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सपा कांग्रेस गठबंधन


'सपा कांग्रेस गठबंधन' - 146 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • वजूद बचाने के लिए फिर एक हो सकता है मुलायम का कुनबा

    वजूद बचाने के लिए फिर एक हो सकता है मुलायम का कुनबा

    अखिलेश ने 2017 में यादव और उच्च जाति का वोट लेने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली. इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में सपा ने सारे गिले शिकवे भुलाकर बसपा के साथ यादव और दलित के नाम पर गठबंधन किया. अखिलेश का यह प्रयोग भी सफल नहीं हुआ. मुलायम सिंह यादव 2017 में कांग्रेस और 2019 में बसपा से गठबंधन के विरोधी रहे हैं, लेकिन अखिलेश ने उनके सुझावों को दरकिनार कर दिया.

  • मजबूत महागठबंधन और गोरखपुर-फूलपुर के नतीजों से परेशान थी BJP,तब अमित शाह ने निकाला पुराना फॉर्मूला

    मजबूत महागठबंधन और गोरखपुर-फूलपुर के नतीजों से परेशान थी BJP,तब अमित शाह ने निकाला पुराना फॉर्मूला

    लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन को आपेक्षित सफलता नहीं मिली है. इन दलों की 80 सीटों पर जातिगत गोलबंदी की कोशिश सफल नहीं हो सकी. जातियों में बंटी इन दोनों पार्टियों का हर समीकरण धरातल पर नाकाम साबित हुआ. इस तरह सपा-बसपा गठबन्धन के जातीय समीकरण के मिथक ध्वस्त हो गए. दोनों दल राज्य में हो रहे परिवर्तन को समझने में नाकाम रहे. वे लोगों तक अपनी बात को जनता तक पहुंचाने में कामयाब नहीं हो सके. दलित, पिछड़ा और मुस्लिम वोटों की फिराक में हुए इस गठबन्धन के सारे गणित ध्वस्त हो गए. गठबन्धन में कांग्रेस को शामिल न करना भी कुछ हदतक नुकसानदायक गया है. कांग्रेस के उतारे प्रत्याशी किसी-किसी सीट पर सपा बसपा पर भारी पड़ते दिखे. वह इनके लिए सचमुच वोटकटवा साबित हुए हैं. लेकिन बीजेपी के लिए उत्तर प्रदेश में लड़ाई बिलकुल आसान नहीं थी. गोरखपुर-फूलपुर और कैराना में हुए उपचुनाव के बाद उत्तर प्रदेश में बीजेपी के पक्ष में माहौल बिलकुल नहीं था.

  • पिता मुलायम सिंह यादव की यह बात न मानकर अखिलेश यादव ने सपा को पहुंचा दिया इस हालत में

    पिता मुलायम सिंह यादव की यह बात न मानकर अखिलेश यादव ने सपा को पहुंचा दिया इस हालत में

    उत्तर प्रदेश में बड़े जोर शोर से बनाए गए सपा-बसपा और आरएलडी गठबंधन मोदी लहर में पूरी तरह से साफ हो गया है. सपा को जहां मात्र 5 सीटें आई हैं वहीं बीएसपी को 10 सीटें मिली हैं. आरएलडी अपना खाता खोलने में नाकाम रही है. वहीं 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को सिर्फ 1 ही सीट (रायबरेली में सोनिया गांधी) आई हैं. अमेठी से राहुल गांधी भी स्मृति ईरानी से हार गए हैं. लेकिन सबसे बड़ा झटका अखिलेश यादव को लगा है.

  • Lok Sabha Election Results : उत्तर प्रदेश की बहराइच सीट पर भी बीजेपी ने दर्ज की जीत

    Lok Sabha Election Results : उत्तर प्रदेश की बहराइच सीट पर भी बीजेपी ने दर्ज की जीत

    बहराइच लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार अक्षयवर लाल विजयी घोषित कर दिये गये हैं.  जिलाधिकारी शम्भू कुमार ने बताया कि लाल ने अपने निकटतम प्रत्याशी सपा—बसपा—रालोद गठबंधन के शब्बीर वाल्मीकि को लगभग एक लाख 28 हजार 669 मतों से हराया. अक्षयवर लाल को पांच लाख 25 हजार 512 मत मिले। वहीं, वाल्मीकि को तीन लाख 96 हजार 843 वोट हासिल हुए. कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री बाई फुले 34,383 मत पाकर तीसरे स्थान पर रहीं और अपनी जमानत नहीं बचा सकीं. वह वर्ष 2014 में इसी सीट से सांसद चुनी गयी थीं. 

  • Uttar Pradesh Election Results 2019: नरेंद्र मोदी के आगे महागठबंधन और राहुल-प्रियंका की जोड़ी फेल!

