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राजस्थान विधानसभा चुनाव


'राजस्थान विधानसभा चुनाव' - 333 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • Delhi Election 2020 : दिल्ली विधासभा चुनावों के लिए शुरू हुई वोटिंग, 70 सीटों पर कुल 652 उम्मीदवार मैदान में

    Delhi Election 2020 : दिल्ली विधासभा चुनावों के लिए शुरू हुई वोटिंग, 70 सीटों पर कुल 652 उम्मीदवार मैदान में

    Delhi Election Voting: दिल्ली में शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है. इस चुनाव के जरिए जहां आम आदमी पार्टी (AAP) को दोबारा सत्ता में आने की उम्मीद है वहीं बीजेपी (BJP) दिल्ली सरकार के सिंहासन पर काबिज होने की आशा लगाए है. मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों को खो चुकी भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली को हासिल करने के लिए इस बार काफी जोर लगाया है. कांग्रेस (Congress) भी इस बार दिल्ली में सफलता पाने की उम्मीद लगाए है. दिल्ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में इन तीनों दलों के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है.

  • Delhi Election 2020: महीनों से नजरअंदाज किए जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में करेंगे प्रचार, देखें और कौन-कौन हैं कांग्रेस की लिस्ट में

    Delhi Election 2020: महीनों से नजरअंदाज किए जा रहे नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में करेंगे प्रचार, देखें और कौन-कौन हैं कांग्रेस की लिस्ट में

    पार्टी ने पूर्वांचली मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा और सिख वोटरों के मद्देनजर नवजोत सिंह सिद्धू को भी प्रचारकों की सूची में जगह दी है. इसके अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर, वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, हरीश रावत, राजस्थान के उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और कई अन्य नेताओं के नाम भी प्रचारकों में शामिल हैं. गौरतलब है कि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के लिए आठ फरवरी को मतदान होगा और 11 फरवरी को नतीजे घोषित किये जाएंगे.

  • जेपी नड्डा को आज मिलेगी BJP में सबसे पावरफुल कुर्सी, उनके अब तक के करियर की बड़ी बातें

    जेपी नड्डा को आज मिलेगी BJP में सबसे पावरफुल कुर्सी, उनके अब तक के करियर की बड़ी बातें

    जेपी नड्डा बीजेपी के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे. हालांकि बीजेपी ने संगठन चुनाव की औपचारिकता पूरी करने के लिए चुनाव की अधिसूचना भी जारी की है. लेकिन माना जा रहा है कि कोई भी दूसरा उम्मीदवार ना होने की वजह से नड्डा निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए जाएंगे. जेपी नड्डा के समर्थन में 21 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नामांकन पत्र चुनाव अधिकारी राधा मोहन सिंह के सामने पेश करेंगे. जिन राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष नड्डा के समर्थन में नामंकन पत्र प्रस्तुत करेंगे उसमें दिल्ली, एमपी, उत्तराखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, महाराष्ट्र, हिमाचल जैसे राज्य शामिल हैं. नड्डा के चुनाव के साथ ही अमित शाह का अध्यक्ष के तौर पर साढ़े पांच साल का कार्यकाल ख़त्म हो जाएगा. वहीं बीजेपी की कमान संभालने के साथ ही जेपी नड्डा के सामने दिल्ली और बिहार विधानसभा चुनाव जैसी बड़ी चुनौतियां होंगी. वहीं कहा जाता है कि जेपी नड्डा पीएम मोदी और अमित शाह के काफी करीबी हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छात्र नेता के तौर पर की थी और वह आरएसएस के काफी सक्रिय सदस्य रहे हैं. नड्डा को राज्य और केंद्रीय संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है.

  • बीते एक साल में अपनी खोई जमीन तलाशने में सफल हुई कांग्रेस, पांच राज्यों में BJP को सत्ता से किया बेदखल

    बीते एक साल में अपनी खोई जमीन तलाशने में सफल हुई कांग्रेस, पांच राज्यों में BJP को सत्ता से किया बेदखल

    राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने और बाद में सोनिया गांधी को पार्टी का कमान देने का साफ तौर पर असर विधानसभा चुनाव के परिणामों में दिखा. पार्टी ने 2018 और 2019 के बीच पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में BJP को सत्ता से बेदखल कर दिया.

  • महाराष्ट्र के हाथ से फिसलने पर बीजेपी ने झोंकी झारखंड में ताकत

    महाराष्ट्र के हाथ से फिसलने पर बीजेपी ने झोंकी झारखंड में ताकत

    भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के बाद महाराष्ट्र के भी हाथ से निकल जाने के बाद झारखंड में कम से कम बहुमत वाली जीत जरूरी है, तभी पार्टी हाल के विधानसभा चुनावों से खराब प्रदर्शन से खोई हुई लय वापस पा सकती है.भाजपा सूत्रों का कहना है कि हरियाणा में किसी तरह से सरकार बनी और बहुमत के अभाव में महाराष्ट्र में बनी सरकार गिर गई.

