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साहित्य


'साहित्य' - 313 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • 27 मार्च का इतिहास: मुसलमानों को इल्म की राह दिखाने वाले सर सैयद अहमद खान की पुण्यतिथि

    27 मार्च का इतिहास: मुसलमानों को इल्म की राह दिखाने वाले सर सैयद अहमद खान की पुण्यतिथि

    साल 1898 में 27 मार्च ही वह दिन था जब देश के मुसलमानों को आधुनिक शिक्षा के उजाले से रौशन करने वाले सर सैयद अहमद खान का निधन हुआ था. उर्दू साहित्य के ज्ञाता और कई भाषाओं के जानकार सर सैयद अहमद खान ने मोहम्मडन एंग्लो-ओरिएण्टल कॉलेज की स्थापना की, जो बाद में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के रूप में विकसित हुआ.

  • 26 मार्च का इतिहास: 'आधुनिक मीरा' महादेवी वर्मा का जन्मदिन और बांग्लादेश की स्थापना का साक्षी

    26 मार्च का इतिहास: 'आधुनिक मीरा' महादेवी वर्मा का जन्मदिन और बांग्लादेश की स्थापना का साक्षी

    महान कवयित्री महादेवी वर्मा का जन्म 26 मार्च, 1907 को हुआ. हिंदी साहित्य में निराला, प्रसाद, पंत के साथ साथ महादेवी वर्मा को छायावाद युग का एक महान स्तम्भ माना जाता है. महादेवी गद्य विधा की भी महत्वपूर्ण हस्ताक्षर थीं. उन्हें साहित्य अकादेमी फेलोशिप, ज्ञानपीठ और पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया.

  • CAA के खिलाफ रैली में हिस्सा लेने पर 2016 से भारत में पढ़ रहे विदेशी छात्र को केंद्र ने थमाया था ‘भारत छोड़ो’ का नोटिस, कोर्ट ने लगाई रोक

    CAA के खिलाफ रैली में हिस्सा लेने पर 2016 से भारत में पढ़ रहे विदेशी छात्र को केंद्र ने थमाया था ‘भारत छोड़ो’ का नोटिस, कोर्ट ने लगाई रोक

    पोलैंड का छात्र कामिल सिडज्योंस्की यादवपुर विश्वविद्यालय में तुलनात्मक साहित्य विभाग में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहा है. उसे विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ), कोलकाता ने 14 फरवरी को ‘भारत छोड़ो नोटिस’ जारी किया था.

  • बिहार में प्रशांत किशोर के खिलाफ दर्ज हुआ मामला, लगा यह आरोप...

    बिहार में प्रशांत किशोर के खिलाफ दर्ज हुआ मामला, लगा यह आरोप...

    चुनावी रणनीतिकार एवं नेता प्रशांत किशोर पर पिछले हफ्ते शुरू किए गए अभियान 'बात बिहार की' में कथित 'साहित्यिक चोरी' करने का आरोप लगा है और उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

  • आज का इतिहास: आज की तारीख पर दर्ज हैं कई महत्वपूर्ण घटनाएं, बढ़ाएं अपनी जनरल नॉलेज

    आज का इतिहास: आज की तारीख पर दर्ज हैं कई महत्वपूर्ण घटनाएं, बढ़ाएं अपनी जनरल नॉलेज

    साल के दूसरे महीने के दो पखवाड़े गुजर चुके हैं और तीसरे पखवाड़े का पहला दिन इतिहास में कई बड़ी हस्तियों के नाम के साथ दर्ज है. यही वह दिन है जब 1959 में फिदेल कास्त्रो ने क्यूबा का शासन अपने हाथ में लिया. हिंदी सिनेमा के पितामह दादा साहब फाल्के का निधन 1944 में आज ही के दिन हुआ. हिंदी के प्रख्यात लेखक सूर्यकांत त्रिपाठी निराला और बांग्ला साहित्य के प्रतिष्ठित नाम शरत चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्मदिन भी 16 फरवरी ही है.

  • पद्मश्री से सम्मानित और ‘पहला गिरमिटिया’ के लेखक गिरिराज किशोर का निधन

    पद्मश्री से सम्मानित और ‘पहला गिरमिटिया’ के लेखक गिरिराज किशोर का निधन

    गिरिराज का जन्म आठ जुलाई 1937 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फररनगर में हुआ था. उनके पिता ज़मींदार थे. गिरिराज ने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और स्वतंत्र लेखन किया. वह जुलाई 1966 से 1975 तक कानपुर विश्वविद्यालय में सहायक और उपकुलसचिव के पद पर सेवारत रहे तथा दिसंबर 1975 से 1983 तक आईआईटी कानपुर में कुलसचिव पद की जिम्मेदारी संभाली. राष्ट्रपति द्वारा 23 मार्च 2007 में साहित्य और शिक्षा के लिए गिरिराज किशोर को पद्मश्री पुरस्कार से विभूषित किया गया.

