NDTV Khabar

राजस्थान विधानसभा चुनाव


'राजस्थान विधानसभा चुनाव' - 324 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    बता दें कि वर्ष 2018 में राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी को हराकर राज्य में सरकार बनाई थी. विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री के दौड़ में अशोक गहलोत के साथ-साथ सचिन पायलट भी थे. लेकिन बाद में कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री का पद दिया था. इसके बाद ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था.

  • राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई में कलह, सामने आई ये खबर

    राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई में कलह, सामने आई ये खबर

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर रार जारी है. राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस में अंदरूनी कलह की बात सामने आई है. पश्चिम बंगाल कांग्रेस की अंदरूनी कलह बृहस्पतिवार को तब सामने आ गई जब वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान की ओर से राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून एवं व्यवस्था के खिलाफ निकाले गए विरोध मार्च में कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा नहीं लिया. विधानसभा में विपक्ष के नेता मन्नान के नेतृत्व में मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके से लालबाजार इलाके में स्थित पु

  • जिन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव वहां से किन नेताओं को मिली है मोदी मंत्रिमंडल में जगह

    जिन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव वहां से किन नेताओं को मिली है मोदी मंत्रिमंडल में जगह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की भी झलक देखी जा सकती है. महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, दिल्ली और हरियाणा में चुनाव होने हैं. इनमें दिल्ली को छोड़े दें तो हर राज्य में बीजेपी की ही सरकार है. साल 2018 के दिसंबर में हुए तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार गवां चुकी है. हालांकि लोकसभा चुनाव में इन राज्यों में बीजेपी ने जबरदस्त वापसी की और एक तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया.

  • राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हुए मोदी मंत्रिमंडल से बाहर, क्या BJP ने बनाया है ये प्लान?

    राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हुए मोदी मंत्रिमंडल से बाहर, क्या BJP ने बनाया है ये प्लान?

    ऐसे में अब ये अटकल लग रही है कि शायद पार्टी राजस्थान में उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी देने की तैयारी में हो. हो सकता है कि उन्हें राजस्थान बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया जाए. पिछले साल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद से ही राजस्थान में पार्टी को एक मज़बूत नेतृत्व की ज़रूरत है.

  • NDA के पास अगले साल तक राज्यसभा में हो जाएगा बहुमत, तीन तलाक, NRC पर मोदी सरकार की राह होगी आसान

    NDA के पास अगले साल तक राज्यसभा में हो जाएगा बहुमत, तीन तलाक, NRC पर मोदी सरकार की राह होगी आसान

    अगले साल नवंबर में उत्तर प्रदेश में खाली होने वाली राज्यसभा की 10 में से अधिकांश सीटें भाजपा जीतेगी. इनमें से नौ सीटें विपक्षी दलों के पास हैं. इनमें से छह समाजवादी पार्टी (सपा) के पास, दो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और एक कांग्रेस के पास है. उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 309 सदस्य हैं. सपा के 48, बसपा के 19 और कांग्रेस के सात सदस्य हैं. अगले साल तक भाजपा को असम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश में सीटें मिलेंगी. भाजपा राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सीटें गंवाएगी. महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के परिणामों का भी राजग की सीट संख्या पर असर होगा.

  • लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने खड़े हो गए यह 6 बड़े संकट...

    लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने खड़े हो गए यह 6 बड़े संकट...

    कांग्रेस पार्टी पर अब आने वाले तीन राज्यों में- हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस के सामने मध्य प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान में सरकार बचाने का भी संकट है.

  • नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी की पराजय के कारणों को गिनाने गुरुवार से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. भाजपा ने राज्य में 24 सीटें जीती, जबकि एक अन्य सीट पर उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस की यह हार काफी शर्मनाक रही, क्योंकि पार्टी अभी छह महीने पहले ही विधानसभा चुनाव जीत कर सत्ता में आई है.

  • तीन राज्यों की विधानसभा की जीत को नहीं भुना पाई कांग्रेस, जानें- राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ के आंकड़े

    तीन राज्यों की विधानसभा की जीत को नहीं भुना पाई कांग्रेस, जानें- राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ के आंकड़े

    राजस्थान की बात करें तो वहां भी मध्य प्रदेश जैसा ही कांग्रेस का हाल है. राजस्थान की 25 सीटों में से 24 पर भाजपा आगे हैं, वहीं कांग्रेस ने सिर्फ टोंक-सवाई माधोपुर सीट पर बढ़त बनाई हुई है. इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर नमो नारायण मीणा चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके अलावा छत्तीसगढ़ की 11 में से 9 सीटों पर भाजपा ने बढ़त बना रखी है. जबकि कांग्रेस केवल दो सीटों पर आगे दिख रही है. ये दो सीटें महासमुंद और बस्तर हैं. महासमुंद से कांग्रेस के धनेंद्र साहू और बस्तर से दीपक बैज कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

  • Election Results: राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के खाते में 100 से ज्यादा सीटें आने के सियासी मायने

    Election Results: राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के खाते में 100 से ज्यादा सीटें आने के सियासी मायने

    राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के राजनीतिक भविष्य लिए भी यह चुनाव बहुत अहम है. उनके राजनीतिक भविष्य के मद्देनजर दो बातें जरूरी है कि वह अमेठी से खुद जीतें और कांग्रेस करीब 100 सीटें जीते. पिछले पांच सालों के सफर में कांग्रेस ने कई पराजयों का सामना किया, लेकिन पिछले साल नवंबर-दिसंबर में तीन राज्यों-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत ने पार्टी की लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदों को ताकत देने का काम किया.

