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साहित्य


'साहित्य' - 193 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कांग्रेस ने वीर सावरकर के योगदान की अनदेखी की : अमित शाह

    कांग्रेस ने वीर सावरकर के योगदान की अनदेखी की : अमित शाह

    स्वाधीनता की लड़ाई के अग्रणी स्वातंत्र्यवीर सावरकर के योगदान के बहाने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. मुंबई से सटे ठाणे शहर में आयोजित स्वातंत्र्यवीर सावरकर साहित्य संगोष्ठी मुख्य अतिथि के रूप में अमित शाह बोल रहे थे.

  • इस्लामाबाद साहित्य महोत्सव आज होगा शुरु

    इस्लामाबाद साहित्य महोत्सव आज होगा शुरु

    पाकिस्तान में साहित्य की 70 वर्ष की यात्रा का जश्न मनाने और इसका विश्लेषण करने के लिए आज पांचवा इस्लामाबाद साहित्य महोत्सव (आईएलएफ) शुरू हो रहा है. डॉन ऑनलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस की प्रबंध निदेशक अमीना सैयद ने कहा कि तीन दिनों तक चलने वाले आईएलएफ समारोह के सत्र परस्पर संवादात्मक और रोचक होंगे. उन्होंने कहा, "आईएलएफ का लक्ष्य स्थानीय और अंतर्राष्ट्रीय लेखकों और पाठकों को परस्पर संवाद कायम करने, विचारों का आदान प्रदान करने, वार्ताओं, वाद विवाद और पठन कार्यक्रमों में शामिल होने का मौका देना है."

  • 5 महीने बाद बॉब डिलन ने आखिरकार साहित्य का नोबेल पुरस्कार ग्रहण किया

    5 महीने बाद बॉब डिलन ने आखिरकार साहित्य का नोबेल पुरस्कार ग्रहण किया

    गायक-गीतकार बॉब डिलन ने आखिरकार स्टॉकहोम में आयोजित एक निजी समारोह में साहित्य के क्षेत्र में योगदान के लिए मिला नोबेल पुरस्कार ग्रहण कर लिया. सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एकेडमी द्वारा डिलन को विजेता घोषित किए जाने के पांच महीने बाद उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया.

  • जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी ने साइंस स्ट्रीम में बढ़ाई PhD की सीटें

    जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी ने साइंस स्ट्रीम में बढ़ाई PhD की सीटें

    एमफिल और पीएचडी कोर्सों में भारी सीट कटौती के खिलाफ छात्र संघ के लगातार प्रदर्शन के बीच जेएनयू प्रशासन ने अपने कुछ केंद्रों एवं स्कूलों में पीएचडी की कुछ सीटें बढ़ा दी हैं. सूत्रों ने बताया कि बढ़ी हुई ये सभी सीटें विज्ञान विषयों के केंद्रों एवं स्कूलों के तहत आती हैं जबकि समाज विज्ञान, कला एवं सौंदर्यशास्त्र और भाषा साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन में कोई सीट नहीं बढ़ायी गयी है.

  • बॉब डिलन ने स्टॉकहोम में नोबेल पुरस्कार स्वीकार किया : स्वीडिश मीडिया

    बॉब डिलन ने स्टॉकहोम में नोबेल पुरस्कार स्वीकार किया : स्वीडिश मीडिया

    गीतकार और गायक बॉब डिलन ने स्वीडिश अकादमी के साथ एक गुप्त बैठक में अपना नोबेल साहित्य पुरस्कार आखिरकार स्वीकर कर लिया है.

  • जेएनयू के छात्रों के लिए खुशखबरी, विज्ञान विषयों में पीएचडी की सीटें बढ़ीं

    जेएनयू के छात्रों के लिए खुशखबरी, विज्ञान विषयों में पीएचडी की सीटें बढ़ीं

    एमफिल और पीएचडी पाठ्यक्रमों में ‘‘भारी’’ सीट कटौती के खिलाफ छात्र संघ के लगातार प्रदर्शन के बीच जेएनयू प्रशासन ने अपने कुछ केंद्रों एवं स्कूलों में पीएचडी की कुछ सीटें बढ़ा दी हैं. सूत्रों ने बताया कि बढ़ी हुई ये सभी सीटें विज्ञान विषयों के केंद्रों एवं स्कूलों के तहत आती हैं जबकि समाज विज्ञान, कला एवं सौंदर्यशास्त्र और भाषा साहित्य एवं संस्कृति अध्ययन में कोई सीट नहीं बढ़ायी गयी है.

  • मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    मशहूर आलोचक डॉ नामवर सिंह को दी गई साहित्य अकादमी की महत्तर सदस्यता

    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में साहित्य अकादमी की प्रतिष्ठित महत्तर सदस्यता (फैलोशिप) प्रदान की गई. इस मौके पर साहित्य आकदमी के अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा, ‘‘नामवर सिंह की आलोचना जीवंत आलोचना है. भले ही लोग या तो उनसे सहमत हुए अथवा असहमत, लेकिन उनकी कभी उपेक्षा नहीं हुई.’’ इस मौके पर सिंह को सम्मान स्वरूप उत्कीर्ण ताम्र फलक और अंगवस्त्रम प्रदान किया गया.

  • पारमिता शत्पथी की किताब 'पाप और अन्य कहानियां' हुई लोकार्पित

    पारमिता शत्पथी की किताब 'पाप और अन्य कहानियां' हुई लोकार्पित

    साहित्य अकादेमी में शनिवार को पारमिता शत्पथी की किताब 'पाप और अन्य कहानियां' का लोकार्पण मैनेजर पांडे, अल्पना मिश्र, अनामिका और प्रकाशक अशोक माहेश्वरी ने संयुक्त रूप से किया. राजेंद्र प्रसाद मिश्र द्वारा मूल ओड़िया से अनूदित यह किताब राजकमल प्रकाशन द्वारा प्रकाशित की गई है.

  • पुस्तक प्रेमियों के लिए 'जन्नत' के समान है दरियागंज की यह दुकान

    पुस्तक प्रेमियों के लिए 'जन्नत' के समान है दरियागंज की यह दुकान

    अगर आप साहित्य में रुचि रखते हैं, तो रविवार को राष्ट्रीय राजधानी के प्रसिद्ध दरियागंज की सैर आपको जरूर करनी चाहिए, लेकिन दरियागंज में ही एक पतली सी गली में स्थित एक दुकान ऐसी भी है जो आपको शेक्सपीयर से लेकर शेली, कीट्स और डिकेंस जैसे महान लेखकों की स्मृतियों से भर देगी.साहित्य-प्रेमियों के बीच मुक्ता बुक एजेंसी प्राचीन एवं दुर्लभ पुस्तकों के ठिकाने के रूप में प्रचलित है. चाहे वह युवा हों या पहली पीढ़ी के पाठक, मैकबेथ, ट्वेल्थ नाइट, वूदरिंग हाइट्स, प्राइड एंड प्रेज्यूडिस और अ टेल ऑफ टू सिटीज.. न जाने कितनी अनमोल कृतियों का यह एक अच्छा ठिकाना है.

  • भारत-पाक सीमा पर युद्ध लड़ चुके हैं महाबलेश्वर सैल, अब साहित्‍य के मिला ये बड़ा सम्‍मान

    भारत-पाक सीमा पर युद्ध लड़ चुके हैं महाबलेश्वर सैल, अब साहित्‍य के मिला ये बड़ा सम्‍मान

    कोंकणी के जाने-माने साहित्यकार महाबलेश्वर सैल को वर्ष 2016 के 26वें सरस्वती सम्मान के लिए चुना गया है. उनके उपन्यास 'हाउटन' के लिए उनको यह सम्मान दिया जाएगा. यह उपन्यास साल 2009 में प्रकाशित हुआ था. साहित्य के क्षेत्र में यह प्रतिष्ठित सम्मान केके बिरला फाउंडेशन की ओर से दिया जाता है.

  • पुस्तक समीक्षा : तमन्ना तुम अब कहां हो- हर क्षण गुजरतीं अंतहीन कहानियां

    पुस्तक समीक्षा : तमन्ना तुम अब कहां हो-  हर क्षण गुजरतीं अंतहीन कहानियां

    निधीश त्यागी का कथा संग्रह (हालांकि यह सिर्फ इतना नहीं) ‘तमन्ना तुम अब कहां हो’ 2013 में पहली बार प्रकाशित हुआ. तब से यह लगातार चर्चा में रहा. इसमें प्रेम कथाएं हैं, पर आम प्रचलित प्रेम कथाओं की तरह नहीं. यह सुखांतकों या दुखांतकों की तरह भी नहीं हैं. यह तो आम जीवन में रोज-ब-रोज कहीं से शुरू होने और कहीं छूट जाने वालीं अनुभूतियां हैं. यह कहना भी शायद कमतर होगा कि यह सिर्फ और सिर्फ प्रेम कथाएं हैं, इसमें प्यार से इतर आकांक्षाएं भी हैं, जीवन के विविध रंग हैं.

