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  • रविशंकर प्रसाद: कभी इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ किया था विरोध प्रदर्शन, कुछ ऐसा है राजनैतिक सफर

    रविशंकर प्रसाद: कभी इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ किया था विरोध प्रदर्शन, कुछ ऐसा है राजनैतिक सफर

    वह भारत के सुप्रीम कोर्ट के एक वरिष्ठ एवं मशहूर वकील भी हैं. वह साल 2000 से संसद के सदस्य हैं एवं संसद में वित्त, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी, पेट्रोलियम एवं रसायन इत्यादि महत्वपूर्ण संसदीय समितियों के सदस्य रहे हैं. रवि शंकर प्रसाद का जन्म बिहार में पटना के एक कायस्थ परिवार में

  • राहुल गांधी ने मंच पर CM कमलनाथ के मोबाइल में देख बताए शिवराज सिंह के रिश्तेदारों के नाम, कहा- इनके भी कर्ज माफ हो गए

    राहुल गांधी ने मंच पर CM कमलनाथ के मोबाइल में देख बताए शिवराज सिंह के रिश्तेदारों के नाम, कहा- इनके भी कर्ज माफ हो गए

    कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि लोगों का भरोसा प्रधानमंत्री मोदी से उठ गया है. मोदी ने वादा किया था कि 15 लाख रुपए हर एकाउंट में आएंगे, 2 करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा. किसानों का कर्जा माफ होगा. अब मोदी अपने भाषणों में यह बात नहीं करते हैं. 56 इंच की छाती वाला पीएम टेलीप्राम्टर में पढ़कर भाषण देता है, जिसमें इन मुद्दों का जिक्र नहीं होता है. पीएम मोदी पर आरोप लगाते हुए उन्होंनें कहा कि 45 साल में देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी है. जीएसटी, नोटबंदी से छोटा-बड़ा बिजनेस तबाह हो गया. नोटबंदी ने सिस्टम से पूरा पैसा निकाल लिया. अनिल अंबानी को 45 हजार करोड़ रुपए, नीरव मोदी को 35 हजार करोड़ रुपए दे दिए. ये सब रुपया लेकर विदेश भाग गए. विजय माल्या वित्त मंत्री अरूण जेटली से संसद में मिलकर भागा.... अब यदि किसान 20 हजार रुपए का कर्जा नहीं दे तो उसे जेल भेज दिया जाता है. युवा बेरोजगार है, किसान आत्महत्या कर रहा है और पीएम मोदी केवल मन की बात करते हैं.

  • 17वीं लोकसभा के गठन को लेकर सुमित्रा महाजन ने शुरू की तैयारी, बुलाई बैठक

    17वीं लोकसभा के गठन को लेकर सुमित्रा महाजन ने शुरू की तैयारी, बुलाई बैठक

    लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन  ने आज सत्रहवीं लोकसभा के गठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी विभागों की बैठक बुलाई है. इसमें नई लोकसभा के सदस्यों के दिल्ली आने, रहने तथा संसद भवन में उनके आने-जाने की व्यवस्था आदि शामिल है. सुमित्रा महाजन ने 6 जून 2014 को स्पीकर का पद संभाला था और अब जून के पहले सप्ताह में संभावित सत्रहवीं लोकसभा के पहले सत्र तक वे पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं. महाजन सत्रहवीं लोक सभा में नहीं रहेंगी. बीजेपी ने उन्हें इस बार इंदौर से टिकट नहीं दिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी उम्र 75 साल से अधिक हो गई है. महाजन आठ बार इंदौर लोकसभा सीट से जीती हैं. संयोग है कि महाजन पिछले बीस साल में लगातार चौथी स्पीकर हैं जो दोबारा सदन में नहीं आ रही हैं. इससे पहले मीरा कुमार, सोमनाथ चटर्जी और मनोहर जोशी भी दोबारा सदन में नहीं आ सके थे. 

