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  • क्यों भीड़ के आगे बेबस है प्रशासन?

    क्यों भीड़ के आगे बेबस है प्रशासन?

    उत्तर प्रदेश में 28 साल के सुजीत कुमार को लोगों ने चोर समझ कर मारा पीटा और जला दिया. सुजीत कुमार अपने ससुराल जा रहे थे. कुत्तों ने उनका पीछा किया तो वे एक घर में छिप गए. लोगों ने उन्हें चोर समझ लिया और पेट्रोल डालकर जलाने की कोशिश की.

  • कर्नाटक का सियासी ड्रामा जारी, अब तक नहीं हो पाया विश्वास मत, विधानसभा सोमवार तक के लिए स्‍थगित - 10 बातें

    कर्नाटक का सियासी ड्रामा जारी, अब तक नहीं हो पाया विश्वास मत, विधानसभा सोमवार तक के लिए स्‍थगित - 10 बातें

    राज्यपाल के दो-दो बार समय और तारीख़ तय कर देने के बावजूद कर्नाटक विधानसभा में अब तक विश्वास मत नहीं हो पाया है. दोनों पक्ष एक-दूसरे पर विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त का आरोप लगा रहे हैं. अब जेडीएस कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंची हैं. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी के बड़े भाई किसी ज्योतिषी के कहने पर इन दिनों ख़ाली पांव विधानसभा आते हैं- इस उम्मीद में कि इससे उनके भाई की सरकार बच जाएगी. उधर सरकार बचाने में जुटे कुमारस्वामी ने राज्यपाल वजूभाई वाला की दी हुई दूसरी तारीख भी नाकाम कर दी. राजयपाल वजू भाई वाला ने पहले कहा था कि गुरुवार डेढ़ बजे तक विश्वास मत हो जाए, फिर शुक्रवार का समय दिया. ये भी बताया कि उनके पास विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की शिकायत पहुंच रही है. उधर जेडीएस ने सदन में बीजेपी पर 2 गंभीर आरोप लगाए. जेडीएस विधायक श्रीनिवास गौड़ा ने आरोप लगाया कि बीजेपी के 2 विधायकों ने उन्हें पाला बदलने के लिए 5 करोड़ रुपये उनके घर पहुंचाए. पर्यटन मंत्री सारा महेश ने कहा कि जेडीएस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ ने उन्हें 30 करोड़ के ऑफर की बात कही. इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देश गुण्डु राव और मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. गुण्डु राव की अपील व्हिप पर लगी शर्तिया रोक पर है और कुमारस्वामी ने राज्यपाल के हस्तक्षेप पर सवाल उठाए हैं. कर्नाटक के राज्यपाल वाजु भाईवाला पर बीजेपी नेता फ्लोर टेस्ट के लिए दबाव बनाते रहे और राज्यपाल नई नई समय सीमा तय करते रहे. सवाल एक बार फिर नए सिरे से उठ खड़ा हुआ है कि राज्यपाल का ऐसे मामलों में हस्तछेप का अधिकार है या नहीं. कर्नाटक सरकार की तरफ से दलील दी गई कि 1999 में वाजपेयी जी सरकार को लेकर बहस और वोटिंग 10 दिन चली जबकि कर्नाटक समेत दूसरे कई राज्यों में 4 दिनों से ज्‍यादा. ऐसे में इस बार जल्दबाजी किस बात की. फिलहाल विधानसभा सोमवार 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

  • नया नहीं है कर्नाटक का 'नाटक': इन राज्यों में मच चुका है सियासी घमासान, पढ़ें ऐसे 5 किस्से

    नया नहीं है कर्नाटक का 'नाटक': इन राज्यों में मच चुका है सियासी घमासान, पढ़ें ऐसे 5 किस्से

    गुरुवार को विश्वासमत प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन एच.डी. कुमारस्वामी ने विश्वासमत हासिल नहीं किया, और स्पीकर ने चर्चा जारी रखी. इसका विरोध करते हुए BJP ने राज्यपाल से गुहार की, जिन्होंने खत लिखकर मुख्यमंत्री से विश्वासमत की प्रक्रिया को गुरुवार को निपटाने के लिए कहा, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, और शुक्रवार सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू हो जाने के बावजूद कांग्रेस ने राज्यपाल द्वारा खत लिखे जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा भी खटखटा दिया.

