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विधानसभा चुनाव 2014


'विधानसभा चुनाव 2014' - 509 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • BSF के पूर्व जवान तेज बहादुर ने JJP छोड़ी, BJP की 'बी-टीम' होने का लगाया आरोप 

    BSF के पूर्व जवान तेज बहादुर ने JJP छोड़ी, BJP की 'बी-टीम' होने का लगाया आरोप 

    जननायक जनता पार्टी (JJP) द्वारा सरकार गठन के लिए भाजपा को समर्थन देने को हरियाणा के मतदाताओं के साथ धोखा करार देते हुए बीएसएफ के पूर्व जवान तेज बहादुर यादव ने शनिवार को जजपा छोड़ दी.

  • निर्दलीय चुनाव लड़ रहे BJP के पूर्व MLA ने पूरी रात की EVM स्ट्रॉन्ग रूम की पहरेदारी

    निर्दलीय चुनाव लड़ रहे BJP के पूर्व MLA ने पूरी रात की EVM स्ट्रॉन्ग रूम की पहरेदारी

    गोटे ने सुबह कहा कि वह अपने कुछ समर्थकों के साथ धुले में ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर रात भर जागते रहे. उन्होंने 2014 में भाजपा की टिकट पर धुले विधानसभा सीट जीती थी लेकिन इस बार सीट बंटवारा फॉर्मूले के तहत यह सीट भाजपा ने अपनी सहयोगी शिवसेना को दी है. विपक्षी कांग्रेस, राकांपा और कुछ अन्य दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की प्रणाली को लेकर संदेह जताया है और उनका आरोप है कि कुछ स्थानों पर इन मशीनों में छेड़छाड़ की गई है.

  • Elections 2019: महाराष्ट्र में BJP को है जीत का भरोसा, मतगणना शुरू होने से पहले ही 5,000 लड्डुओं का दिया ऑर्डर

    Elections 2019: महाराष्ट्र में BJP को है जीत का भरोसा, मतगणना शुरू होने से पहले ही 5,000 लड्डुओं का दिया ऑर्डर

    तमाम न्यूज चैनल और एजेंसियों की तरफ से कराए गए एक्जिच पोल में BJP को औसतन 211 सीटें मिल रही हैं. हालांकि यह आंकड़ा बीते चुनाव की तुलना में कुछ कम जरूर है. 2014 में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को राज्य में 217 सीटें मिली थी.

  • भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विरासत में मिली सियासत, अब राजनीतिक भविष्य का फैसला

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विरासत में मिली सियासत, अब राजनीतिक भविष्य का फैसला

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupinder Singh Hooda) हरियाणा में कांग्रेस के प्रभावशाली नेता हैं. हुड्डा मार्च 2005 से अक्टूबर 2014 तक नौ साल हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे. उन्होंने सन 2005 के बाद अक्टूबर 2009 में कांग्रेस ने दोबारा जीत हासिल की थी. तब हुड्डा की दूसरी पारी की शुरुआत हुई थी. हरियाणा के इतिहास में सन 1972 के बाद ऐसा पहली बार हुआ था. सन 2014 के हरियाणा के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पराजित हो गई और हुड्डा को 19 अक्टूबर 2014 को इस्तीफा देना पड़ा.

  • हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने अटूट संघर्ष करके बनाया अपना मुकद्दर

    हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने अटूट संघर्ष करके बनाया अपना मुकद्दर

    हरियाणा (Haryana) में साल 2014 के विधानसभा चुनाव में मनोहरलाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपार सफलता हासिल की थी. उनकी मेहनत के प्रतिफल के रूप में पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर सत्ता की बागडोर सौंपी. वास्तव में मनोहरलाल खट्टर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं और इन संगठनों के लिए उन्होंने अपना जीवन समर्पित किया है. आस्था और समर्पण भाव के कारण ही उन्होंने विवाह नहीं किया. खट्टर आज जिस मुकाम पर हैं वहां तक पहुंचने में उनको कड़ा संघर्ष करना पड़ा है. उनके मुकद्दर ने उनका तब साथ दिया जब देश की सत्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ में आई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निकटता के कारण उनका मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने का रास्ता बन सका.