  • हरियाणा में 53 सालों में सिर्फ 5 महिला सांसद, इस बार चुनावी दंगल में 7 उम्मीदवार

    हरियाणा में 53 सालों में सिर्फ 5 महिला सांसद, इस बार चुनावी दंगल में 7 उम्मीदवार

    दुखद बात यह है कि अपने कम लिंगानुपात के लिए आलोचना के घेरे में रहने वाले इस राज्य से पिछले लोकसभा चुनाव में कोई भी महिला जीत हासिल नहीं कर सकी थी. यहां छह संसदीय सीटें ऐसी हैं जहां से लोगों ने कभी किसी महिला को नहीं जिताया है.

  • प्रियंका गांधी क्या वायनाड या अमेठी से लड़ेंगी लोकसभा चुनाव?

    प्रियंका गांधी क्या वायनाड या अमेठी से लड़ेंगी लोकसभा चुनाव?

    प्रियंका गांधी वाड्रा के संसद में पहुंचने की संभावना अभी भी बनी हुई है. उनके बनारस से नहीं लड़ने के पीछे कई तरह के तर्क दिए गए... मायावती की न कहने, बड़े नेताओं के खिलाफ गांधी परिवार के किसी सदस्य के न लड़ने की परंपरा की दुहाई.. जैसी बातें भी कही गईं. यह भी कहा गया कि प्रियंका को अमेठी और मायावती पर ध्यान देने की जरूरत है. मगर इसका मतलब यह नहीं है कि प्रियंका सांसद नहीं बन सकती हैं.

  • तमिलनाडु की इकलौती ट्रांसजेंडर उम्मीदवार जी-जान से प्रचार अभियान में जुटी

    तमिलनाडु की इकलौती ट्रांसजेंडर उम्मीदवार जी-जान से प्रचार अभियान में जुटी

    तमिलनाडु में चुनावों के लिए 18 अप्रैल को ट्रांसजेंडर समुदाय के दो सदस्यों ने नामांकन पत्र दायर किए थे. मदुरै से नामांकन दायर करने वाली अन्य ट्रांसजेंडर ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. राधा के लिए यह निजी लड़ाई भी है. उन्होंने कहा, ‘संसद/विधानसभा में कम से कम एक ट्रांसजेंडर भी होनी चाहिए. हम ट्रांसजेंडरों को हमारी वीरता और अनुकंपा के लिए जाना जाता है.’

  • यूथ फॉर इक्विलिटी ने जातिवाद मिटाने के लिए किया शांतिपूर्ण सत्याग्रह

    यूथ फॉर इक्विलिटी ने जातिवाद मिटाने के लिए किया शांतिपूर्ण सत्याग्रह

    संविधान निर्माता बीआर अम्बेडकर की 128वीं जयंती पर यूथ फॉर इक्विलिटी के बैनर तले जातिगत नीतियों के ख़िलाफ़ देश में जाति हटाने के लिए शांतिपूर्ण मार्च हुआ. डॉक्टर. अम्बेडकर को श्रद्धांजलि देने तथा देश से जाति के समूल विनाश के लिए संसद के दोनों सदनों से नया कानून बनाने के लिए आज देशव्यापी शांतिपूर्ण सत्याग्रह की शुरुआत की. दिल्ली सहित 153 शहरों में लगभग 525 से अधिक जगह पर देशव्यापी शांतिपूर्ण सत्याग्रह का आयोजन किया गया.

  • Lok Sabha Election 2019: अगर किसी पार्टी को नहीं मिला बहुमत, तो ये होंगे किंगमेकर...

    Lok Sabha Election 2019: अगर किसी पार्टी को नहीं मिला बहुमत, तो ये होंगे किंगमेकर...

