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विधानसभा चुनाव 2013


'विधानसभा चुनाव 2013' - 309 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पटेल नगर से AAP विधायक राजकुमार आनंद कोरोना पॉजिटिव

    पटेल नगर से AAP विधायक राजकुमार आनंद कोरोना पॉजिटिव

    ऐसा बताया जा रहा है कि आप विधायक को फिलहाल हल्के लक्षण है, जिसके चलते वह घर में ही क्वारंटाइन किया गया है. पटेल नगर विधानसभा से राजकुमार आनंद पहली बार विधायक बने हैं. 2020 विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के प्रवेश रथ को हराया था. 

  • दिल्ली चुनाव : बीजेपी को बड़ा झटका, चार बार विधायक रहे हरशरण सिंह बल्ली 'आप' में शामिल

    दिल्ली चुनाव : बीजेपी को बड़ा झटका, चार बार विधायक रहे हरशरण सिंह बल्ली 'आप' में शामिल

    भारतीय जनता पार्टी (BJP) को विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा झटका लगा है. बीजेपी से चार बार विधायक रहे हरशरण सिंह बल्ली शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP)में शामिल हो गए. दिल्ली के मुख्यमंत्री और 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई. इस दौरान उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे. हरशरण सिंह बल्ली 1993 से 2013 तक हरिनगर से विधायक रहे हैं और बीजेपी की मदनलाल खुराना की सरकार में मंत्री भी रहे.

  • दिल्ली के चुनावी मैदान में उतरने से पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिया मां का आशीर्वाद

    दिल्ली के चुनावी मैदान में उतरने से पहले सीएम अरविंद केजरीवाल ने लिया मां का आशीर्वाद

    दिल्ली के मुख्यमंत्री विधानसभा चुनाव में नामांकन दाखिल करने से पहले अपनी मां का आशीर्वाद लिया. केजरीवाल नई दिल्ली सीट से विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं. यह सीट केजरीवाल के राजनीतिक करियर के लिए अहम पड़ाव साबित हुई है. जीवन का पहला चुनाव लड़ते हुए केजरीवाल ने  साल 2013 में उस समय की तत्कालीन मुख्यमंत्री और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता शीला दीक्षित को हरा दिया था.

  • बीजेपी के इस बड़े नेता को रोहिणी में चुनौती देंगे AAP के राजेश नामा बंसीवाला

    बीजेपी के इस बड़े नेता को रोहिणी में चुनौती देंगे AAP के राजेश नामा बंसीवाला

    आम आदमी पार्टी ने उत्तर-पश्चिम दिल्ली की रोहिणी विधानसभा सीट से राजेश नामा बंसीवाला को अपना उम्मीदवार घोषित किया है. राजेश नामा बंसीवाला आम आदमी पार्टी के रोहिणी विधानसभा क्षेत्र के संगठन मंत्री हैं, व्यापारी हैं और अपने इलाके में बंसीवाला स्वीट्स के कारण जाने जाते हैं. राजेश नामा बंसीवाला बीजेपी के विजेंद्र गुप्ता को टक्कर देंगे.

  • हेमंत सोरेन: JMM के साथ-साथ महागठबंधन को भी है जीत दिलाने की है जिम्मेदारी

    हेमंत सोरेन:   JMM के साथ-साथ महागठबंधन को भी है जीत दिलाने की है जिम्मेदारी

    जुलाई 2013 में JMM ने  कांग्रेस और RJD के साथ मिलकर झारखंड में सरकार बनाई और हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री बने. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में JMM ने राज्य में अकेले चुनाव लड़ा और पार्टी को 19 सीटों पर जीत मिली थी.

  • धोखाधड़ी के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    धोखाधड़ी के मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

    मरवाही के पूर्व विधायक अमित जोगी के खिलाफ गौरेला थाने में इसी साल फरवरी में IPC की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में मरवाही विधानसभा क्षेत्र से BJP की प्रत्याशी रहीं समीरा पैकरा ने की शिकायत के मुताबिक अमित जोगी ने शपथपत्र में अपना जन्मस्थान गलत बताया था. जिस पर गौरेला थाने में अमित जोगी के विरुद्ध धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया.

