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विश्वास मत


'विश्वास मत' - 106 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कांग्रेस को बड़ा झटका, एक साथ 6 विधायकों ने दिया इस्तीफा

    कांग्रेस को बड़ा झटका, एक साथ 6 विधायकों ने दिया इस्तीफा

    मणिपुर जहां सोमवार को सीएम एन बीरेन सिंह की अगुवाई में चल रही बीजेपी सरकार को खतरा दिख रहा था. वहीं एक बड़े उलटफेर में विपक्षी दल कांग्रेस ने आज एक साथ अपने 6 विधायक गवां दिए हैं.. ये 6 विधायक उन्हीं 8 में से हैं जो सोमवार को हुए विश्वास मत के दौरान पार्टी के व्हिप का उल्लंघन कर सदन से नदारद रहे हैं. इन सभी 6 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंप दिया है.

  • क्या इस राज्य में आज बच जाएगी BJP की सरकार, या कांग्रेस लेगी राजस्थान का बदला?

    क्या इस राज्य में आज बच जाएगी BJP की सरकार, या कांग्रेस लेगी राजस्थान का बदला?

    राजस्थान में जो हालात कांग्रेस झेल रही है वैसा ही कुछ मणिपुर में बीजेपी की अगुवाई में चल रही है  एन बीरेन सिंह के साथ भी हो रहा है. यहां पर राज्य सरकार बगावत का सामना कर रही है और सोमवार को एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है जिसमें सीएम एन बीरेनव सिंह विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे.  विश्वास मत में राज्य में  बीजेपी नीत गबठंधन सरकार के भाग्य का फैसला होगा.  बीजेपी और कांग्रेस ने क्रमश: अपने 18 और 24 विधायकों को व्हिप जारी करते हुए विधानसभा में मौजूद रहने और पार्टी लाइन के मुताबिक मत देने के लिए कहा है.  60 सदस्यीय विधानसभा में तीन विधायकों के इस्तीफे और दल-बदल कानून के तहत चार विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब सदन में 53 विधायक हैं.

  • राजस्थान : अंतिम दौर की लड़ाई, विधायकों के बीच सेनापति की तरह बोले CM अशोक गहलोत

    राजस्थान : अंतिम दौर की लड़ाई,  विधायकों के बीच सेनापति की तरह बोले CM अशोक गहलोत

    सूत्रों के हवाले से खबर मिल रही है कि सचिन पायलट और बागी विधायक में कुछ लोग गांधी परिवार से मिलने की योजना बना रहे हैं और कहा जा रहा है कि इस मुलाकात में कड़वाहट मिटने की कोशिश की जाएगी. हालांकि इस बात से सचिन पायलट का खेमा मुकर रहा है और साफ कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री के पद से हटाना है.  उधर राजस्थान में सरकार बचाने की कोशिश में जुटे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की लड़ाई अब अंतिम पड़ाव की ओर पहुंच गई है. 14 अगस्त को विधानसभा सत्र बुलाया गया है जहां विश्वास मत की तैयारी है. लेकिन इससे पहले विधायकों को तोड़ने की आशंका भी जताई जा रही है.

  • राजस्‍थान: विधानसभा सत्र को लेकर गतिरोध कायम, राज्‍यपाल ने फिर कहा-21 दिन को नोटिस बेहद जरूरी

    राजस्‍थान: विधानसभा सत्र को लेकर गतिरोध कायम, राज्‍यपाल ने फिर कहा-21 दिन को नोटिस बेहद जरूरी

    राज्‍यपाल की ओर से एक बार फिर दोहराया है कि विधासनभा सत्र (Assembly Session) बुलाने के लिए 21 दिन को नोटिस बेहद जरूरी है. यानि राज्यपाल का कहना है कि अगर आप “विश्वास मत प्रस्ताव लाना चाहते हैं तो जल्दी विधानसभा सत्र बुलाया जा सकता है वर्ना 21 दिन के नोटिस पर सत्र बुलाया जाए जबकि गहलोत सरकार का कहना है कि वो “विश्वास मत  प्रस्ताव “ नहीं लाना चाहते उनके पास बहुमत है.

