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सर्वप्रिया सांगवान


'सर्वप्रिया सांगवान' - 15 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मायावती के संघर्ष को अन्य नेताओं के समकक्ष न रखे मीडिया

    मायावती के संघर्ष को अन्य नेताओं के समकक्ष न रखे मीडिया

    इन दिनों मायावती की चर्चा इस बात पर काफी हो रही है कि मीडिया में उनकी चर्चा नहीं हो रही. खुद मायावती भी इसे अब अपनी रैलियों में कहने लगी हैं. रैलियों में जाकर महसूस किया कि मायावती जिस समाज से आती हैं, उस समाज के लोग उन्हें बहुत आशा भरी निगाहों से देखते हैं, उन्हें किसी हीरो की तरह मानते हैं. मायावती एक बार पूरे 5 वर्षों के लिए सरकार चला चुकी हैं तो अब उनका मूल्यांकन दो तरह से किया जाएगा कि उन्होंने अपने समाज के लिए क्या किया और एक मुख्यमंत्री के तौर पर कैसी रहीं.

  • साक्षरता को लेकर जनप्रतिनिधियों को छूट क्यों?

    साक्षरता को लेकर जनप्रतिनिधियों को छूट क्यों?

    पिछले कुछ वक्त से नजर आ रहा है कि राजनीति में सुधारों के पैरोकार भी उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता के मामले में बचाव की मुद्रा में आ जाते हैं. उनकी दलील होती है कि ये लोकतंत्र के खिलाफ है, संविधान के खिलाफ है. ये किसी गरीब, पिछड़े, दलित, आदिवासी के लिए नुकसानदायक होगा.

  • जेएनयू का फैसला क्या कानूनी तौर पर टिक पाएगा?

    जेएनयू का फैसला क्या कानूनी तौर पर टिक पाएगा?

    जेएनयू प्रशासन और यूजीसी को यह साबित करना होगा कि एम फिल और पीएचडी में दाखिले के लिए व्यक्तित्व को आंकने की आखिर क्या जरूरत है. इंटरव्यू के आधार पर एक कोर्स में दाखिले के लिए इतने अंक तय करना बेशक सवाल खड़े करता है.

  • वो कौन है जो अचानक आकर पत्रकार और भीड़ को डरा कर चला जाता है

    वो कौन है जो अचानक आकर पत्रकार और भीड़ को डरा कर चला जाता है

    इस बीच जब ये खबर आ रही है कि यूपी सरकार ने कल रवीश कुमार की प्राइम टाइम रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए खोड़ा के एसबीआई बैंक में काउंटर बढ़ा दिए और मोबाइल एटीएम का इंतज़ाम किया है तब मैं पिछले दो दिन की ग्राउंड रिपोर्टिंग के अनुभव को लिखने बैठी हूं.

  • विचार से न लड़ पाओ तो उसे धारा के खिलाफ खड़ा दिखाओ!

    विचार से न लड़ पाओ तो उसे धारा के खिलाफ खड़ा दिखाओ!

    जेएनयू के छात्रों का विरोध प्रदर्शन इतना 'एलियन' क्यों नजर आता है. क्या आपने सच में देश और दुनिया के विरोध प्रदर्शन नहीं देखे हैं या जानबूझकर किसी नीति के तहत ऐसा कर रहे हैं? घेराव को 'बंधक बनाना' कहकर इतना नकारात्मक दिखाने की क्या वजह है?

  • तीन तलाक़, हलाला, बहुविवाह और 'साइंस'...

    तीन तलाक़, हलाला, बहुविवाह और 'साइंस'...

    'तीन तलाक़' अगर बंद हो जाएगा तो इससे किसी को भी क्यों परेशानी है? क्या इससे आपके तलाक़ लेने की सहूलियत में बाधा आ रही है? हालांकि कोर्ट में जाकर तलाक़ लेना कोई क़िला फतह करने से कम नहीं, लेकिन हो सकता है शायद इस वजह से भी लोग पूरी कोशिश करने के बाद तलाक़ को आखिरी विकल्प मानें.

