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रवीश कुमार


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  • कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के 50 दिन पूरे

    कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन के 50 दिन पूरे

    संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि वह सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी को महत्व नहीं देना चाहता है. कमेटी के सदस्यों को लेकर काफी आलोचना हो रही है और उनकी आलोचना के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट की भी हो रही है. किसान आंदोलन के 51 दिन हो गए.

  • किसान संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी को ठुकराया

    किसान संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट की बनाई कमेटी को ठुकराया

    जितने स्पष्ट किसान थे कि कोर्ट की कमेटी में नहीं जाना है उतना ही स्पष्ट अदालत थी कि कमेटी बनानी ही है. कमेटी बन गई है और सदस्यों के नाम आ गए हैं. सरकार भी चाहती थी कि कमेटी बन जाए. सरकार नहीं चाहती थी कि कानून के लागू होने पर रोक लगे. सुप्रीम कोर्ट ने कानून के लागू होने पर रोक लगा दी है. सोमवार को लगा था कि सरकार कटघरे में है, मंगलवार को लग रहा है किसान कटघरे में हैं.

  • कृषि कानूनों पर सरकार के रुख से सुप्रीम कोर्ट नाराज...

    कृषि कानूनों पर सरकार के रुख से सुप्रीम कोर्ट नाराज...

    आपको विश्वास हो या न हो, हम सुप्रीम कोर्ट हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा तो किसानों से लेकिन अहसास करा दिया सरकार को कि हम सुप्रीम कोर्ट हैं. कोर्ट के सवालों के सामने सरकार के वकील बल्लेबाजों के विकेट कभी उखड़ते नज़र आए तो कभी गेंद कहीं और बल्ला कहीं और. पूरी बहस से अगर आप सरकारी पक्ष के तमाम वकीलों की दलीलों से कुछ वाक्यों को चुन लें तो पता चलता है कि सरकार कितने कमज़ोर दलीलों से लड़ रही है और उसकी असली चिन्ता क्या है?

  • किसान आंदोलन का मुक़ाबला सूचना तंत्र से

    किसान आंदोलन का मुक़ाबला सूचना तंत्र से

    एक महीना पहले हाईवे को बीच से काट देने और सीमेंट के बने भीमकाय बोल्डरों से रास्ता रोकने की तस्वीरों से लगा था कि किसान बैरिकेड की दीवार नहीं पार कर पाएंगे. बेशक सरकार ने किसानों को दिल्ली आने से रोक दिया लेकिन किसानों ने भी अपने आंदोलन को बैरिकेड में बदल दिया है. किसान आंदोलन सरकार के बनाए बैरिकेड की दीवारों से अपनी दीवार ऊंची करने लगा. मगर बैरिकेड सिर्फ वही नहीं थे जिसे पुलिस लगा रही थी.

  • लगातार बड़ा हो रहा है किसानों के आंदोलन का दायरा

    लगातार बड़ा हो रहा है किसानों के आंदोलन का दायरा

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को मंगलवार को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा. मुख्यमंत्री अंबाला में नगरपालिका के चुनाव प्रचार के लिए गए थे लेकिन उनके काफिले के बीचे नारे लगाते किसानों का काफिला चलने लगा.

  • बिहार में मंडी ख़त्म हुई तो बिहार के किसान बर्बाद हो गए

    बिहार में मंडी ख़त्म हुई तो बिहार के किसान बर्बाद हो गए

    बिहार के किसानों को गेहूं और धान का दाम नहीं मिलता है. मक्का और दाल का भी नहीं मिलता है. अगर वहां मंडी होती तो कुछ प्रतिशत ही सही किसानों को MSP तो मिलती.

  • आतंकवादी से अब किसान दलाल हो गया

    आतंकवादी से अब किसान दलाल हो गया

    आवश्यकता है आंदोलन पर बैठे किसानों को एक परिभाषा की. 26 दिन से आंदोलन चल रहा है कि अभी तक सरकार के मंत्री और बीजेपी के विधायक, सांसद आंदोलन पर बैठे किसानों की एक ऐसी परिभाषा नहीं खोज पाए हैं जो सभी को मंज़ूर हो. बीजेपी के वरिष्ठ विधायक और बिहार के कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने आंदोलन पर बैठे किसानों को दलाल कहा है. यही नहीं कृषि मंत्री के अनुसार किसान आंदोलन तभी किसानों का कहलाएगा जब देश के 5 लाख गांवों में भी आंदोलन होगा और उन्हें दिखाई देगा.

