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रवीश कुमार


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  • बिहार चुनाव 2020: सीएम नीतीश कुमार के पसंदीदा गांव धरहरा की पसंद क्या है ?

    बिहार चुनाव 2020: सीएम नीतीश कुमार के पसंदीदा गांव धरहरा की पसंद क्या है ?

    Bihar Polls: बिहार के भागलपुर में ऐसा गांव है जहां लड़की पैदा होने पर गांव वाले 10 पौधे लगाते हैं. नीतीश कुमार ने गांव के दौरे किए हैं. गांव को आदर्श गांव का दर्जा दिया है. नीतीश सरकार को लेकर धरहरा गांव के लोगों की क्या राय है ये जानने की कोशिश की रवीश रंजन शुक्ला ने. 

  • रवीश का डोनाल्ड ट्रंप के नाम खुला खत : लगता है बिहार वाला भैक्सीन घोंपना पड़ेगा

    रवीश का डोनाल्ड ट्रंप के नाम खुला खत : लगता है बिहार वाला भैक्सीन घोंपना पड़ेगा

    'ए ट्रंप बाबू. ढेर डिबेट का शौक़ चढ़ल है न तो आ जाइये बिहार.आपके फ़्रेंड जाने वाले हैं. ऊहां भैक्सीन बाँटने वाले हैं. फिरी में बाँटेंगे. आठ करोड़ भैक्सीन फिरी में देंगे. त हम बूझे कि सगरो फिरी बंटेगा लेकिन फ़्रेंड भाई का पलानिंग त आप जानते ही हैं.'

  • बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई

    बिहार सरकार का यह काम तो वाक़ई शानदार है, वाक़ई

    नई शिक्षा व्यवस्था के लिए नीतीश कुमार को नोबेल प्राइज़ मिलना चाहिए और सुशील मोदी को संयुक्त राष्ट्र का महासचिव बना देना चाहिए. कमाल का काम किया है दोनों ने. बल्कि दोनों को बिहार से पहले अमरीकी चुनाव में भी विजयी हो जाना चाहिए.

  • बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के नाम रवीश कुमार का पत्र

    बिहार के स्वास्थ्य मंत्री के नाम रवीश कुमार का पत्र

    मंगल पांडे जी, समझ सकता हूं कि आप चुनाव कार्य में व्यस्त होंगे. चुनाव आयोग के कारण आप नीतिगत फैसला नहीं ले सकते लेकिन आपके सचिव जिनका काम है कि वे छात्रों की समस्याओं को देखें, उन्हें ये काम कर देना चाहिए था, या फिर छात्रों के साथ बातचीत कर अपनी बात बता देनी चाहिए थी. मुझे स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का पक्ष मालूम नहीं है लेकिन मेडिकल के छात्रों की बात से लगता है कि उन्हें राहत मिलनी चाहिए. 

  • भारत बंद करने जा रहे किसान भाइयों और बहनों को रवीश कुमार का एक पत्र

    भारत बंद करने जा रहे किसान भाइयों और बहनों को रवीश कुमार का एक पत्र

    आप भारत बंद कर रहे हैं. आपके भारत बंद से पहले ही आपको न्यूज़ चैनलों ने भारत में बंद कर दिया है. चैनलों के बनाए भारत में बेरोज़गार बंद हैं. जिनकी नौकरी गई वो बंद हैं. इसी तरह से आप किसान भी बंद हैं. आपकी थोड़ी सी जगह अख़बारों के ज़िला संस्करणों में बची है जहां आपसे जुड़ी अनाप-शनाप ख़बरें भरी होंगी मगर उन ख़बरों का कोई मतलब नहीं होगा.

  • यूपी में 5 साल तक संविदा नौकरी के प्रस्ताव से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है सरकार

    यूपी में 5 साल तक संविदा नौकरी के प्रस्ताव से घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है सरकार

    अगर यह ख़बर सही है तो इस पर व्यापक बहस होनी चाहिए. अख़बार में छपी ख़बर के अनुसार उत्तर प्रदेश का कार्मिक विभाग यह प्रस्ताव ला रहा है कि समूह ख व ग की भर्ती अब 5 साल के लिए संविदा पर होगी. कांट्रेक्ट पर. पांच साल के दौरान जो छंटनी से बच जाएंगे उन्हें स्थायी किया जाएगा. इस दौरान संविदा के कर्मचारियों को स्थायी सेवा वालों का लाभ नहीं मिलेगा.

