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लोकसभा चुनाव 2014


'लोकसभा चुनाव 2014' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र से जो परिणाम आए थे, उससे भी अच्छे परिणाम विधानसभा चुनाव में आएंगे. महाराष्ट्र का खोया हुआ गौरव लौटाने का काम देवेंद्र फडणवीस जी की सरकार ने किया है.

  • पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भाजपा में हुए शामिल

    पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर भाजपा में हुए शामिल

    नीरज शेखर हालांकि 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट से हार गए थे. समाजवादी पार्टी ने उन्हें तब राज्यसभा में भेजा था. समझा जाता है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में शेखर बलिया से चुनाव लड़ना चाहते थे लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था.

  • दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

    दूसरी पारी की पहली 'मन की बात' में बोले PM मोदी- लोकतंत्र के अधिकार का मजा क्या है वो तब पता चलता है जब कोई उन्हें को छीन ले

    पीएम मोदी ने दूसरा कार्यकाल संभालने के बाद पहली बार मन की बात को संबोधित किया है. फरवरी महीने में आखिरी बार मन की बात के बाद लोकसभा चुनाव को देखते हुए ट्विटर पर उनके कार्यालय की ओर से कहा गया था कि स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए इस प्रोग्राम को कुछ समय के लिए रोक रहे हैं. बता दें साल 2014 में सरकार बनाने के बाद अपने पहले कार्यकाल में मोदी ने अपनी मासिक ‘मन की बात' के जरिए 53 बार राष्ट्र को संबोधित किया है.

  • अधीर रंजन चौधरी ने PM से पूछा, आप सोनिया-राहुल को 'चोर' कहते हुए सत्ता में आए तो अब वे संसद में कैसे बैठे हैं

    अधीर रंजन चौधरी ने PM से पूछा, आप सोनिया-राहुल  को 'चोर' कहते हुए सत्ता में आए तो अब वे संसद में कैसे बैठे हैं

    लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी से सीधा सवाल पूछा है कि क्या उनकी सरकार 2 जी और कोयला घोटाला में किसी को पकड़ पाई है. इतना नहीं चौधरी ने कहा, आप सत्ता में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को सलाखों के पीछे भेज पाए? आप उनको चोर कहते हुए सत्ता में आए तो अब वो संसद में कैसे बैठे हैं.  गौरतलब है कि साल 2014 के लोकसभा चुनाव से पीएम मोदी और बीजेपी लगातार गांधी परिवार का नाम घोटालों से जोड़ते रहे हैं.

  • 'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं', मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं',  मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बीएसपी के गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो उस दिन मायावती और अखिलेश यादव के हावभाव को देखकर ऐसा लग रहा था कि अब यह दोनों पार्टियां मिलकर लंबे समय तक राजनीति करेंगी. अंकगणित भी उनके पक्ष में था और गोरखपुर-फूलपुर-कैराना के उपचुनाव में मिली जीत से उत्साह चरम पर था. लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ही नेता जमीनी हकीकत को भांप नहीं पाए और करारी हार का सामना करना पड़ गया. इस हार के साथ ही गठबंधन भी बिखर गया है. सपा को जहां 5 सीटें मिली हैं वहीं बीएसपी को 10 सीटें. एक तरह से देखा जाए तो बीएसपी को ज्यादा फायदा हुआ है क्योंकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. दूसरी ओर सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी 62 सीटें कामयाब हो गई. इस हार के साथ ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया और कहा कि सपा अपने कोर वोट यादवों का भी समर्थन नहीं पा सकी और यही वजह है कि उनकी पत्नी चुनाव हार गईं. इतना ही नहीं मायावती ने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में भी अकेले लड़ने का ऐलान कर डाला. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते पर व्यक्तिगत तौर पर अच्छे हैं. वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव अभी तक पूरी तरह से सधे और रक्षात्मक बयान दे रहे हैं. लेकिन रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने रही-सही कसर भी पूरी कर डाली और उन्होंने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनकी नजर में अब अखिलेश यादव की कोई अहमियत नहीं है.

  • दिल्ली कांग्रेस में आंतरिक कलह? प्रभारी पर पार्टी नेता ने लगाया बदसलूकी का आरोप, कहा- किसी और को दिया जाए प्रभार

    दिल्ली कांग्रेस में आंतरिक कलह? प्रभारी पर पार्टी नेता ने लगाया बदसलूकी का आरोप, कहा- किसी और को दिया जाए प्रभार

    चाको को नवंबर, 2014 में दिल्ली का प्रभारी बनाया गया था. दिल्ली कांग्रेस के नेता रोहित मनचंदा ने कहा, 'चाको के नेतृत्व में पार्टी सभी चुनाव हारी है. चाहें लोकसभा चुनाव हो, चाहे विधानसभा चुनाव हो या फिर एमसीडी चुनाव. अगर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी इस्तीफा देने के बारे में सोच सकते हैं तो फिर चाको को इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए?'