  • AAP विधायक ने अपनी ही सरकार की 'पोल' खोलता VIDEO किया शेयर, कहा- केजरीवाल जी आपकी दुश्मनी मुझसे है...

    AAP विधायक ने अपनी ही सरकार की 'पोल' खोलता VIDEO किया शेयर, कहा- केजरीवाल जी आपकी दुश्मनी मुझसे है...

    लांबा के रिश्ते कुछ वक्त से पार्टी नेतृत्व के साथ अच्छे नहीं चल रहे हैं. वह काफी समय से केजरीवाल और पार्टी नेतृत्व पर सवाल खड़ी करती रही हैं. मई महीने में अलका लांबा ने अगले साल पार्टी छोड़ने का ऐलान किया था. चांदनी चौक से विधायक लांबा ने ट्वीट किया था, ‘2013 में आप के साथ शुरू हुआ मेरा सफ़र 2020 में समाप्त हो जायेगा. मेरी शुभकामनाएं पार्टी के समर्पित क्रांतिकारी ज़मीनी कार्यकर्ताओं के साथ हमेशा रहेंगी. आशा करती हूं आप दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बने रहेंगे. आप के साथ पिछले 6 साल यादगार रहें और आप से बहुत कुछ सीखने को मिला. आभार.' बहरहाल, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह अगले साल दिल्ली में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ेंगी या बाद में.

  • Arvinder Singh Lovely: कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा था बीजेपी का साथ, फिर की घर वापसी, जानिए लवली का सियासी सफर

    Arvinder Singh Lovely: कांग्रेस का हाथ छोड़ थामा था बीजेपी का साथ, फिर की घर वापसी, जानिए लवली का सियासी सफर

    गांधीनगर सीट से 3 बार विधायक रह चुके अरविंदर सिंह लवली शीला दीक्षित के करीबी माने जाते हैं. इस बार लोकसभा चुनाव 2019 में पूर्वी दिल्ली से मैदान में हैं.

  • स्वरा भास्कर ने BJP उम्मीदवार तेजस्वी सूर्या को Twitter पर दिया जवाब, लिखा- पढ़ लिख लो संघियों...

    स्वरा भास्कर ने BJP उम्मीदवार तेजस्वी सूर्या को Twitter पर दिया जवाब, लिखा-  पढ़ लिख लो संघियों...

    स्वरा भास्कर (Swara Bhaskar) बॉलीवुड एक्ट्रेस हैं और सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. तेजस्वी सूर्या (Tejasvi surya) कर्नाटक के चिकमंगलूर के रहने वाले हैं और बासवांगुडी विधानसभा से विधायक एल.ए. रविसुब्रमण्यन के भतीजे हैं. सूर्या बीजेपी के साथ ही आरएसएस से भी जुड़े हुए हैं. तेजस्वी सूर्या ने ट्विटर पर अपने नाम के आगे चौकीदार लगा रखा है.

  • छत्तीसगढ़: नाराज आदिवासियों को मनाने के लिए BJP ने खेला दांव, कांग्रेस के खेमे से खींचने के लिए बनाई यह रणनीति

    छत्तीसगढ़: नाराज आदिवासियों को मनाने के लिए BJP ने खेला दांव, कांग्रेस के खेमे से खींचने के लिए बनाई यह रणनीति

    उसेंडी बस्तर क्षेत्र के वरिष्ठ आदिवासी नेता हैं और वर्ष 1993 में वह पहली बार अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए चुने गए थे. वह वर्ष 2008 से वर्ष 2013 के दौरान रमन मंत्रिमंडल के सदस्य भी रहे हैं. वर्ष 2013 में अंतागढ़ विधानसभा सीट से चुने जाने के बाद वह वर्ष 2014 में कांकेर लोकसभा सीट के लिए निर्वाचित हुए हैं. वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण होने के बाद वर्ष 2004 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को 11 में से 10 सीटों पर जीत मिली थी. इस चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने कांग्रेस के टिकट से महासमुंद से जीत हासिल की थी.