  • Election Results: कांग्रेस नेता सचिन पायलट बोले- 'थोड़ी कसर रह गई नहीं तो...'

    Election Results: कांग्रेस नेता सचिन पायलट बोले- 'थोड़ी कसर रह गई नहीं तो...'

    राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने शुक्रवार को कहा हालिया विधानसभा चुनावों के परिणाम तमाम अनुमानों से हटकर हैं और इनसे कांग्रेस को ताकत मिली है.

  • हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम भाजपा को आइना दिखाने वाले: गहलोत

    हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव परिणाम भाजपा को आइना दिखाने वाले: गहलोत

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को हरियाणा और महाराष्ट्र के चुनाव परिणामों को भाजपा की नैतिक हार बताया है. गहलोत ने कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत की बात करने वालों के लिए ये चुनाव परिणाम बड़ा झटका हैं. हरियाणा में जनता ने सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ जनादेश दिया है और भाजपा के 'अबकी बार 75 पार' के नारे को नकार दिया है, वहीं महाराष्ट्र में भी भाजपा और उनके सहयोगी दलों की सीटें कम होना और कांग्रेस के प्रति विश्वास बढ़ना हमारे लिए सकारात्मक संकेत है.

  • कांग्रेस ने राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश उपचुनावों के लिए घोषित किए उम्मीदवार, ये है पूरी लिस्ट

    कांग्रेस ने राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश उपचुनावों के लिए घोषित किए उम्मीदवार, ये है पूरी लिस्ट

    लोकसभा (Lok Sabha) और विधानसभा की कई सीटों के लिए होने जा रहे उपचुनावों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि एक दिन बाकी रह जाने पर कांग्रेस (Congress) ने रविवार को बिहार की एक संसदीय सीट और राजस्थान व उत्तर प्रदेश की चार विधानसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए.

  • राजस्थान में BSP के विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना प्रियंका गांधी की इस रणनीति का हिस्सा?

    राजस्थान में BSP के विधायकों का कांग्रेस में शामिल होना प्रियंका गांधी की इस रणनीति का हिस्सा?

    ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस ने अब पूरी तरह से महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) के प्लान पर काम करना शुरू कर दिया है. लोकसभा चुनाव में भले ही पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा हो लेकिन प्रियंका गांधी के पूर्वांचल का मोर्चा संभालते ही उनकी टीम ने दलित राजनीति पर फोकस करना शुरू कर दिया था. दलित और सवर्णों में कभी ब्राह्मण पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय कांग्रेस का कोर वोट बैंक हुआ करते थे.

  • अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    अशोक गहलोत ने खुदको मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर दिया बड़ा बयान, कहा- मेरे सिवाय कोई और बन ही नहीं सकता था

    बता दें कि वर्ष 2018 में राजस्थान में कांग्रेस ने बीजेपी को हराकर राज्य में सरकार बनाई थी. विधानसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री के दौड़ में अशोक गहलोत के साथ-साथ सचिन पायलट भी थे. लेकिन बाद में कांग्रेस हाईकमान ने अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री का पद दिया था. इसके बाद ही सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा था.

  • राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई में कलह, सामने आई ये खबर

    राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल की कांग्रेस इकाई में कलह, सामने आई ये खबर

    लोकसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के अंदर रार जारी है. राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल कांग्रेस में अंदरूनी कलह की बात सामने आई है. पश्चिम बंगाल कांग्रेस की अंदरूनी कलह बृहस्पतिवार को तब सामने आ गई जब वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान की ओर से राज्य में कथित तौर पर बिगड़ती कानून एवं व्यवस्था के खिलाफ निकाले गए विरोध मार्च में कई प्रमुख नेताओं ने हिस्सा नहीं लिया. विधानसभा में विपक्ष के नेता मन्नान के नेतृत्व में मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड इलाके से लालबाजार इलाके में स्थित पु

  • जिन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव वहां से किन नेताओं को मिली है मोदी मंत्रिमंडल में जगह

    जिन राज्यों में होने हैं विधानसभा चुनाव वहां से किन नेताओं को मिली है मोदी मंत्रिमंडल में जगह

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की भी झलक देखी जा सकती है. महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार, दिल्ली और हरियाणा में चुनाव होने हैं. इनमें दिल्ली को छोड़े दें तो हर राज्य में बीजेपी की ही सरकार है. साल 2018 के दिसंबर में हुए तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अपनी सरकार गवां चुकी है. हालांकि लोकसभा चुनाव में इन राज्यों में बीजेपी ने जबरदस्त वापसी की और एक तरह से कांग्रेस का सूपड़ा साफ कर दिया.

  • राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हुए मोदी मंत्रिमंडल से बाहर, क्या BJP ने बनाया है ये प्लान?

    राज्यवर्धन सिंह राठौड़ हुए मोदी मंत्रिमंडल से बाहर, क्या BJP ने बनाया है ये प्लान?

    ऐसे में अब ये अटकल लग रही है कि शायद पार्टी राजस्थान में उन्हें कोई बड़ी ज़िम्मेदारी देने की तैयारी में हो. हो सकता है कि उन्हें राजस्थान बीजेपी का अध्यक्ष बना दिया जाए. पिछले साल विधानसभा चुनाव में मिली बड़ी हार के बाद से ही राजस्थान में पार्टी को एक मज़बूत नेतृत्व की ज़रूरत है.

  • NDA के पास अगले साल तक राज्यसभा में हो जाएगा बहुमत, तीन तलाक, NRC पर मोदी सरकार की राह होगी आसान

    NDA के पास अगले साल तक राज्यसभा में हो जाएगा बहुमत, तीन तलाक, NRC पर मोदी सरकार की राह होगी आसान

    अगले साल नवंबर में उत्तर प्रदेश में खाली होने वाली राज्यसभा की 10 में से अधिकांश सीटें भाजपा जीतेगी. इनमें से नौ सीटें विपक्षी दलों के पास हैं. इनमें से छह समाजवादी पार्टी (सपा) के पास, दो बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और एक कांग्रेस के पास है. उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाजपा के 309 सदस्य हैं. सपा के 48, बसपा के 19 और कांग्रेस के सात सदस्य हैं. अगले साल तक भाजपा को असम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश में सीटें मिलेंगी. भाजपा राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में सीटें गंवाएगी. महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव के परिणामों का भी राजग की सीट संख्या पर असर होगा.

  • लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने खड़े हो गए यह 6 बड़े संकट...

    लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद कांग्रेस के सामने खड़े हो गए यह 6 बड़े संकट...

    कांग्रेस पार्टी पर अब आने वाले तीन राज्यों में- हरियाणा, झारखंड और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन को लेकर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इतना ही नहीं कांग्रेस के सामने मध्य प्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान में सरकार बचाने का भी संकट है.

  • नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    नतीजों के बाद संकट में कांग्रेस : राजस्थान में भी नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी, असंतोष के सुर फूटे

    राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलबाजी के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट लोकसभा चुनाव में राज्य में पार्टी की पराजय के कारणों को गिनाने गुरुवार से दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. भाजपा ने राज्य में 24 सीटें जीती, जबकि एक अन्य सीट पर उसकी सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने जीत दर्ज की. कांग्रेस की यह हार काफी शर्मनाक रही, क्योंकि पार्टी अभी छह महीने पहले ही विधानसभा चुनाव जीत कर सत्ता में आई है.

  • तीन राज्यों की विधानसभा की जीत को नहीं भुना पाई कांग्रेस, जानें- राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ के आंकड़े

    तीन राज्यों की विधानसभा की जीत को नहीं भुना पाई कांग्रेस, जानें- राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ के आंकड़े

    राजस्थान की बात करें तो वहां भी मध्य प्रदेश जैसा ही कांग्रेस का हाल है. राजस्थान की 25 सीटों में से 24 पर भाजपा आगे हैं, वहीं कांग्रेस ने सिर्फ टोंक-सवाई माधोपुर सीट पर बढ़त बनाई हुई है. इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर नमो नारायण मीणा चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने यहां सभी 25 सीटों पर जीत हासिल की थी. इसके अलावा छत्तीसगढ़ की 11 में से 9 सीटों पर भाजपा ने बढ़त बना रखी है. जबकि कांग्रेस केवल दो सीटों पर आगे दिख रही है. ये दो सीटें महासमुंद और बस्तर हैं. महासमुंद से कांग्रेस के धनेंद्र साहू और बस्तर से दीपक बैज कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं.

  • Election Results: राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के खाते में 100 से ज्यादा सीटें आने के सियासी मायने

    Election Results: राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस के खाते में 100 से ज्यादा सीटें आने के सियासी मायने

    राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के राजनीतिक भविष्य लिए भी यह चुनाव बहुत अहम है. उनके राजनीतिक भविष्य के मद्देनजर दो बातें जरूरी है कि वह अमेठी से खुद जीतें और कांग्रेस करीब 100 सीटें जीते. पिछले पांच सालों के सफर में कांग्रेस ने कई पराजयों का सामना किया, लेकिन पिछले साल नवंबर-दिसंबर में तीन राज्यों-मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत ने पार्टी की लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदों को ताकत देने का काम किया.

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