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2011 world cup


'2011 world cup' - 52 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • 2011 के विश्वकप के फाइनल में आखिर किसकी सलाह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे थे चौथे नंबर पर

    2011 के विश्वकप के फाइनल में आखिर किसकी सलाह पर महेंद्र सिंह धोनी उतरे थे चौथे नंबर पर

    साल 2011 में टीम इंडिया ने जिस खिलाड़ी की अगुवाई में विश्वकप जीता था आज उसका जन्मदिन है....हम बात कर रहे हैं महेंद्र सिंह धोनी की. धोनी माने एक ऐसा खिलाड़ी जिसके बारे में उनके फैन्स कहते हैं कि अगर वह पत्थर पर ही हाथ रख दे तो वह सोना हो जाता है. कैप्टन कूल के नाम से मशहूर धोनी ने जब टीम इंडिया में शामिल होकर अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की थी तो उनके खेलने का अंदाज बेहद अलग था. वह बहुत ज्यादा आक्रामक बल्लेबाजी करते थे और चौकों-छक्कों की बरसात कर देते थे. धोनी की बल्लेबाजी परंपरागत बल्लेबाजों से एकदम अलग है और वह क्रिकेट की किताब में लिखे शॉट कम अपने ईजाद की हुई तकनीकी का इस्तेमाल करते हैं. श्रीलंका के खिलाफ जब उन्होंने 183 रनों की पारी खेली तो ऐसा लगा कि इस बल्लेबाज के आगे दुनिया की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी भी बेकार है. उन्होंने इस मैच में चमिंडा वास जैसे गेंदबाज की जमकर पिटाई की थी.

  • धोनी को रिटायर होने की जो सलाह दी जा रही है, वह कितनी जायज़ है?

    धोनी को रिटायर होने की जो सलाह दी जा रही है, वह कितनी जायज़ है?

    विश्व कप के कुछ मैचों में दूसरों की उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने की वजह से जो लोग महेंद्र सिंह धोनी को रिटायर होने की सलाह दे रहे हैं, उन्हें कुछ बातें याद दिलाना ज़रूरी है. 2005 के बाद से लगातार सचिन तेंदुलकर को सलाह दी जाती रही कि वे रिटायर हो जाएं. 2007 के विश्व कप के बाद सचिन ने लगभग तय कर लिया था कि अब वे नहीं खेलेंगे. उन तीन मैचों में वे बस 60-70 रन बना पाए थे. लेकिन तब विवियन रिचर्ड्स ने उन्हें कहा कि वे खेलते रहें, किसी की सुनने की जरूरत नहीं है. सचिन ने यह बात मानी- वनडे और टेस्ट क्रिकेट को मिलाकर सौ शतक पूरे किए, 2011 का वर्ल्ड कप टीम के साथ उठाया और अंततः एक अविश्वसनीय क्रिकेट करिअर पूरा कर बल्ला रखा.

  • भारत बनाम पाकिस्तान: विश्व कप में अभी तक भारत को मात नहीं दे पाया पाक, जानें क्या कहते हैं आंकड़ें

    भारत बनाम पाकिस्तान: विश्व कप में अभी तक भारत को मात नहीं दे पाया पाक, जानें क्या कहते हैं आंकड़ें

    दो बार की विजेता भारत ने अब तक विश्व कप में चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का छह बार सामना किया है और हर बार भारतीय टीम को सफलता मिली है. भारत ने 1983 और 2011 में विश्व कप जीता था जबकि पाकिस्तान ने 1992 में यह खिताब जीता था. भारत और पाकिस्तान के बीच 1975, 1979, 1983, 1987 में कोई मुकाबला नहीं हुआ था. पहली बार दोनों टीमें 1992 में भिड़ी थीं और भारत ने अपने पड़ोसी के खिलाफ जीत का जो सिलसिला शुरू किया था, वह आज तक कायम है.

