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Caste politics


'Caste politics' - 23 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • मायावती बोलीं- PM मोदी अगड़ी जाति के थे, राजनीतिक फायदे के लिए पिछड़े वर्ग में हो गए शामिल

    मायावती बोलीं- PM मोदी अगड़ी जाति के थे, राजनीतिक फायदे के लिए पिछड़े वर्ग में हो गए शामिल

    मायावती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पहले ऊंची जाति के थे बाद में पिछड़ी जाति के बने, लेकिन कन्नौज में उन्होंने (मोदी) यह कहा है कि पिछड़ा वर्ग का होने की वजह से विरोधी लोग उन्हें नीच कहते है और बहनजी और अखिलेश ने भी नीच कहा है. बसपा (BSP) प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह आरोप काफी शरारतपूर्ण व तथ्य से बिल्कुल परे लगता है. हमने उनको कभी भी नीच नहीं कहा है. पूरे सम्मान के साथ हमने उन्हें ऊंची जाति का ही माना है, तो फिर भला उनको नीच कहने वाली बात कहां से आ गयी.

  • क्या बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष फंस सकते हैं चंदौली के जातीय चक्रव्यूह में? राजभर का नहीं साथ; सपा-बसपा साथ-साथ

    क्या बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष फंस सकते हैं चंदौली के जातीय चक्रव्यूह में? राजभर का नहीं साथ; सपा-बसपा साथ-साथ

    चंदौली यादव बाहुल्य क्षेत्र है जिनकी संख्या तकरीबन दो लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. उसके बाद दलित बिरादरी है जो कि करीब दो लाख साठ हज़ार के आसपास है. फिर पिछड़ी जाति में मौर्या हैं जिनकी संख्या एक लाख पचहत्तर हज़ार के आसपास है. ब्राह्मण, राजपूत, मुस्लिम, राजभर भी तकरीबन एक लाख से कुछ अधिक हैं.

  • VIDEO: मैं कभी जातिवाद की राजनीति नहीं करता, जैसे कि हमारे प्रधानमंत्री करते हैं: BJP विधायक

    VIDEO: मैं कभी जातिवाद की राजनीति नहीं करता, जैसे कि हमारे प्रधानमंत्री करते हैं: BJP विधायक

    उत्तर प्रदेश में एक अजीब वाकया सामने आया है. अलीगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भारतीय जनता पार्टी के ही एक विधायक ने गंभीर आरोप लगाया है.

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण: राम विलास पासवान बोले- देश में नौकरियों की कमी, प्राइवेट सेक्टर में भी हो आरक्षण, कांग्रेस ने किया समर्थन

    आर्थिक आधार पर आरक्षण: राम विलास पासवान बोले- देश में नौकरियों की कमी, प्राइवेट सेक्टर में भी हो आरक्षण, कांग्रेस ने किया समर्थन

    कांग्रेस (Congress) ने प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की राम विलास पासवान की मांग का समर्थन किया है. कांग्रेस नेता पीएल पूनिया ने कहा, 'हम प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की पासवान की मांग का समर्थन करते हैं.' इसके अलावा इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा, 'मैं प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण की राम विलास पासवान की मांग का समर्थन करता हूं. इससे गरीब पिछड़ों को फायदा होगा.'

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण : कौन सा दल है पक्ष में और कौन खड़ा है विपक्ष में? जानें- विस्तार से

    आर्थिक आधार पर आरक्षण : कौन सा दल है पक्ष में और कौन खड़ा है विपक्ष में? जानें- विस्तार से

    जनरल कैटेगरी के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला संविधान का 124वां संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया गया. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने यह विधेयक पेश किया. एक दिन पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी प्रदान की थी. आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को सोमवार को मंजूरी दी थी.  सूत्रों के अनुसार, यह कोटा मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा. सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है.  समझा जाता है कि यह आरक्षण आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे गरीब लोगों को दिया जाएगा, जिन्हें अभी आरक्षण का फायदा नहीं मिल रहा है. आरक्षण का लाभ उन्हें मिलने की उम्मीद है जिनकी वार्षिक आय आठ लाख रूपये से कम होगी और 5 एकड़ तक जमीन होगी. मोदी सरकार के इस फैसले का ज्यादातर विपक्षी दलों ने स्वागत किया है, हालांकि कुछ दलों ने सरकार की मंशा पर सवाल भी खड़े किये हैं और इसे महज चुनावी स्टंट बताया है. आइये आपको बताते हैं कि आर्थिक आधार पर आरक्षण के मुद्दे पर विभिन्न राजनैतिक दलों की क्या राय है. 

  • Top 5 News : आर्थिक आधार पर आरक्षण का विधेयक पेश, CBI मामले में मोदी सरकार को झटका

    Top 5 News : आर्थिक आधार पर आरक्षण का विधेयक पेश, CBI मामले में मोदी सरकार को झटका

    सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 फीसदी आरक्षण सुनिश्चित करने वाला संविधान का 124वां संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश कर दिया गया. केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने संविधान (124 वां संशोधन) विधेयक, 2019 पेश किया.