  • अंबानी और अडानी, आओ मिलकर पढ़ते हैं साल भर यही कहानी, हम हिन्दुस्तानी

    अंबानी और अडानी, आओ मिलकर पढ़ते हैं साल भर यही कहानी, हम हिन्दुस्तानी

    भारत संचार निगम लिमिटेड वाले जानते होंगे कि एक समय कई हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा कमाने वाली कंपनी कैसे ख़त्म की गई. उससे कहा गया कि आप 2G से 4G का मुक़ाबला करो. इस फ़ैसले से किसे लाभ हुआ BSNL के लोग जानते थे मगर हिन्दू मुसलमान की राजनीति ने कइयों के विवेक पर गोबर लीप दिया था.

  • प्रातःकालीन डायरी : कहीं होता हूं, जागता कहीं और हूं...

    प्रातःकालीन डायरी : कहीं होता हूं, जागता कहीं और हूं...

    एकदम से सुबह की रौशनी बिखर जाने से ठीक पहले का सफ़ेद अंधेरा. जाती हुई रात अपने आख़िरी वक्त में सफ़ेद लगती है. रात गहराने से पहले भौंक कर सोने वाले कुत्ते भी सुबह होने से पहले भौंकने लगते हैं, कौआ पहले बोलता है या गौरैया पहले बोलती है. ची ची ची ची। ची च। ची ची ची ची. पेड़ पर कुछ कोलाहल तो है. हवा ठंडी है. ऐसे वक्त की खुली दुकानों की अपनी ख़ुश्बू होती है. भीतर बल्ब जल रहा है. बाहर सड़क पर थोड़ी सफ़ाई हो चुकी है. दुकान की बेंच बाहर रखी जा रही है. भजन बज रहा है.

  • यूपी CM योगी आदित्यनाथ के नाम रवीश कुमार का खुला खत

    यूपी CM योगी आदित्यनाथ के नाम रवीश कुमार का खुला खत

    अभ्यर्थियों के इस पत्र को सत्यापित करने का कोई ज़रिया नहीं है. आप पत्र में लिखी बातों की जांच करा सकते हैं. यह निश्चित रूप से दुखद है कि आपके राज में 2018 में शुरू हुई OCT 49568 की प्रक्रिया अगस्त 2020 तक पूरी नहीं हुई है. पत्र से यह भी नहीं लगता कि कोई क़ानूनी अड़चन है.अत: ये भर्ती तो समय से पूरी हो सकती थी.

  • नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बड़ा ऐलान नहीं है, पुरानी भर्तियों को पूरा करने का ऐलान बड़ा होता

    नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बड़ा ऐलान नहीं है, पुरानी भर्तियों को पूरा करने का ऐलान बड़ा होता

    बुधवार को ऐलान हुआ है कि नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी बनेगी, जो केंद्र सरकार की भर्तियों की आरंभिक परीक्षा लेगी. इस आरंभिक परीक्षा से छंटकर जो छात्र चुने जाएंगे. उन्हें फिर अलग-अलग विभागों की ज़रूरत के हिसाब से परीक्षा देनी होगी. इसके लिए ज़िलों में परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे.

  • मीडिया के समाप्त कर दिए जाने के बाद उसी से उम्मीद के पत्र

    मीडिया के समाप्त कर दिए जाने के बाद उसी से उम्मीद के पत्र

    ये पत्र सूखे पत्रों की तरह इस इनबॉक्स से उस इनबॉक्स तक उड़ रहे हैं. हवा पत्तों को इस किनारे लगा देती है तो उस किनारे. इन नौजवानों को समझना होगा कि उनके भीतर आर्थिक मुद्दों की चेतना समाप्त कर दी गई है. तभी तो वे नेताओं के काम आ रहे हैं.

  • रबीन्द्रनाथ टैगोर का राष्ट्रवाद और आज का समय

    रबीन्द्रनाथ टैगोर का राष्ट्रवाद और आज का समय

    पूर्वी लद्दाख में जब चीन के भारतीय सीमा में घुसपैठ की खबर आई तब एक जन आक्रोश पैदा किया गया. टिक टॉक जैसे ऐप बैन कर. चीन की कंपनी को बंद कर चीन को सबक सीखाने का जश्न मना. फिर कहा गया कि चीन ने भारतीय सीमा में प्रवेश ही नहीं किया है.

  • कोरोना का कवरेज बंद कर देने से यह खत्म नहीं होगा

    कोरोना का कवरेज बंद कर देने से यह खत्म नहीं होगा

    चैनल न्यूज़ एशिया देख रहा था, अनसोहातो देखने लगा. काफ़ी देर तक दक्षिण पूर्व एशिया के देशों में कोरोना को लेकर ख़बरें आती रहीं, जाती रहीं. भारत में तो कोई सोच भी नहीं सकता. कोरोना का मसला ही खत्म मान लिया गया है. WHO के चीफ़ ने कहा है कि कई वैक्सीन उम्मीदवार अपने परीक्षण के तीसरे चरण में हैं, लेकिन फ़िलहाल उम्मीद की कोई किरण दिखाई नहीं देती. शायद कोई भी हो न. उनका ज़ोर अभी भी उन्हीं बुनियादी बातों पर है. अस्पतालों को ठीक किया जाए. कोई संक्रमित हो तो उसका टेस्ट हो और उसके संपर्कों की जांच हो. फिर सबका इलाज हो. ये संक्रमण न हो इसके लिए देह से दूरी का पालन करते रहा जाए.