  • Yuvraj Singh कर चुके हैं पंजाबी फिल्मों में भी काम, जानिए एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले युवी की 10 खास बातें

    Yuvraj Singh कर चुके हैं पंजाबी फिल्मों में भी काम, जानिए एक ओवर में 6 छक्के मारने वाले युवी की 10 खास बातें

    युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास (Yuvraj Singh Announces Retirement) ले लिया है. भारतीय टीम को वर्ल्‍डकप 2011 (2011 Cricket World Cup) में चैंपियन बनाने में युवराज (Yuvraj Singh) का अहम रोल रहा.

  • आज का इतिहास: उड़ते प्लेन में हुआ छेद, अंदर से ऐसे गिरने लगे थे लोग, भयावह था मंजर

    आज का इतिहास: उड़ते प्लेन में हुआ छेद, अंदर से ऐसे गिरने लगे थे लोग, भयावह था मंजर

    2 April in History: 2 अप्रैल 1986 को अमेरिका की प्रमुख विमानन कंपनी टीडब्ल्यूए के यात्री जेट विमान बोइंग 727 (Boeing 727) की एक सीट के नीचे रखा बम फटने से रोम से काहिरा जा रहे इस विमान में 11000 फुट की ऊंचाई पर उड़ते हुए बीच हवा में एक बड़ा सा सुराख हो गया और उस जगह पर बैठे चार लोग हवा के दबाव से विमान से बाहर गिर गए. इनमें आठ माह की एक बच्ची भी शामिल थी.

  • IPL 2019: ग्राउंड पर आते ही भावुक हुए युवराज सिंह, पुरानी बात बताते हुए कह दिया कुछ ऐसा, देखें VIDEO

    IPL 2019: ग्राउंड पर आते ही भावुक हुए युवराज सिंह, पुरानी बात बताते हुए कह दिया कुछ ऐसा, देखें VIDEO

    युवराज सिंह (Yuvraj Singh) इस साल आईपीएल (IPL 2019) में मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) की तरफ से खेलते दिखेंगे. युवराज सिंह (Yuvraj Singh) जैसे ही वानखेड़े ग्राउंड (Wankhede Stadium) पर पहुंचे तो वो भावुक हो गए.

  • धोनी का छक्का फिर हुआ वायरल, VIDEO ने ताज़ा कर दी 28 साल बाद मिले वर्ल्ड कप की याद

    धोनी का छक्का फिर हुआ वायरल, VIDEO ने ताज़ा कर दी 28 साल बाद मिले वर्ल्ड कप की याद

    इस वीडियो में मुम्बई में श्रीलंका और टीम इंडिया के बीच हुए 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल मैच के दौरान धोनी एक छक्का लगाते हुए टीम इंडिया को जीता देते हैं. सुशांत ने इसी सीन का वीडियो शेयर किया.

  • एमएस धोनी ने किया खुलासा: क्यों 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में युवराज सिंह से पहले करने आए थे बैटिंग

    एमएस धोनी ने किया खुलासा: क्यों 2011 वर्ल्ड कप के फाइनल में युवराज सिंह से पहले करने आए थे बैटिंग

    साल 2011 का क्रिकेट विश्वकप (2011 ICC World Cup) कौन भूल सकता है? खासकर वह विनिंग सिक्स जिसकी बदौलत टीम इंडिया 28 साल बाद वर्ल्ड क्रिकेट का सरताज बनी थी. कई सालों बाद भारतीय क्रिकेट टीम के यादगार प्रयास ने भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी थी. वर्ल्ड कप 2011 के फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) युवराज सिंह से ऊपर बैटिंग करने आए थे और जीत में अहम भूमिका निभाई थी. मगर 2011 के वर्ल्ड कप को लेकर महेंद्र सिंह धोनी ने बड़ा खुलासा किया है. यानी एमएस धोनी ने खुलासा किया है कि आखिर किसलिए वह पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले युवराज सिंह से पहले खुद बैटिंग करने आए थे. बता दें कि धोनी 79 गेंदों में 91 रन बनाकर नाबाद रहे थे और फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच भी. 

