NDTV Khabar

विदेश मंत्री


'विदेश मंत्री' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • विदेश मंत्रालय ने कहा, पाकिस्‍तान के साथ पड़ोसी वाले सामान्‍य संबंध चाहता है भारत लेकिन...

    विदेश मंत्रालय ने कहा, पाकिस्‍तान के साथ पड़ोसी वाले सामान्‍य संबंध चाहता है भारत लेकिन...

    राज्‍यसभा में पाकिस्‍तान को लेकर भारत की मौजूदा नीति को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'पाकिस्‍तान के साथ भारत पड़ोसी वाले सामान्‍य संबंध चाहता है लेकिन इसके लिए इस्‍लामाबाद को माहौल बनाया चाहिए. उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि अपनी जमीन का इस्‍तेमाल वह सीमा पार आतंकवाद के लिए नहीं होने देगा.' 

  • चीन समेत पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध खराब हुए हैं? केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया- 'नहीं'

    चीन समेत पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध खराब हुए हैं? केंद्रीय मंत्री ने जवाब दिया- 'नहीं'

    पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को लेकर पूछे गए सवाल में केंद्रीय मंत्री विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन (V Muraleedharan) ने कहा कि भारत के किसी भी देश के साथ संबंध खराब नहीं हुए हैं. दरअसल टीएमसी (Trinamool Congress) सांसद सौगाता रॉय (Sougata Ray) ने यह सवाल किया था. उन्होंने पूछा था, 'क्या पड़ोसी देश जैसे- नेपाल, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यांमार से भारत के संबंध बिगड़े हैं.' केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने साफ-साफ जवाब देते हुए कहा, 'नहीं.'

  • सरकार ने चीनी कंपनी के भारतीय नेताओं की जासूसी का मुद्दा चीन के सामने उठाया : जयशंकर

    सरकार ने चीनी कंपनी के भारतीय नेताओं की जासूसी का मुद्दा चीन के सामने उठाया : जयशंकर

    चीन (China) की कंपनियों द्वारा भारत के कुछ नेताओं की जासूसी करने की खबरों के बीच सरकार ने बुधवार को इस मुद्दे को यहां चीन के राजदूत के समक्ष उठाया. यह जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल को एक पत्र लिखकर दी है. पत्र में कहा गया है कि इस मामले को चीन के विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया गया है.

  • विदेश राज्य मंत्री ने कहा - चीन और पांच अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध बिगड़े नहीं हैं

    विदेश राज्य मंत्री ने कहा - चीन और पांच अन्य पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध बिगड़े नहीं हैं

    विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के सदस्य सौगत राय के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही.सौगत राय ने पूछा था कि क्या नेपाल, चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और म्यामां जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत के संबंध हाल के दिनों में खराब हो गये हैं .इस पर मुरलीधरन ने कहा, ‘‘ ‘नहीं’.’’पूर्वी लद्दाख में भारतीय और चीनी सैनिकों में गतिरोध के बीच विदेश राज्य मंत्री ने अपने उत्तर में कहा कि चीन और पांच अन्य देशों के साथ संबंध बिगड़े नहीं हैं.

  • चीन से ताल्लुकात पर ध्यान देने वाला भारत एक अकेला देश नहीं : एस जयशंकर

    चीन से ताल्लुकात पर ध्यान देने वाला भारत एक अकेला देश नहीं : एस जयशंकर

    विदेश मंत्री एस जयशंकर (S Jaishankar) ने कहा है कि चीन (China) और भारत (India) के बीच कहीं अधिक व्यवस्थित और मजबूत संबंधों के लिए दोनों देशों द्वारा बहुध्रुवीयता और पारस्परिकता की व्यापक स्वीकृति महत्वपूर्ण है. साथ ही, यह वैश्विक पुनर्संतुलन की वृहद बुनियाद पर निर्मित होना चाहिए. हाल ही में जारी अपनी पुस्तक ‘‘द इंडिया वे: स्ट्रेटेजीज फॉर ए अनर्सेटेन वर्ल्ड’’(The India Way: Strategies for a Uncertain World)  में उन्होंने कहा है कि भारत कोई एकमात्र देश नहीं है, जो चीन के साथ संबंध पर ज्यादा ध्यान दे रहा है बल्कि पूरी दुनिया ऐसा कर रही है और प्रत्येक देश बातचीत के नियम और शर्तों को अपने हिसाब से फिर से तय कर रहा है.