    Lok Sabha Election 2019: लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) को लेकर सभी पार्टियों का चुनाव-प्रचार जोरों पर है. 11 अप्रैल को पहले दौर का मतदान भी संपन्न हो चुका है. इस बार कुल सात चरणों में मतदान होने हैं. सातवां और अंतिम चरण का मतदान 19 मई को होगा और नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे. इन सबके बीच कई सर्वे में यह भविष्यवाणी की गई है कि बीजेपी नेतृत्व वाला राजग (NDA) बहुमत से कुछ सीटें पीछे रह सकता है. ऐसे में केंद्र में किसकी सरकार बनेगी यह तय करने में क्षेत्रीय पार्टियों की बड़ी भूमिका हो सकती है.

  • तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाएं गरीबी में कर रही है गुजर-बसर, बच्चों को स्कूल भेजने के नहीं हैं पैसे

    तीन तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली महिलाएं गरीबी में कर रही है गुजर-बसर, बच्चों को स्कूल भेजने के नहीं हैं पैसे

    लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election) के लिए हाल ही में जारी घोषणापत्र में भगवा पार्टी ने संकल्प लिया कि अगर वह दोबारा सत्ता में आयी तो फौरी तलाक और निकाह हलाला की प्रथाओं को खत्म करेगी. विपक्ष के कड़े विरोध के कारण भाजपा संसद में इस विधेयक को कानून की शक्ल देने में नाकाम रही.

  • मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली अब तक की सबसे बड़ी जीत, 87 में से 65 सीटों पर कब्जा

    मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी को मिली अब तक की सबसे बड़ी जीत, 87 में से 65 सीटों पर कब्जा

    मालदीव में सत्तारूढ़ मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने संसदीय चुनाव में अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है. पार्टी ने संसद की 87 में से 65 सीटों पर जीत हासिल की है.

  • मैं चुनाव जीतकर संसद जाऊं तो शायद नरेंद्र मोदी वहां नहीं हों, जानिये कन्हैया कुमार ने ऐसा क्यों कहा?

    मैं चुनाव जीतकर संसद जाऊं तो शायद नरेंद्र मोदी वहां नहीं हों, जानिये कन्हैया कुमार ने ऐसा क्यों कहा?

    जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की तैयारी जोरों पर है. बिहार के बेगूसराय सीट से कन्हैया कुमार (Kanhaiya Kumar) का मुकाबला (Begusarai LS Seat) बीजेपी के केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह (Giriraj Singh) और राजद के तनवीर हसन (Tanveer Hasan) से है.

  • जातिप्रथा के समूल नाश के लिए कानून लाने की मांग, 14 अप्रैल से सत्याग्रह

    जातिप्रथा के समूल नाश के लिए कानून लाने की मांग, 14 अप्रैल से सत्याग्रह

    यूथ फॉर इक्विलिटी ( YFE) के आव्हान पर प्रदेश की सभी राजधानियों, देश के प्रमुख शहरों में 14 अप्रैल को शाम 6 से 7 बजे के बीच में इन सभी स्थानों पर (लगभग 500 से ज्यादा शहर) मोमबत्तियां जलाकर पूरे देश में अपने तरह का पहला गैर राजनीतिक सत्याग्रह की शुरुआत होगी. इसका उद्देश्य 2020 तक संसद से जातियों के समूल विनाश के लिए एक कानून पास करना है.

  • मोदी लहर में आसानी से संसद पहुंचने वाले चिराग को इस बार मिलेगी कड़ी टक्कर! जानिये क्या कहते हैं आंकड़े...

    मोदी लहर में आसानी से संसद पहुंचने वाले चिराग को इस बार मिलेगी कड़ी टक्कर! जानिये क्या कहते हैं आंकड़े...

    लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) नेता चिराग पासवान (Chirag Paswan) पांच साल पहले मोदी लहर में जमुई (Jamui Seat) सुरक्षित सीट से आसानी से संसद पहुंच गए थे, लेकिन इस बार जातीय समीकरण में हुए बदलाव के कारण उनकी राह वैसी आसान नहीं दिख रही. 36 वर्षीय चिराग पासवान ने अपने करियर की शुरुआत फिल्म में अभिनय से की थी. उन्हें समीक्षकों की वाहवाही तो मिली, लेकिन फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही. इसके बाद वह राजनीति में आए और 2014 में करीब 80 हजार मतों से विजयी हुए थे.

  • मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद प्रचंड जीत की ओर

    मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति नशीद प्रचंड जीत की ओर

    मालदीव के निर्वासित पूर्व नेता मोहम्मद नशीद को देश लौटने के केवल पांच महीने बाद चुनाव में प्रचंड जीत की ओर बढ़ रहे हैं. चुनाव के प्रारंभिक नतीजों से रविवार को यह जानकारी मिली. पूर्व राष्ट्रपति नशीद (51) राष्ट्रीय संसद के शीर्ष पद पर लौटने के लिए तैयार हैं. 

  • टिकट न मिलने पर नाराज मृगांका सिंह बोलीं- टिकट की उम्मीद थी, पर खुश हूं कि अब भाई को मिल गई

    टिकट न मिलने पर नाराज मृगांका सिंह बोलीं- टिकट की उम्मीद थी, पर खुश हूं कि अब भाई को मिल गई

    मृगांका ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, 'प्रदीप चौधरी भी मेरे भाई हैं. बहन को भी टिकट की उम्मीद थी, लेकिन जब मेरे भाई को टिकट मिल गई तो मैं उनके लिए प्रचार कर रही हूं. पार्टी की नेता होने के नाते मैं पूरी कोशिश कर रही हूं कि मेरा भाई संसद पहुंचे. मेरे समर्थक कुछ समय के लिए गुस्सा थे, लेकिन अब सब चीजें सही हो गई हैं. हम सभी लोग प्रदीप जी को सांसद बनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं.

  • क्यों नहीं बढ़ रहा संसद में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    क्यों नहीं बढ़ रहा संसद में मुस्लिमों का प्रतिनिधित्व, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

    देश में 20 प्रतिशत से अधिक मुस्लिम आबादी वाली 96 लोकसभा सीटों पर मुस्लिम प्रतिनिधित्व महज चार से नौ प्रतिशत तक रहा है.

  • Lok Sabha Elections: सुचेता कृपलानी से लेकर अब तक दिल्ली में चुनी गईं सिर्फ 7 महिला सांसद

    Lok Sabha Elections: सुचेता कृपलानी से लेकर अब तक दिल्ली में चुनी गईं सिर्फ 7 महिला सांसद

    देश को आजादी मिलने के बाद से करीब आधे से अधिक बार लोकसभा चुनाव में दिल्ली से कोई महिला प्रतिनिधि संसद नहीं पहुंची. देश के पहले लोकसभा चुनाव में दिल्ली से सुचेता कृपलानी चुनकर संसद पहुंची थीं.

  • कौन जीतेगा बागपत की लड़ाई, क्या गठबंधन की ताकत बनेगी PM मोदी की तोड़?

    कौन जीतेगा बागपत की लड़ाई, क्या गठबंधन की ताकत बनेगी PM मोदी की तोड़?

    बागपत (Baghpat Seat) कभी बहुत बड़ी सीट हुआ करती थी. गाज़ियाबाद तक का इलाक़ा बाग़पत में आता था. इस सीट ने देश को एक प्रधानमंत्री भी दिया है. किसान नेता चौधरी चरण सिंह 1977 में इसी सीट से चुनाव जीते थे, वो प्रधानमंत्री बनने के प्रबल दावेदार थे लेकिन जनता पार्टी के भीतर संगठन कांग्रेस के मोरारजी देसाई चुन लिए गए. चरण सिंह तब गृह मंत्री बने. 1979 में जनता पार्टी टूटी तो एक धड़े ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाया. ये अलग बात है कि वो संसद का मुंह नहीं देख सके. कांग्रेस ने उनकी सरकार गिरा दी. ये कहानी इसलिए याद दिला रहा हूं कि आप समझ सकें कि न गठजोड़ की राजनीति भारत में नई है और न ही उसके नाम पर होने वाले छल, लेकिन ऐसा नहीं कि सबकुछ पुराना ही है.