  • बाबरी मस्जिद मामला: SC ने ट्रायल चला रहे CBI के स्पेशल जज का बढ़ाया कार्यकाल, इस मामले में आडवाणी और उमा भारती सहित 12 हैं आरोपी

    बाबरी मस्जिद मामला: SC ने ट्रायल चला रहे CBI के स्पेशल जज का बढ़ाया कार्यकाल, इस मामले में आडवाणी और उमा भारती सहित 12 हैं आरोपी

    लखनऊ की सीबीआई अदालत में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 12 आरोपियों पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा चल रहा है. जस्टिस एसके यादव को 30 सितंबर को रिटायर होना था. जज का कार्यकाल बढ़ाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा था. यूपी सरकार ने कहा है कि राज्य में किसी जज का कार्यकाल बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है. इसलिए कोर्ट अपने अनुच्छेद 142 के तहत अधिकार के तहत ये कर सकता है.

  • बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

    बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई आज

    बाबरी मस्जिद गिराने की साजिश के मामले की सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा था कि CBI जज एसके यादव जब तक फैसला नहीं देते तब तक उन्हें रिटायर न किया जाए. इसके लिए क्या किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि जज एसके यादव के कार्यकाल को कैसे बढ़ाया जा सकता है? साथ ही कानूनी प्रावधान क्या है?

  • अयोध्या विवाद: मध्यस्थता कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी, 2 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

    अयोध्या विवाद: मध्यस्थता कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी, 2 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

    अयोध्या विवाद में मध्यस्थता कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. रिपोर्ट का ब्योरा गोपनीय रहेगा. अब इस मामले की सुनवाई 2 अगस्त को रिपोर्ट पढ़ने के बाद होगी. सीजेआई ने कहा, 'मध्यस्थता अभी चलती रहेगी.' एससी ने कहा है कि मध्यस्थता के नतीजे 31 जुलाई तक दें. बता दें कि सीजेआई रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने 11 जुलाई को इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी और कहा था कि अगर अदालत मध्यस्थता कार्यवाही पूरी करने का फैसला करती है तो 25 जुलाई से रोजाना आधार पर सुनवाई शुरू हो सकती है.

  • कर्नाटक Floor Test: व्हिप के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे कांग्रेस विधायक दल के नेता

    कर्नाटक Floor Test: व्हिप के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे कांग्रेस विधायक दल के नेता

    Karnataka Political Crisis: आंकड़ों के हिसाब से बीजेपी फिलहाल जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन से आगे है. इस्तीफा देने वाले विधायक अगर विश्वास मत से दूर रहते हैं तो सदन में कुल 209 विधायक होंगे, और बहुमत का आंकड़ा 105 रह जाएगा.

  • क्या खत्म हो जाएगा कर्नाटक का सियासी 'नाटक', क्‍या कुमारस्वामी बहुमत साबित कर पाएंगे, 12 बड़ी बातें

    क्या खत्म हो जाएगा कर्नाटक का सियासी 'नाटक', क्‍या कुमारस्वामी बहुमत साबित कर पाएंगे, 12 बड़ी बातें

    कर्नाटक में 18 जुलाई को विधानसभा में विश्वासमत से पहले बुधवार को कांग्रेस-जदएस सरकार का भविष्य अधर में लटकता दिखा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के फैसले, कि सत्ताधारी गठबंधन के भविष्य के फैसले के लिए बागी विधायकों को विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता, के बाद बागी विधायकों के सुर नरम नहीं पड़े. ऐसे में जबकि गठबंधन सरकार जरूरी संख्याबल हासिल करने के प्रयास में थी सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाया कि कांग्रेस-जदएस के बागी 15 विधायकों को जारी विधानसभा सत्र की कार्यवाही में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता. अदालत के फैसले को राजनीतिक हलकों में बागी विधायकों के लिए राहत माना गया क्योंकि इसमें स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि उन्हें एक विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेना चाहते हैं या उससे दूर रहना चाहते हैं.

