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सचिन पायलट


'सचिन पायलट' - 491 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • सचिन पायलट की अब मध्यप्रदेश में एंट्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस के लिए करेंगे प्रचार

    सचिन पायलट की अब मध्यप्रदेश में एंट्री, ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ में कांग्रेस के लिए करेंगे प्रचार

    MP Bypolls: मध्य प्रदेश में 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव (MP bypolls) में राजस्थान के कांग्रेस नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) अपनी पार्टी के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे. इन सीटों में से अधिकांश सीटें सचिन पायलट के साथ पूर्व में कांग्रेस के लिए लंबे समय तक काम कर चुके ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर-चंबल (Gwalior-Chambal region) में हैं.

  • राहुल गांधी ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा तो समर्थन में आए सचिन पायलट, कह दी ये बात

    राहुल गांधी ने मोदी सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा तो समर्थन में आए सचिन पायलट, कह दी ये बात

    मोदी सरकार (Modi Government) की नीतियों के खिलाफ राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को समर्थन देने के लिए सचिन पायलट (Sachin Pilot) भी उतर गए हैं. पायलट के अनुसार राहुल गांधी ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर जो सवाल खड़े किए हैं वो वाजिब हैं. क्यों उद्योग बंद हो रहे हैं. बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां चली गई हैं. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने जिन मुद्दों को आवाज दी है वह बिल्कुल न्यायसंगत हैं. देश के सामने इस वक्त आर्थिक संकट पैदा हो गया है. उद्योग बंद हो रहे हैं और पूरे देश में लगभग 2.10 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा है. जिनके पास नौकरियां हैं तो उनकी तनख्वाह में कटौती कर दी गई. 

  • कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा - केंद्र सरकार के पास अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने...

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा - केंद्र सरकार के पास अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने...

    राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने देश की आर्थिक हालत पर चिंता जताते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार के पास अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिये कोई खाका तैयार नहीं है.

  • कांग्रेस नेता सचिन पायलट का पार्टी के लिए एकता का संदेश, गांधी परिवार की तारीफ की

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट का पार्टी के लिए एकता का संदेश, गांधी परिवार की तारीफ की

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट, जिन्होंने लगभग एक महीने तक राजस्थान में अपने बागी तेवरों से अशोक गहलोत सरकार की नाक में दम कर दिया था, ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट किया है. दरअसल कांग्रेस के 20 से अधिक नेताओं के हस्ताक्षर वाले एक पत्र पर पार्टी में विवाद छिड़ गया है. यह पत्र 7 अगस्त को लिखा गया है जिस दौरान पार्टी पायलट और उनके 18 विधायक साथियों को को वापस पटरी पर लाने की कोशिश कर रही थी. 

  • कांग्रेस में 'लेटर बम' क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी को चुनौती है?

    कांग्रेस में 'लेटर बम' क्या सोनिया, राहुल और प्रियंका गांधी को चुनौती है?

    कई राज्यों में हुई बगावत का नुकसान उठा झेल चुकी अब कांग्रेस के अंदर एक 'लेटर बम' फूटा है. करीब 20 से अधिक नेताओं ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर 'परिवर्तन' की मांग की है. हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं है कि एक खेमा राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहा है. कुछ दिन पहले ही पार्टी के राष्ट्रीय रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि कार्यकर्ता राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष बनाना चाहते हैं. हालांकि राहुल और प्रियंका दोनों ही इस जिम्मेदारी को लेने से इनकार कर चुके हैं. लेकिन यहां गौर करने वाली बात यह है कि पार्टी में कोई भी बड़ा फैसला लेना होता है तो बिना राहुल और प्रियंका की सलाह से नहीं लिया जाता है. हाल ही में सचिन पायलट के प्रकरण में यह साफ देखा जा चुका है. फिलहाल इस नए  घटनाक्रम के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या पार्टी किसी बड़ी बगावत की ओर बढ़ रही है.

  • 'घर वापसी' के बाद कार्यकर्ताओं के हक में बोले सचिन पायलट- पार्टी को सोचना चाहिए कि...

    'घर वापसी' के बाद कार्यकर्ताओं के हक में बोले सचिन पायलट- पार्टी को सोचना चाहिए कि...

    कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बुधवार को कहा कि यह पार्टी नेतृत्व को तय करना है कि किसे संगठन में काम करना है और किसे सरकार में काम करना है. पायलट ने कहा, ''''पार्टी अध्यक्ष, महासचिव और प्रभारी, कमेटी के सदस्य सब लोग चर्चा करेंगे कि कहां पर किसको इस्तेमाल करना है यह अंतिम निर्णय पार्टी का होता है कि कौन सत्ता में काम करे और कौन संगठन में काम करे.'''' पायलट को पिछले महीने पार्टी का व्हिप नहीं मानने पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया था.

  • ज्‍योतिरादित्‍य सिंध‍िया की दो टूक, 'कांग्रेस में का‍बिल नेताओं की कद्र नहीं, सचिन पायलट ने भी...'

    ज्‍योतिरादित्‍य सिंध‍िया की दो टूक, 'कांग्रेस में का‍बिल नेताओं की कद्र नहीं, सचिन पायलट ने भी...'

    पांच महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने वाले सिंधिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, "पायलट मेरे मित्र हैं. उन्होंने जो पीड़ा झेली है, उससे सब लोग वाकिफ हैं. कांग्रेस किस तरह इतने विलंब के बाद अपना घर दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है, इस बात से भी सब वाकिफ हैं." उन्होंने कहा, "यह दु:ख की बात है कि कांग्रेस में काबिलियत पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया जाता है. यही स्थिति मेरे पूर्व सहयोगी (पायलट) ने भी झेली है."

  • पायलट की वापसी के बाद बड़ा फेरबदल, राजस्थान के प्रभारी महासचिव से अविनाश पांडे की छुट्टी 

    पायलट की वापसी के बाद बड़ा फेरबदल, राजस्थान के प्रभारी महासचिव से अविनाश पांडे की छुट्टी 

    Rajasthan Congress News: पायलट खेमे ने आरोप लगाया था अविनाश पांडे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के काफी करीबी हैं और दूसरे पक्ष की बात को ठीक तरीके से तवज्जो नहीं देते थे. पायलट खेमे ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन और पायलट के करीबियों को पर्याप्त मात्रा में मंत्री पद देने के अलावा पांडे को हटाने की भी पुरजोर तरीके से मांग की थी. 

  • सचिन पायलट की मांग पूरी? तीन सदस्यीय कमेटी गठित, अजय माकन बने राजस्थान के प्रभारी महासचिव  

    सचिन पायलट की मांग पूरी? तीन सदस्यीय कमेटी गठित, अजय माकन बने राजस्थान के प्रभारी महासचिव  

    राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के इस फैसले पर आभार जताया है. पायलट में अपने ट्वीट में लिखा- "राजस्थान में समन्वय स्थापित करने के लिए आज अहमद पटेल, केसी वेणुगोपाल और अजय माकन के रूप में तीन सदस्यीय कमेटी नियुक्त करने के लिए कांग्रेस नेतृत्व का आभार. मुझे पूर्ण विश्वास है कि कमेटी के मार्गदर्शन में राजस्थान में संगठन को एक नई दशा और दिशा मिलेगी." 

  • पायलट की "घर वापसी" से बढ़ी गहलोत की ताकत, राजस्थान सरकार ने हासिल किया विश्वास मत; 10 अहम बातें

    पायलट की

    Rajasthan Floor Test: करीब एक महीने तक चली सियासी खींचतान (Rajasthan Crisis) और बगावत के थमने के बाद राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के नेतृत्‍व वाली कांग्रेस सरकार ने आज बहुमत साबित कर दिया है. मुख्यमंत्री गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच सुलह के बाद विश्वास प्रस्ताव (Confidence Motion) पेश किया गया. शुक्रवार को विधानसभा का सत्र शुरू होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने ट्वीट में लिखा, "विधानसभा का सत्र आज से शुरू हो गया है. इसमें राजस्थान के लोगों और कांग्रेस विधायकों की एकता की जीत होगी. यह सच की जीत होगी. सत्यमेव जयते." 