  • फेसबुक, व्हॉट्सऐप, गूगल और ट्विटर से भारत में चुनावी सफलता

    फेसबुक, व्हॉट्सऐप, गूगल और ट्विटर से भारत में चुनावी सफलता

    कांग्रेस के शशि थरूर ने भारत में सोशल मीडिया के राजनीतिक इस्तेमाल की शुरुआत की थी, जिस पर बाद में BJP ने आधिपत्य जमा लिया. नवीनतम रिपोर्टों के मुताबिक पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में व्हॉट्सऐप, फेसबुक, गूगल और ट्विटर का जमकर इस्तेमाल हुआ, जिसमें कांग्रेस ने अब फिर बढ़त हासिल कर ली है. राज्यों में चुनाव से पहले सेन्टर फॉर एकाउन्टेबिलिटी एंड सिस्टेमिक चेंज (CASC) संस्था ने विस्तृत सुझाव देकर चुनाव आयोग से 2013 के नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की अपील की थी. इसके जवाब में चुनाव आयोग ने फेसबुक और ट्विटर को पत्र लिखकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली. केंद्रीय कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी सोशल मीडिया कंपनियों को भारतीय चुनावों में हस्तक्षेप नहीं करने की अनेक चेतावनी दी हैं, परंतु इन सभी चेतावनियों से बेख़बर सोशल मीडिया कंपनियों का भारतीय चुनावों में दखल बढ़ता ही जा रहा है, जो अगले आम चुनाव में संकट का सबब बन सकता है.

  • राजस्थान: देश के पहले और इकलौते 'गाय मंत्री' भी नहीं बचा पाए अपनी सीट, जानें- क्या रही हार की वजह

    राजस्थान: देश के पहले और इकलौते 'गाय मंत्री' भी नहीं बचा पाए अपनी सीट, जानें- क्या रही हार की वजह

    सिरोही सीट से चुनावी मैदान में उतरे देवासी को निर्दलीय उम्मीदवार ने करीब 10 हजार वोटों से हरा दिया. बतौर गाय मंत्री देवासी का कार्यकाल काफी विवादों में रहा है. उनके कार्यकाल में भूख और बीमारी की वजह से सैंकड़ों गायों की मौत हुई थी. हमेशा पारंपरिक वेशभूषा में नजर आने वाले देवासी लाल पगड़ी और सफेद धोती पहनते हैं. देवासी नेता होने के साथ-साथ अध्यात्म से भी जुड़े हुए हैं. देवासी ने साल 2008 में सिरोही विधानसभा से चुनाव लड़ा था और साल 2013 में भी इसी सीट से जीते थे. लेकिन इस बार निर्दलीय उम्मीदवार संयम लोढ़ा ने उन्हें दस हजार वोट से हरा दिया. देवासी को 71019 वोट मिले, जबकि लोढ़ा को 81272 वोट हासिल किए.

  • मिजोरम विधानसभा चुनाव परिणाम : एमएनएफ ने एक दशक बाद की सत्ता में वापसी

    मिजोरम विधानसभा चुनाव परिणाम : एमएनएफ ने एक दशक बाद की सत्ता में वापसी

    मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा में 26 सीटें जीतकर मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) ने मंगलवार को एक दशक बाद यहां सत्ता में वापसी की है. इसके साथ ही कांग्रेस पूर्वोत्तर में अपना अंतिम गढ़ भी हार गई. साल 2013 विधानसभा चुनाव में एमएनएफ को केवल पांच सीटें प्राप्त हुई थीं, जबकि कांग्रेस ने यहां 34 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी.

  • विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 : इस प्रत्याशी ने सिर्फ तीन वोटों से हासिल कर ली जीत

    विधानसभा चुनाव परिणाम 2018 : इस प्रत्याशी ने सिर्फ तीन वोटों से हासिल कर ली जीत

    पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में शाम तक घोषित नतीजों में सबसे छोटी जीत हासिल करने वाले उम्मीदवार मिजो नेशनल फ्रंट के ललछनदामा राल्ते हैं. मिजोरम (Mizoram Elections) में राल्ते ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी कांग्रेस के आरएल पियनमाविया को तीन वोटों से पराजित किया.

  • Final Election Results 2018: छत्तीसगढ़ में BJP सन्न, हार के इन 5 कारणों को भांपने में हुई भूल

    Final Election Results 2018: छत्तीसगढ़ में BJP सन्न, हार के इन 5 कारणों को भांपने में हुई भूल

    Final Election Results 2018: छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना में बस्तर संभाग की 12 में से 10 सीटों पर कांग्रेस जीत दर्ज कर रही है. इससे पहले साल 2013 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को यहां आठ सीटें मिली थीं. इसके अलावा एक सीट पर भाजपा और एक सीट पर भाकपा को बढ़त है.

  • मिजोरम: पांच बार CM रहे कांग्रेस के ललथनहवला को दोनों सीटों पर मुंह की खानी पड़ी, MNF बनाने जा रही है सरकार

    मिजोरम: पांच बार CM रहे कांग्रेस के ललथनहवला को दोनों सीटों पर मुंह की खानी पड़ी,  MNF बनाने जा रही है सरकार

    इस बार ललथनहवला सेरछिप और चम्फाई साउथ सीट से चुनाव के मैदान में थे, लेकिन उन्हें दोनों ही सीटों पर हार का सामना करना पड़ा. सेरछिप में लालदूहोमा ने उन्हें हराया है, वहीं चम्फाई साउथ सीट पर उन्हें एमएनएफ के टी जे लालनंतलुआंग ने 856 वोटों से मात दी है. परिणामों के रुझानों के मुताबिक राज्य में मिजो नेशनल फ्रंट (एनएनएफ) सरकार बनाने जा रही है. रुझानों के मुताबिक 40 सीटों में से 28 सीटों पर एमएनएफ आगे चल रही है. वहीं कांग्रेस मात्र पांच सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. भाजपा की बात करें तो वह केवल एक सीट पर आगे है. मिजोरम में रुझानों के मुताबिक कांग्रेस को 29 सीटों का नुकसान हुआ है.

  • मध्यप्रदेश में तीन फीसदी बढ़ा हुआ मतदान ऐसे डालेगा परिणामों पर असर

    मध्यप्रदेश में तीन फीसदी बढ़ा हुआ मतदान ऐसे डालेगा परिणामों पर असर

    मध्यप्रदेश में इस बार 75.05 मतदान हुआ, 2013 में 72.13 मतदान हुआ था. इस बार तीन फीसदी बढ़े मतदान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के अपने-अपने दावे हैं. आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी फिर दावा कर रही है. पार्टी को लगता है कि यह एंटीइंकंबेंसी का प्रभाव नहीं है. कांग्रेस को लग रहा है कि अधिक मतदान का फायदा उसे ही होगा.

  • शिवराज सिंह सरकार का यह कद्दावर मंत्री 1985 से है अजेय, इस बार सवा लाख वोट से जीत का लक्ष्‍य...

    शिवराज सिंह सरकार का यह कद्दावर मंत्री 1985 से है अजेय, इस बार सवा लाख वोट से जीत का लक्ष्‍य...

    ब्राह्मण और कुर्मी (पटेल) बहुल रहली सीट को भार्गव ने बीजेपी के लिए अभेद गढ़ बना दिया है. उनकी लोकप्रियता निर्विवाद है. कांग्रेस ने उन्‍हें हराने के लिए सारे जतन किए लेकिन हर बार निराशा हाथ लगी. पूरे क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों को लेकर भार्गव इस कदर निश्चिंत थे कि वर्ष 2013 में नामांकन दाखिल करने के बाद वे प्रचार के लिए बाहर ही नहीं निकले थे.

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