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'साहित्य' - 279 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • पुस्तक समीक्षाः दलित विमर्श को आगे बढ़ाता संवाद है 'ओमप्रकाश वाल्मीकि का अंतिम संवाद'

    पुस्तक समीक्षाः दलित विमर्श को आगे बढ़ाता संवाद है 'ओमप्रकाश वाल्मीकि का अंतिम संवाद'

    पुस्तक समीक्षाः किताब में समाज, जाति और धर्म से जुड़े अनेक प्रासंगिक सवाल हैं जिनका वाल्मीकि ने तार्किक एवं बेबाक जवाब दिया है. दसअसल, यह किताब मात्र संवाद भर नहीं, साहित्य में दलित विमर्श और समाज में दलितोत्थान के प्रयासों का एक पारदर्शी चेहरा है, जिसमें उनकी कमियां एवं अच्छाइयां सब स्पष्ट हो गई हैं.

  • पीएम मोदी ने इशारों में पाकिस्‍तान पर साधा निशाना, कहा- आतंकवाद को पनाह देने वालों के खिलाफ सख्‍त होना जरूरी

    पीएम मोदी ने इशारों में पाकिस्‍तान पर साधा निशाना, कहा- आतंकवाद को पनाह देने वालों के खिलाफ सख्‍त होना जरूरी

    शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमारा लक्ष्य स्वस्थ सहयोग को मज़बूत करना है..." उन्होंने इसके लिए नया फॉर्मूला 'HEALTH' भी दिया, जिसका अर्थ है - H - स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग (Health Cooperation), E - आर्थिक सहयोग (Economic Cooperation), A - वैकल्पिक ऊर्जा (Alternative Energy), L - साहित्य तथा संस्कृति (Literature and Culture), T - आतंकवाद-मुक्त समाज (Terrorism-free Society) तथा H - मानवीय सहयोग (Humanitarian Cooperation).'

  • गोसाई दत्त यूं बने सुमित्रानंदन पंत, जानिए उनके बारे में सब कुछ

    गोसाई दत्त यूं बने सुमित्रानंदन पंत, जानिए उनके बारे में सब कुछ

    सुमित्रानंदन पंत की आज जयंती (Sumitranandan Pant Jayant) है. हिंदी साहित्य में छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानंदन पंत (Sumitranandan Pant) का जन्म 20 मई, 1900 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के कौसानी गांव में हुआ था. उनका नाम गुसाईं दत्त था. वह गंगादत्त पंत की आठवीं संतान थे. उन्होंने अपना नाम बदलकर सुमित्रानंदन पंत रख लिया था. झरना, बर्फ, पुष्प, लता, भ्रमर-गुंजन, उषा-किरण, शीतल पवन, तारों की चुनरी ओढ़े गगन से उतरती संध्या ये सब तो सहज रूप से काव्य का उपादान बने. निसर्ग के उपादानों का प्रतीक व बिम्ब के रूप में प्रयोग उनके काव्य की विशेषता रही. उनका व्यक्तित्व भी आकर्षण का केंद्र बिंदु था. 

  • पुस्तक दिवस कौन मनाता है?

    पुस्तक दिवस कौन मनाता है?

    जैसे-जैसे हम किताबों से दूर होते जा रहे हैं, किताबों को लेकर हम ज्यादा प्रेम जताने लगे हैं. जो लोग कहते हैं कि उन्हें किताबें पढ़ना अच्छा लगता है, उनमें वाकई दस फ़ीसदी लोग ही वाकई नियमित तौर पर किताबें पढ़ते हैं. बाकी किताबों के बारे में पढ़ लेते हैं.

  • William Shakespeare Death Anniversary: आज भी दुनिया भर में कायम है विलियम शेक्सपियर के नाटकों का जादू

    William Shakespeare Death Anniversary: आज भी दुनिया भर में कायम है विलियम शेक्सपियर के नाटकों का जादू

    William Shakespeare की आज पुण्यतिथि है. अंग्रेजी साहित्य के महान कवि और नाटककार विलियम शेक्सपियर (William Shakespeare) की मृत्यु आज ही के दिन साल 1616 में हुई थी. आज भी शेक्सपियर के नाटकों का जादू दुनियाभर में छाया हुआ है. विलियम शेक्सपीयर का जन्म 26 अप्रैल 1564 को ब्रिटेन के स्ट्रैटफोर्ड आन एवन में हुआ था. शेक्सपियर में अत्यंत उच्च कोटि की सर्जनात्मक प्रतिभा थी. साथ ही उन्हें कला के नियमों का सहज ज्ञान भी था. शेक्सपियर की कल्पना जितनी प्रखर थी उतना ही गंभीर उनके जीवन का अनुभव भी था. जहां एक ओर उनके नाटकों और उनकी कविताओं से आनंद मिलता है वहीं दूसरी ओर उनकी रचनाओं से हमको गंभीर जीवनदर्शन भी प्राप्त होता है. विश्वसाहित्य के इतिहास में शेक्सपियर के समकक्ष रखे जाने वाले विरले ही कवि मिलते हैं.