  • आर्थिक आधार पर आरक्षण : पर्दे के पीछे का पूरा खेल, कैसे हुआ फैसला और इसमें क्या है कांग्रेस का हाथ

    आर्थिक आधार पर आरक्षण : पर्दे के पीछे का पूरा खेल, कैसे हुआ फैसला और इसमें क्या है कांग्रेस का हाथ

    सरकार ने आज लोकसभा (Loksabha) में संविधान संशोधन बिल पेश किया. गरीब सवर्णों के लिए 10 फ़ीसदी का यह आरक्षण 50 फ़ीसदी की सीमा से अलग होगा. केंद्रीय कैबिनेट ने सोमवार को इस संशोधन को मंज़ूरी दी थी. माना जा रहा है कि सरकार ने ये क़दम बीजेपी से नाराज़ चल रहे सवर्णों के एक बड़े धड़े को लुभाने के लिए उठाया है. अब हम बताने जा रहे हैं पर्दे के पीछे का पूरा खेल, कैसे हुआ फैसला और इसमें क्या है कांग्रेस का हाथ?

  • आरक्षण बिल: लोकसभा में मोदी सरकार की आज परीक्षा, BJP ने जारी किया व्हिप, एक दिन के लिए बढ़ी राज्यसभा की कार्यवाही

    आरक्षण बिल: लोकसभा में मोदी सरकार की आज परीक्षा, BJP ने जारी किया व्हिप, एक दिन के लिए बढ़ी राज्यसभा की कार्यवाही

    भाजपा के समर्थन का आधार मानी जाने वाली अगड़ी जातियों की लंबे समय से मांग थी कि उनके गरीब तबकों को आरक्षण दिया जाए. सूत्रों के मुताबिक सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत मंगलवार को संसद में विधेयक पेश कर सकते हैं. इसे पारित करने के लिए दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है. सूत्रों ने बताया कि लोकसभा में पारित होने के बाद इसे राज्यसभा को भेजा जाएगा. भाजपा ने व्हिप जारी करके अपने सभी सांसदों से लोकसभा में रहने के लिए कहा है. वहीं, कांग्रेस ने शनिवार को अपने सांसदों को व्हिप जारी कर उनसे सोमवार और मंगलवार को संसद में मौजूद रहने को कहा था.

  • सवर्ण आरक्षण बिल को पारित करने के लिए मोदी सरकार के पास सिर्फ एक दिन!

    सवर्ण आरक्षण बिल को पारित करने के लिए मोदी सरकार के पास सिर्फ एक दिन!

    मोदी सरकार के पास सवर्णों को आरक्षण देने का विधेयक पारित करने के लिए सिर्फ एक दिन का समय है. कल यानी आठ जनवरी को संसद के शीतकालीन सत्र का आखिरी दिन है. सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के कैबिनेट में लिए गए फैसले को कानूनी जामा पहनाने के लिए कल का ही वक्त सरकार के पास है. ऐसे में संसद खुलते ही सरकार को लोकसभा में आर्थिक आधार पर सामान्य वर्ग को आरक्षण देने के लिए संशोधन विधेयक पेश करना होगा.

  • Top 5 News : लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने खेला 'मास्टर स्ट्रोक', एक मंच पर सपा-बसपा

    Top 5 News : लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने खेला 'मास्टर स्ट्रोक', एक मंच पर सपा-बसपा

    लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने 'मास्टर स्ट्रोक' खेला है. नरेंद्र मोदी सरकार (PM Modi Govt) ने आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को सरकारी नौकरी में आरक्षण (Quota for Upper Castes) देने का फैसला किया है. 

  • AAP से अलग हुए आशुतोष का केजरीवाल पर हमला, कहा- 23 साल की पत्रकारिता में किसी ने नहीं पूछी मेरी जाति, मगर...

    AAP से अलग हुए आशुतोष का केजरीवाल पर हमला, कहा- 23 साल की पत्रकारिता में किसी ने नहीं पूछी मेरी जाति, मगर...

    आम आदमी पार्टी की वरिष्ठ नेता और उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर पार्टी की प्रभारी (उम्मीदवार) आतिशी मार्लेना ने अपना नाम अब केवल आतिशी कर लिया है.

  • रामविलास पासवान ऊंची जाति के युवाओं को दिखा रहे हैं आरक्षण का सब्जबाग : शिवानंद तिवारी

    रामविलास पासवान ऊंची जाति के युवाओं को दिखा रहे हैं आरक्षण का सब्जबाग : शिवानंद तिवारी

    राष्‍ट्रीय जनता दल के उपाध्‍यक्ष और बिहार के वरिष्‍ठ नेता शि‍वानंद तिवारी ने कहा है कि रामविलास पासवान तथा सत्ताधारी गठबंधन के अन्य नेता ऊंची जाति के नौजवानों को फुसलाने के लिए उन्हें सरकारी नौकरियों में आरक्षण का सब्ज़बाग दिखा रहे हैं. सबको मालूम है कि आरक्षण का संवैधानिक आधार आर्थिक नहीं बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ापन है.

