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रामधारी सिंह दिनकर 


'रामधारी सिंह दिनकर ' - 14 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जवानों के सामने PM ने रामधारी सिंह दिनकर की जोशीली पंक्तियों का किया जिक्र, कहा- 'जिनके सिंहनाद से...'

    जवानों के सामने PM ने रामधारी सिंह दिनकर की जोशीली पंक्तियों का किया जिक्र, कहा- 'जिनके सिंहनाद से...'

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुकवार को लद्दाख की यात्रा पर पहुंचे, जहां उन्होंने जवानों से मिलकर उनकी हौसलाअफजाई की. पीएम ने यहां पर एक बड़े से मैदान में बैठे जवानों को संबोधित किया. पीएम ने अपने भाषण की शुरुआत भी जवानों के लिए जोशीली पंक्तियों से कीं. उन्होंने इस मौके पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की पंक्तियों से की.

  • बांसुरीधारी की पूजा करते हैं, तो सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को आदर्श मानते हैं, लद्दाख में पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें 

    बांसुरीधारी की पूजा करते हैं, तो सुदर्शन चक्रधारी कृष्ण को आदर्श मानते हैं, लद्दाख में पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें 

    लद्दाख दौरे पर गए पीएम मोदी ने वहां जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि मां भारती की जिस तरह आप ढाल बनकर सेवा करते हैं उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई नहीं कर सकता है. पीएम मोदी ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता...जिनके सिंहनाद से सहमी, धरती रही अभी, धरती रही अभी तक डोल, कलम आज उनकी जय बोल....पंक्तियां सुनाते हुआ कहा कि तो मैं आज मैं अपनी वाणी से आपकी जय बोलता हूं और आपका अभिनंदन करता हूं. मैं गलवान घाटी में शहीद हुए जवानों की पुन: श्रद्धाजंलि अर्पित करता हूं. उनके सिंह नाद से धरती अभी उनका जयकारा कर रही है. आज हर देशवासी का सिर आपके सामने अपने देश के वीर के सामने आदर पूर्वक नतमस्तक होकर नमन करता है. पीएम मोदी ने कहा कि आज आपके वीरता और पराक्रम से फूली हुई है. साथियों सिंधु के आशीर्वाद से ये धरती फूली हुई है. लेह, लद्दाख से लेकर करगिल और सियाचीन, गलवान घाटी के ठंडे पानी तक, हर जर्रा जर्रा, हर पत्थर भारतीय सैनिकों के पराक्रम की गवाही देती है. दुनिया ने आपका अद्मय साहस देखा है जाना है आपकी शौर्य गाथाएं गूंज रही है.

  • जब रामधारी सिंह दिनकर ने कहा- ''अच्छे लगते मार्क्स, किंतु है अधिक प्रेम गांधी से..''

    जब रामधारी सिंह दिनकर ने कहा- ''अच्छे लगते मार्क्स, किंतु है अधिक प्रेम गांधी से..''

    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) की आज जयंती है. उनकी जयंती (Ramdhari Singh Dinkar Jayanti) के मौके पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है. दिनकर एक ऐसे कवि थे जो सत्ता के करीब रहते हुए भी जनता के दिलों में रहे. देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आजादी मिलने तक के सफर को दिनकर (Dinkar) ने अपनी कविताओं द्वारा व्यक्त किया है.

  • बेगूसराय : चुनावी सभा में 'नमूना' कहने पर कन्हैया ने अमित शाह को यह दिया जवाब

    बेगूसराय : चुनावी सभा में 'नमूना' कहने पर कन्हैया ने अमित शाह को यह दिया जवाब

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (Amit Shah) ने बेगूसराय (Begusarai) से CPI प्रत्याशी कन्हैया (Kanhaiya Kumar) को 'नमूना' और 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' का सदस्य कहा तो कन्हैया ने भी उन पर बेगूसराय वासियों, बिहार के निवासियों और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर का अपमान करने का उल्टा आरोप जड़ दिया.

  • Ramdhari Singh Dinkar: सत्ता के करीब रहकर भी जनता के दिलों में रहे दिनकर, कुछ ऐसा था उनका जीवन

    Ramdhari Singh Dinkar: सत्ता के करीब रहकर भी जनता के दिलों में रहे दिनकर, कुछ ऐसा था उनका जीवन

    राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) की आज पुण्यतिथि है. दिनकर (Dinkar) का निधन 24 अप्रैल, 1974 को हुआ था. रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar) राष्ट्रकवि होने के साथ ही जनकवि भी थे. दिनकर ऐसे कवियों में से हैं जिनकी कविताएं आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े विद्वान पसंद करते हैं. देश की आजादी की लड़ाई से लेकर आजादी मिलने तक के सफर को दिनकर ने अपनी कविताओं द्वारा व्यक्त किया है.

  • कन्हैया कुमार ने नामांकन पत्र में खुद को बताया 'बेरोजगार', पिछले दो साल में किताबों और भाषणों से कमाए 8.58 लाख रुपये

    कन्हैया कुमार ने नामांकन पत्र में खुद को बताया 'बेरोजगार', पिछले दो साल में किताबों और भाषणों से कमाए 8.58 लाख रुपये

    कन्हैया कुमार मंगलवार को गांव बीहट में स्थित अपने घर से निकलने से पहले कुमार ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा की जिसमें वह अपनी मां मीना देवी और जेएनयू से लापता हुए छात्र नजीब अहमद की मां फातिमा नफीसा से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं. कुमार जुलूस के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और रास्ते में उन्होंने बेगूसराय जिले से ताल्लुक रखने वाले हिन्दी के जाने-माने कवि रामधारी सिंह दिनकर को श्रद्धांजलि दी.