  • नामवर सिंह को चुना गया साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य

    नामवर सिंह को चुना गया साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य

    हिंदी के प्रख्यात आलोचक, लेखक और विद्वान डॉ नामवर सिंह को साहित्य अकादेमी का महत्तर सदस्य (फैलोशिप) चुना गया है. अकादमी के सचिव के श्रीनिवासन राव ने बताया, ‘‘साहित्य अकादेमी की सामान्य सभा की 22 फ़रवरी को हुई बैठक में हिंदी के प्रख्यात आलोचक डॉ. नामवर सिंह को अकादेमी के महत्तर सदस्य चुना गया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘महत्तर सदस्य के रूप में एक समय में अकादेमी की मान्यता प्राप्त 24 भारतीय भाषाओं के कुल 21 सदस्य ही हो सकते हैं. इसलिए इसे प्रतिष्ठित माना जाता है.’’

  • भारतीय भाषाओं के 24 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित

    भारतीय भाषाओं के 24 लेखक साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित

    भारतीय भाषाओं के 24 प्रतिष्ठित लेखकों को बुधवार को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया. साहित्य अकादमी पुरस्कार वार्षिक ‘फेस्टीवल ऑफ लेटर्स’ में प्रदान किए गए. विजेताओं को उनकी उल्लेखनीय साहित्यिक कृतियों के लिए एक-एक लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया.

  • पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    तमिल, हिन्दी और संस्कृत के विद्वान और लेखक पी. जयरामन सहित 22 भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा. अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासन राव ने बताया कि अकादमी के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 22 भारतीय भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा.

  • प्रेमचंद के लेखन ने बदली हिंदी-उर्दू साहित्य की दिशा

    प्रेमचंद के लेखन ने बदली हिंदी-उर्दू साहित्य की दिशा

    प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद के पौत्र आलोक राय का कहना है कि होरी और गोबर जैसे पात्रों के रचियता ने अपने ‘आधुनिक दृष्टिकोण’ और सहज अभिव्यक्ति से हिंदी तथा उर्दू साहित्य की दिशा बदल दी.

  • भारत रंग महोत्सव : अक्करमाशी, दलित शोषण के चरम को उघाड़ती नाट्य प्रस्तुति

    भारत रंग महोत्सव : अक्करमाशी, दलित शोषण के चरम को उघाड़ती नाट्य प्रस्तुति

    जब भी जाति का प्रश्न आता है तो कुछ लोग इसको सिरे से नकारने के लिए खड़े हो जाते हैं. वैसे शहरों में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिन्होंने जाति का अनुभव उस तरह से नहीं किया, लेकिन इनकी संख्या नगण्य है. जाति और इससे जुड़ी घटनाओं की सच्चाई से इनकार करना वैसा ही है जैसे घर के पीछे की तरफ नाला है तो खिड़की को ही बंद कर लेना. जबकि बजबजाता हुआ नाला बदस्तूर बहता रहता है. इस बजबजाहट की सबसे कारुणिक और रोष भरी अभिव्यक्तियां हमें उन आत्मकथाओं में मिलती हैं जिन्हें जातिगत व्यवस्था में हाशिये पर धकेल दिए गए लोगों ने इसकी भीषणता का सामना करते हुए दर्ज किया है. इसे हम दलित साहित्य के नाम से जानते हैं.

  • पटना बुक फेयर: अंतिम दिन पुरस्कार वितरण व परिचर्चा का दौर चला

    पटना बुक फेयर: अंतिम दिन पुरस्कार वितरण व परिचर्चा का दौर चला

    बिहार की राजधानी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में 11 दिन चले पटना पुस्तक मेले के अंतिम दिन पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया और 'प्रेम, सेक्स और साहित्य' विषय पर परिचर्चा हुई. साथ ही राम भगवान सिंह को 'बिहार भारती सम्मान' दिया गया.

  • स्त्रियां अब सिर्फ 'किचन' की बात नहीं करतीं : डॉ. उषा किरण खान

    स्त्रियां अब सिर्फ 'किचन' की बात नहीं करतीं : डॉ. उषा किरण खान

    हिंदी और मैथिली की जानी-मानी लेखिका और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. उषा किरण खान का मानना है कि अब स्त्रियां सिर्फ किचन की ही बात नहीं करतीं, बल्कि उनमें साहित्य के प्रति भी अभिरुचि बढ़ी है.