं.

  • क्या डूब जाएगा पंजाब नेशनल बैंक, रुपया कमज़ोर, महंगा पेट्रोल, जीएसटी से तबाह सूरत

    क्या डूब जाएगा पंजाब नेशनल बैंक, रुपया कमज़ोर, महंगा पेट्रोल, जीएसटी से तबाह सूरत

    पंजाब नेशनल का घाटा भारत के इतिहास में सबसे बड़ा बैकिंग घाटा बन गया है. 2017-18 की चौथी तिमाही में में घोटाले से जूझ रहे इस बैंक को 13,417 करोड़ का घाटा हुआ है. बैंक ने जितने भी लोन दिए हैं अब उसका एनपीए 18.38 प्रतिशत हो गया है. एक साल पहले 12.5 प्रतिशत था यानी 6 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ा है.

  • विपक्ष में बैठना चाहिए कांग्रेस को, जनादेश भाजपा के लिए है

    विपक्ष में बैठना चाहिए कांग्रेस को, जनादेश भाजपा के लिए है

    कांग्रेस के पास सरकार बनाने की क्षमता नहीं है. अगर बीजेपी इस खेल में उतर गई तो सरकार उसी की बनेगी. इससे अच्छा है पीछे हट जाना. जनता ने जिस पार्टी की सरकार का सोच कर वोट किया है, उसे मौका मिलना चाहिए.

  • रेल चाहे सरकती रहे, प्रमोट हो गए पीयूष गोयल, मिला वित्त का प्रभार

    रेल चाहे सरकती रहे, प्रमोट हो गए पीयूष गोयल, मिला वित्त का प्रभार

    14 मई की शाम 8 बजे के आसपास 68 फीसदी ट्रेनें लेट चल रही थीं. railradar.railyatri.in पर भारतीय रेल की यह स्थिति काफी शर्मनाक लग रही थी. शाम 8 बजे से लेकर 9 बजे के बीच कुछ ट्रेनों का हाल भी देख लीजिए. हो सकता है अब इनमें कुछ बदलाव हो गया हो मगर उस वक्त इनके लेट होने की क्षमता देखिए फिर मंत्रियों की छवि बनाने के पीछे जो पी आर हो रहा है उसे समझिए.

  • बंगाल के पंचायत चुनाव शर्मसार करने वाले हैं

    बंगाल के पंचायत चुनाव शर्मसार करने वाले हैं

    बंगाल के पंचायत चुनाव शर्मसार करने वाले हैं. मतदान शुरू नहीं हुआ कि कई जगहों पर सुबह के वक्त ही बम बंदूक गोली चलने लगी. आम तौर पर दोपहर बाद हिंसा होती थी मगर सुबह ही हिंसा होने लगी. थाने के पास, पोलिंग बूथ के करीब हिंसा हुई है. बम चले हैं और गोली चली है. मारपीट तो जाने कितनी जगह हुई. बीजेपी कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या हुई है. तृणमूल का कार्यकर्ता भी मार दिया गया.

  • क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    क्या रेलयात्री अपने अधिकारों पर ज़ोर देते हैं?

    भारतीय रेल की एक खूबी है. वो जैसे चाहती है यात्री उसके हिसाब से ढल जाते हैं. अगर ट्रेन 30 घंटे की देरी से चले तो यात्री उसके हिसाब से एडजस्ट हो जाते हैं. असुविधाओं से एडस्ट होना यात्री होना होता है. हम रेल के हर सवाल से इतना एडजस्ट कर चुके हैं कि तीस घंटे की देरी से पहुंच कर भी सीधा घर चले जाते हैं. क्योंकि हम अपने समय का सम्मान नहीं करते हैं.

  • रितिक के दिमाग़ में ज़हर कौन भर रहा है...

    रितिक के दिमाग़ में ज़हर कौन भर रहा है...

    प्रिय रितिक, आपने जिस भाषा का इस्तमाल किया है वह सही नहीं है. इस भाषा के पीछे जो सोच है वो आपको एकदिन अपराध की दुनिया में ले जाएगी. आपने अपनी उम्र 18 साल बताई है.

  • NDTV का असर : रवीश कुमार ने उठाया ट्रेनों की लेट-लतीफी का मुद्दा, रेलवे विभाग आया हरकत में

    NDTV का असर : रवीश कुमार ने उठाया ट्रेनों की लेट-लतीफी का मुद्दा, रेलवे विभाग आया हरकत में

    एनडीटीवी इंडिया के रवीश कुमार द्वारा 'प्राइम टाइम' में ट्रेनों की लेट-लतीफी का मुद्दा उठाने और इस पर सीरीज शुरू करने के बाद रेलवे हरकत में आया है. समस्या को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हो गई है. शनिवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अश्वनी लोहानी ने ट्रेनों की लेट-लतीफी के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले जोन की समीक्षा बैठक ली.