  • मोदी सरकार के गठन के लिए केंद्र बना अमित शाह का घर, 10 बातों में जानें अब तक क्या हुआ

    मोदी सरकार के गठन के लिए केंद्र बना अमित शाह का घर, 10 बातों में जानें अब तक क्या हुआ

    राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित होने वाले इस शपथ ग्रहण समारोह में करीब आठ हजार मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है. वर्ष 2014 में मोदी को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने दक्षेस देशों के प्रमुखों सहित 3500 से अधिक मेहमानों की मौजूदगी में शपथ दिलायी थी. राष्ट्रपति भवन के प्रांगण का इस्तेमाल आम तौर पर देश की यात्रा पर आने वाले राष्ट्राध्यक्षों एवं सरकार के प्रमुखों के औपचारिक स्वागत के लिए किया जाता है. इससे पहले 1990 में चंद्रशेखर और 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी को राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में शपथ दिलायी गई थी. शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों, बांग्लादेश के राष्ट्रपति अब्दुल हामिद, श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरिसेना, नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, म्यामांर के राष्ट्रपति यू विन मिंट और भूटान के प्रधानमंत्री लोताय शेरिंग ने शामिल होने की पुष्टि पहले ही कर दी है. थाईलैंड से उसके विशेष दूत जी बूनराच देश का प्रतिनिधित्व करेंगे. भारत के अलावा बिम्सटेक में बांग्लादेश, म्यामां, श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल और भूटान शामिल हैं. इन नेताओं के साथ-साथ शंघाई सहयोग संगठन के वर्तमान अध्यक्ष और किर्गिस्तान के वर्तमान राष्ट्रपति जीनबेकोव और मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ को भी शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया गया है. मोदी नीत भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 542 सीटों में से 303 सीटें जीतकर सत्ता में बहुमत के साथ वापसी की है.

  • 17वीं लोकसभा के सांसदों की कहानी : कोई टैलेंट हंट विजेता, किसी के खिलाफ 204 केस

    17वीं लोकसभा के सांसदों की कहानी : कोई टैलेंट हंट विजेता, किसी के खिलाफ 204 केस

    मौजूदा लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections 2019) में जो सांसद चुनकर आए हैं उनके बारे में अध्ययन करने पर कई दिलचस्प पहलू सामने आते हैं जैसे इस बार आजादी के बाद से महिला सांसदों (Women Member of Parliament) की संख्या सबसे अधिक है. सन 2014 में जहां 62 महिला सांसद संसद पहुंची थीं वहीं अब इनकी संख्या 78 हो गई है.

  • ममता के गढ़ में BJP ने कैसे लगाई सेंध पीएम मोदी ने गुजरात में बताई वजह

    ममता के गढ़ में BJP ने कैसे लगाई सेंध पीएम मोदी ने गुजरात में बताई वजह

    मोदी ने कहा, 'जब उससे पूछा गया कि क्यों? क्योंकि वह गुजरात जैसा विकास चाहती थी, तो उसने कहा कि यह बंगाल है, हम ये सब सार्वजनिक रूप से नहीं बोल सकते. आपको पता नहीं होता कि आपके साथ क्या हो जाएगा.' प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 के चुनाव से ही गुजारत के विकास पहलों की कहानी देश के हर कोने-कोने में उनके पहुंचने से पहले ही पहुंच चुकी थी. 

  • लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद एमपी के CM कमलनाथ ने की इस्तीफे की पेशकश

    लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद एमपी के CM कमलनाथ ने की इस्तीफे की पेशकश

    इससे पहले भाजपा ने मोदी की लहर के चलते वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की 29 में से 27 सीटों पर कब्जा किया था. तब कांग्रेस को दो सीटें छिंदवाड़ा एवं गुना मिली थी. लेकिन इस बार भाजपा ने गुना सीट को कांग्रेस से छीन ली है. प्रदेश में कांग्रेस को मिली हार के बाद मध्य प्रदेश के कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है. ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक बावरिया ने बताया, 'सीएम कमलनाथ ने मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की है.'

  • पश्चिम बंगाल में BJP की जबरदस्त सफलता से हैरान ममता बनर्जी ने TMC की बैठक बुलाई, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    पश्चिम बंगाल में BJP की जबरदस्त सफलता से हैरान ममता बनर्जी ने TMC की बैठक बुलाई, इन मुद्दों पर होगी चर्चा

    पश्चिम बंगाल लोकसभा चुनाव (West Bengal Election Result 2019)  में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का साल 2014 जैसा प्रदर्शन नहीं रहा. तृणमूल कांग्रेस (TMC) को इस बार 42 सीटों में से 22 सीटें ही मिलीं, जबकि साल 2014 में ममता बनर्जी की पार्टी को 34 सीटें मिली थीं.

  • मोदी लहर के बावजूद ओडिशा में बीजेपी को कैसे मात दे दी नवीन पटनायक ने..

    मोदी लहर के बावजूद ओडिशा में बीजेपी को कैसे मात दे दी नवीन पटनायक ने..