  • कास्टिंग काउच पर संसद में रहते हुए क्यों चुप्पी साधे रहीं रेणुका चौधरी : शिवसेना

    कास्टिंग काउच पर संसद में रहते हुए क्यों चुप्पी साधे रहीं रेणुका चौधरी : शिवसेना

    कास्टिंग काउच पर की गई टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी पर निशाना साधते हुए शिवसेना ने आज कहा कि उन्होंने यह मुद्दा तब क्यों नहीं उठाया जब वह सांसद थीं. रेणुका ने कहा था कि कास्टिंग काउच संस्कृति से संसद भी अछूती नहीं है. उन्होंने कहा था कि यह सिर्फ फिल्म उद्योग से जुड़ा ‘ कड़वा सच ’ नहीं है बल्कि सभी कार्य क्षेत्रों में ऐसा होता है.

  • केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : अब संसद की मंजूरी से ही बदली जा सकेगी ओबीसी सूची

    केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : अब संसद की मंजूरी से ही बदली जा सकेगी ओबीसी सूची

    केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. नरेंद्र मोदी सरकार की कैबिनेट ने जो फैसला लिया है जिससे देश की तमाम जाति आधारित नौकरियों से लेकर बाकी कई सुविधाओं में फर्क पड़ना तय है. केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार संविधान संशोधन के जरिए पिछड़ा वर्ग आयोग की जगह नया आयोग बनाया जाएगा. केंद्र सरकार के अनुसार सामाजिक शैक्षिक तौर पर पिछड़ों की नई परिभाषा होगी.

  • UP Poll 2017: विदाई से पहले शादी के जोड़े में पति संग वोट डालने पहुंची दुल्हन

    UP Poll 2017: विदाई से पहले शादी के जोड़े में पति संग वोट डालने पहुंची दुल्हन

    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग में उन्नाव के एक बूथ की एक तस्वीर सुर्खियों में रही. इस तस्वीर में नई नवेली दुल्हन अपने दूल्हे के साथ वोट डालकर बूथ से बाहर निकल रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दुल्हन ने फेरों के बाद और विदाई से पहले अपना वोट डाला. जब दुल्हन लाल रंग के शादी के जोड़े में बूथ पर पहुंची तो लोगों ने उसकी इस जागरूकता को तहे दिल से सराहा.

  • चुनावों से पहले अखिलेश यादव को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने पलटा 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का फैसला

    चुनावों से पहले अखिलेश यादव को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने पलटा 17 ओबीसी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने का फैसला

    उत्तर प्रदेश में चुनावों से ठीक पहले समाजवादी पार्टी की अखिलेश यादव सरकार ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों में शामिल करने का फैसला किया था. सरकार के इस कदम को चुनावी तोहफे के रूप में देखा जा रहा था. लेकिन मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी को बड़ा झटका दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार के 22 दिसंबर 2016 को जारी उस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है जिसके तहत इन 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति की श्रेणी में शामिल कर उन्हें अनुसूचित जाति का दर्जा देने का आदेश दिया गया था. सरकार के इस निर्णय के खिलाफ डॉ भीमराव अम्बेडकर ग्रंथालय एवं जन कल्याण समिति ने याचिका दाखिल कर नोटिफिकेशन पर रोक लगाने की मांग की थी. आज कोर्ट ने इसी याचिका पर यह फैसला सुनाया है.

  • क्या रोहित वेमुला जानता था, उसके डेथ सर्टिफिकेट से ज़्यादा अहम होगा कास्ट सर्टिफिकेट...?

    क्या रोहित वेमुला जानता था, उसके डेथ सर्टिफिकेट से ज़्यादा अहम होगा कास्ट सर्टिफिकेट...?

    रोहित वेमुला को शायद अंदाज़ा था कि लड़ाई लंबी चलने वाली है, इसीलिए लिखा था अंतिम यात्रा शांतिपूर्वक निकले. उसने शायद पहले देख लिया था कि उसे एक बुद्धि, एक मानस या किसी संभावना से काटकर उसका मूल्य एक दलित छात्र माना जाएगा, जिसे एक पक्ष गाढ़ा करेगा, दूसरा पक्ष नकारेगा. उसने शायद यह समझ लिया था कि उसके डेथ सर्टिफिकेट से ज़्यादा अहम कास्ट सर्टिफिकेट होने वाला है.

  • उत्तर प्रदेश : चुनाव के चौसर पर जाति की गोटियां बिछाने में जुटी बीजेपी

    उत्तर प्रदेश : चुनाव के चौसर पर जाति की गोटियां बिछाने में जुटी बीजेपी

    उत्तर प्रदेश में 2017 में होने वाले चुनाव के लिए बिसात बिझने लगी है। सबसे बड़ी लड़ाई जीतने के लिए इस बिसात में जाति की गोटियां बैठानी शुरू कर दी गई हैं। इसमें विकास की बात करने वाली भाजपा ने भी दौड़ में आगे निकलने के लिए पूरी ताकत के साथ रेस शुरू कर दी है।

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