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राजभाषा हिन्दी


'राजभाषा हिन्दी' - 9 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • हिन्दी दिवस 2020 : क्या इस भाषा के इन शब्दों के अर्थ जानते हैं आप?

    हिन्दी दिवस 2020 : क्या इस भाषा के इन शब्दों के अर्थ जानते हैं आप?

    Hindi Diwas 2020: आज के बदलते दौर में अलग-अलग भाषाओं का अपना महत्व है. अंग्रेजी भाषा को लोग आजकल ज्यादा महत्व देते हैं, लेकिन इस बीच हिन्दी भाषा अपनी पहचान बनाए हुए है. खास बात तो ये है कि अंग्रेजी की रोमन लिपि में शामिल कुछ वर्णों की संख्‍या 26 है, जबकि हिन्दी की देवनागरी लिपि के वर्णों की संख्‍या इससे दोगुनी यानी 52 है. हिंदी भाषा का अपना महत्व है. हिंदी के महत्व को बनाए रखने के लिए भारत में हर साल 14 सितंबर (14 September) को हिन्‍दी दिवस मनाया जाता है. हिन्‍दी भारत की राजभाषा है, जिसे आधिकारिक रूप से आजादी के दो साल बाद मान्‍यता मिली. बता दें कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा में एक मत से यह फैसला लिया गया कि भारत की राजभाषा हिन्‍दी होगी. इसके बाद हिन्‍दी के प्रचार-प्रसार और जनमानस की मान्‍यता के लिए वर्धा स्थित राष्‍ट्र भाषा प्रचार समित‍ि ने हिन्‍दी दिवस मनाने का अनुरोध किया.

  • Hindi Diwas 2020: आज है हिंदी दिवस, जानिए कब और कैसे शुरू हुआ 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का सिलसिला

    Hindi Diwas 2020: आज है हिंदी दिवस, जानिए कब और कैसे शुरू हुआ 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाने का सिलसिला

    Hindi Diwas 2020 History and Facts: भारत में हर साल 14 सितंबर को हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है. साल 1947 में देश के आजाद होने के बाद संविधान में नियमों और कानून के अलावा नए राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का मुद्दा भी अहम था, जिसके बाद 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी. हिंदी को देश की राजभाषा घोषित किए जाने के दिन ही हर साल हिंदी दिवस मनाने का फैसला किया गया. पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया. तब से अभी तक हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है. आपको बता दें कि हिन्‍दी दिवस के अलावा हर साल 10 जनवरी को विश्‍व हिन्‍दी दिवस भी मनाया जाता है. 

  • Hindi Diwas 2019: क्‍यों मनाया जाता है हिंदी दिवस, जानिए इसका इतिहास और 8 दिलचस्प बातें

    Hindi Diwas 2019: क्‍यों मनाया जाता है हिंदी दिवस, जानिए इसका इतिहास और 8 दिलचस्प बातें

    हिंदी दिवस (Hindi Diwas) हर साल 14 सितंबर (14 September) को मनाया जाता है. हिंदी विश्व की प्राचीन, समृद्ध और सरल भाषा है. हिंदी (Hindi) भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में बोली जाती हिंदी हिन्दी हमारी 'राजभाषा' (Hindi Rajbhasha) है. दुनिया की भाषाओं का इतिहास रखने वाली संस्था एथ्नोलॉग (Ethnologue) के मुताबिक हिंदी दुनिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली तीसरी भाषा है. हिंदी हमें दुनिया भर में सम्मान दिलाती है.

  • #मैंऔरमेरीहिन्दी : हिन्दी पर बात करने का यह एक दिन

    #मैंऔरमेरीहिन्दी : हिन्दी पर बात करने का यह एक दिन

    अपने-पराए का चक्कर चलाने वाले लोग भाषा को भी नहीं छोड़ते. हिन्दी को सचमुच में राजभाषा बनाने की कवायद दसियों साल से चल रही है, लेकिन सितंबर के महीने में हिन्दी पखवाड़े की रस्म निभाने के अलावा कुछ नहीं हो पा रहा है.

  • #मैंऔरमेरीहिन्दी : इस तरह हिन्दी, भारत की राष्ट्रीय भाषा बनते बनते रह गई...

    #मैंऔरमेरीहिन्दी : इस तरह हिन्दी, भारत की राष्ट्रीय भाषा बनते बनते रह गई...

    1946 से लेकर 1949 तक जब भारतीय संविधान का मसौदा तैयार किया जा रहा था, उस दौरान भारत और भारत से जुड़े तमाम मुद्दों को लेकर संविधान सभा में लंबी लंबी बहस और चर्चा होती थी. लेकिन इसमें सबसे विवादित विषय रहा भाषा.

  • हिन्दी दिवस पर विशेष : अब तक हुई रस्म निभाई, आखिर कैसे हो हिन्दी की भलाई

    हिन्दी दिवस पर विशेष : अब तक हुई रस्म निभाई, आखिर कैसे हो हिन्दी की भलाई

    हिन्दी के लिए हिन्दी में कुछ किया जाए तो अच्छा लगता है, लेकिन जब दीगर भाषा-भाषी कुछ करते हैं तो हम आश्चर्य में होता है और ठगा-सा महसूस करते हैं।

  • रक्षा मंत्रालय का प्रमुख नहीं, 'सिर' होते हैं रक्षामंत्री...

    रक्षा मंत्रालय का प्रमुख नहीं, 'सिर' होते हैं रक्षामंत्री...

    राजभाषा हिन्दी के प्रचार-प्रसार और उन्नति को लेकर भारत सरकार, और उससे जुड़े लगभग सभी विभाग चाहे जितने दावे करते रहें, वास्तविकता यही है कि सरकार को हिन्दी की कतई परवाह नहीं...

  • राजभाषा हिन्दी का मज़ाक बना रही हैं सरकारी वेबसाइट...

    राजभाषा हिन्दी का मज़ाक बना रही हैं सरकारी वेबसाइट...

    राजभाषा हिन्दी को लेकर भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों व संस्थानों के साथ-साथ संसद की वेबसाइटों के एक व्यापक सर्वेक्षण से यह आभास मिलता है कि वास्तव में सरकार को हिन्दी की कतई परवाह नहीं है।

  • हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तानी बच्चे, और हिन्दी की हालत...

    हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तानी बच्चे, और हिन्दी की हालत...

    जो बच्चा आज उनतालीस, उनचास, उनसठ, उनत्तर और उनासी के बीच फर्क नहीं समझेगा, उसके लिए आने वाले दिनों में आम देशवासियों से बात करना, और देश के गौरव को समझना क्योंकर मुमकिन होगा... सो, आइए, भाषागत राजनीति में उलझे बिना ऐसे काम करें, जिससे हिन्दी और समृद्ध, और सशक्त हो...

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