  • राजस्थान फ्लोर टेस्ट : BJP पर जमकर बरसे CM गहलोत, बोले- 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली 

    राजस्थान फ्लोर टेस्ट : BJP पर जमकर बरसे CM गहलोत, बोले- 100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली 

    Rajasthan Floor Test News: गहलोत ने बहस का जवाब देते हुए कहा कि राजस्थान में फोन टैपिंग की परम्परा नहीं रही. गहलोत ने बीजेपी पर बरसते हुए कहा, "आपकी पार्टी और आपके हाईकमान का षड्यंत्र था, सरकार गिराने का षड्यंत्र था, पूरे देश में नंगा नाच चल रहा, देश में लोकतंत्र खतरे में, केवल 2 लोग राज कर रहे हैं.

  • सचिन पायलट ने इशारों-इशारों में फिर सब कुछ कह दिया?

    सचिन पायलट ने इशारों-इशारों में फिर सब कुछ कह दिया?

    राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट सहित उनके कैंप के 18 विधायकों की वापसी के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार ने ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल कर लिया है. यानी अब अशोक गहलोत सरकार को अब कोई संकट नहीं है.. आज जब 11 बजे राजस्थान विधानसभा की कार्यवाही शुरू हुई तो बैठने की व्यवस्था की गई कि सचिन पायलट विपक्ष के नेताओं के करीब पहुंच गए. दरअसल अब वो कैबिनेट का हिस्सा नही हैं और उनको उप मुख्यमंत्री पद से भी हटा दिया गया था. वो पहले सत्तापक्ष में सीएम गहलोत की कुर्सी के पास बैठते थे. आज सदन के इस नजारे पर  उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने हालिया राजनीतिक व अन्य घटनाक्रम, पुलिस के विशेष कार्यबल द्वारा नोटिस दिए जाने सहित अनेक बातों में पायलट का जिक्र किया. इस पर सचिन पायलट ने उन्हें बीच में टोकते हुए 'वह (राठौड़) बार- बार मेरा नाम ले रहे हैं. मैंने सोचा कि हमारे अध्यक्ष व मुख्य सचेतक ने मेरी सीट यहां क्यों रखी है? मैंने दो मिनट सोचा और फिर देखा कि यह सरहद है एक तरफ पक्ष है और दूसरी तरफ विपक्ष.... तो सरहद पर किसको भेजा जाता है.  सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.' पायलट ने कहा, 'आज इस विश्वास मत में जो चर्चा हो रही है...उसमें बहुत से बातें बोली गयीं बहुत सी बातें बोली जाएंगी. समय के साथ साथ सब बातों का खुलासा होगा.'

  • राजस्थान सरकार के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा- गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया

    राजस्थान सरकार के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा- गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया

    सचिन पायलट की वापसी के बाद राजस्थान में कांग्रेस का आत्मविश्वास चरम पर है. सरकार की ओर से विश्वास मत का प्रस्ताव सदन में पेश कर दिया गया है. जिस पर चर्चा जारी है. बीजेपी और कांग्रेस की ओर से चार-चार विधायकों को बोलेंगे.  संसदीय कार्यमंत्री और सीएम गहलोत के सबसे करीबियों में से एक शांति धारीवाल ने बीजेपी पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा, हमने यहां मध्य प्रदेश या गोवा की तरह नहीं होने दिया. जिस तरह से महाराणा प्रताप ने हराया था उसी तरह से अशोक गहलोत ने भी हराया  गहलोत ने छठी का दूध याद दिला दिया है.'इसके साथ ही शांति धारीवाल ने कहा गृहमंत्री अमित शाह और पीएम मोदी पर हमला बोला. इससे पहले सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई.

  • मुझे विपक्ष के पास इसलिए बिठाया गया, क्योंकि सीमा पर सबसे ताकतवर योद्धा को भेजा जाता है : सचिन पायलट

    मुझे विपक्ष के पास इसलिए बिठाया गया, क्योंकि सीमा पर सबसे ताकतवर योद्धा को भेजा जाता है : सचिन पायलट

    सचिन पायलट ने अपनी सीट में हुए बदलाव के बारे में बोलते हुए कहा, 'इस सरहद पर कितनी भी गोलीबारी हो, मैं कवच और भाला लेकर सरकार को बचाने के लिए खड़ा हूं. मुझे सरहद पर बैठाया गया है, सरहद पर सबसे मजबूत योद्धा को भेजा जाता है.' पायलट ने राजेंद्र राठौड़ को उनके भाषण के बीच में रोककर यह कहा है.