  • बारिश से बदहाल हुई दिल्ली का VIDEO देख नाराज हुए कुमार विश्वास, कहा- झूठे आरोप मत लगाओ...

    बारिश से बदहाल हुई दिल्ली का VIDEO देख नाराज हुए कुमार विश्वास, कहा- झूठे आरोप मत लगाओ...

    कुमार विश्वास (Kumar Vishvas) ने अपने अंदाज में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) पर निशाना साधा है. उन्होंने एक यूजर द्वारा किए गए ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कटाक्ष किया. कुमार विश्वास (Kumar Visvas) ने कहा कि झूठे आरोप न लगाओ लंदन नहीं तो वेनिस बना ही दिया है न. एक दो साल में लंदन भी बना देंगे. यह वीडियो कहां का है इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन वीडियो के बैकग्राउंड में अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) की आवाज सुनाई दे रही है. जिसके आधार पर इसे नई दिल्ली का वीडियो माना जा रहा है.

  • गहलोत vs पायलट : राजस्थान की सियासी जंग में SC में कौन मारेगा बाजी? 10 प्वाइंट में समझें, क्या हैं संभावनाएं

    गहलोत vs पायलट : राजस्थान की सियासी जंग में SC में कौन मारेगा बाजी? 10 प्वाइंट में समझें, क्या हैं संभावनाएं

    Sachin Pilot vs Ashok Gehlot: राजस्थान की सियासी बिसात पर शह और मात का खेल जारी है. अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच की तकरार कई पड़ावों से होते हुए आज सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुकी है. जहां आज स्पीकर सीपी जोशी (Speaker CP Joshi) की याचिका पर सुनवाई होनी है. यह सियासी संग्राम बाहर से सिर्फ अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच नजर आ रहा है लेकिन अलग अलग नजरिए से देखा जाए तो यह कांग्रेस बनाम बीजेपी और गहलोत बनाम गर्वनर भी है. गहलोत ने रविवार को राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) को नया प्रस्ताव भेज कर विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है. उन्होंने अपने इस नए प्रस्ताव में विश्वास मत का जिक्र ही नहीं किया है बल्कि इसका एजेंडा कोरोना वायरस (Coronavirus) और आर्थिक संकट को बताया है. गहलोत हर मोर्चे पर लड़ने की तैयारी के साथ उतरे हैं. दूसरी तरफ वह बीजेपी पर लगातार आक्रामक रवैया भी अख्तियार किए हुए हैं. इन 10 प्वाइंट्स से समझिए अब तक क्या क्या हुआ.

  • Rajasthan Crisis: देर रात तक चली गहलोत कैबिनेट की बैठक, इन 6 बिंदुओं पर हुई चर्चा

    Rajasthan Crisis: देर रात तक चली गहलोत कैबिनेट की बैठक, इन 6 बिंदुओं पर हुई चर्चा

    पाटी सूत्रों के अनुसार बैठक में विधानसभा सत्र बुलाए जाने की कैबिनेट के प्रस्ताव पर राजभवन द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर चर्चा हुई राजभवन ने छह बिंदुओं पर जवाब मांगा है. राजभवन द्वारा जिन छह बिंदुओं को उठाया गया है उनमें से एक यह भी है कि राज्य सरकार का बहुमत है तो विश्वास मत प्राप्त करने के लिए सत्र आहूत करने का क्या औचित्य है? इसके साथ ही इसमें कहा गया है कि विधानसभा सत्र किस तिथि से आहूत किया जाना है, इसका उल्लेख केबिनेट नोट में नहीं है और ना ही कैबिनेट द्वारा कोई अनुमोदन किया गया है. 