    Odisha Assembly Elections 2019 : सन 1997 में नवीन पटनायक (Naveen Patnaik) जब राजनीति में आए थे तब उनके पास कोई अनुभव नहीं था. कई लोगों को लग रहा था कि नवीन राजनीति में सफल नहीं होंगे और पिता की विरासत को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे, लेकिन नवीन पटनायक ने सबको झूठा साबित किया. 2014 में ,पूरी देश में जब मोदी लहर चल रही थी तब नवीन पटनायक अपने राज्य में बीजेपी को रोकने में कामयाब रहे थे. इस बार ओडिशा में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में नवीन की बीजू जनता दल ने शानदार जीत हासिल की है.

  • Election Results 2019: अमेठी सीट से क्यों हारे राहुल गांधी, वहां की जनता ने बताई यह बड़ी वजह

    Election Results 2019: अमेठी सीट से क्यों हारे राहुल गांधी, वहां की जनता ने बताई यह बड़ी वजह

    इससे पहले 2014 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को 408,651 वोट मिले थे जबकि भाजपा प्रत्याशी स्मृति ईरानी को 300,748 वोट मिले थे. तब कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री को 1,07,000 वोटों के अंतर से हराया था.

  • Election Results 2019: इस लोकसभा चुनाव में कुल कितने मुसलमान सांसद बने? जानें कुछ रोचक आंकड़े

    Election Results 2019: इस लोकसभा चुनाव में कुल कितने मुसलमान सांसद बने? जानें कुछ रोचक आंकड़े

    इस बार विपक्ष ने बीजेपी (BJP) के खिलाफ मुसलमानों का वोट पाने के लिए पूरा ज़ोर लगा दिया था. यही वजह है कि 2014 की तुलना में इस बार लोकसभा जाने वाले मुसलमान सांसदो की संख्या बढ़ गई है, इस बार कुल 27 मुस्लिम सांसद लोकसभा जा रहे हैं, 2014 में कुल 23 मुस्लिम सांसद बने थे.

  • Election Results 2019 : मोदी लहर का असर, लोकसभा को इस बार फिर नहीं मिलेगा नेता प्रतिपक्ष

    Election Results 2019 : मोदी लहर का असर, लोकसभा को इस बार फिर नहीं मिलेगा नेता प्रतिपक्ष

    कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में हार की गुरुवार को पूरी जिम्मेदारी ली और कहा कि उनके इस्तीफे का मुद्दा उनके और कांग्रेस कार्यकारिणी के बीच का है. राहुल ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं (पार्टी के प्रदर्शन के लिए) पूरी जिम्मेदारी स्वीकारता हूं." पार्टी के नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफा देने की खबरें शरारतपूर्ण और गलत हैं.  संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस्तीफा देंगे? राहुल ने कहा, "कार्यकारिणी की हमारी एक बैठक होगी. आप इसे मेरे और कार्यकारिणी के बीच छोड़ दें." कांग्रेस लोकसभा में 51 सीटें जीत सकती है, जो 2014 के लोकसभा चुनाव में जीती सीटों से मात्र सात ज्यादा है.

  • लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें- आज का भाव

    लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के एक दिन बाद बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, जानें- आज का भाव

    देशभर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘प्रचंड लहर' पर सवार भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद, हिंदू गौरव और ‘नये भारत' के मुद्दों पर लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करके लगातार दूसरी बार केंद्र में सरकार बनाने जा रही है. चुनाव आयोग से मिल रहे नतीजों के मुताबिक बीजेपी अब तक 290 सीटें जीत चुकी है और 13 सीटों पर आगे चल रही है. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 282 सीटों पर जीत हासिल हुई थी. भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल उसके सहयोगी लगभग 350 सीटों पर जीत हासिल करते हुए दिख रहे है. एनडीए ने पिछले लोकसभा चुनाव में 336 सीटों पर विजय हासिल की थी.

  • Results 2019: मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को मिला करारी हार, अब खतरे में कांग्रेस की राज्य सरकार

    Results 2019: मध्य प्रदेश में  दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के कई बड़े नेताओं को मिला करारी हार, अब खतरे में कांग्रेस की राज्य सरकार

    विधानसभा चुनावों में जीत के बावजूद, लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मध्य प्रदेश में बड़ा झटका लगा. लगभग सारे आला नेता चुनाव हार गए. अब बीजेपी कह रही है कि राज्य सरकार का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है. मध्यप्रदेश में गुरुवार को बीजेपी दफ्तर में 2014 की तस्वीरों का रीप्ले दिखा, हर तरफ भगवा लहर.

  • Election Results : नीतीश ने कहा, प्रधानमंत्री को 2014 से बड़ी जीत मिलने के बारे में पहले ही अवगत करा दिया था

    Election Results : नीतीश ने कहा, प्रधानमंत्री को 2014 से बड़ी जीत मिलने के बारे में पहले ही अवगत करा दिया था

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने बृहस्पतिवार को कहा कि पूरे देश में भाजपा की ऐतिहासिक जीत (Loksabha Election Results 2019) के बारे में उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान अवगत करा दिया था. नीतीश कुमार ने चुनाव परिणाम आने के बाद मीडिया के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने तो पहले ही प्रधानमंत्री से कह दिया था कि पिछले लोकसभा चुनाव से ज़्यादा भाजपा और एनडीए को सीटें मिलने वाली हैं.

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