  • NEWS FLASH: टीम इंडिया की चयन समिति की बैठक चली, शुक्रवार को मुंबई में होनी थी बैठक

    NEWS FLASH: टीम इंडिया की चयन समिति की बैठक चली, शुक्रवार को मुंबई में होनी थी बैठक

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  • सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त परिसर का लोकार्पण, मलबे और अन्य सामग्री से हुआ निर्माण

    सुप्रीम कोर्ट के अतिरिक्त परिसर का लोकार्पण, मलबे और अन्य सामग्री से हुआ निर्माण

    सुप्रीम कोर्ट के नए अतिरिक्त परिसर का बुधवार को लोकार्पण हुआ. अब नौ क्षेत्रीय भाषाओं में सुप्रीम कोर्ट के फैसले अनुदित होंगे. 12 एकड़ मे बने इस परिसर को 20 लाख ब्लॉक्स से बनाया गया है. यह ब्लॉक्स मलबे और अन्य मटेरियल से बनाए गए हैं.

  • व्हिप को निष्प्रभावी करने वाले न्यायालय के फैसले ने खराब न्यायिक मिसाल पेश की: कांग्रेस

    व्हिप को निष्प्रभावी करने वाले न्यायालय के फैसले ने खराब न्यायिक मिसाल पेश की: कांग्रेस

    कांग्रेस ने बुधवार को कहा कि कर्नाटक के सियासी संकट पर उच्चतम न्यायालय के फैसले ने व्हिप को अमान्य करार दे दिया है और उन विधायकों को पूर्ण संरक्षण दे दिया है जिन्होंने जनादेश के साथ विश्वासघात किया.

  • कर्नाटक संकट: SC ने कहा- सदन में शामिल होने के लिए बागी विधायकों पर ना डाला जाए दबाव

    कर्नाटक संकट: SC ने कहा- सदन में शामिल होने के लिए बागी विधायकों पर ना डाला जाए दबाव

    उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया कि कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस) के 15 बागी विधायकों को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिये बाध्य नहीं किया जायेगा. विधानसभा की कार्यव़ाही में एचडी कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार को विश्वास मत हासिल करना है.

  • कर्नाटक संकट: स्पीकर के पक्ष में SC के फैसले से कुमारस्वामी सरकार गिरेगी या बचेगी? जानें- 5 प्वाइंट्स में

    कर्नाटक संकट: स्पीकर के पक्ष में SC के फैसले से कुमारस्वामी सरकार गिरेगी या बचेगी? जानें- 5 प्वाइंट्स में

    कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. कुमारस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों की याचिका पर विचार करने के न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया था. वहीं, बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार बहुमत खो चुकी गठबंधन सरकार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन और कांग्रेस के पास क्या विकल्प हैं? कर्नाटक की सियासत में अब क्या होगा. क्या कुमारस्वामी सरकार बचेगी या गिरेगी, जानें इन पांच प्वाइंट्स में.