  • राजस्‍थान में सियासी संकट के बीच मजबूत होते जा रहे CM गहलोत, नजर सचिन पायलट के अगले कदम पर

    राजस्‍थान में सियासी संकट के बीच मजबूत होते जा रहे CM गहलोत, नजर सचिन पायलट के अगले कदम पर

    पायलट ने 30 विधायकों के समर्थन का दावा किया जबकि माना जा रहा है कि यह संख्‍या 20 के आसपास है. इसके मायने यह है कि जरूरत पड़ने पर श्री गहलोत विश्वास मत जीत सकते हैं. कांग्रेस के सूत्रों ने कल NDTV को बताया कि "सरकार के लिए खतरे का स्तर इस समय नीचे है." इस बात को गहलोत की ओर से पायलट पर निशाना साधने से भी समझा जा सकता है.

  • कांग्रेस ने सचिन पायलट को पार्टी से नहीं निकाला, क्या है इसके पीछे का गणित?

    कांग्रेस ने सचिन पायलट को पार्टी से नहीं निकाला, क्या है इसके पीछे का गणित?

    Rajasthan Crisis:अकेले कांग्रेस के पास कम से कम 90 विधायक होने की उम्मीद है और दो सीपीएम विधायकों के समर्थन से गहलोत विश्वास मत जीत सकते हैं.

  • कुमार विश्वास का सरकार पर हमला, कहा- आग से मत खेलो अंहकारियो, साम्राज्य छोड़ो...

    कुमार विश्वास का सरकार पर हमला, कहा- आग से मत खेलो अंहकारियो, साम्राज्य छोड़ो...

    कुमार विश्वास ने लिखा है, "सड़कों पर गर्मी-भूख-ग़रीबी-बेरोज़गारी से बेदम और बेबस मज़दूरों को,जो-जो सरकारें कभी बस,कभी ट्रेन,कभी रजिस्ट्रेशन के नाम पर भेड़-बकरियों की तरह इकट्ठा करके दौड़ा रही हैं, उन्हें शायद ग़रीब की हाय के असर का पता नहींआग से मत खेलो अंहकारियो, साम्राज्य छोड़ो निशान तक नहीं बचेगा" 

  • शाहरुख खान को राहत राशि की घोषणा ना करने पर किया ट्रोल, तो बॉलीवुड डायरेक्टर ने यूं दिया जवाब

    शाहरुख खान को राहत राशि की घोषणा ना करने पर किया ट्रोल, तो बॉलीवुड डायरेक्टर ने यूं दिया जवाब

    शगुफ्ता रफीक (Shagufta Rafique) ने लिखा: "शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) के खिलाफ नकारात्मकता मत फैलाओ. चंद्रमा अपने अस्तित्व को साबित नहीं करता है और न ही प्रकाश और न ही शीतलता है और न ही सौंदर्य..यह सब कुछ देखने के लिए है. इस आइकॉन के साथ भी ऐसा ही है, जो बिना दिखावा किए देने और बांटने में विश्वास करता है. इसे देखते हुए मेरे मन में शाहरुख खान के लिए बहुत सम्मान है."

  • MP में सियासी घमासान: कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील- गवर्नर कैसे कह सकते हैं, हमारे पास बहुमत नहीं

    MP में सियासी घमासान: कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील- गवर्नर कैसे कह सकते हैं, हमारे पास बहुमत नहीं

    मध्य प्रदेश के सियासी घमासान के बीच कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट में कांग्रेस की ओर से वकील दुष्यंत दवे ने कहा, ''आज हम एक अजीबोगरीब स्थिति में हैं. राज्य की जनता ने कांग्रेस पार्टी (114 सीटों) पर भरोसा किया और भाजपा ने 109 सीटें जीतीं. सबसे बड़ी पार्टी ने उस दिन विश्वास मत जीता था. 18 महीनों से बहुत ही स्थिर सरकार काम कर रही थी.''