  • प्रिय नौजवानो परीक्षा दे दीजिए, फीस बढ़ गई तो दे दीजिए, जैसा आपने बोया था, काट लीजिए

    प्रिय नौजवानो परीक्षा दे दीजिए, फीस बढ़ गई तो दे दीजिए, जैसा आपने बोया था, काट लीजिए

    रोज़ाना मैसेज आते हैं कि सर, हमारी परीक्षा रद्द करवा दें, कोरोना का ख़तरा है. वे जानते हैं कि मैं शिक्षा मंत्री नहीं हूं, न ही यूजीसी हूं, फिर भी लिखते हैं. छात्र सुप्रीम कोर्ट भी गए थे कि परीक्षा न हो. 10 अगस्त तक सुनवाई टल गई. यूजीसी ने छह जुलाई को आदेश जारी किया है कि सितंबर के अंत तक अंतिम वर्ष की परीक्षा पूरी की जा सकती है. कोई छात्र बाढ़ में फंसा है, कोई होली में घर गया तो तालाबंदी के कारण घर ही रह गया. किताब कापी कहीं और छूट गई. इस बीच कइयों के घर आर्थिक तबाही आई होगी, तो दिल्ली या पढ़ने के शहर आकर किराया देने में ही पसीने छूटेंगे. लेकिन जब कोर्ट से राहत नहीं मिली तो मैं क्या कर सकता हूं. मैं समझ नहीं पाता कि क्या इन छात्रों को उम्मीद करना भी नहीं आता, सिर्फ मुझ लिख देना ही ध्येय है क्या. 

  • मैं जागा क्यों रह गया?

    मैं जागा क्यों रह गया?

    कोई 12 साल पहले पहाड़गंज में चाकू की धार तेज़ करने वाले ने भी ऐसा ही कुछ कहा था. वो साइकिल पर ही बैठा रहता है. साइकिल को दीवार से सटा देता है ताकि अतिक्रमण न लगे और चाकू तेज़ करता है. उसने कहा था कि कभी एम्स नहीं देखा है. कनाट प्लेस किस तरह से बदला है वो नहीं देखा है.

  • ब्लॉग: रवीश कुमार का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खुला खत

    ब्लॉग: रवीश कुमार का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम खुला खत

    योगी जी हम बहुत परेशान हो गए हैं. पत्र लिख रहे हैं. और क्या. मैंने कई बार कहा है कि नौकरी सीरीज़ बंद कर दी है. उसके कारणों को विस्तार से कई बार लिख चुका हूं. फिर भी नहीं मानते हैं. इनकी अपेक्षाएं भी बहुत सीमित हैं.

  • सेना में इंजीनियरिंग के 9000 से अधिक पद समाप्त, युवाओं में उत्साह

    सेना में इंजीनियरिंग के 9000 से अधिक पद समाप्त, युवाओं में उत्साह

    पुरानी खबर है, बीते मई की, यह खबर हमें सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं के दृष्टिकोण में आ रहे बदलाव को समझने का मौका देती है. यह नजरिया बदलने का वक्त है. सरकार ही बदलने की तरफ धकेल रही है और उसे सफलता अभी मिल रही है. जिस तरह से रेलवे ने इस साल के लिए भर्तियां बंद कीं और कोई हलचल नहीं हुई. इससे विपक्ष को संकेत मिल जाना चाहिए. रोजगार राजनीतिक मुद्दा नहीं रहा. बिहार का चुनाव साबित कर देगा, जहां बेरोजगारी काफ़ी है मगर सफलता सत्ताधारी गठबंधन को ही मिलेगी. युवाओं का वोट पूरी तरह से उनके साथ है.

  • रेलवे ने भर्तियां बंद कीं, उदास न हों नौजवान, पॉजिटिव रहें, व्हाट्सऐप में रहें

    रेलवे ने भर्तियां बंद कीं, उदास न हों नौजवान, पॉजिटिव रहें, व्हाट्सऐप में रहें

    रेलवे ने पिछली भर्ती के लोगों को ही पूरी तरह ज्वाइन नहीं कराया है और अब नई भर्तियों पर रोक लगा दी गई है. यही नहीं आउटसोर्सिंग के कारण नौकरियां खत्म की गईं, अब उस आउटसोर्सिंग का स्टाफ़ भी कम किया जाएगा. पहले रेलवे रोजगार पैदा करती थी, अब बेरोजगार पैदा कर रही है.

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