  • इस बार जयपुर में समानांतर साहित्य उत्सव में गांधी और युवाओं पर होंगे विशेष सत्र

    इस बार जयपुर में समानांतर साहित्य उत्सव में गांधी और युवाओं पर होंगे विशेष सत्र

    आमतौर पर इसका आयोजन जयपुर लिटरेचर फेस्टीवल (JLF) के साथ किया जाता है, लेकिन इस बार यह लगभग एक महीने बाद 21 से 23 फरवरी को होगा. इस बार आयोजन स्थल भी रविंद्र मंच के बजाय जवाहर कला केंद्र का शिल्पग्राम होगा. संघ के मुख्य संयोजक ईशमधु तलवार ने बताया कि इस बार PLF में पांच मंचों पर लगभग सौ सत्र तीन दिन में आयोजित किए जाएंगे.

  • दबाव में हैं बैंक, मदद करने की स्थिति में नहीं है सरकार: अभिजीत बनर्जी

    दबाव में हैं बैंक, मदद करने की स्थिति में नहीं है सरकार: अभिजीत बनर्जी

    नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी ने रविवार को कहा कि देश में बैंकिंग क्षेत्र दबाव में है और सरकार प्रोत्साहन पैकेज देकर इसे संकट से बाहर निकालने की स्थिति में नहीं है. जयपुर साहित्य महोत्सव के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में बनर्जी ने कहा कि वाहन क्षेत्र में मांग में नरमी से भी पता चलता है कि लोगों में अर्थव्यवस्था को लेकर भरोसे की कमी है. उन्होंने कहा, ‘‘वित्तीय क्षेत्र फिलहाल सबसे बड़ा दबाव वाला केंद्र है. बैंक क्षेत्र दबाव में है और यह चिंता वाली बात है. वास्तव में सरकार प्रोत्साहन पैकेज देकर इसे संकट से उबार पाने की स्थिति में नहीं है....’’

  • कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, CAA लागू करने से इनकार नहीं कर सकता कोई राज्य, देखें VIDEO

    कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा, CAA लागू करने से इनकार नहीं कर सकता कोई राज्य, देखें VIDEO

    कांग्रेस (Congress) के नेता और वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने शनिवार को कहा कि संसद से पारित हो चुके नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लागू करने से कोई राज्य किसी भी तरह से इनकार नहीं कर सकता और ऐसा करना असंवैधानिक होगा. पूर्व कानून एवं न्याय मंत्री ने केरल साहित्य उत्सव के तीसरे दिन कहा, “जब सीएए पारित हो चुका है तो कोई भी राज्य यह नहीं कह सकता कि मैं उसे लागू नहीं करूंगा. यह संभव नहीं है और असंवैधानिक है. आप उसका विरोध कर सकते हैं, विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं और केंद्र सरकार से (कानून) वापस लेने की मांग कर सकते हैं. लेकिन संवैधानिक रूप से यह कहना कि मैं इसे लागू नहीं करूंगा, अधिक समस्याएं पैदा कर सकता है.”

  • इतिहासकार रामचंद्र गुहा बोले- केरल ने राहुल गांधी को चुनकर विनाशकारी काम किया है

    इतिहासकार रामचंद्र गुहा बोले- केरल ने राहुल गांधी को चुनकर विनाशकारी काम किया है

    केरल साहित्य महोत्सव के दूसरे दिन "राष्ट्र भक्ति बनाम अंधराष्ट्रीयता" विषय पर आयोजित सत्र में गुहा ने कहा, "मैं निजी तौर पर राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हूं. वह सौम्य और सुसभ्य व्यक्ति हैं, लेकिन युवा भारत एक खानदान की पांचवी पीढ़ी को नहीं चाहता. अगर आप मलयाली 2024 में दोबारा राहुल गांधी को चुनने की गलती करेंगे तो शायद नरेंद्र मोदी को ही बढ़त देंगे." 

  • Javed Akhtar Shayari: 'धुआँ जो कुछ घरों से उठ रहा है, न पूरे शहर पर छाए तो कहना', पढ़ें जावेद अख्तर की मशहूर शायरी

    Javed Akhtar Shayari: 'धुआँ जो कुछ घरों से उठ रहा है, न पूरे शहर पर छाए तो कहना', पढ़ें जावेद अख्तर की मशहूर शायरी

    Javed Akhtar Shayari: जावेद अख्तर को 2013 में उनका काव्य संग्रह 'लावा' के लिए उर्दू के साहित्य अकादेमी पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है. जावेद अख्तर 1996 से लेकर 2001 के बीच अपनी लिरिक्स के लिए नेशनल फिल्म पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं. यह फिल्में थीं: साज (1996), बॉर्डर (1997), गॉडमदर (1998), रिफ्यूजी (2000) और लगान (2001).