  • राजनीति हो या देशभक्ति हर जगह लिया जाता है रामधारी सिंह 'दिनकर' की कविताओं का सहारा

    राजनीति हो या देशभक्ति हर जगह लिया जाता है रामधारी सिंह 'दिनकर' की कविताओं का सहारा

    कविताएं लोगों के दिलों में हमेशा से ही अपनी छाप छोड़ती आ रही हैं और यही कारण है कि अब नेता इनका सहारा लेकर लोगों तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं. लेकिन अब कविताओं का प्रयोग राजनीतिक हित के लिए अधिक किया जा रहा है. कविताओं द्वारा राजनीतिक प्रहार का चलन बढ़ता ही जा रहा. खासकर चुनाव (Elections) के समय प्रसिद्ध कवियों की कविताओं का प्रयोग राजनैतिक हथियार के रूप में किया जाता आ रहा है.

  • आतंकी कैंपों पर हमले के बाद भारतीय सेना की पहली प्रतिक्रिया- "सन्धि-वचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की"

    आतंकी कैंपों पर हमले के बाद भारतीय सेना की पहली प्रतिक्रिया-

    आतंकवादी कैंपों पर हमले के बाद (Air strike by india) भारतीय सेना ने पहली प्रतिक्रिया व्यक्त की है. भारतीय सेना(Indian Army) ने राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की कविता के जरिए भावनाओं का किया इजहार.

  • जब रामधारी सिंह दिनकर ने इस कवि से कहा, तुमने अभी ‘आत्मजयी’ लिख डाली है तो बुढ़ापे में क्या लिखोगे!’

    जब रामधारी सिंह दिनकर ने इस कवि से कहा, तुमने अभी ‘आत्मजयी’ लिख डाली है तो बुढ़ापे में क्या लिखोगे!’

    हिंदी के कवि कुंवर नारायण का आज जन्मदिन है और वे 90 साल के हो गए हैं. उन्होंने हिंदी साहित्य को 'आत्मजयी' जैसी कृति दी, जिसने उन्हें साहित्य जगत में स्थापित करने काम किया

  • अब ट्रेनों के नाम 'अग्निगर्भा एक्सप्रेस' या 'नील कुसुम एक्सप्रेस' जैसे होंगे...

    अब ट्रेनों के नाम 'अग्निगर्भा एक्सप्रेस' या 'नील कुसुम एक्सप्रेस' जैसे होंगे...

    आने वाले दिनों में ट्रेनों के नाम 'अग्निगर्भा एक्सप्रेस' या 'नील कुसुम एक्सप्रेस' जैसे हो सकते हैं...रेलवे में इसका प्रस्ताव बनाया गया है और इसके लिए डाटा बेस भी बनाया जा रहा है. वास्तव में रेलवे प्रसिद्ध साहित्यिक कृतियों के नाम पर ट्रेनों का नामकरण करने की तैयारी कर रहा है. 'अग्निगर्भ' महाश्वेता देवी और 'नील कुसुम' रामधारी सिंह दिनकर की कृति है.

  • जब फौजियों के सम्मान में पीएम मोदी ने पढ़ीं दिनकर, चतुर्वेदी की ये पंक्तियां...

    जब फौजियों के सम्मान में पीएम मोदी ने पढ़ीं दिनकर, चतुर्वेदी की ये पंक्तियां...

    एक बेहद खास मौके पर मशहूर कवि माखनलाल चतुर्वेदी और रामधारी सिंह दिनकर की लिखी कविताओं को पढ़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  देश के वीर जवानों के बलिदान,पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा को श्रद्धांजलि दी.

  • उर्वशी के दिनकर और दिनकर की उर्वशी...

    उर्वशी के दिनकर और दिनकर की उर्वशी...

    रामधारी सिंह 'दिनकर' के बारे में आपने पहले ही बहुत पढ़ा होगा. कभी उनकी जीवनी, कभी उनकी कविताएं, तो कभी उनकी लेखन शैली के बारे में. आज यहां इस लेख में मैं ऐसा कुछ नहीं लिखूंगी... खुद को बयां करने के लिए दिनकर ने इतनी रचानाएं दी हैं कि उनसे मिले बिना उनके बेहद करीब महसूस किया जा सकता है.

  • बिहार चुनाव से पहले दिनकर की विरासत पर सियासत

    बिहार चुनाव से पहले दिनकर की विरासत पर सियासत

    शुक्रवार को दिल्ली में रामधारी सिंह दिनकर पर एक बड़ा कार्यक्रम हुआ। मौका उनकी दो किताबों 'संस्कृति के चार अध्याय' और 'परशुराम की प्रतीक्षा' के प्रकाशन के 50 साल पूरे होने का था।

  • हिन्दुत्व को चुनौती देती 'संस्कृति के चार अध्याय'

    हिन्दुत्व को चुनौती देती 'संस्कृति के चार अध्याय'

    जिस किताब की प्रस्तावना पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लिखी हो और जिसके साठ साल होने के जलसे में आज के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिरकत कर रहे हों, वो किताब सिर्फ किताब नहीं, बल्कि एक घटना भी है।

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