  • Rajasthan Assembly Session Highlights : राजस्थान विधानसभा में CM अशोक गहलोत ने साबित किया बहुमत

    Rajasthan Assembly Session Highlights : राजस्थान विधानसभा में CM अशोक गहलोत ने साबित किया बहुमत

    Rajasthan Assembly Session Highlights: राजस्थान (Rajasthan) की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) ने आज (शुक्रवार) राज्य विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया. सरकार की ओर से संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने प्रस्ताव पेश किया. प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत करते हुए धारीवाल के कहा कि केंद्र की सरकार के इशारों पर मध्य प्रदेश व गोवा में चुनी हुई सरकारों को गिराया गया है.

  • राजस्थान के सियासी संकट के बीच 6 प्वाइंट्स में जानिए- क्या है विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव?

    राजस्थान के सियासी संकट के बीच 6 प्वाइंट्स में जानिए- क्या है विश्वास और अविश्वास प्रस्ताव?

    राजस्थान कांग्रेस में चली महीने भर की खींचतान के बाद अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार से शुरू हो रही विधानसभा के विशेष सत्र में भारतीय जनता पार्टी की चुनौती का सामना कर रहे हैं. बीजेपी ने गुरुवार को घोषणा की थी कि पार्टी गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगी. यानी अब गहलोत को सदन में अपना बहुमत साबित करना होगा. गहलोत शुरू से ही दावा करते रहे हैं कि उनके पास बहुमत का आंकड़ा है. यहां तक कि सचिन पायलट सहित 19 विधायकों के बगावत कर देने के बावजूद भी वो गवर्नर से इस दावे के साथ मिले थे कि उनके पास बहुमत है. लेकिन ये तो तय था कि विधानसभा सत्र शुरू होने के बाद उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ सकता है.

  • राजस्थान : कांग्रेस ने पेश किया विश्वास प्रस्ताव, हमने यहां गोवा-MP नहीं बनने दिया : शांति धारीवाल

    राजस्थान : कांग्रेस ने पेश किया विश्वास प्रस्ताव, हमने यहां गोवा-MP नहीं बनने दिया : शांति धारीवाल

    राजस्थान (Rajasthan) में कांग्रेस (Congress) के बीच मची आंतरिक कलह का पटाक्षेप हो चुका है. बीते सोमवार राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से मुलाकात की थी. जिसके बाद वह एक बार फिर कांग्रेस के हाथ से हाथ मिलाते हुए नजर आए. राजस्थान में आज (शुक्रवार) से विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हो चुका है, यानी एक ओर गहलोत सरकार के एजेंडों में कई बिलों को पास कराना होगा, तो वहीं अविश्वास-विश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी संग्राम भी शुरू हो गया है. दरअसल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Govt) के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का ऐलान किया था. जिसके बाद मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा था कि वह सदन में विश्वास प्रस्ताव लेकर आएंगे. दोपहर में सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के प्रमुख व्हिप महेश जोशी ने विश्वास प्रस्ताव को लेकर स्पीकर को नोटिस दिया. जिसके बाद गहलोत सरकार में कानून और संसदीय कार्य मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि हमने यहां (राजस्थान) गोवा, एमपी नहीं बनने दिया.

  • सियासी संकट थमने के बीच राजस्थान BJP चीफ बोले- हमारी पर्दे के पीछे की कोई रणनीति नहीं है

    सियासी संकट थमने के बीच राजस्थान BJP चीफ बोले- हमारी पर्दे के पीछे की कोई रणनीति नहीं है

    पूनिया ने कहा, "हम कोरोना जैसे आम आदमी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं. कम से कम इन मुद्दों पर विश्वास प्रस्ताव से पहले चर्चा होनी चाहिए. हमारे पास संख्या बल नहीं है. यह स्पष्ट है. हम मजबूत विपक्ष की भूमिका निभा रहे हैं. हमारी पर्दे के पीछे की कोई रणनीति नहीं है.

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