  • सौरव गांगुली बोले, किसी भी ICC वर्ल्‍डकप में जीत की दावेदार के रूप में जाती है टीम इंडिया..

    सौरव गांगुली बोले, किसी भी ICC वर्ल्‍डकप में जीत की दावेदार के रूप में जाती है टीम इंडिया..

    उन्‍होंने कहा कि भारत 2003 और 2007 में भी जीत के प्रबल दावेदार के रूप में गया था और इसके बाद 2011 में भी यही हाल था जहां वह विजेता बनने में सफल रहा था. अपनी आत्मकथा के अनावरण के मौके पर गांगुली ने कहा, "मैं दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम जैसी चीज में विश्वास नहीं करता क्योंकि हर टीम अलग परिस्थति में अलग खेलती है, लेकिन हमारे पास ऐसी टीम है जो काफी मजबूत है."

  • 2011 World Cup: इन 5 सबसे बड़े कारणों ने महेंद्र सिंह धोनी की टीम को बनाया था चैंपियन

    2011 World Cup: इन 5 सबसे बड़े कारणों ने महेंद्र सिंह धोनी की टीम को बनाया था चैंपियन

    आज का दिन भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत ही खास है. अगर आपको याद नहीं है, तो हम आपको याद दिला देते हैं. दरअसल सात साल पहले ठीक आज के ही दिन मतलब 2 अप्रैल को टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर दूसरी बार 50-50 वर्ल्ड कप चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. भारत ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर विश्व कप अपनी झोली में डाला था. और टीम इंडिया की जीत के बाद करोड़ों हिंदुस्तानी जीत के जश्न में डूब गए थे

  • एमएस धोनी के इस छक्के से भारत ने मनाई थी दीवाली, पूरा किया था सचिन तेंदुलकर का सपना

    एमएस धोनी के इस छक्के से भारत ने मनाई थी दीवाली, पूरा किया था सचिन तेंदुलकर का सपना

    2 अप्रैल 2011 को टीम इंडिया ने दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था. उस मैच को भारत शायद ही कभी भूल पाए. खासकर वो छक्का जो धोनी ने आखिरी बॉल में मारा था.

  • पाकिस्‍तान के सईद अजमल बोले, 'आज तक समझ नहीं पाया सचिन तेंदुलकर को उस मैच में आउट क्‍यों नहीं दिया गया'

    पाकिस्‍तान के सईद अजमल बोले, 'आज तक समझ नहीं पाया सचिन तेंदुलकर को उस मैच में आउट क्‍यों नहीं दिया गया'

    इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्‍यास लेने वाले पाकिस्‍तान के दिग्‍गज ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने कहा है कि वे आज तक यह बात समझ नहीं पाए हैं कि वर्ल्‍डकप2011 के सेमीफाइनल मैच में उनकी गेंद पर मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर को एलबीडब्‍ल्‍यू आउट क्‍यों नहीं दिया गया था. गौरतलब है कि वर्ल्‍डकप 2011 का सेमीफाइनल मैच मोहाली में भारत और पाकिस्‍तान की टीमों के बीच खेला गया था.

  • IND vs NZ: मुंबई वनडे के पहले MS धोनी ने यूं दिलाई वर्ल्‍डकप 2011 के उस ऐतिहासिक लम्‍हे की याद

    IND vs NZ: मुंबई वनडे के पहले MS धोनी ने यूं दिलाई वर्ल्‍डकप 2011 के उस ऐतिहासिक लम्‍हे की याद

    महेंद्र सिंह धोनी ने 2 अप्रैल 2011 को मुंबई के वानखेड़े स्‍टेडियम में नुवान कुलसेकरा की गेंद पर 'बड़ा' छक्‍का जड़ते हुए इतिहास रचा था. माही के इस छक्‍के की बदौलत टीम इंडिया ने 28 वर्ष के इंतजार के बाद फिर से वर्ल्‍डकप चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. भारत ने वर्ल्‍डकप के फाइनल में श्रीलंका को हराया था और धोनी ने 49वें ओवर में कुलसेकरा को छक्‍का जड़ते हुए शानदार अंदाज में मैच का समापन किया था.

