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लोकसभा चुनाव 2014


'लोकसभा चुनाव 2014' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • बिहार चुनाव 2020: PM Modi के इस चुनावी 'अस्त्र' के आस्ट्रेलियाई पीएम भी हुए मुरीद, लेकिन विपक्ष बिहार चुनाव को लेकर कितना तैयार

    बिहार चुनाव 2020: PM Modi के इस चुनावी 'अस्त्र' के आस्ट्रेलियाई पीएम भी हुए मुरीद, लेकिन विपक्ष बिहार चुनाव को लेकर कितना तैयार

    ऐसा लग रहा है कि बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव कुछ अलग तरीके से लड़ा जाएगा और बीजेपी ने इसके लिए पुख्ता रणनीति भी तैयार कर ली है. पीएम  नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने होलोग्राम तकनीकी का इस्तेमाल करके  साल 2014 में लोकसभा चुनाव में एक ही जगह से कई रैलियों को संबोधित किया था. ये तकनीकी कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच होने वाले  बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election) में भी इस्तेमाल की जा सकती है.

  • 26 मई 2014 : देश में मोदी सरकार की शुरुआत, साल 2020 में PM Modi के सामने खड़ी हैं 5 बड़ी चुनौतियां

    26 मई 2014 : देश में मोदी सरकार की शुरुआत, साल 2020 में  PM Modi के सामने खड़ी हैं 5 बड़ी चुनौतियां

    26 मई 2014 को पीएम नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में 'मोदी लहर' के दम पर बीजेपी पहली बार केंद्र की सत्ता में अपने दम पर सरकार बनाई थी. देश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण घटना थी क्योंकि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के निधन के बाद कांग्रेस ने राजीव गांधी की अगुवाई में प्रचंड बहुत से सरकार बनाई थी लेकिन फिर बाद में 30 दशकों तक गठबंधन की राजनीति का दौर शुरू हो गया. साझेदारी की राजनीति ने देश का भला कम नुकसान ज्यादा किया, ऐसा इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि ऐसे कई उदाहरण रहे हैं जहां सिद्धांत कम, व्यक्तिगत स्वार्थ महत्वाकांक्षाओं ने कई सरकारों को बनया और बिगाड़ा.    

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचकों पर बोला हमला, कहा - ‘सही काम’ करने वालों से नफरत करते हैं ‘सही बात करने वाले’

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आलोचकों पर बोला हमला, कहा - ‘सही काम’ करने वालों से नफरत करते हैं ‘सही बात करने वाले’

    प्रधानमंत्री ने कहा कि जब उनकी पार्टी ने 2014 का लोकसभा चुनाव जीता था उस समय उनके सामने यह विकल्प था कि वह पहले से जो चलता आ रहा है उस पर चलें या फिर अपना नया रास्ता बनाएं. हमने नया मार्ग चुना जिसमें लोगों की आकांक्षा को प्राथिमिकता दी गई. उन्होंने कहा कि सही चीजों को लेकर बात करना गलत नहीं है, लेकिन इन लोगों में उनके प्रति खास नफरत है जो सही चीजें कर रहे हैं.

  • बांग्ला फिल्मों के मशहूर अभिनेता और TMC के पूर्व सांसद तापस पॉल का निधन

    बांग्ला फिल्मों के मशहूर अभिनेता और TMC के पूर्व सांसद तापस पॉल का निधन

    तापस पॉल 61 साल के थे. उन्होंने मुंबई के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली. मिली जानकारी के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट की वजह से उनकी मौत हुई है. उनकी मौत की खबर से सिनेमा और राजनीति जगत की हस्तियां शोक में हैं. वह साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से जीत हासिल कर संसद पहुंचे थे. उन्होंने TMC के टिकट पर चुनाव लड़ा था.

  • भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विरासत में मिली सियासत, अब राजनीतिक भविष्य का फैसला

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विरासत में मिली सियासत, अब राजनीतिक भविष्य का फैसला

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) हरियाणा में कांग्रेस के प्रभावशाली नेता हैं. हुड्डा मार्च 2005 से अक्टूबर 2014 तक नौ साल हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे. उन्होंने सन 2005 के बाद अक्टूबर 2009 में कांग्रेस ने दोबारा जीत हासिल की थी. तब हुड्डा की दूसरी पारी की शुरुआत हुई थी. हरियाणा के इतिहास में सन 1972 के बाद ऐसा पहली बार हुआ था. सन 2014 के हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पराजित हो गई और हुड्डा को 19 अक्टूबर 2014 को इस्तीफा देना पड़ा.

  • Maharashtra Elections 2019: राहुल गांधी पर CM फडणवीस का तंज, कहा- वह जितना ज्यादा बोलेंगे, उतना...