  • कर्नाटक संकट: आज तय होगी 14 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत, SC सुनाएगा फैसला, पढ़ें 15 बड़ी बातें

    कर्नाटक संकट: आज तय होगी 14 महीने पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत, SC सुनाएगा फैसला, पढ़ें 15 बड़ी बातें

    कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष को कांग्रेस-जद(एस) के 15 बागी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार करने का निर्देश देने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को अपना अहम फैसला सुनायेगा. इस फैसले से कर्नाटक में 14 माह पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत तय हो सकती है. शीर्ष अदालत ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया. कुमारस्वामी और विधानसभा अध्यक्ष ने बागी विधायकों की याचिका पर विचार करने के न्यायालय के अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाया. वहीं, बागी विधायकों ने आरोप लगाया कि विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार बहुमत खो चुकी गठबंधन सरकार को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं. विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि संवैधानिक पदाधिकारी होने के नाते उन्हें इन विधायकों के इस्तीफे पर पहले फैसला करने और बाद में उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग पर फैसला करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता. मुख्यमंत्री कुमारस्वामी गुरुवार को विधानसभा में विश्वासमत का प्रस्ताव पेश करेंगे और अगर विधानसभा अध्यक्ष इन बागी विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं तो उनकी सरकार उससे पहले ही गिर सकती है. हालांकि, प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता पर फैसला करने से नहीं रोक रही है, बल्कि उनसे सिर्फ यह तय करने को कह रही है क्या इन विधायकों ने स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है.

  • कर्नाटक संकट: बागी विधायक सत्र में जाने को बाध्य नहीं, अपने अनुसार फैसला लें स्पीकर- सुप्रीम कोर्ट

    कर्नाटक संकट: बागी विधायक सत्र में जाने को बाध्य नहीं, अपने अनुसार फैसला लें स्पीकर- सुप्रीम कोर्ट

    Karnataka Political Crisis: इस फैसले से कर्नाटक में 14 माह पुरानी कुमारस्वामी सरकार की किस्मत तय हो सकती है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले में सभी पक्षों की ओर से जोरदार दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

  • NEWS FLASH: कुलभूषण जाधव मामले में अब कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे : पाकिस्तान ने आईसीजे के फैसले पर कहा

    NEWS FLASH: कुलभूषण जाधव मामले में अब कानून के मुताबिक कार्रवाई करेंगे : पाकिस्तान ने आईसीजे के फैसले पर कहा

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  • कर्नाटक संकट: बागी विधायकों की याचिका पर फैसला आज, जानिए मंगलवार को कोर्ट में क्या कुछ हुआ

    कर्नाटक संकट: बागी विधायकों की याचिका पर फैसला आज, जानिए मंगलवार को कोर्ट में क्या कुछ हुआ

    कोर्ट इस मामले में बुधवार को सवेरे साढ़े दस बजे फैसला सुनाएगा. इस बीच, विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश कुमार ने न्यायालय से अनुरोध किया कि उन्हें बागी विधायकों के इस्तीफों पर निर्णय लेने के लिये बुधवार तक का वक्त दिया जाए. साथ ही उन्होंने न्यायालय से इस मामले में यथास्थिति बनाये रखने संबंधी पहले के आदेश में सुधार करने का भी अनुरोध किया. दूसरी ओर, बागी विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने न्यायालय से अनुरोध किया कि विधायकों के इस्तीफे और अयोग्यता के मुद्दे पर यथास्थिति बनाये रखने का अध्यक्ष को निर्देश देने संबंधी अंतरिम आदेश जारी रखा जाए.

  • अगर गुरुवार को गिर गई कुमारस्वामी की सरकार, तो कांग्रेस के लिए होगा एक बड़ा झटका

    अगर गुरुवार को गिर गई कुमारस्वामी की सरकार, तो कांग्रेस के लिए होगा एक बड़ा झटका

    इस गुरुवार को कर्नाटक में चल रहे नाटक का एक अध्याय पूरा हो जाएगा.कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी को उस दिन विश्वासमत हासिल करना है. जिसको लेकर वह काफी आश्वस्त दिखे. कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने बिज़नेस एडवाइजरी समिति की करीब एक घण्टे चली बैठक के बाद घोषणा की कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी वृहस्पतिवार 11 बजे विश्वासमत हासिल करेंगे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विश्वासमत हासिल करने की पहल की थी. उन्हें गुरुवार को 11 बजे विश्वासमत हासिल करने का समय दिया गया है.