  • NDTV ने जीते 11 बड़े पुरस्कार, असली पत्रकारिता को मिली पहचान

    NDTV ने जीते 11 बड़े पुरस्कार, असली पत्रकारिता को मिली पहचान

    सही, सच्ची और खरी पत्रकारिता में अपनी बादशाहत को बरक़रार रखते हुए NDTV ने 11 न्यूज़ टेलीविज़न अवॉर्ड जीते हैं. ख़बरों के वेश में तमाशा नहीं, बल्कि खरी और सच्ची ख़बर के लिए मिली इस पहचान और प्रशंसा से साबित हुआ कि NDTV के मंत्र 'नफ़रत का नहीं कारोबार' का बड़ा सम्मान है.

  • बिहार चुनाव 2020: सीएम नीतीश कुमार के पसंदीदा गांव धरहरा की पसंद क्या है ?

    बिहार चुनाव 2020: सीएम नीतीश कुमार के पसंदीदा गांव धरहरा की पसंद क्या है ?

    Bihar Polls: बिहार के भागलपुर में ऐसा गांव है जहां लड़की पैदा होने पर गांव वाले 10 पौधे लगाते हैं. नीतीश कुमार ने गांव के दौरे किए हैं. गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया है. नीतीश सरकार को लेकर धरहरा गांव के लोगों की क्या राय है ये जानने की कोशिश की रवीश रंजन शुक्ला ने. 

  • रवीश का डोनाल्ड ट्रंप के नाम खुला खत : लगता है बिहार वाला भैक्सीन घोंपना पड़ेगा

    रवीश का डोनाल्ड ट्रंप के नाम खुला खत : लगता है बिहार वाला भैक्सीन घोंपना पड़ेगा

    'ए ट्रंप बाबू. ढेर डिबेट का शौक़ चढ़ल है न तो आ जाइये बिहार.आपके फ़्रेंड जाने वाले हैं. ऊहां भैक्सीन बाँटने वाले हैं. फिरी में बाँटेंगे. आठ करोड़ भैक्सीन फिरी में देंगे. त हम बूझे कि सगरो फिरी बंटेगा लेकिन फ़्रेंड भाई का पलानिंग त आप जानते ही हैं.'

  • बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई

    बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई

    नई शिक्षा व्यवस्था के लिए नीतीश कुमार को नोबेल प्राइज़ मिलना चाहिए और सुशील मोदी को संयुक्त राष्ट्र का महासचिव बना देना चाहिए. कमाल का काम किया है दोनों ने. बल्कि दोनों को बिहार से पहले अमरीकी चुनाव में भी विजयी हो जाना चाहिए.

  • बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के नाम रवीश कुमार का पत्र

    बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के नाम रवीश कुमार का पत्र

    मंगल पांडे जी, समझ सकता हूं कि आप चुनाव कार्य में व्यस्त होंगे. चुनाव आयोग के कारण आप नीतिगत फैसला नहीं ले सकते लेकिन आपके सचिव जिनका काम है कि वे छात्रों की समस्याओं को देखें, उन्हें ये काम कर देना चाहिए था, या फिर छात्रों के साथ बातचीत कर अपनी बात बता देनी चाहिए थी. मुझे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का पक्ष मालूम नहीं है लेकिन मेडिकल के छात्रों की बात से लगता है कि उन्हें राहत मिलनी चाहिए. 

  • भारत बंद करने जा रहे किसान भाइयों और बहनों को रवीश कुमार का एक पत्र

    भारत बंद करने जा रहे किसान भाइयों और बहनों को रवीश कुमार का एक पत्र

    आप भारत बंद कर रहे हैं. आपके भारत बंद से पहले ही आपको न्यूज़ चैनलों ने भारत में बंद कर दिया है. चैनलों के बनाए भारत में बेरोज़गार बंद हैं. जिनकी नौकरी गई वो बंद हैं. इसी तरह से आप किसान भी बंद हैं. आपकी थोड़ी सी जगह अख़बारों के ज़िला संस्करणों में बची है जहां आपसे जुड़ी अनाप-शनाप ख़बरें भरी होंगी मगर उन ख़बरों का कोई मतलब नहीं होगा.