  • संघर्ष और सफलता के प्रतीक हैं प्रदीप द्विवेदी, कुछ ऐसी है UPSC में कामयाबी का परचम लहराने की कहानी

    संघर्ष और सफलता के प्रतीक हैं प्रदीप द्विवेदी, कुछ ऐसी है UPSC में कामयाबी का परचम लहराने की कहानी

    इस बार सिविल सर्विसेज परीक्षा के आए नतीजों में 74वें रैंक पर आए प्रदीप कुमार द्विवेदी कई मायनों में ख़ास है. पेशे से इलेक्ट्रिकिल इंजीनियर हैं, परीक्षा का माध्यम अंग्रेजी और वैकल्पिक विषय  के तौर पर इन्होंने हिंदी साहित्य को चुना. प्रदीप ने पिछली बार 491वां स्थान हासिल किया था. बुंदेलखंड के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बारीगढ़ से शुरु इस सफर में प्रदीप ने हर मुकाम पर कामयाबी हासिल की है जिसके पीछे उनकी लगन और लक्ष्य भेदने की स्पष्ट रणनीति रही है. उनका मानना है कि तैयारी का पहला कदम सिलेबस और परीक्षा के पैटर्न देखने का होना चाहिए.

  • मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिए निर्देश- TikTok पर बैन लगाएं, पोर्नोग्राफी को दिया जा रहा है बढ़ावा

    मद्रास हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिए निर्देश- TikTok पर बैन लगाएं, पोर्नोग्राफी को दिया जा रहा है बढ़ावा

    मद्रास हाईकोर्ट की मदुरई बेंच ने ऐप के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर बुधवार को सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि जो बच्चे TikTok का इस्तेमाल कर रहे हैं वे यौन शोषकों के संपर्क में आने से असुरक्षित हैं. ऐप के खिलाफ मदुरई के वरिष्ठ वकील और सामाजिक कार्यकर्ता मुथु कुमार ने याचिका दाखिल की थी. अश्लील साहित्य, सांस्कृतिक गिरावट, बाल शोषण, आत्महत्याओं का हवाला देते हुए इस ऐप पर बैन लगाने के निर्देश देने की कोर्ट से गुजारिश की गई थी.

  • नामवर सिंह : मरेंगे हम किताबों पर, वरक होगा कफ़न अपना...

    नामवर सिंह : मरेंगे हम किताबों पर, वरक होगा कफ़न अपना...

    बनारस की 'ऊसर भूमि' जीयनपुर से निकल नामवर सिंह (Namwar Singh) ने बीएचयू, सागर और जेएनयू में हिंदी साहित्य की जो पौध रोपी, उनमें से तमाम अब ख़ुद बरगद बन गए हैं. 93 साल...एक सदी में सिर्फ 7 बरस कम. पिछले दो ढाई महीनों को छोड़कर नामवर सिंह लगातार सक्रिय रहे और हिंदी की थाती संजोते-संवारते रहे. आखिरी घड़ी तक लगे रहे.

  • श्रद्धांजलिः साहित्यकार नामवर सिंह के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित किन हस्तियों ने क्या कहा?

    श्रद्धांजलिः साहित्यकार नामवर सिंह के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित किन हस्तियों ने क्या कहा?

    प्रसिद्ध साहित्यकार नामवर सिंह के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री सहित तमाम राजनीतिक, सामाजिक और साहित्यिक हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है. सभी ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया.

  • कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

  • हम सबको सींचने वाले नामवर अस्पताल में हैं

    हम सबको सींचने वाले नामवर अस्पताल में हैं

    नामवर सिंह अस्पताल में हैं. 92 बरस की उम्र में उन्हें सिर पर चोट लगी है. अगर प्रार्थना जैसी कोई चीज़ होती है तो हिंदी के संसार को उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए. हमारी पीढ़ी का दुर्भाग्य है कि हमने उन्हें उनके उत्तरार्द्ध में देखा- उस उम्र में जब उनकी तेजस्विता का सूर्य ढलान पर था.

  • आलोक वर्मा के घर किसकी सिफ़ारिश करने गए थे केंद्रीय सतर्कता आयुक्त चौधरी?

    आलोक वर्मा के घर किसकी सिफ़ारिश करने गए थे केंद्रीय सतर्कता आयुक्त चौधरी?