    Maharashtra Elections 2019: राहुल गांधी पर CM फडणवीस का तंज, कहा- वह जितना ज्यादा बोलेंगे, उतना...

    सीएम ने कहा, 'कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने हाल ही में कहा था कि पार्टी के नेता लड़ाई के समय भाग जाते हैं. अब राहुल गांधी आए हैं और वही पुरानी बातें बोल रहे हैं.' सीएम का इशारा राहुल गांधी के चुनावी सभाओं में उठाए मुद्दों- जीएसटी, राफेल विमान और नोटबंदी की ओर था. ये वही मुद्दे हैं जिन्हें राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़े जोर-शोर से उठाया था.

  • छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र से जो परिणाम आए थे, उससे भी अच्छे परिणाम विधानसभा चुनाव में आएंगे. महाराष्ट्र का खोया हुआ गौरव लौटाने का काम देवेंद्र फडणवीस जी की सरकार ने किया है.

  • पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भाजपा में हुए शामिल

    पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भाजपा में हुए शामिल

    नीरज शेखर हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से हार गए थे. समाजवादी पार्टी ने उन्हें तब राज्यसभा में भेजा था. समझा जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में शेखर बलिया से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था.

  • दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

    दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

    पीएम मोदी ने दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार मन की बात को संबोधित किया है. फरवरी महीने में आखिरी बार मन की बात के बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए ट्विटर पर उनके कार्यालय की ओर से कहा गया था कि स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोक रहे हैं. बता दें साल 2014 में सरकार बनाने के बाद अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने अपनी मासिक ‘मन की बात' के जरिए 53 बार राष्ट्र को संबोधित किया है.

  • अधीर रंजन चौधरी ने PM से पूछा, आप सोनिया-राहुल को 'चोर' कहते हुए सत्ता में आए तो अब वे संसद में कैसे बैठे हैं

    अधीर रंजन चौधरी ने PM से पूछा, आप सोनिया-राहुल  को 'चोर' कहते हुए सत्ता में आए तो अब वे संसद में कैसे बैठे हैं

    लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी सरकार 2 जी और कोयला घोटाला में किसी को पकड़ पाई है. इतना नहीं चौधरी ने कहा, आप सत्ता में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सलाखों के पीछे भेज पाए? आप उनको चोर कहते हुए सत्ता में आए तो अब वो संसद में कैसे बैठे हैं.  गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव से पीएम मोदी और बीजेपी लगातार गांधी परिवार का नाम घोटालों से जोड़ते रहे हैं.

  • 'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं', मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं',  मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बीएसपी के गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो उस दिन मायावती और अखिलेश यादव के हावभाव को देखकर ऐसा लग रहा था कि अब यह दोनों पार्टियां मिलकर लंबे समय तक राजनीति करेंगी. अंकगणित भी उनके पक्ष में था और गोरखपुर-फूलपुर-कैराना के उपचुनाव में मिली जीत से उत्साह चरम पर था. लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ही नेता जमीनी हकीकत को भांप नहीं पाए और करारी हार का सामना करना पड़ गया. इस हार के साथ ही गठबंधन भी बिखर गया है. सपा को जहां 5 सीटें मिली हैं वहीं बीएसपी को 10 सीटें. एक तरह से देखा जाए तो बीएसपी को ज्यादा फायदा हुआ है क्योंकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. दूसरी ओर सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी 62 सीटें कामयाब हो गई. इस हार के साथ ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया और कहा कि सपा अपने कोर वोट यादवों का भी समर्थन नहीं पा सकी और यही वजह है कि उनकी पत्नी चुनाव हार गईं. इतना ही नहीं मायावती ने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में भी अकेले लड़ने का ऐलान कर डाला. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते पर व्यक्तिगत तौर पर अच्छे हैं. वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव अभी तक पूरी तरह से सधे और रक्षात्मक बयान दे रहे हैं. लेकिन रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने रही-सही कसर भी पूरी कर डाली और उन्होंने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनकी नजर में अब अखिलेश यादव की कोई अहमियत नहीं है.

  • दिल्ली कांग्रेस में आंतरिक कलह? प्रभारी पर पार्टी नेता ने लगाया बदसलूकी का आरोप, कहा- किसी और को दिया जाए प्रभार

    दिल्ली कांग्रेस में आंतरिक कलह? प्रभारी पर पार्टी नेता ने लगाया बदसलूकी का आरोप, कहा- किसी और को दिया जाए प्रभार

    चाको को नवंबर, 2014 में दिल्ली का प्रभारी बनाया गया था. दिल्ली कांग्रेस के नेता रोहित मनचंदा ने कहा, 'चाको के नेतृत्व में पार्टी सभी चुनाव हारी है. चाहें लोकसभा चुनाव हो, चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर एमसीडी चुनाव. अगर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी इस्तीफा देने के बारे में सोच सकते हैं तो फिर चाको को इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए?'

