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'वैज्ञानिक' - 427 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक का दावा, ISRO मून लैंडर समस्या को सही कर लेगा

    नोबेल पुरस्कार विजेता सर्जे हरोशे ने बुधवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के वैज्ञानिक निश्चित ही भारत के पहले मून लैंडर की समस्या को दूर करने की कोशिश करेंगे. हरोशे के अनुसार विज्ञान हमें हैरान करता रहता है-कभी इसमें असफलता मिलती है तो कभी सफलता.

  • पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    पूर्व RSS कार्यकर्ता बोले- अमेरिका का चंद्रमा मिशन इसलिए सफल हुआ था, क्योंकि उन्होंने 'एकादशी' को किया था लॉन्च

    उन्होंने दावा किया कि बार-बार की नाकामियों के बाद एक अमेरिकी वैज्ञानिक ने भारतीय काल गणना अपनाने का सुझाव दिया था. इसका अनुपालन करते हुए अमेरिका अपनी 39 वीं कोशिश में सफल रहा. इससे पहले भिडे ने नासिक में कहा था, ‘उनके बाग का आम खाने पर कई दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है.'

  • DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    DRDO के पूर्व वैज्ञानिक ने किया दावा, भारत अगले 10 बरसों में चंद्रमा पर अपना बेस स्थापित करेगा

    पिल्लई ने कहा कि हीलियम-3 भविष्य की ऊर्जा का नया स्रोत है. हीलियम-3 एक गैर रेडियोसक्रिय पदार्थ है जो यूरेनियम की तुलना में 100 गुना अधिक ऊर्जा पैदा कर सकता है. डीडी न्यूज पर 'वार एंड पीस' कार्यक्रम में पिल्लई ने कहा, 'अंतरिक्ष कार्यक्रम में, हम उन चार देशों में शामिल हैं जिन्होंने प्रौद्योगिकी को लेकर महारत हासिल की है.' 

  • ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    ISRO के वैज्ञानिक ने कहा, चंद्रयान-2 का 95 प्रतिशत सही-सलामत, ऑर्बिटर अभी भी काट रहा है चंद्रमा के चक्कर

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने के अनुरोध के साथ समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया, "मिशन का सिर्फ पांच प्रतिशत -लैंडर विक्रम और प्रज्ञान रोवर- नुकसान हुआ है, जबकि बाकी 95 प्रतिशत -चंद्रयान-2 ऑर्बिटर- अभी भी चंद्रमा का सफलतापूर्वक चक्कर काट रहा है."

  • अमेरिका में रह रहे भारतीय दंपति, वैज्ञानिक की कैलिफोर्निया नौका हादसे में मौत

    अमेरिका में रह रहे भारतीय दंपति, वैज्ञानिक की कैलिफोर्निया नौका हादसे में मौत

    नौका में आग लग गई थी और वह कैलिफोर्निया तट पर डूब गई थी. सोमवार को 75 फुट लंबी चार्टर नौका में उस समय आग लग गई थी जब यात्री सो रहे थे. इस हादसे में एक क्रू सदस्य समेत 34 लोगों की मौत हो गई. कनेक्टिकट में रह रहे दंपति कौस्तभ निर्मल और संजीरी देवपुजारी भी मृतकों में शामिल हैं. यह नौका तीन दिन की गोताखोरी सैर पर जा रही थी.

  • मिशन चंद्रयान 2 : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    मिशन चंद्रयान 2  : क्या 'विक्रम' भेजेगा कोई संदेश, बची है कितनी उम्मीद?

    चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने शनिवार को कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने 'विक्रम' लैंडर और उसमें मौजूद 'प्रज्ञान' रोवर को संभवत: खो दिया है.  इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, 'विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा. इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया.

  • मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    मिशन चंद्रयान 2 की पूरी कहानी, कहां से शुरू और कहां पर खत्म, पढे़ं पूरी टाइमलाइन

    चंद्रमा की सतह को छूने से चंद मिनट पहले लैंडर ‘विक्रम’ का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूटने के बाद इसरो के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में सुरक्षित है. अधिकारी ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘ऑर्बिटर चंद्रमा की कक्षा में पूरी तरह ठीक एवं सुरक्षित है और सामान्य तरीके से काम कर रहा है.’’ 2379 किलोग्राम ऑर्बिटर के मिशन का जीवन काल एक साल है. उल्लेखनीय है कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी एमके-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. चंद्रयान-2 ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इन्सर्शन’ नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. यह प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को ‘लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री’ में पहुंचाने के लिये अपनाई गई. अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. चंद्रयान-2 के ‘ऑर्बिटर’ में चंद्रमा की सतह का मानचित्रण करने और पृथ्वी के इकलौते उपग्रह के बाह्य परिमंडल का अध्ययन करने के लिए आठ वैज्ञानिक उपकरण हैं. इसरो ने दो सितंबर को ऑर्बिटर से लैंडर को अलग करने में सफलता पाई थी, लेकिन शनिवार तड़के विक्रम का जमीनी स्टेशन से संपर्क टूट गया था. इसरो ने कहा है कि वह आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है.