    Uttar Pradesh Election Results 2019: नरेंद्र मोदी के आगे महागठबंधन और राहुल-प्रियंका की जोड़ी फेल!

    कैराना, गोरखपुर और फूलपुर के लोकसभा उपचुनाव के नतीजों से ही तय हो गया था कि Uttar Pradesh में महागठबंधन ही बीजेपी को चुनौती दे सकता है. इसी मद्देनजर समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी साथ आए.

  • लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के बाद आज बैठक करेंगे विपक्षी दल, VVPAT के मुद्दे पर जाएंगे चुनाव आयोग

    लोकसभा चुनाव के एग्जिट पोल के बाद आज बैठक करेंगे विपक्षी दल, VVPAT  के मुद्दे पर जाएंगे चुनाव आयोग

    लोकसभा चुनाव के नतीजे (Lok Sabha elections Results) आने से पहले कांग्रेस (Congress) एवं अन्य प्रमुख विपक्षी दलों (Opposition Parties) के नेता मंगलवार को दिल्ली में मुलाकात करके राजनीतिक हालात पर तथा सरकार बनाने के दावे के लिए गैर-एनडीए गठबंधन बनाने की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.

  • Elections 2019: गैर-भाजपाई सरकार बनाने की कोशिशें तेज, चंद्रबाबू नायडू ने की राहुल गांधी और शरद पवार से बातचीत

    Elections 2019: गैर-भाजपाई सरकार बनाने की कोशिशें तेज, चंद्रबाबू नायडू ने की राहुल गांधी और शरद पवार से बातचीत

    आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी प्रमुख एन चन्द्रबाबू नायडू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत विपक्ष के कई शीर्ष नेताओं के साथ रविवार को दूसरे दौर की बातचीत की. इस बातचीत का मकसद केन्द्र में गैर-भाजपाई सरकार के गठन के लिए समर्थन जुटाना है.

  • क्या चुनाव बाद मायावती एक बार फिर BJP से हाथ मिला लेंगी? अखिलेश यादव ने NDTV को दिया यह जवाब

    क्या चुनाव बाद मायावती एक बार फिर BJP से हाथ मिला लेंगी? अखिलेश यादव ने NDTV को दिया यह जवाब

    लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) के छह चरण पूरे हो चुके हैं. 7वें और अंतिम चरण से पहले सभी पार्टियां पूरे दमखम से प्रचार में जुटी हुई हैं. आखिरी चरण में कुल 59 सीटों पर मतदान होने हैं. नतीजे 23 मई को आएंगे. इस बीच यूपी के गाजीपुर में चुनावी रैली के बाद NDTV ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से कई मुद्दों पर बात की.

  • मायावती ने अमेठी और रायबरेली के वोटर्स से की अपील- वोट कांग्रेस को ही देना

    मायावती ने अमेठी और रायबरेली के वोटर्स से की अपील- वोट कांग्रेस को ही देना

    मायावती ने कहा, 'चार चरणों के चुनाव में जनता ने गठबंधन का समर्थन किया है जिससे भाजपा परेशान है. यह गठबंधन सिर्फ केंद्र में नया प्रधानमंत्री व नई सरकार बनाने के लिए नहीं है, बल्कि यूपी में भी भाजपा की सरकार को हटाएगा.' उन्होंने कहा कि 23 मई को देश को निरंकुश व अहंकारी शासन से मुक्ति मिल जाएगी.

  • पीएम मोदी का तंज, कांग्रेस का पतन देखिये, यह ‘वोट कटवा’ पार्टी हो गई है

    पीएम मोदी का तंज, कांग्रेस का पतन देखिये, यह ‘वोट कटवा’ पार्टी हो गई है

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi ) ने उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रैली में कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) कांग्रेस के प्रति नरम रुख दिखा रही है, लेकिन बसपा प्रमुख मायावती कांग्रेस पर हमला बोल रही हैं. पीएम ने रायबरेली में सपा की बैठक में प्रियंका गांधी की मौजूदगी का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस नेता तो सपा के साथ मंच साझा कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि कांग्रेस का पतन तो देखिए, इसका दर्जा घटकर ‘वोट कटवा’ पार्टी का हो गया है.