  • अफ़ग़ानिस्तान शांति वार्ता में महिलाओं और अल्पसंख्यंकों के हितों का ध्यान रखा जाए : एस जयशंकर

    अफ़ग़ानिस्तान शांति वार्ता में महिलाओं और अल्पसंख्यंकों के हितों का ध्यान रखा जाए : एस जयशंकर

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दोहा में अफ़ग़ानिस्तान शांति समझौते को लेकर तालिबान और अफ़ग़ान सरकार के बीच बातचीत के शुरुआती समारोह को संबोधित किया. मुख्य तौर पर भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच ऐतिहासिक रिश्तों और सहयोग को रेखांकित किया. 

  • भारत-चीन विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद बोले ओवैसी - क्या मोदी सरकार ने भारत की ज़मीन सरेंडर कर दी?

    भारत-चीन विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद बोले ओवैसी - क्या मोदी सरकार ने भारत की ज़मीन सरेंडर कर दी?

    ओवैसी ने शुक्रवार को अपने ट्वीट में लिखा- "हमने विदेश मंत्रियों के संयुक्त बयान को देखा है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चीन से लद्दाख में LAC पर अप्रैल से पहले वाली स्थिति में आने के बारे में क्यों नहीं कहा या फिर क्या विदेश मंत्री भी अपने बॉस PMO इंडिया से सहमत है कि कोई चीनी सैनिक हमारे क्षेत्र में आया ही नहीं." 

  • भारत-चीन LAC विवाद सुलझाने को इन 5 मुद्दों पर करेंगे काम, विदेश मंत्रियों की बैठक में बनी सहमति

    भारत-चीन LAC विवाद सुलझाने को इन 5 मुद्दों पर करेंगे काम, विदेश मंत्रियों की बैठक में बनी सहमति

    विदेश मंत्री एस जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी की मॉस्को में हुई बातचीत के दौरान भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख में सीमा पर विवाद खत्म करने के लिए पांच बिंदुओं पर काम करने को लेकर सहमति जताई है. बता दें कि मॉस्को में चल रहे शंघाई सहयोग संगठन की शिखर वार्ता में हिस्सा लेने के लिए दोनों देशों के विदेश मंत्री वहां गए हुए थे. इस दौरान गुरुवार की रात शिखर वार्ता से इतर दोनों देशों ने बैठक ली. ढाई घंटे चली यह बैठक ऐसे वक्त में हुई है, जब पूर्वी लद्दाख में दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है.

  • भारत ने चीन से कहा- चीनी फौज की "उकसावे वाली कार्रवाई" द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन : सूत्र

    भारत ने चीन से कहा- चीनी फौज की

    भारत चीन के बीच जारी तनाव के बीच दोनों ही देशो के विदेश मंत्री के बीच हुई बातचीत के बाद LAC पर जारी तनाव को कम करने के लिए पांच बिंदुओं पर सहमति बन गई है.

  • जयशंकर, राजनाथ की ईरान यात्रा के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई : विदेश मंत्रालय 

    जयशंकर, राजनाथ की ईरान यात्रा के दौरान द्विपक्षीय, क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई : विदेश मंत्रालय 

    विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की हाल की ईरान यात्रा के दौरान उनके समकक्षों के साथ कनेक्टिविटी सहित सभी द्विपक्षीय और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा हुई. विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

  • LAC पर तनाव के बीच मॉस्‍को में मिले भारत और चीन के विदेश मंत्री

    LAC पर तनाव के बीच मॉस्‍को में मिले भारत और चीन के विदेश मंत्री

    विदेश मंत्री जयशंकर ने हाल ही में पूर्वी लद्दाख के हालात को ‘बहुत गंभीर' करार दिया था और कहा था कि ऐसे हालात में दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक स्तर पर ‘बहुत बहुत गहन विचार-विमर्श' की जरूरत है. जयशंकर और वांग के बीच यह बातचीत ऐसे वक्त में हुई है जब सीमा पर तनाव अपने चरम पर है.

  • लद्दाख में तनातनी के बीच भारत और चीन के विदेश मंत्री आज कर सकते हैं मुलाकात

    लद्दाख में तनातनी के बीच भारत और चीन के विदेश मंत्री आज कर सकते हैं मुलाकात

    LAC पर तनाव को कम करने के इरादे से दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना जताई जा रही है. बता दें कि एस जयशंकर इन दिनों मॉस्को में हैं, जहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के तहत विदेश मंत्रियों की बैठक हो रही है.  एस जयशकंर और वांग के बीच यह बातचीत ऐसे वक्त में हो रही है जब सीमा पर तनाव अपने चरम पर है.

  • जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री लावरोव से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ करने पर हुयी चर्चा

    जयशंकर ने रूसी विदेश मंत्री लावरोव से की मुलाकात, द्विपक्षीय संबंध और प्रगाढ़ करने पर हुयी चर्चा

    कोविड-19 के कारण यह बैठक पहले नहीं हो सकी थी. रूस स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, लावरोव ने कहा, ‘‘हम सभी क्षेत्रों... द्विपक्षीय संबंधों, एसीओ, ब्रिक्स, संयुक्त राष्ट्र के कार्यढांचे के तहत सहयोग... में रूस-भारत रणनीति साझेदारी के विकास पर चर्चा करने के अवसर की प्रशंसा करते हैं.’’  गौरतलब है कि पिछले हफ्ते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने रूसी समकक्ष जनरल सर्गे शोइगु से मास्को में मुलाकात की थी.

  • चीन के साथ तनाव पर बोले विदेश मंत्री- लद्दाख के हालात ‘बहुत गंभीर’, राजनीतिक स्तर पर ‘बहुत-बहुत गहन विचार-विमर्श’ की जरूरत

    चीन के साथ तनाव पर बोले विदेश मंत्री- लद्दाख के हालात ‘बहुत गंभीर’, राजनीतिक स्तर पर ‘बहुत-बहुत गहन विचार-विमर्श’ की जरूरत

    पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून को संघर्ष में 20 भारतीय सैन्यकर्मियों के शहीद होने के बाद वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तनाव काफी बढ़ गया था. चीनी जवान भी हताहत हुए लेकिन पड़ोसी देश ने उनका ब्योरा नहीं दिया. अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार चीन के भी 35 जवान मारे गये. विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘सीमा पर अगर अमन-चैन नहीं रहता तो बाकी रिश्ते जारी नहीं रह सकते क्योंकि स्पष्ट रूप से संबंधों का आधार शांति ही है.’

  • रूस में राजनाथ और चीनी रक्षामंत्री के बीच 2.20 घंटे हुई बातचीत, लद्दाख में तनाव कम करने पर रहा फोकस- 10 बातें

    रूस में राजनाथ और चीनी रक्षामंत्री के बीच 2.20 घंटे हुई बातचीत, लद्दाख में तनाव कम करने पर रहा फोकस- 10 बातें

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार को हुई बैठक दो घंटे से भी ज्यादा देर तक हुई. जहां पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित रहा. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा पर हुए तनाव के बाद से दोनों ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी. इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल गतिरोध दूर करने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं. सूत्रों ने बताया कि वार्ता के दौरान सिंह ने पूर्वी लद्दाख में यथा स्थिति को बनाए रखने और सैनिकों को तेजी से हटाने पर जोर दिया.

  • राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से दो घंटे से अधिक समय तक की वार्ता, सीमा पर तनाव कम करने पर हुई चर्चा

    राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से दो घंटे से अधिक समय तक की वार्ता, सीमा पर तनाव कम करने पर हुई चर्चा

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार को दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने पर ध्यान केन्द्रित रहा. सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी. पूर्वी लद्दाख में मई में सीमा पर हुए तनाव के बाद से दोनों ओर से यह पहली उच्च स्तरीय आमने सामने की बैठक थी. इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल गतिरोध दूर करने के लिए चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ टेलीफोन पर बातचीत कर चुके हैं.

  • BRICS बैठक: जयशंकर ने आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक सहयोग का आह्वान किया

    BRICS बैठक: जयशंकर ने आतंकवाद से निपटने के लिए व्यापक सहयोग का आह्वान किया

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को ब्रिक्स देशों के समूह से आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया. जयशंकर ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित बैठक में यह बात कही. उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने भी सम्मेलन में हिस्सा लिया. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, अपने संबोधन में जयशंकर ने समकालीन वैश्विक वास्तविकताओं और दुनिया के लाखों लोगों की भावनाओं को प्रतिबिंबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया.

  • सहमत हूं कि भारत-चीन सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक दायरे में निकालना होगा : एस जयशंकर

    सहमत हूं कि भारत-चीन सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक दायरे में निकालना होगा : एस जयशंकर

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि वह ‘‘पूरी तरह से सहमत’’ हैं कि भारत-चीन सीमा विवाद का समाधान कूटनीतिक दायरे में निकालना होगा. जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के लिए एक ‘‘समझौते’’ पर पहुंचना महत्वपूर्ण है और यह केवल उनके लिए अहम नहीं है बल्कि दुनिया के लिए भी यह मायने रखता है. विदेश मंत्री ने अपनी पुस्तक के विमोचन के मौके पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा, ‘‘मुझे यह भी जानकारी है कि आपके पास वही स्थिति है जो हमारे पास पश्चिमी क्षेत्र (लद्दाख के पार) के सीमा क्षेत्रों में है. क्योंकि हमारा लंबे समय से दृष्टिकोण रहा है, वहां हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट है- हमारी चीन के साथ सहमति और समझ है. दोनों पक्षों द्वारा किए गए समझौतों और समझ को बारीकी से देखा जाना चाहिए.’’ 

Advertisement

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com