  • फीफा अंडर-17 वर्ल्‍डकप देश में फुटबॉल का माहौल बदलकर रख देगा : बाइचुंग भूटिया

    फीफा अंडर-17 वर्ल्‍डकप देश में फुटबॉल का माहौल बदलकर रख देगा : बाइचुंग भूटिया

    भूटिया ने 1995 से 2011 तक भारत के लिये खेलने वाले भूटिया ने कहा, ‘इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से देश को फुटबॉल की लोकप्रियता बढ़ाने की मुहिम में मदद मिलेगी. अगर खिलाड़ी टूर्नामेंट में अच्छे परिणाम हासिल करते हैं तो यह देश और खिलाड़ियों के लिये भविष्य में और बेहतर करने के लिये प्रेरणादायी साबित होगा.’

  • आखिर रणतुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप फाइनल को क्यो बताया फिक्स, जानें कारण....

    आखिर रणतुंगा ने 2011 वर्ल्ड कप फाइनल को क्यो बताया फिक्स, जानें कारण....

    रणतुंगा को फाइनल के फिक्स होने का शक था, तो उन्होंने अब तक इसकी जांच की कोशिश क्यों नहीं की. इसके पीछे जो वजह है वो हम आपको बताते हैं कि आखिर इतने दिन बाद ये मुद्दा क्यों उठाया है.

  • श्रीलंका के पूर्व कप्‍तान अर्जुन रणतुंगा को वर्ल्‍डकप 2011 का फाइनल फिक्‍स होने का शक, जांच की मांग की

    श्रीलंका के पूर्व कप्‍तान अर्जुन रणतुंगा को वर्ल्‍डकप 2011 का फाइनल फिक्‍स होने का शक, जांच की मांग की

    वर्ष 2011 के क्रिेकेट वर्ल्‍डकप के फाइनल में महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्‍व वाली टीम इंडिया ने श्रीलंका को हराकर चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया था. इस मैच को पांच से अधिक वर्ष हो चुके हैं, लेकिन श्रीलंका के पूर्व कप्‍तान अर्जुन रणतुंगा चाहते हैं कि इस फाइनल मैच की जांच की जानी चाहिए.

  • सचिन तेंदुलकर को है अफसोस, काश! 14 साल पहले वर्ल्ड कप फाइनल के समय भी ऐसा ही होता, तो...

    सचिन तेंदुलकर को है अफसोस, काश! 14 साल पहले वर्ल्ड कप फाइनल के समय भी ऐसा ही होता, तो...

    साल 1983 के बाद टीम इंडिया ने साल 2011 में वनडे क्रिकेट इतिहास में दूसरी बार वर्ल्ड कप जीता था. हालांकि ऐसा नहीं है कि इससे पहले टीम चैंपियन बनने के करीब नहीं पहुंची थी, लेकिन हर बार वह किसी न किसी कारण से ऐसा नहीं कर पाई थी.

  • गौतम गंभीर ने ताजा की 'वर्ल्ड कप 2011' के फाइनल मैच की यादें, कहा- उस वक्त मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था

    गौतम गंभीर ने ताजा की 'वर्ल्ड कप 2011' के फाइनल मैच की यादें, कहा- उस वक्त मेरे दिमाग में कुछ नहीं चल रहा था

    वह ड्रेसिंग रूम में मौजूद खिलाड़ियों के अंदर का विश्वास ही था जिसने गौतम गंभीर को श्रीलंका के खिलाफ 2011 विश्व कप फाइनल में पैर जमाने के लिए मजबूर किया था.