  • Maharashtra, Haryana Election 2019: हरियाणा में शाम छह बजे तक 65 और महाराष्ट्र में 60 फीसदी मतदान हुआ

    Maharashtra, Haryana Election 2019: हरियाणा में शाम छह बजे तक 65 और महाराष्ट्र में 60 फीसदी मतदान हुआ

    हरियाणा और महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिये सोमवार को हुये मतदान में शाम छह बजे तक हरियाणा में 65 प्रतिशत और महाराष्ट्र में 60.5 प्रतिशत मतदान हुआ. चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में 2014 में हुये विधानसभा चुनाव में 76.54 प्रतिशत मतदान की तुलना में इस चुनाव में शाम छह बजे मतदान खत्म होने तक 65 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे. वहीं महाराष्ट्र में पिछले विधानसभा चुनाव में हुये 63.08 प्रतिशत मतदान की तुलना में इस बार शाम छह बजे तक 60.5 प्रतिशत मतदान हुआ.

  • महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: अगर 13 साल मंत्री रहने के बावजूद कोई काम नहीं कर पाया तो उसे चूड़ियां पहन लेनी चाहिए: शरद पवार

    महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: अगर 13 साल मंत्री रहने के बावजूद कोई काम नहीं कर पाया तो उसे चूड़ियां पहन लेनी चाहिए: शरद पवार

    पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘तो हम क्या कह सकते हैं अगर कोई कहता है कि उसके पास हस्ताक्षर करने का अधिकार था लेकिन वह कुछ नहीं कर पाया? अगर वह मंत्री रहने के बावजूद लोगों के लिए कुछ नहीं कर सकता तो उसे चूड़ियां पहन लेनी चाहिए.’ 

  • Maharashtra Elections 2019: राहुल गांधी पर CM फडणवीस का तंज, कहा- वह जितना ज्यादा बोलेंगे, उतना...

    Maharashtra Elections 2019: राहुल गांधी पर CM फडणवीस का तंज, कहा- वह जितना ज्यादा बोलेंगे, उतना...

    सीएम ने कहा, 'कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने हाल ही में कहा था कि पार्टी के नेता लड़ाई के समय भाग जाते हैं. अब राहुल गांधी आए हैं और वही पुरानी बातें बोल रहे हैं.' सीएम का इशारा राहुल गांधी के चुनावी सभाओं में उठाए मुद्दों- जीएसटी, राफेल विमान और नोटबंदी की ओर था. ये वही मुद्दे हैं जिन्हें राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा चुनाव के दौरान बड़े जोर-शोर से उठाया था.

  • येवला विधानसभा सीट : 15 साल से यहां NCP का कब्जा, क्या शिवसेना कर सकती है वापसी...?

    येवला विधानसभा सीट : 15 साल से यहां NCP का कब्जा, क्या शिवसेना कर सकती है वापसी...?

    उन्होंने इस सीट पर 2004 में शिवसेना के नेता पाटिल कल्याणराव जयावंतराव को हराया था, जिसके बाद से अब तक छगन भुजबल ही इस सीट पर विजेता रहे हैं. उन्होंने यहां पर साल 2004, 2009 और 2014 में लगातार जीत के हैट्रिक मारी थी. अब एक बार फिर छगन भुजबल ने शुक्रवार को नासिक जिले में येवला सीट से नामांकन दाखिल किया.

  • देवेंद्र फडणवीस : क्या फिर महाराष्ट्र की जनता का जीत पाएंगे विश्वास...?

    देवेंद्र फडणवीस : क्या फिर महाराष्ट्र की जनता का जीत पाएंगे विश्वास...?

    भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता फडणवीस ने 31 अक्टूबर 2014 को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद का शपथग्रहण किया था. वह 44 वर्ष की अवस्था में राज्य के दूसरे सबसे छोटे मुख्यमंत्री बने थे. वह बौद्धिक कौशल और ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं. उन्हें 2002-03 में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ द्वारा सर्वश्रेष्ठ संसदीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.

  • टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट को BJP ने आदमपुर से बनाया प्रत्याशी, देखें उनके 5 TikTok Video

    टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट को BJP ने आदमपुर से बनाया प्रत्याशी, देखें उनके 5  TikTok Video

    आदमपुर विधानसभा सीट पर सोनाली फोगाट (Soali Phogat) का मुकाबला कांग्रेस पार्टी के कुलदीप बिश्नोई से होगा. साल 2014 के चुनाव में कुलदीप बिश्नोई ने अलग पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था और वहां से जीत हासिल की थी.

  • आदित्य ठाकरे : पहली बार चुनाव मैदान में ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

    आदित्य ठाकरे : पहली बार चुनाव मैदान में ठाकरे परिवार का कोई भी सदस्य, जानें उनके जीवन से जुड़ी खास बातें

    दिवंगत बाल ठाकरे द्वारा 1966 में शिवसेना की स्थापना किए जाने के बाद से ठाकरे परिवार से किसी भी सदस्य ने कोई चुनाव नहीं लड़ा है या वे किसी भी संवैधानिक पद पर नहीं रहे हैं. युवा शिवसेना अध्यक्ष आदित्य ठाकरे ने गुरुवार को वर्ली विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाख़िल कर दिया. वर्ली को शिवसेना की सबसे सुरक्षित विधानसभा सीटों में से एक समझा जाता है, इसलिए आदित्य की उम्मीदवारी को अंतिम रूप दिया गया है. उद्धव के चचेरे भाई और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने 2014 में राज्य में हुए विधानसभा चुनाव लड़ने की अपनी इच्छा जताई थी. हालांकि उन्होंने बाद में अपना मन बदल लिया था.

  • केंद्र में NDA की सहयोगी अकाली दल ने हरियाणा में नहीं मिलाया BJP से हाथ, INLD के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव

    केंद्र में NDA की सहयोगी अकाली दल ने हरियाणा में नहीं मिलाया BJP से हाथ, INLD के साथ मिलकर लड़ेगी चुनाव

    2014 के विधानसभा चुनाव भी अकाली दल ने इनेलो के साथ गठबंधन में लड़े थे. बाद में 2017 में सतलुज-यमुना लिंक नहर के मुद्दे पर दोनों के संबंध टूट गये.

  • सतारा विधानसभा सीट : NCP के गढ़ में क्या होगी BJP-शिवसेना गठबंधन की रणनीति

    सतारा विधानसभा सीट : NCP के गढ़ में क्या होगी BJP-शिवसेना गठबंधन की रणनीति

    साल 2004 से इस सीट पर एनसीपी के नेता शिवेन्द्रसिंह अभयसिंह भोसले विधायक रहे. वह भी 2004, 2009 और 2014 के विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. शानदार मौसम के लिए मशहूर सतारा में एनसीपी की इस पकड़ को देखते हुए विरोधी शिवेंद्रसिंह के खिलाफ खास रणनीति की तैयारी कर रहे हैं. 2014 के विधानसभा चुनावों में शिवेंद्रसिंह ने बीजेपी के दीपक साहेबरा को 47 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था.

  • हरियाणा विधानसभा चुनाव : मनोहर लाल खट्टर के सामने चुनौतियां या राह आसान

    हरियाणा विधानसभा चुनाव : मनोहर लाल खट्टर के सामने चुनौतियां या राह आसान

    हरियाणा में विधानसभा चुनाव का ऐलान हो चुका है. 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा के चुनाव के लिए 21 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 24 अक्टूबर को आएंगे. साल 2014 में 'मोदी लहर' पर सवार होकर 47 सीटें जीतकर बीजेपी ने राज्य में पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई थी और कांग्रेस को 15 सीटें मिली थीं. आईएनएलडी को इस चुनाव में 19 सीटें मिली थीं. बाकी सीटे निर्दलीय प्रत्याशियों और स्थानीय पार्टियों ने जीती थीं.

  • छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयन राजे भोसले भाजपा में हुए शामिल, अमित शाह ने किया स्वागत

    भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र से जो परिणाम आए थे, उससे भी अच्छे परिणाम विधानसभा चुनाव में आएंगे. महाराष्ट्र का खोया हुआ गौरव लौटाने का काम देवेंद्र फडणवीस जी की सरकार ने किया है.

  • महाराष्ट्र में 3 एनसीपी और 1 कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा, बीजेपी में जाने की अटकलें

    महाराष्ट्र में 3 एनसीपी और 1 कांग्रेस विधायक ने दिया इस्तीफा, बीजेपी में जाने की अटकलें

    महाराष्ट्र में भी कांग्रेस को करारा झटका लगा है कि पार्टी के चार विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है और उनके बीजेपी में शामिल होने की अटकले हैं.  महाराष्ट्र में भाजपा में शामिल होने की अटकलों के बीच विपक्ष के चार विधायकों ने मंगलवार को इस्तीफा दे दिया है.  कांग्रेस के विधायक कालिदास कोलाम्बकर और राकांपा के विधायक शिवेन्द्र सिंह भोसले, वैभव पिचाड और संदीप नाइक ने अपने इस्तीफे दक्षिण मुंबई में स्थित विधान भवन में स्पीकर हरिभाऊ बागड़े को सौंपे. बागड़े को ये इस्तीफे अलग-अलग सौंपे गए. कोलाम्बकर मुंबई से सात बार विधायक रह चुके हैं. शिवेन्द्र सिंह भोसले ने 2014 में सतारा विधानसभा सीट से चुनाव 47,813 मतों से जीता था. सूत्रों ने बताया कि चारों विधायक बुधवार को भाजपा में शामिल हो सकते हैं. महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं. 

  • 'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं', मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    'मिश्रा से मुझे मैसेज भिजवाया कि मैं मुसलमानों को टिकट न दूं',  मायावती की ऐसी 6 बातें सुनकर अखिलेश यादव क्या सोच रहे होंगे

    लोकसभा चुनाव से पहले जब सपा और बीएसपी के गठबंधन का ऐलान हो रहा था तो उस दिन मायावती और अखिलेश यादव के हावभाव को देखकर ऐसा लग रहा था कि अब यह दोनों पार्टियां मिलकर लंबे समय तक राजनीति करेंगी. अंकगणित भी उनके पक्ष में था और गोरखपुर-फूलपुर-कैराना के उपचुनाव में मिली जीत से उत्साह चरम पर था. लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों ही नेता जमीनी हकीकत को भांप नहीं पाए और करारी हार का सामना करना पड़ गया. इस हार के साथ ही गठबंधन भी बिखर गया है. सपा को जहां 5 सीटें मिली हैं वहीं बीएसपी को 10 सीटें. एक तरह से देखा जाए तो बीएसपी को ज्यादा फायदा हुआ है क्योंकि साल 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी को एक भी सीट नहीं मिली थी. दूसरी ओर सारे समीकरणों को ध्वस्त करते हुए बीजेपी 62 सीटें कामयाब हो गई. इस हार के साथ ही बीएसपी सुप्रीमो मायावती सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाने पर ले लिया और कहा कि सपा अपने कोर वोट यादवों का भी समर्थन नहीं पा सकी और यही वजह है कि उनकी पत्नी चुनाव हार गईं. इतना ही नहीं मायावती ने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों पर होने वाले विधानसभा उप चुनाव में भी अकेले लड़ने का ऐलान कर डाला. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश यादव से उनके रिश्ते पर व्यक्तिगत तौर पर अच्छे हैं. वहीं दूसरी ओर अखिलेश यादव अभी तक पूरी तरह से सधे और रक्षात्मक बयान दे रहे हैं. लेकिन रविवार को हुई बीएसपी की एक अहम बैठक में मायावती ने रही-सही कसर भी पूरी कर डाली और उन्होंने अपने बयान से जाहिर कर दिया कि उनकी नजर में अब अखिलेश यादव की कोई अहमियत नहीं है.