  • यूपी में 5 साल तक संविदा नौकरी के प्रस्ताव से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है सरकार

    यूपी में 5 साल तक संविदा नौकरी के प्रस्ताव से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है सरकार

    अगर यह ख़बर सही है तो इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए. अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश का कार्मिक विभाग यह प्रस्ताव ला रहा है कि समूह ख व ग की भर्ती अब 5 साल के लिए संविदा पर होगी. कांट्रेक्ट पर. पांच साल के दौरान जो छंटनी से बच जाएंगे उन्हें स्थायी किया जाएगा. इस दौरान संविदा के कर्मचारियों को स्थायी सेवा वालों का लाभ नहीं मिलेगा.

  • अंबानी और अडानी, आओ मिलकर पढ़ते हैं साल भर यही कहानी, हम हिन्दुस्तानी

    अंबानी और अडानी, आओ मिलकर पढ़ते हैं साल भर यही कहानी, हम हिन्दुस्तानी

    भारत संचार निगम लिमिटेड वाले जानते होंगे कि एक समय कई हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी कैसे ख़त्म की गई. उससे कहा गया कि आप 2G से 4G का मुक़ाबला करो. इस फ़ैसले से किसे लाभ हुआ BSNL के लोग जानते थे मगर हिन्दू मुसलमान की राजनीति ने कइयों के विवेक पर गोबर लीप दिया था.

  • प्रातःकालीन डायरी : कहीं होता हूं, जागता कहीं और हूं...

    प्रातःकालीन डायरी : कहीं होता हूं, जागता कहीं और हूं...

    एकदम से सुबह की रौशनी बिखर जाने से ठीक पहले का सफ़ेद अंधेरा. जाती हुई रात अपने आख़िरी वक्त में सफ़ेद लगती है. रात गहराने से पहले भौंक कर सोने वाले कुत्ते भी सुबह होने से पहले भौंकने लगते हैं, कौआ पहले बोलता है या गौरैया पहले बोलती है. ची ची ची ची। ची च। ची ची ची ची. पेड़ पर कुछ कोलाहल तो है. हवा ठंडी है. ऐसे वक्त की खुली दुकानों की अपनी ख़ुश्बू होती है. भीतर बल्ब जल रहा है. बाहर सड़क पर थोड़ी सफ़ाई हो चुकी है. दुकान की बेंच बाहर रखी जा रही है. भजन बज रहा है.

  • यूपी CM योगी आदित्यनाथ के नाम रवीश कुमार का खुला खत

    यूपी CM योगी आदित्यनाथ के नाम रवीश कुमार का खुला खत

    अभ्यर्थियों के इस पत्र को सत्यापित करने का कोई ज़रिया नहीं है. आप पत्र में लिखी बातों की जांच करा सकते हैं. यह निश्चित रूप से दुखद है कि आपके राज में 2018 में शुरू हुई OCT 49568 की प्रक्रिया अगस्त 2020 तक पूरी नहीं हुई है. पत्र से यह भी नहीं लगता कि कोई क़ानूनी अड़चन है.अत: ये भर्ती तो समय से पूरी हो सकती थी.

  • नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बड़ा ऐलान नहीं है, पुरानी भर्तियों को पूरा करने का ऐलान बड़ा होता

    नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बड़ा ऐलान नहीं है, पुरानी भर्तियों को पूरा करने का ऐलान बड़ा होता

    बुधवार को ऐलान हुआ है कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनेगी, जो केंद्र सरकार की भर्तियों की आरंभिक परीक्षा लेगी. इस आरंभिक परीक्षा से छंटकर जो छात्र चुने जाएंगे. उन्हें फिर अलग-अलग विभागों की ज़रूरत के हिसाब से परीक्षा देनी होगी. इसके लिए ज़िलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे.

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