  • Indian General Election, 2019 : राजस्थान में चौथे चरण का मतदान कांग्रेस के लिए भी बड़ा सिरदर्द

    Indian General Election, 2019 :  राजस्थान में चौथे चरण का मतदान कांग्रेस के लिए भी बड़ा सिरदर्द

    राजस्थान की 25 में से 13 सीटों पर लोकसभा चुनाव (Indian General Election, 2019) के चौथे चरण के लिए आज मतदान हो रहा है. ये सीटें बीजेपी के लिए चुनौती हैं तो कांग्रेस के लिए भी किसी सिरदर्द से कम नही हैं. साल 2004 से यह एक ट्रेंड चला जा आर रहा है कि जिसने भी  विधानसभा का चुनाव जीता है उसको लोकसभा चुनाव में सफलता मिली है. बीते साल दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य में सरकार जरूर बनाने में कामयाब रही है, लेकिन बीजेपी ने पूरे राज्य में कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी है. वह भी सत्ता विरोधी लहर का सामना करते हुए.  दोनों ही पार्टियों के वोट शेयर में भी ज्यादा अंतर नहीं है.

  • जयपुर में 48 साल बाद महिला उम्मीदवार, 2014 में बीजेपी ने कांग्रेस को 5 लाख से ज्यादा वोटों से दी थी मात

    जयपुर में 48 साल बाद महिला उम्मीदवार, 2014 में बीजेपी ने कांग्रेस को 5 लाख से ज्यादा वोटों से दी थी मात

    राजस्थान में इस बार लोकसभा का चुनाव बेहद दिलचस्प है. पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने इस राज्य में सभी सीटें जीतकर कांग्रेस का सफाया कर दिया था. लेकिन उसके बाद के चुनावों में बीजेपी के वोट प्रतिशत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई. अजमेर और अलवर में हुए लोकसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार हुई उसके बाद विधानसभा चुनाव में बीजेपी हारकर सत्ता से बाहर हो गई. हालांकि इस चुनाव में एग्जिट  और ओपिनियन पोल बीजेपी की बड़ी हार की ओर संकेत दे रह थे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ बीजेपी ने 75 सीटें जीत लीं. वहीं कांग्रेस भी बहुमत के आंकड़े को छू भर पाई थी.

  • राजस्थान में उपचुनाव और विधानसभा इलेक्शन में मिले झटकों से क्या उबर पाएगी बीजेपी?

    राजस्थान में उपचुनाव और विधानसभा इलेक्शन में मिले झटकों से क्या उबर पाएगी बीजेपी?

    राजस्थान में 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी 25 सीटें अपनी झोली में डालीं थीं, मगर उपचुनाव में दो सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. क्या बीजेपी उपचुनाव के झटकों से इस बार लोकसभा चुनाव में उबर पाएगी.?

  • राजस्थान: जिसकी राज्य में सरकार, उसे मिलती हैं LS चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें, क्या इस बार BJP तोड़ पाएगी यह परंपरा

    राजस्थान: जिसकी राज्य में सरकार, उसे मिलती हैं LS चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें, क्या इस बार BJP तोड़ पाएगी यह परंपरा

    राज्य में एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा की सरकार बनने की ‘परंपरा’ रही है. उसका ही असर लोकसभा चुनाव पर दिखता है. राजस्थान में लोकसभा चुनावों के परिणामों को देखा जाए तो 2004 से ही ऐसा रुख देखने को मिला कि राज्य में जिस पार्टी की सरकार बनती है, लोकसभा चुनाव में उसी को ज्यादा सीटें मिलती हैं. जबकि आमतौर पर राज्य के विधानसभा चुनाव के करीब छह महीने बाद ही लोकसभा चुनाव होते हैं.

  • लोकसभा चुनाव 2019 : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत से कांग्रेस को बड़ी उम्मीद

    लोकसभा चुनाव 2019 : छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव के वोट प्रतिशत से कांग्रेस को बड़ी उम्मीद

    लोकसभा चुनाव 2019 के मैदान में जहां प्रियंका गांधी वाड्रा  के उतरने से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को थोड़ी ऊर्जा मिली है, वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सरकार बनाने के बाद कांग्रेस के लिए थोड़ी राहत और थोड़ी चिंता की बात दोनों हो सकती है. राजस्थान में जहां गुर्जर आरक्षण आंदोलन से राज्य सरकार जूझ रही है वहीं किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे पर मध्य प्रदेश में भी सरकार  को कई जगहों पर नाराजगी झेलनी पड़ रही है.