  • मोदी सरकार के गठन के लिए केंद्र बना अमित शाह का घर, 10 बातों में जानें अब तक क्या हुआ

    मोदी सरकार के गठन के लिए केंद्र बना अमित शाह का घर, 10 बातों में जानें अब तक क्या हुआ

    राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में करीब आठ हजार मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है. वर्ष 2014 में मोदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दक्षेस देशों के प्रमुखों सहित 3500 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में शपथ दिलायी थी. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण का इस्तेमाल आम तौर पर देश की यात्रा पर आने वाले राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार के प्रमुखों के औपचारिक स्वागत के लिए किया जाता है. इससे पहले 1990 में चंद्रशेखर और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ दिलायी गई थी. शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों, बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, म्यामांर के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने शामिल होने की पुष्टि पहले ही कर दी है. थाईलैंड से उसके विशेष दूत जी बूनराच देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत के अलावा बिम्सटेक में बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं. इन नेताओं के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन के वर्तमान अध्यक्ष और किर्गिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जीनबेकोव और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है. मोदी नीत भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 542 सीटों में से 303 सीटें जीतकर सत्ता में बहुमत के साथ वापसी की है.

  • 17वीं लोकसभा के सांसदों की कहानी : कोई टैलेंट हंट विजेता, किसी के खिलाफ 204 केस

    17वीं लोकसभा के सांसदों की कहानी : कोई टैलेंट हंट विजेता, किसी के खिलाफ 204 केस

    मौजूदा लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) में जो सांसद चुनकर आए हैं उनके बारे में अध्ययन करने पर कई दिलचस्प पहलू सामने आते हैं जैसे इस बार आजादी के बाद से महिला सांसदों (Women Member of Parliament) की संख्या सबसे अधिक है. सन 2014 में जहां 62 महिला सांसद संसद पहुंची थीं वहीं अब इनकी संख्या 78 हो गई है.

  • ममता के गढ़ में BJP ने कैसे लगाई सेंध पीएम मोदी ने गुजरात में बताई वजह

    ममता के गढ़ में BJP ने कैसे लगाई सेंध पीएम मोदी ने गुजरात में बताई वजह

    मोदी ने कहा, 'जब उससे पूछा गया कि क्यों? क्योंकि वह गुजरात जैसा विकास चाहती थी, तो उसने कहा कि यह बंगाल है, हम ये सब सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकते. आपको पता नहीं होता कि आपके साथ क्या हो जाएगा.' प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के चुनाव से ही गुजारत के विकास पहलों की कहानी देश के हर कोने-कोने में उनके पहुंचने से पहले ही पहुंच चुकी थी. 

  • लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद एमपी के CM कमलनाथ ने की इस्तीफे की पेशकश

    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद एमपी के CM कमलनाथ ने की इस्तीफे की पेशकश

    इससे पहले भाजपा ने मोदी की लहर के चलते वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की 29 में से 27 सीटों पर कब्जा किया था. तब कांग्रेस को दो सीटें छिंदवाड़ा एवं गुना मिली थी. लेकिन इस बार भाजपा ने गुना सीट को कांग्रेस से छीन ली है. प्रदेश में कांग्रेस को मिली हार के बाद मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक बावरिया ने बताया, 'सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है.'

  • पश्चिम बंगाल में BJP की जबरदस्त सफलता से हैरान ममता बनर्जी ने TMC की बैठक बुलाई, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    पश्चिम बंगाल में BJP की जबरदस्त सफलता से हैरान ममता बनर्जी ने TMC की बैठक बुलाई, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2019)  में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का साल 2014 जैसा प्रदर्शन नहीं रहा. तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस बार 42 सीटों में से 22 सीटें ही मिलीं, जबकि साल 2014 में ममता बनर्जी की पार्टी को 34 सीटें मिली थीं.

  • मोदी लहर के बावजूद ओडिशा में बीजेपी को कैसे मात दे दी नवीन पटनायक ने..

    मोदी लहर के बावजूद ओडिशा में बीजेपी को कैसे मात दे दी नवीन पटनायक ने..

    Odisha Assembly Elections 2019 : सन 1997 में नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) जब राजनीति में आए थे तब उनके पास कोई अनुभव नहीं था. कई लोगों को लग रहा था कि नवीन राजनीति में सफल नहीं होंगे और पिता की विरासत को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे, लेकिन नवीन पटनायक ने सबको झूठा साबित किया. 2014 में ,पूरी देश में जब मोदी लहर चल रही थी तब नवीन पटनायक अपने राज्य में बीजेपी को रोकने में कामयाब रहे थे. इस बार ओडिशा में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नवीन की बीजू जनता दल ने शानदार जीत हासिल की है.

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