  • 17 जनवरी का इतिहास: आज है जाने माने शायर, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का बर्थडे

    17 जनवरी का इतिहास: आज है जाने माने शायर, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का बर्थडे

    जाने माने शायर, गीतकार और पटकथा लेखक जावेद अख्तर का आज जन्मदिन है. जावेद अख्तर को पद्म श्री, पद्म भूषण, साहित्य अकादमी पुरस्कार और पांच बार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है. वे दीवार, ज़ंजीर और शोले जैसी फिल्मों की पटकथा लिख चुके हैं. उन्होंने कई सारी हिंदी फिल्मों के लिए गीत लिखे. जावेद अख्तर राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं.

  • फैज अहमद फैज की नज्म 'हम देखेंगे' पर हुए विवाद के बाद बढ़ी उनकी किताबों की मांग

    फैज अहमद फैज की नज्म 'हम देखेंगे' पर हुए विवाद के बाद बढ़ी उनकी किताबों की मांग

    मशहूर पाकिस्तानी शायर फैज अहमद फैज की मशहूर नज्म 'हम देखेंगे' को लेकर छिड़े विवाद ने भले ही साहित्य जगत में उथल-पुथल मचा दी है, लेकिन इससे युवा पीढ़ी के बीच फैज की किताबों की मांग बढ़ गई है. छात्र और युवा पेशेवरों के बीच फैज की जीवनी और नज्मों को बढ़ने को लेकर खासा उत्साह है और पुस्तक विक्रेता फैज की किताबों की सप्लाई के ऑर्डर कर रहे हैं.

  • दृष्टिबाधित महिला ने सबसे कम उम्र में की PHD, बना डाला रिकॉर्ड

    दृष्टिबाधित महिला ने सबसे कम उम्र में की PHD, बना डाला रिकॉर्ड

    दिव्यांगजनों को न सिर्फ रोजमर्रा की जिंदगी में आम लोगों से ज्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ता है बल्कि उन्हें उस पूर्वाग्रह से भी दो चार होना पड़ता है जो लोग उनके प्रति रखते हैं. ऐसे हालात में भी कुछ लोग ये साबित कर देते हैं कि वे अपने क्षेत्र के जीनियस हैं. ज्योत्सना फनिजा (Jyothsna Phanija) की कहानी भी कुछ ऐसी ही है. ज्योत्सना एक दृष्टिबाधित महिला हैं जो हैदराबाद की रहने वाली हैं. उन्होंने 25 साल की उम्र में ही पीएचडी पूरी कर ली है और ऐसा कर उन्होंने रिकॉर्ड कायम किया है. उनके नाम किसी भारतीय विश्वविद्यालय से अंग्रेजी में सबसे कम उम्र में पीएचडी करने का रिकॉर्ड बन गया है. ज्योत्सना ने अंग्रेजी साहित्य में पीएचडी की है.

  • आज का इतिहास: आज ही के दिन भारत रत्न पुरस्कार की हुई थी शुरुआत

    आज का इतिहास: आज ही के दिन  भारत रत्न पुरस्कार की हुई थी शुरुआत

    कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में असाधारण और उल्लेखनीय सेवाएं देने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ प्रदान किया जाता है. भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने 2 जनवरी 1954 को इस सम्मान को संस्थापित किया था. शुरु में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का चलन नहीं था, लेकिन एक वर्ष बाद इस प्रावधान को जोड़ा गया.

  • साल 2019: हिंदी साहित्य में इन 10 किताबों का रहा जलवा, रही सबसे ज्यादा लोकप्रिय और चर्चित

    साल 2019: हिंदी साहित्य में इन 10 किताबों का रहा जलवा, रही सबसे ज्यादा लोकप्रिय और चर्चित

    साल भर किन किताबों की सोशल मीडिया पर चर्चा हुई, समीक्षाएं प्रकाशित हुई, लेकिन ज़ाहिर है कि हज़ारों किताबों में कुछ किताबों को ही चुना जा सकता था. इसलिए एक आधार यह भी रहा कि किताबें अलग-अलग विधाओं की हों, जैसे इस साल हिंदी में कम से कम चार जीवनियां ऐसी आई, जो हिंदी के लिए नई बात रही. इसलिए इस विधा को भी रेखांकित किया जाना ज़रूरी था.

  • अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    डॉ. नंजुंदन की ख्याति दर्जनों कन्नड़ किताबों को तमिल में अनुवाद करने की वजह से मिली. इन किताबों में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता यू आर अनंतमूर्ति की कृति "भाव" और "अवस्थे" शामिल है. उन्हें साल 2012 में "अक्का" के लिए अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला. यह विभिन्न कन्नड़ लेखिकाओं की लघु कथा है जिसे उन्होंने तमिल में अनुवाद किया है. 

  • नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    इस साल अपने कविता संग्रह 'छीलते हुए अपने को' के लिए साहित्य अकादेमी से सम्मानित नंदकिशोर आचार्य बीते तीन वर्षों में अकादेमी सम्मान प्राप्त हिंदी के सबसे युवा लेखक हैं- महज 74 साल के. वरना बीते साल यह सम्मान 75 साल की चित्रा मुद्गल को मिला और उसके पहले वाले साल 86 साल के रमेश कुंतल मेघ को.