  • बाराबंकी का सांसद तय करने में मुस्लिम मतदाता निर्णायक, जानें यहां के समीकरण

    बाराबंकी का सांसद तय करने में मुस्लिम मतदाता निर्णायक, जानें यहां के समीकरण

    हमेशा से समाजवादियों का गढ़ रहा बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र इस दफा लोकसभा चुनाव में दिलचस्प जंग का गवाह बन गया है. यहां अपने—अपने समीकरण साधने में जुटे प्रत्याशियों की नजर खामोश खड़े मुस्लिम मतदाताओं पर टिक गयी है. समाजवाद के प्रणेताओं में शुमार किये जाने वाले रामसेवक यादव की कर्मभूमि बाराबंकी में वर्ष 1957 से लेकर ज्यादातर वक्त तक समाजवादियों का ही दबदबा रहा. इस सीट पर आम चुनाव और उपचुनावों के कुल 17 मौकों में से सिर्फ पांच बार कांग्रेस, दो बार भाजपा और एक बार बसपा के प्रत्याशी जीते हैं. बाकी मौकों पर समाजवादी विचारधारा के जनप्रतिनिधियों ने ही यहां कब्जा किया है. बाराबंकी, जैदपुर, रामनगर, हैदरगढ़ और कुर्सी विधानसभा सीटों को खुद में समेटे इस सुरक्षित श्रेणी की सीट पर सपा—बसपा गठबंधन ने चार बार सांसद रह चुके राम सागर रावत को मैदान में उतारा है. कांग्रेस ने अपने पूर्व सांसद पी.एल. पुनिया के बेटे तनुज पुनिया पर दांव लगाया है. भाजपा ने जैदपुर सीट से मौजूदा विधायक उपेन्द्र रावत को उम्मीदवार बनाया है. करीब 18 लाख मतदाताओं वाले इस लोकसभा क्षेत्र में जातीय समीकरण खासा अहम है लेकिन जीत—हार का दारोमदार करीब 25 प्रतिशत आबादी वाले मुस्लिम मतदाताओं पर रहता है. 

  • लोकसभा चुनाव 2019 : क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विपक्ष ने 'वॉक ओवर' दे दिया?

    लोकसभा चुनाव 2019 :  क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विपक्ष ने 'वॉक ओवर' दे दिया?

    वाराणसी संसदीय सीट से विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मजबूत प्रत्याशी खड़ा न कर लगता है एक बार फिर उनकी जीत आसान कर दी है, एक तरह से मोदी को वाक ओवर दे दिया है. हालांकि सपा और कांग्रेस दोनों इससे इनकार करती हैं, और उनका कहना है कि मोदी के खिलाफ उनके प्रत्याशी मजबूत हैं. कांग्रेस ने अपने पुराने प्रत्याशी अजय राय को मोदी के मुकाबले खड़ा किया है, जबकि सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से सपा के टिकट पर शालिनी यादव मैदान में हैं. एक समय कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी के चुनाव लड़ने की चर्चा थी, लेकिन अजय राय की उम्मीदवारी घोषित होने के साथ इस चर्चा पर विराम लग गया है.  ये वही अजय राय हैं, जो 2014 में मोदी के खिलाफ अपनी जमानत जब्त करा चुके हैं.

  • बाहुबली नेता अतीक अहमद जेल में रहते हुए वाराणसी से लड़ सकते हैं चुनाव, ठोकेंगे PM मोदी के खिलाफ ताल

    बाहुबली नेता अतीक अहमद जेल में रहते हुए वाराणसी से लड़ सकते हैं चुनाव, ठोकेंगे PM मोदी के खिलाफ ताल

    पूर्व सांसद की पत्नी शाईस्ता परवीन ने रविवार को मीडिया बताया, शनिवार को मैं नैनी केंद्रीय कारागार में अतीक अहमद से मिलने गई थी और उन्होंने वाराणसी से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की. उन्होंने बताया कि सभी पार्टी के प्रत्याशियों को देखने के बाद ऐसे प्रतीत होता है कि सारी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वाक ओवर दे दिया है. यदि सपा, बसपा गठबंधन, कांग्रेस ईमानदारी से भाजपा के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को कड़ी चुनौती देना चाहते हैं तो क्यों न सारी पार्टियां अतीक अहमद का समर्थन करें.

  • Election 2019: SP-BSP गठबंधन और कांग्रेस पर पीएम मोदी का हमला, कहा- 'जात पात जपना, जनता का माल अपना'

    Election 2019: SP-BSP गठबंधन और कांग्रेस पर पीएम मोदी का हमला, कहा- 'जात पात जपना, जनता का माल अपना'

    लोकसभा चुनाव (General Election 2019) की सरगर्मियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सपा-बसपा और कांग्रेस (Congress) को 'महामिलावटी' करार देते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों का एक ही मंत्र है 'जात पात जपना, जनता का माल अपना.' नरेंद्र मोदी ने कन्नौज की एक चुनावी जनसभा में आरोप लगाया, 'जात पात जपना, जनता का माल अपना ... सपा बसपा और कांग्रेस का यही हाल है.'

  • वाराणसी से प्रियंका गांधी को न उताकर क्या कांग्रेस ने बीजेपी का नुकसान कर दिया है?

