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संवैधानिक बेंच


'संवैधानिक बेंच' - 12 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की संवैधानिक वैधता की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

    जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की संवैधानिक वैधता की समीक्षा करेगा सुप्रीम कोर्ट

    जम्मू कश्मीर (Jammu and Kashmir) को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 (Article 370) के ज्यादातर प्रावधानों को रद्द करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह अनुच्छेद 370 हटाए जाने की संवैधानिक वैधता की समीक्षा करेगा. अनुच्छेद 370 के खिलाफ याचिकाओं पर सुनवाई पांच जजों की बेंच करेगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया है कि जम्मू-कश्मीर हालात सामान्य हैं.

  • राम जन्मभूमि विवाद : एक पक्ष ने कहा मामला संवैधानिक पीठ में जाए, अन्य ने कहा जल्द निपटाएं

    राम जन्मभूमि विवाद : एक पक्ष ने कहा मामला संवैधानिक पीठ में जाए, अन्य ने कहा जल्द निपटाएं

    राम जन्मभूमि विवाद मामले की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में हुई. कोर्ट में जमात उलेमा-ए-हिंद के वकील ने जहां मामले को संविधान पीठ में भेजने के लिए कहा वहीं हिंदू पक्ष और रामलाल विराजमान की ओर से पेश वकीलों ने इसे मात्र संपत्ति विवाद बताते हुए इसे जल्द निपटाने की मांग की. मामले की अगली सुनवाई 15 मई को होगी.

  • आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई

    आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों का संविधान पीठ आधार की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आज सुनवाई कर सकती है. क्या आधार किसी व्यक्ति के निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है, ये चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए के सीकरी, जस्टिस ए एम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड और जस्टिस अशोक भूषण की संवैधानिक बेंच को तय करना है.

  • क्या है धारा-377, दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्यों है अपराध? 7 बड़ी बातें

    क्या है धारा-377, दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्यों है अपराध? 7 बड़ी बातें

    समलैंगिकता एवं अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध बताने वाली धारा-377 पर सुप्रीम कोर्ट फिर से विचार करेगा. कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच को रेफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नाज फाउंडेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2013 के फैसले पर फिर से विचार करने की जरूरत है क्योंकि हमे लगता है कि इसमें संवैधानिक मुद्दे जुड़े हुए हैं. दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्या अपराध हैं, इस पर बहस जरूरी है. अपनी इच्छा से किसी को चुनने वालों को भय के माहौल में नहीं रहना चाहिए. कोई भी इच्छा को कानून के चारों तरफ नहीं रह सकता लेकिन सभी को अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार के तहत कानून के दायरे में रहने का अधिकार है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट जानवरों के साथ संबंध बनाने के मामले की सुनवाई नहीं करेगा जो कि इसी धारा के तहत अपराध माना गया है.

  • समलैंगिकता अपराध है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट फिर से करेगा विचार

    समलैंगिकता अपराध है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट फिर से करेगा विचार

    एक बडा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2013 के सुरेश कुमार कौशल बनाम नाज फाउंडेशन मामले में दो जजों की बेंच के उस फैसले पर दोबारा विचार करने पर सहमति जता दी जिसके तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 377 की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा गया है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच ने पांच LGBT नागरिकों द्वारा दाखिल याचिका को बडी बेंच के लिए रैफर किया है. 

  • बुलंदशहर गैंग रेप पर आजम खान का विवादित बयान : अब संवैधानिक पीठ तय करेगी इन सवालों के जवाब

    बुलंदशहर गैंग रेप पर आजम खान का विवादित बयान : अब संवैधानिक पीठ तय करेगी इन सवालों के जवाब

    अब सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ तय करेगी कि राइट टू स्पीच के नाम पर आपराधिक मामलों में क्या सरकार के मंत्री या जनप्रतिनिधि पॉलिसी और विधान के विपरीत बयान दे सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच ने मामले को संवैधानिक पीठ के समक्ष भेजा.

  • दिल्ली सरकार vs उपराज्यपाल: सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पीठ को भेजा मामला

    दिल्ली सरकार vs उपराज्यपाल: सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पीठ को भेजा मामला

    अधिकारों को लेकर दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले को सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पीठ को भेज दिया है. दिल्ली सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष कोर्ट की दो जजों की बेंच ने ये फैसला किया. बेंच ने कहा कि इस मामले से अहम संवैधानिक मुद्दे जुड़े हैं इसलिए मामले की सुनवाई संवैधानिक पीठ ही करेगी. 

  • हिंदुत्व भारतीय जीवन शैली का हिस्सा है या फिर धर्म? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

    हिंदुत्व भारतीय जीवन शैली का हिस्सा है या फिर धर्म? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

    सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल पहले कहा था कि हिदुत्व धर्म नहीं जीवन शैली है लेकिन इस मामले में अब दोबारा सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक बेंच ने मंगलवार से सुनवाई शुरू की है. हिंदुत्व भारतीय जीवन शैली का हिस्सा है या फिर धर्म है इस मामले की सुप्रीम कोर्ट के सात जजों की बेंच ने समीक्षा शुरू की है. इस दौरान मंगलवार को चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अगुवाई वाली सात जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की. बुधवार को भी सुनवाई जारी रहेगी.

  • तीन तलाक : सुप्रीम कोर्ट नहीं कर सकता फैसला

    तीन तलाक : सुप्रीम कोर्ट नहीं कर सकता फैसला

    दलील दी जा रही है कि 2005 के मॉडल निकाहनामे में ट्रिपल तलाक को अस्वीकार किया गया है. यदि यह सही है तो तीन तलाक के विरोध में पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा क्यों नहीं देता

  • सुप्रीम कोर्ट की तर्ज़ पर देश के चार जगह नेशनल कोर्ट ऑफ अपील बनेंगे?, सुप्रीम कोर्ट तय करेगा

    सुप्रीम कोर्ट की तर्ज़ पर देश के चार जगह नेशनल कोर्ट ऑफ अपील बनेंगे?, सुप्रीम कोर्ट तय करेगा

    क्या ऐसा संभव है कि सुप्रीम कोर्ट की तर्ज़ पर देश मे चार नेशनल कोर्ट ऑफ अपील बने, जो हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील सुने और सुप्रीम कोर्ट मुख्यत संवैधानिक मामलों पर ही सुनवाई करे। यही सवाल पूछते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

  • मिलिए जस्टिस चेलामेश्वर से जो चाहते थे जज-नियुक्ति में सरकार का दख़ल रहे...

    मिलिए जस्टिस चेलामेश्वर से जो चाहते थे जज-नियुक्ति में सरकार का दख़ल रहे...

    सुप्रीम कोर्ट ने जज-नियुक्ति में सरकार की भूमिका को खत्म कर दिया है लेकिन इस फैसले को लेने वाली संवैधानिक बेंच के पांच जजों में से एक का नज़रिया अलग था।

  • नेशनल जुडिशियल अपॉइंटमेंट कमिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

    नेशनल जुडिशियल अपॉइंटमेंट कमिशन पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली

    नेशनल जुडिशियल अपॉइंटमेंट कमिशन के नोटिफिकेशन के 48 घंटे बाद ही सुप्रीम कोर्ट की 5 जजों की संवैधानिक बेंच इसके खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई करने बैठी तो जरूर लेकिन बेंच को हेड कर रहे जस्टिस ए आर दवे ने मामले की सुनवाई से इंकार कर दिया क्योंकि वो कमिशन के हिस्सा हैं।

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