  • Madhya Pradesh Crisis: राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ से फ्लोर टेस्ट में हाथ उठाकर मतदान कराने के लिए क्यों कहा

    Madhya Pradesh Crisis: राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ से फ्लोर टेस्ट में हाथ उठाकर मतदान कराने के लिए क्यों कहा

    मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ को रविवार को पत्र लिखकर सोमवार को सदन में सरकार के विश्वास मत पर विधायकों के हाथ उठाकर मत विभाजन कराने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री को शनिवार देर रात को लिखे पहले पत्र में राज्यपाल टंडन ने निर्देश दिया था कि विश्वासमत पर मत विभाजन बटन दबाकर ही होगा और अन्य किसी तरीके से नहीं किया जाएगा. इसके बाद रविवार को भाजपा नेताओं ने राज्यपाल लालजी टंडन से मुलाकात कर शक्ति परीक्षण पर मत विभाजन विधायकों का हाथ उठाकर कराने की मांग की है क्योंकि विधानसभा का इलेक्ट्रानिक वोटिंग सिस्टम कार्य नहीं कर रहा है. रविवार के पत्र में टंडन ने नए निर्देश जारी किए कि विश्वास मत पर मतदान केवल हाथ उठाने के माध्यम से किया जाना चाहिए और कोई अन्य विधि से नहीं. लेकिन सवाल इस बात का है कि फ्लोर आज ही होगा कि नहीं इस पर अभी तक असमंजस बना हुआ है क्योंकि विधानसभा की कार्यसूची में आज फ्लोर टेस्ट का कोई जिक्र नहीं है.

  • MP: क्या आज होगी CM कमलनाथ की 'अग्निपरीक्षा', फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकरार, पढ़ें 10 बातें

    MP: क्या आज होगी CM कमलनाथ की 'अग्निपरीक्षा', फ्लोर टेस्ट पर सस्पेंस बरकरार, पढ़ें 10 बातें

    मध्य प्रदेश विधानसभा में सोमवार को कोई "विश्वास प्रस्ताव" सूचीबद्ध नहीं है अर्थात् विधानसभा की कार्यसूची में विश्वास मत का जिक्र नहीं है. इससे राज्यपाल के निर्देश पर होने वाले फ्लोर टेस्ट को लेकर सवाल उठ रहे हैं. रविवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ (kamal nath) ने इस मुद्दे पर मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई थी. मंत्रिमंडल ने सीएम कमलनाथ को फ्लोर टेस्ट पर फैसला लेने के लिए कहा है. साथ ही दलील दी है कि राज्यपाल के पत्र की कोई संवैधानिक वैद्यता नहीं है क्योंकि वह विधानसभा को निर्देश नहीं दे सकते हैं. यदि सरकार फ्लोर टेस्ट की प्रक्रिया को शुरू नहीं करती है तो विपक्षी पार्टी BJP विधानसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है. सीएम कमलनाथ ने कल रात राज्यपाल लालजी टंडन के साथ मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि स्पीकर सोमवार को होने वाले मतदान पर फैसला करेंगे. वहीं, बागी विधायकों ने एक बार फिर विधानसभा स्पीकर को इस्तीफे भेजे हैं.

  • मध्य प्रदेश : राज्यपाल की स्पीकर को लिखी चिट्ठी से उठे 2 सवाल, क्या ये विधायक बचा पाएंगे कमलनाथ सरकार, 8 बड़ी बातें

    मध्य प्रदेश :  राज्यपाल की स्पीकर को लिखी चिट्ठी से उठे 2 सवाल, क्या ये विधायक बचा पाएंगे कमलनाथ सरकार,  8 बड़ी बातें

    मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखकर आदेश दिया है कि विधानसभा का सत्र 16 मार्च, 2020 को प्रातः 11 बजे प्रारंभ होगा और उनके अभिभाषण के तत्काल बाद एकमात्र कार्य विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा. विश्वासमत मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर ही होगा और अन्य किसी तरीके से नहीं किया जाएगा. लेकिन उनके इस पत्र से दो सवाल खड़े हो गए हैं. पहला कि क्या क्या राज्यपाल विधानसभा अध्यक्ष को निर्देश दे सकता है कि सदन की कार्यवाही किस तरह हो? वहीं दूसरा सवाल यह है कि जब राज्यपाल कह रहे हैं कि पहली नजर में लगता है कि कमलनाथ सरकार ने विश्वास खो दिया है तो फिर वे इस सरकार का अभिभाषण क्यों पढ़ रहे हैं?

  • मध्य प्रदेश: फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए जयपुर से रवाना हुए कांग्रेस विधायक

    मध्य प्रदेश: फ्लोर टेस्ट में शामिल होने के लिए जयपुर से रवाना हुए कांग्रेस विधायक

    राज्यपाल लालजी टंडन ने बहुमत परीक्षण के निर्देश जारी किए हैं. इसमें कहा गया है, 'मध्य प्रदेश विधानसभा का सत्र 16 मार्च, 2020 को प्रातः 11 बजे प्रारंभ होगा और मेरे अभिभाषण के तत्काल बाद एकमात्र कार्य विश्वास प्रस्ताव पर मतदान होगा. विश्वासमत मत विभाजन के आधार पर बटन दबाकर ही होगा और अन्य किसी तरीके से नहीं किया जाएगा.'

  • Delhi Elections Result: BJP की जीत पर मनोज तिवारी को भरोसा, बोले- हैरान मत होना अगर हम 55 सीटें जीत जाएं

    Delhi Elections Result: BJP की जीत पर मनोज तिवारी को भरोसा, बोले- हैरान मत होना अगर हम 55 सीटें जीत जाएं

    मंगलवार को उन्होंने अपने आवास पर पूजा-अर्चना की. जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं नर्वस नहीं हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि आज का दिन बीजेपी के लिए अच्छा दिन है. आज हम दिल्ली में सत्ता में आ रहे हैं. हैरान मत होना अगर हम 55 सीटें जीत जाएं.'

  • CAA और NRC के खिलाफ विरोध और हिंसा के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने की हैं ये 5 अहम अपील

    CAA और NRC के खिलाफ विरोध और हिंसा के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने की हैं ये 5 अहम अपील

    CAA और NRC को लेकर प्रदेश में हो रही हिंसा और प्रदर्शनों की रोकथाम को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से अपील जारी की गई है. सीएम योगी ने धर्माचार्यों एवं प्रबुद्ध वर्ग से आगे आकर, सभी के दायित्वों के भली प्रकार निर्वहन में, साथ देने की अपील की है. उन्होंने कहा कि धर्माचार्य एवं प्रबुद्ध वर्ग, शान्ति कायम रखने में जुटे प्रशासन का सहयोग करते हुए हर नागरिक को वस्तुस्थिति की जानकारी दें कि नागरिकता कानून भारत के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा की गारंटी है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि केन्द्र और प्रदेश की सरकार हर नागरिक की सरकार है. सरकार और कानून-व्यवस्था पर भरोसा रखें. किसी के बहकावे में न आएं. कानून को अपने हाथ में न लें. यदि नागरिकता कानून को लेकर मन में कोई आशंका भी है, तो कानून को हाथ में लेने के स्थान पर प्रधानमंत्री के उस कथन पर भरोसा रखें, जो उन्होंने नागरिकता बिल के सन्दर्भ में कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' की नीति के आधार पर कार्य कर रही है. सभी योजनाओं में जाति, मत, मजहब से ऊपर उठकर बिना भेदभाव के, सबके कल्याण के लिए कार्य किया जा रहा है. इस सरकार में किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ है. लोगों को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए.

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