    वाराणसी से प्रियंका गांधी को न उताकर क्या कांग्रेस ने बीजेपी का नुकसान कर दिया है?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वाराणसी सीट से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के न लड़ने के पीछे अलग-अलग वजह सामने आ रही हैं. खबरों के मुताबिक बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने प्रियंका गांधी वाड्रा को संयुक्त उम्मीदवार मानने इनकार कर दिया. लेकिन इन खबरों के बीच सीटों के अंकगणित पर ध्यान दें तो मामला कुछ और ही नजर आता है. उत्तर प्रदेश की जमीनी रिपोर्ट के मुताबिक सपा और बसपा के गठबंधन ने बीजेपी के लिए अच्छी खासी चुनौती खड़ी कर दी है. कई सीटें ऐसी हैं जहां पर दोनों पार्टियों का वोट बैंक बीजेपी से ज्यादा है. उत्तर प्रदेश में बीजेपी की कोशिश है कि दोनों पार्टियों के इस जातिगत गठजोड़ को काटने के लिए पूरे चुनाव को मोदी बनाम अन्य बना दिया जाए. इसलिए हर रैली में बीजेपी के नेता यही बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हर सीट पर पीएम मोदी ही चुनाव लड़ रहे हैं. लेकिन प्रियंका के आने और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस थोड़ा मजबूत होने से उत्तर प्रदेश की जंग त्रिकोणीय होती दिखाई दे रही है. इसका फायदा बीजेपी उठा सकती है.

  • NDTV Exclusive : कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने सपा उम्मीदवार पत्नी का किया प्रचार, बताया यह कारण

    NDTV Exclusive : कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने सपा उम्मीदवार पत्नी का किया प्रचार, बताया यह कारण

    लखनऊ (Lukhnow) में गुरुवार को समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी (SP-BSP) गठबंधन की उम्मीदवार पूनम सिन्हा (Poonam Sinha) ने एक बड़े रोड शो के बाद नॉमिनेशन किया. रोड शो में उनके फिल्म स्टार पति और कांग्रेस (Congress) के नेता शत्रुघ्न सिन्हा (Shatrughan Sinha) ने भी उनके लिए प्रचार किया और वोट मांगे. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्होंने शादी के वक्त सात फेरों में पत्नी का साथ देनी की कसम खाई थी इसलिए कांग्रेस में होने के बाद भी उनके लिए आए हैं. उनका इस बात पर लखनऊ से कांग्रेस के उम्‍मीदवार प्रमोद कृष्‍णम ने कहा, 'शत्रुघ्‍न सिन्‍हा जी ने यहां आकर अपना पति धर्म निभाया है, लेकिन मैं शत्रु जी से ये कहना चाहूंगा कि पति धर्म उन्‍होंने आज निभा दिया, लेकिन एक दिन मेरे लिए प्रचार करके वे पार्टी धर्म निभाएं.'

  • उत्तर प्रदेश की इन 6 सीटों पर बीजेपी और बीएसपी में सीधी लड़ाई, कांग्रेस के वोट किसे देंगे चोट

    उत्तर प्रदेश की इन 6 सीटों पर बीजेपी और बीएसपी में सीधी लड़ाई, कांग्रेस के वोट किसे देंगे चोट

    लोकसभा चुनाव  के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर वोट डाले जाएंगे. बीते लोकसभा चुनाव में बीजेपी का सभी सीटों पर कब्जा था. लेकिन इस बार बीजेपी के लिए राह आसान नहीं है. सपा और बसपा गठबंधन ने इस बार बीजेपी के लिए कई सीटों पर मुश्किलें खड़ा कर सकता है. बीजेपी के लिए राहत वाली बात यह है कि कांग्रेस भी इस बार सभी मजबूती से लड़ने का दावा कर रही है.

  • चुनाव बाद SP-BSP नेतृत्व करेगा कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करने का फैसला: सूत्र

    चुनाव बाद SP-BSP नेतृत्व करेगा कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करने का फैसला: सूत्र

    उत्तर प्रदेश में चुनाव बाद सपा-बसपा गठबंधन (SP-BSP Alliance) का हिस्सा बनने के विकल्प कांग्रेस ने अभी भी खुला रहा है. हालांकि सपा-बसपा नेतृत्व चुनाव के बाद की परिस्थितियों के आधार पर ही फैसला करेगा कि कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करना है या नहीं. ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के बयान पर आधिकारिक प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार करते हुए सपा और बसपा नेताओं ने सोमवार को कहा, 'चुनाव के बाद जिस तरह की परिस्थिति होगी, उसके आधार पर सपा-बसपा नेतृत्व ही कांग्रेस को गठबंधन में शामिल करने का फैसला करेगा.'