  • आप राष्ट्रवादी हैं या देशप्रेमी? अंतर समझने की करें कोशिश

    आप राष्ट्रवादी हैं या देशप्रेमी? अंतर समझने की करें कोशिश

    जेएनयू में जो भी घटनाक्रम चल रहा है, धीरे-धीरे उसकी असलियत सामने आ जाएगी लेकिन उस घटना के बाद आम लोग इस तरह भड़के हुए हैं कि खुले आम गोली मार देने की बात करने लगे हैं। राष्ट्रवाद और देशप्रेम के अंतर को समझने की कोशिश कीजियेगा।

  • बुर्क़े वाली आदर्श लड़की

    बुर्क़े वाली आदर्श लड़की

    स्कूल के वक़्त मेरे पिता आदर्श लड़की की परिभाषा बताते थे। लड़की जो आंखें झुका कर रहे, सलवार-कमीज़ पहने, फालतू बात ना करे। मैंने आंठवी, नौवीं में ही सूट पहनना शुरू कर दिया था। स्कूल में कभी किसी लड़के से बात करने की हिम्मत तक ना हुई। किसी ने कभी कोशिश भी की तो रोने लगती थी।

  • सर्वप्रिया सांगवान : हम सब आहत हैं

    सर्वप्रिया सांगवान : हम सब आहत हैं

    हर चोट का इलाज दुनिया में है लेकिन ये बार-बार छोटी छोटी बात पर आहत होने वाली भावनाओं वाली बीमारी लाइलाज है। देश अपने कमाने-खाने में व्यस्त है और राजनीति भावनाओं को बचाने में। उसके अलावा मुद्दा है ही क्या।

  • सर्वप्रिया सांगवान : यूपी में है इंडिया का पहला ग्रीन ढाबा

    सर्वप्रिया सांगवान : यूपी में है इंडिया का पहला ग्रीन ढाबा

    ये एक संजोग ही है कि विश्व पर्यावरण दिवस के दिन हमें लखनऊ से दिल्ली के रास्ते पर गजरौला में ये ग्रीन ढाबा दिख गया। नेशनल हाईवे 24 पर मेकडोनाल्डस और केएफसी के साथ स्थित 'भजन' ढाबे को हिंदुस्तान का पहला ग्रीन ढाबा कहना गलत नहीं होगा, क्योंकि अभी तक यूपी या देश के किसी और हिस्से में हमें ऐसा ढाबा नहीं मिला है।

  • सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : लेह, तुम खुदा का मॉडर्न आर्ट हो

    सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : लेह, तुम खुदा का मॉडर्न आर्ट हो

    ये कतई ज़रूरी नहीं कि कोई आपसे प्यार करे ही करे, ज़िन्दगी के लिए ज़रूरी है आपका प्यार में होना। कुछ ऐसे ही दीवाने होते होंगे जो 'लेह' में तमाम दिक्कतों के बावजूद बस अपने प्यार से मिलने पहुंच जाते हैं। अब ये दिक्कतें क्या हैं, ये आपको वहां जाने से पहले ही कोई ना कोई ज़रूर बता देगा।

  • सर्वप्रिया की कलम से : वो बूढ़ा प्रधानमंत्री...

    सर्वप्रिया की कलम से : वो बूढ़ा प्रधानमंत्री...

    ज़रा पर्दा हटाना तो, देखना चाहता हूँ.… हम्म… काफी लोग हैं। इन सबको मैं जानता हूँ। बस, कई सालों से देखा नहीं था यहाँ। यहाँ आना भी क्यों चाहिए था इन्हें। ये कोई शिकायत नहीं है। सबकी अपनी दुनिया है। एक बड़ी और एक छोटी सी। बड़ी सबके साथ सबके सामने।

  • सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : 'आप' का झोल या अवाम का?

    सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : 'आप' का झोल या अवाम का?

    अवाम एक ग्रुप है, जो पिछले साल आम आदमी पार्टी से विमुख हुए कार्यकर्ताओं ने बनाया था। चुनाव से ठीक चार दिन पहले अवाम ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ खुलासे जैसा कुछ कर के सनसनी फैलाने की कोशिश की है।

  • सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : क्या किरण को अपना पायेगी दिल्ली भाजपा?

    सर्वप्रिया सांगवान की कलम से : क्या किरण को अपना पायेगी दिल्ली भाजपा?

    बीजेपी ने चुनाव से 20 दिन पहले किरण बेदी को मैदान में उतार कर अपना मज़बूत और आश्चर्यजनक दांव चल तो दिया है लेकिन क्या दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ता पार्टी के फैसले से सहमत हैं? जो दिल्ली में हाल फिलहाल हो रहा है उससे कम से कम ये ज़ाहिर है कि कार्यकर्ताओं में अपनी नई उम्मीदवार को लेकर उत्साह नहीं है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिन्दी प्रेम?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हिन्दी प्रेम?

    विविधता से भरे इस देश में प्रधानमंत्री के लिए किसी एक भाषा को स्वीकार करना कठिन होगा। अंग्रेजी की जरूरत को खारिज करना भी उनके लिए मुश्किल है।