  • लोकसभा चुनाव 2019 : राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला तय

    लोकसभा चुनाव 2019 : राजस्थान में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला तय

    राजस्थान में चुनावों को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में रायशुमारी शुरू हो गई है. बीजेपी ने संगठनात्मक बैठकें शुरू कर दी हैं. कांग्रेस ने चुनाव प्रबंधन समिति के सदस्यों से नामांकन मांगना शुरू कर दिया है.

  • राहुल गांधी के बाद अब शत्रुघ्न सिन्हा भी बोले- PM किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए अपमानजनक

    राहुल गांधी के बाद अब शत्रुघ्न सिन्हा भी बोले- PM किसान सम्मान निधि योजना किसानों के लिए अपमानजनक

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को पटना में रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार ने उद्योगपतियों का करोडों रूपये का कर्ज माफ किया लेकिन नरेंद्र मोदी ने किसानों का एक रूपये का कर्ज भी माफ नहीं किया. राहुल ने हाल में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि हमने चुनाव के समय किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था जिसे मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ और राजस्थान में सत्ता में आने पर पूरा किया.

  • राहुल गांधी ने सहयोगियों से कहा, तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूंगा - 10 खास बातें

    राहुल गांधी ने सहयोगियों से कहा, तुम मेरा साथ दो, मैं तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूंगा - 10 खास बातें

    रविवार को पटना में आयोजित जन आकांक्षा रैली में कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के अपने सहयोगियों को साफ़ किया कि अगर आप कांग्रेस पार्टी के साथ खड़े रहेंगे तो कांग्रेस पार्टी भी लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनावों तक उनकी सहयोगी बन कर चुनाव लड़ेगी. रैली में राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला. तक़रीबन 28 साल बाद कांग्रेस बिहार में अपने दम पर रैली कर रही थी. रैली में आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव, मीरा कुमार, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मध्यप्रदेश के सीएम कमलनाथ भी मौजूद थे. राहुल गांधी ने बिहार में शिक्षा और रोज़गार को लेकर कई वादे किए. अपने वादों को वज़न देने के लिए उन्होंने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान का ज़िक्र किया, जहां कांग्रेस की सरकार बनने के बाद किसानों के क़र्ज़ माफ़ किए गए. राहुल ने कहा कि केंद्र में उनकी सरकार बनी तो पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्ज़ा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बिहार समेत पूरे देश के किसानों का क़र्ज़ माफ़ करेगी. उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में बीजेपी की सरकार केवल उद्योगपतियों को हज़ारों करोड़ बांट रही है लेकिन अगर उनकी सरकार बनी तो ग़रीबों को न्यूनतम आय की गारंटी दी जाएगी.

  • मिशन 2019 का बजट: पीयूष गोयल के बजट में मिडिल क्लास, किसान और मजदूर, हर वर्ग पर मोदी सरकार की नजर, 12 बातें

    मिशन 2019 का बजट: पीयूष गोयल के बजट में मिडिल क्लास, किसान और मजदूर, हर वर्ग पर मोदी सरकार की नजर, 12 बातें

    Budget 2019 Highlights In Hindi : लोकसभा चुनाव 2019 से ठीक पहले ज्यादा से ज्यादा वर्गों को खुश करने की जोरदार कोशिश के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने शुक्रवार को पेश अंतरिम बजट (Budget 2019) में मध्यम वर्ग, किसानों और मजदूरों के लिये लोक लुभावन घोषणायें कीं. अंतरिम बजट (interim budget 2019) पेश करने के दौरान प्रस्तावों में मोदी सरकार ने मध्यम वर्ग और आम नौकरी पेशा तबके की पांच लाख रुपये तक की आय को कर मुक्त करने तथा दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को साल में 6,000 रुपये का नकद समर्थन देने की पेशकश की है. इसके अलावा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिये तीन हजार रुपये मासिक पेंशन योजना की भी घोषणा की गई है. अंतरिम बजट भाषण को कमोबेश पूर्ण बजट में बदलते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने उन वर्गों का खास खयाल रखा है जिनके चलते माना जा रहा था कि भाजपा को हाल में हुए विधानसभा चुनावों में, खासकर मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व राजस्थान में नुकसान हुआ. यही वजह है कि अंतरिम बजट में किसानों व मध्यम वर्ग को राहत देने के साथ ही असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए मेगा पेंशन योजना की घोषणा की है. इन तीन क्षेत्रों के लिए कुल मिला कर करीब सवा लाख करोड़ रूपये के बजट प्रावधान किये गये हैं जिसके जरिए लगभग 25 करोड़ लोगों को सीधा लाभ पहुंचाने का लक्ष्य है.