    हिन्दी अख़बारों के संपादकों ने अपने पाठकों की हत्या का प्लान बना लिया है. अख़बार कूड़े के ढेर में बदलते जा रहे हैं. हिन्दी के अख़बार अब ज़्यादातर प्रोपेगैंडा का ही सामान ढोते नज़र आते हैं. पिछले साढ़े चार साल में हिन्दी अख़बारों या चैनलों से कोई बड़ी ख़बर सामने नहीं आई. साहित्य की किताबों से चुराई गई बिडंबनाओं की भाषा और रूपकों के सहारे हिन्दी के पत्रकार पाठकों की निगाह से बच कर निकल जाते हैं. ख़बर नहीं है. केवल भाषा का खेल है.

  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की साथी नेताओं को नसीहत, बोले- दूसरे क्षेत्र के मामलों में न दें दखल

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की साथी नेताओं को नसीहत, बोले- दूसरे क्षेत्र के मामलों में न दें दखल

    केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी  (Nitin Gadkari) ने अपने साथी नेताओं को सलाह दी है. उन्होंने कहा कि नेताओं को दूसरे क्षेत्रों में दखल नहीं देना चाहिए, बल्कि विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, साहित्य और काव्य जगत के लोगों को अपने मामले खुद निपटाने देना चाहिए.

  • 'The Accidental Prime Minister' से फिर उठेगी कथा और इतिहास की बात

    'The Accidental Prime Minister' से फिर उठेगी कथा और इतिहास की बात

    मसला यह था कि क्या किसी ऐतिहासिक चरित्र को नई कथा में ढाला जा सकता है. खैर, जिन्होंने विवाद खड़ा किया, उन्हें क्या और कितना हासिल हुआ, इसका पता नहीं चला. आखिर मामला सुलटा लिया गया. फिल्म रिलीज़ हुई. लेकिन साहित्य जगत में एक सवाल ज़रूर उठा और उठा ही रह गया कि क्या ऐतिहासिक चरित्रों के साथ उपन्यासबाजी या कहानीबाजी की जा सकती है, या की जानी चाहिए, या नहीं की जानी चाहिए...? कला या अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर क्या किसी ऐतिहासिक चरित्र को वैसा चित्रित किया जा सकता है, जैसा वह न रहा हो...? यह सवाल भी कि क्या कोई कलाकार किसी का चरित्र चित्रण ग्राहक की मांग के आधार पर कर सकता है...?

  • शशि थरूर ने फिर साधा मोदी पर निशाना, ‘सफेद घोड़े पर हाथ में तलवार लेकर बैठा हीरो’ करार दिया

    शशि थरूर ने फिर साधा मोदी पर निशाना, ‘सफेद घोड़े पर हाथ में तलवार लेकर बैठा हीरो’ करार दिया

    गत रविवार को थरूर ने बेंगलुरु साहित्य महोत्सव में दावा किया था कि एक आरएसएस नेता ने मोदी की तुलना ‘शिवलिंग पर बैठे बिच्छू’ से की थी. थरूर के इस बयान पर विवाद हो गया था.

  • Man Booker Prize: आयरलैंड की लेखिका Anna Burns को 'मिल्कमैन' के लिए मिला मैन बुकर पुरस्कार

    Man Booker Prize: आयरलैंड की लेखिका Anna Burns को 'मिल्कमैन' के लिए मिला मैन बुकर पुरस्कार

    लेखिका एना बर्न्स (Irish Author Anna Burns) को उनके उपन्यास ‘मिल्कमैन’ के लिए मैन बुकर पुरस्कार (Man Booker Prize 2018) मिला है. वह उत्तरी आयरलैंड की पहली लेखिका हैं जिन्हें अंग्रेजी भाषा साहित्य के इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया.

  • साहित्य अकादेमी मंगलवार को दिल्ली में आयोजित करेगा मैथिली काव्योत्सव

    साहित्य अकादेमी मंगलवार को दिल्ली में आयोजित करेगा मैथिली काव्योत्सव

    राष्ट्रीय राजधानी के मंडी हाउस इलाके में स्थित साहित्य अकादेमी की ओर से रवींद्र भवन के सभागार में 25 सितंबर को अखिल भारतीय मैथिली काव्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन सुबह 10 बजे शाम 6 बजे तक चलेगा. साहित्य अकादेमी की विज्ञप्ति के अनुसार, उद्घाटन सत्र में प्रेम मोहन मिश्र आरंभिक वक्तव्य देंगे.

  • महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़

    महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ बॉर्डर के पास पुलिस और नक्सलियों में मुठभेड़

    महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा के नजदीक देवरी तहसील में नक्सलियों और सी 60 कमांडो के बीच मुठभेड़ हुई. दोनों तरफ से कई राउंड गोली चली, लेकिन कोई जख्मी नहीं हुआ. नक्सली भागने में कामयाब रहे पर पीछे छोड़े गए एक लाइव प्रेशर कुकर बम, नक्सली साहित्य और ढेर सारे घरेलू सामान.

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