  • फ्रांस में तीन महीने लंबी रेल हड़ताल, निजीकरण को लेकर है लड़ाई

    फ्रांस में तीन महीने लंबी रेल हड़ताल, निजीकरण को लेकर है लड़ाई

    फ्रांस में चार हफ्ते से रेल की हड़ताल चल रही है जो जून के अंत तक या अगस्त तक भी जारी रह सकती है. हर सप्ताह दो दिन फ्रांस रेलवे बंद हो जाती है. वहां की रेल भारत की तरह सरकार चलाती है जिसे SNCF कहते हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति रेलवे का निजीकरण कर रहे हैं ताकि नई कंपनियां आएं और प्रतियोगिता बढ़े. दुनिया की कोई भी सरकार हो, निजीकरण से पहले यही तर्क देती है.

  • दुनियाभर में बड़े उलट फेर, क्या बने रहेंगे भारत-ईरान संबंध?

    दुनियाभर में बड़े उलट फेर, क्या बने रहेंगे भारत-ईरान संबंध?

    पिछले कुछ दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी कुछ हुआ है. मध्य एशिया में स्थिति फिर से बिगड़ने लगी है. अमेरिका के राष्ट्रपति ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते से अलग कर लिया है. मलेशिया के चुनावी नतीजों से भी दुनिया हैरान है. इस वक्त जब दुनिया जवान दिख रही है, नेताओं की मार्केटिंग यंग लीडर के रूप में हो रही है, 92 साल के महाथिर मोहम्मद ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है.

  • नेहरू से लड़ते-लड़ते अपने भाषणों में हारने लगे हैं नरेंद्र मोदी

    नेहरू से लड़ते-लड़ते अपने भाषणों में हारने लगे हैं नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के लिए चुनाव जीतना बड़ी बात नहीं है. वह जितने चुनाव जीत चुके हैं या जिता चुके हैं, यह रिकॉर्ड भी लंबे समय तक रहेगा. कर्नाटक की जीत कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन आज प्रधानमंत्री को अपनी हार देखनी चाहिए. वह किस तरह अपने भाषणों में हारते जा रहे हैं.

  • इतिहास से खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं पीएम मोदी?

    इतिहास से खिलवाड़ क्यों कर रहे हैं पीएम मोदी?

    आवश्यकता है ऐसे किसी भी व्यक्ति कि जो नेहरू और भगत सिंह पर गलत-सलत जानकारी रखता हो, या ऐसी जानकारी रखता हो जिसे गलत तरीके से पेश किया जा सके. ऐसे किसी योग्य को तुरंत उन लोगों से संपर्क करना चाहिए जो प्रधानमंत्री के भाषण के लिए रिसर्च करते हैं या फिर सीधे प्रधानमंत्री से ही संपर्क करना चाहिए. जरूरी है कि योग्य व्यक्ति इतिहास के बारे में कुछ नहीं जानता हो या फिर वही जानता हो जो इतिहास में ही न हो.

  • परमाणु करार से अमेरिका के बाहर होने के बाद अब भारत ने दी यह प्रतिक्रिया

    परमाणु करार से अमेरिका के बाहर होने के बाद अब भारत ने दी यह प्रतिक्रिया

    परमाणु करार से अमेरिका के अलग हो जाने पर संभलकर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने कहा कि सभी संबद्ध पक्षों को मुद्दे का शांतिपूर्ण तरीके से समाधान करने के लिए रचनात्मक तरीके से संवाद करना चाहिये. साथ ही विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि मुद्दे का समाधान ढूंढने के दौरान परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के ईरान के अधिकार के साथ-साथ ईरान के परमाणु कार्यक्रम की शांतिपूर्ण प्रकृति में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ठोस दिलचस्पी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए.

  • क्या सरकार को किसानों की वाकई फिक्र है?

    क्या सरकार को किसानों की वाकई फिक्र है?

    न्यूज चैनलों पर नेताओं के भाषणों का अतिक्रमण हो गया है. उनके भाषण झूठ से भरे होते हैं, उन्माद फैलाने वाले होते हैं, मुद्दों से भटकाने वाले होते हैं. इतिहास तो गलत होता ही है. दूसरी तरफ आम जनता अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर लाचार खड़ी है कि कोई उसे आवाज़ दे दे. मध्य प्रदेश में सिपाही की परीक्षा देने वाले छात्र अब गिड़गिड़ाने की स्थिति में आ गए हैं. रो रहे हैं कि कोई उनकी बात सामने रख दे.

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