  • Chandrayaan 2 : दुखी न हों मिशन चंद्रयान पूरी तरह से फेल नहीं : उम्मीद अब भी कायम, सिर्फ 5 फीसदी का हुआ है नुकसान

    Chandrayaan 2 : दुखी न हों मिशन चंद्रयान पूरी तरह से फेल नहीं : उम्मीद अब भी कायम, सिर्फ 5 फीसदी का हुआ है नुकसान

    क्या मिशन चंद्रयान-2 पूरी तरह से फेल हो गया है? क्या भारत इतिहास रचने से मात्र 2.1 किमी दूर रह गया है. सब कुछ सामान्य तरीके से चल रहा था. इसरो की पूरी टीम अपने कंप्यूटरों पर नजर गड़ाए बैठी थी. सॉफ्ट लैडिंग की तैयारी थी. तभी सन्नाटा छा गया. इसरो के प्रमुख के सीवन ने पीएम मोदी से मिलकर कुछ कहा और खबर आई कि मिशन चंद्रयान फेल हो गया है. पीएम मोदी ने वैज्ञानिक को दिलासा दी कि जीवन में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं.

  • चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव ही क्यों चुना भारत ने चंद्रयान-2 उतारने के लिए

    चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव ही क्यों चुना भारत ने चंद्रयान-2 उतारने के लिए

    वैज्ञानिक उपकरणों से लैस और देश का गौरव बन चुके लैंडर 'विक्रम' तथा रोवर 'प्रज्ञान' अब चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ रहे हैं, जो अब तक कतई अनजान जगह है. चीन का मिशन चंद्रमा की सतह के सबसे उत्तरी छोर की तरफ गया था, और अपोलो मिशन समेत ज़्यादातर अमेरिकी मिशनों में लैंडिंग चंद्रमा के भूमध्य क्षेत्र में की गई. अब भारत चाहता है कि दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्रमा की सतह को परखे.

  • Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    Chandrayaan-2 : किसान के बेटे और सरकारी स्कूल से पढ़े वैज्ञानिक ने दिया मिशन चंद्रयान-2 को अंजाम

    चांद पर पहुंचने के भारत के सपने के पीछे जो ख़ास लोग हैं उनमें प्रमुख हैं डॉ के सिवन जो एक किसान के बेटे और एक कामयाब ऐरोनॉटिकल इंजीनियर हैं. डॉ के सिवन इसरो के चेयरमैन होने के नाते इस अभियान की अगुवाई कर रहे हैं. उन्हें भारत का रॉकेट मैन भी कहा जाता है. अंतरिक्ष में एक साथ 104 सैटलाइट छोड़कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है. मिशन चंद्रयान-2 के हर पल पर नजर रख रहे के सिवन ने एनडीटीवी से कहा, मैं एक ग़रीब घर से आता हूं, मेरा परिवार किसानी करता है. मैं तमिल मीडियम में सरकारी स्कूल से पढ़ा हूं.  

  • देवेंद्र फडणवीस ने लिंचिंग को बताया अमानवीय, कहा- मैं वैज्ञानिक समझ रखने वाला हिन्दुत्ववादी हूं

    देवेंद्र फडणवीस ने लिंचिंग को बताया अमानवीय, कहा- मैं वैज्ञानिक समझ रखने वाला हिन्दुत्ववादी हूं

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लिंचिंग (पीट-पीटकर हत्या) को ‘अमानवीय कृत’ बताते हुए ऐसा अपराध करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की रविवार को मांग की.

  • Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: 'येरूशलम से कश्मीर तक', ऐतिहासिक तथ्यों के साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण का तारतम्य है यह किताब

    Book Review: ईसा मसीह की भारत यात्रा को पुष्ट करने के लिए योजेफ़ बानाश ने और भी ढेरों प्रतीकों का सहारा लिया है. कथ्य में उन्हें इस तरह पिरोया गया है कि वह सच प्रतीत होते हैं. मसलन किताब के अनुसार ईसा मसीह की गंभीर रोगियों को ठीक कर देने की 'ईश्वरीय' अनुकंपा प्राचीन तक्षशिला विश्वविद्यालय में उपलब्ध चिकित्सा शास्त्र की अनगिनत किताबों की देन थी.

  • मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा- संस्कृत है सबसे उपयोगी और वैज्ञानिक भाषा

    मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा- संस्कृत है सबसे उपयोगी और वैज्ञानिक भाषा

    केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने संस्कृत भाषा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह वैज्ञानिक भाषा है और उन्होंने इसके दुनिया की प्रथम भाषा होने का भी दावा किया. आईआईटी खड़गपुर के 65वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए निशंक ने कहा कि भारत सदियों से ज्ञान से विज्ञान तक का वैश्विक नेता रहा है. उन्होंने कहा कि भारत ने सदियों पूर्व दुनिया को योग और आयुर्वेद दिये और विज्ञान इनके पीछे आया.

  • चंद्रयान-2 ने ली चांद के गड्ढों की तस्वीर, इनमें भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर भी है एक गड्ढा

    चंद्रयान-2 ने ली चांद के गड्ढों की तस्वीर, इनमें भारतीय वैज्ञानिक के नाम पर भी है एक गड्ढा

    वर्तमान समय में चंद्रमा के चक्कर लगा रहे चंद्रयान-2 ने चंद्रमा की सतह की कुछ और तस्वीरें ली हैं, जिसमें कई विशाल गड्ढे (क्रेटर) दिखायी दे रहे हैं.

  • उन्नाव गैंगरेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसे की जांच पूरी करने के लिए CBI को दिए दो और हफ्ते

    उन्नाव गैंगरेप केस: सुप्रीम कोर्ट ने सड़क हादसे की जांच पूरी करने के लिए CBI को दिए दो और हफ्ते

    सीबाआई की ओर से रजत नैयर ने कोर्ट को बताया कि जांच में तमाम वैज्ञानिक व इलेक्ट्रानिक्स सबूत जुटाए गए हैं. अब उनका मिलान करना है. पीड़िता और उनके वकील के बयान नहीं हो पाए है, जिसकी वजह से जांच पूरी नहीं हो सकी है. इसलिए कोर्ट चार हफ्ते का वक्त और दे. लेकिन कोर्ट ने उनकी चार हफ्ते की मांग को ठुकराते हुए दो हफ्ते का और समय दिया है.

  • संस्कृत वैज्ञानिक भाषा है, यह साबित करेंगी IIT

    संस्कृत वैज्ञानिक भाषा है, यह साबित करेंगी IIT

    देश के प्रमुख संस्थान आईआईटी (IIT) और एनआईटी (NIT) के सामने अब एक नया टास्क है. उन्हें साबित करना है कि संस्कृत वैज्ञानिक भाषा है. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने शनिवार को यह टास्क आईआईटी और एनआईटी के निदेशकों और चेयरमैन को दिया कि वे साबित करें कि संस्कृत सबसे वैज्ञानिक भाषा है.

  • पीएम मोदी ने भूटान के छात्रों से कहा, उम्मीद है कि एक दिन आपमें से कोई इंजीनियर,वैज्ञानिक बनेगा

    पीएम मोदी ने भूटान के छात्रों से कहा, उम्मीद है कि एक दिन आपमें से कोई इंजीनियर,वैज्ञानिक बनेगा

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान की रॉयल युनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी लोग कड़ी मेहनत करके इस हिमालय क्षेत्र के देश को और ऊंचाई तक ले जाएं. उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए इससे अच्छा मौका और नहीं मिलेगा. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दूसरा भूटान दौरा है और दोबारा सत्ता संभालने का बाद यह पहला मौका है. पीएम मोदी ने भूटान की राजधानी थिंपू स्थित युनिवर्सिटी के छात्रो से कहा, अपनी मेहनत के दम पर भूटान नई ऊंचाइयों को छू रहा है, आपके भारतीय दोस्त न सिर्फ आपको देखते हैं और न सिर्फ खुशी से गर्व करते हैं वह आपसे सीखते हैं और आपके साझीदार भी हैं.'

  • ISRO को एक और कामयाबी, धरती की कक्षा से निकल आज चांद की ओर बढ़ चला चंद्रयान-2

    ISRO को एक और कामयाबी, धरती की कक्षा से निकल आज चांद की ओर बढ़ चला चंद्रयान-2

    Chandrayaan 2: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिक इसे चंद्रपथ पर डालने के लिए कल सुबह एक महत्वपूर्ण अभियान प्रक्रिया को अंजाम देंगे.