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Fiscal Deficit


'Fiscal Deficit' - 40 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 7.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान: विशेषज्ञ

    चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा जीडीपी के 7.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान: विशेषज्ञ

    देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2020-21 में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 7.5 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है. विशेषज्ञों ने यह राय जताई है. उनका कहना है कि कोविड-19 महामारी की वजह से राजस्व संग्रह घटने से राजकोषीय घाटा अनुमान से कहीं ऊपर रहेगा.चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे का बजट अनुमान 3.5 प्रतिशत रखा गया है.

  • बजट के अनुसार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा केंद्र : सरकारी सूत्र

    बजट के अनुसार राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को पूरा करने में सक्षम नहीं होगा केंद्र  : सरकारी सूत्र

    अगस्‍त माह के सरकार के आंकड़े बताते हैं कि भारत का राजकोषीय घाटा वर्ष 2020-21 के वार्षिक लक्ष्‍य को पार कर गया है. जुलाई माह के अंत में राजकोषीय घाटा 8.21 लाख करोड़ रुपये थे जो इस वित्‍त वर्ष के बजटीय लक्ष्‍य को 103.1 प्रतिशत है.

  • SBI को चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा GDP के 13 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान

    SBI को चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा GDP के 13 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान

    केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में उसके तय अनुमान से कहीं आगे निकल सकता है. वर्ष के दौरान राज्यों तथा केंद्र का कुल राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 13 प्रतिशत को छू सकता है. एक रिपोर्ट में यह कहा गया है. एसबीआई रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, इस साल बाजार मूल्य पर आधारित जीडीपी के वित्त वर्ष 2018-19 के स्तर से नीचे रहने के अनुमान हैं.

  • देश का राजकोषीय घाटा बढ़कर सात साल के उच्च स्तर 4.6 प्रतिशत पर पहुंचा

    देश का राजकोषीय घाटा बढ़कर सात साल के उच्च स्तर 4.6 प्रतिशत पर पहुंचा

    राजकोषीय घाटा में वृद्धि बताता है कि कर संग्रह कम रहने के कारण सरकार की उधारी बढ़ी है.आंकड़ों के अनुसार राजस्व घाटा भी बढ़कर 2019-20 में जीडीपी का 3.27 प्रतिशत रहा जो 2.4 प्रतिशत के संशोधित अनुमान से अधिक है.

  • कोरोनावायरस की मार: कर, विनिवेश लक्ष्य से चूकेगी सरकार

    कोरोनावायरस की मार: कर, विनिवेश लक्ष्य से चूकेगी सरकार

    कोरोनावायरस संक्रमण के फैलने की वजह से सरकार चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह के लक्ष्य से चूक सकती है.  इस महामारी की वजह से मांग और आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ेंगी, जिससे अगले वित्त वर्ष यानी 2020-21 में भी सरकार के लिए राजस्व संग्रह के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा. भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पहले ही 11 साल के निचले स्तर पर आ चुकी है. ऐसे में कोरोना वायरस के चलते सरकार ने वीजा पर अंकुश लगाए हैं, जिससे पर्यटन और होटल क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

  • राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में 3.8 फीसदी रहने का अनुमान : वित्तमंत्री

    राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में 3.8 फीसदी रहने का अनुमान : वित्तमंत्री

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 3.8 फीसदी रहेगा, जो कि पूर्व अनुमान 3.3 फीसदी से अधिक है. वित्तमंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, "राजकोषीय घाटे के मसले का हर बजट में समाधान किया गया है. सरकार ने इसके लिए कर सुधार किया है. हमारा अनुमान है कि राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी का 3.8 फीसदी रहेगा और अगले वित्त वर्ष में यह जीडीपी का 3.5 फीसदी रहेगा."

  • आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    आम बजट से कहां गायब हो गए 1.7 लाख करोड़ रुपये...?

    बजट में इस्तेमाल किया गया रिवाइज़्ड एस्टिमेट बताता है कि 2018-19 के दौरान 17.3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व आया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में अपडेट किए जा चुके प्रोविज़नल आंकड़े बताते हैं कि सरकार की आय कहीं कम रही, 15.6 लाख करोड़ रुपये, यानी 1.7 लाख करोड़ रुपये कम. प्रतिशत के लिहाज़ से (GDP के प्रतिशत के रूप में कुल राजस्व) बजट में रिवाइज़्ड एस्टिमेट 9.2 फीसदी बताया गया, जबकि आर्थिक सर्वेक्षण में दिया गया अपडेटेड आंकड़ा इसे एक फीसदी कम, यानी 8.2 प्रतिशत बताता है.

  • राजकोषीय घाटा का पूर्वानुमान जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर बरकरार : वित्त मंत्रालय

    राजकोषीय घाटा का पूर्वानुमान जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर बरकरार : वित्त मंत्रालय

    चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा और देश की राजकोषीय स्थिति को मजबूत बनाने के मामले में सरकार अपनी प्रतिबद्धताओं के हिसाब से चल रही है. वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने आज ये बातें कही. 

  • राजकोषीय घाटे को 3.3% तक सीमित रखने को हम प्रतिबद्ध: वित्त मंत्री पीयूष गोयल

    राजकोषीय घाटे को 3.3% तक सीमित रखने को हम प्रतिबद्ध: वित्त मंत्री पीयूष गोयल

    वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को 3.3 प्रतिशत तक सीमित रखने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. चालू वित्त वर्ष (2018-19) के बजट में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 3.3 प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य है. 

  • राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रखने में कामयाब होगी सरकार: मूडीज

    राजकोषीय घाटे को लक्ष्य के भीतर रखने में कामयाब होगी सरकार: मूडीज

    मूडीज इनवेस्टर्स सर्विस ने कहा कि उसे उम्मीद है कि भारत चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटे को जीडीपी के 3.3 प्रतिशत पर रखने के लक्ष्य को हासिल कर लेगा. यहां तक कि बजटीय लक्ष्य को पाने के लिये पूंजी खर्च में भी कटौती की जा सकती है. हालांकि, उसने यह भी कहा कि कच्चे तेल के दाम में वृद्धि को देखते हुए पेट्रोल, डीजल पर उत्पाद शुल्क में कटौती की जाती है तो भारत की साख पर दबाव पड़ सकता है. 

  • सरकार को है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा: अधिया

    सरकार को है राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल करने का भरोसा: अधिया

    मंत्रालय ने कहा है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों से राजस्व संग्रह व्यापक रूप से लक्ष्य के अनुरूप है और मंत्रालयों द्वारा‘सामान्य तरह से बचत’ की गई है. वित्त सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि सरकार ने प्रत्यक्ष करों से 9.95 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं, जो बजट अनुमानके 9.80 लाख करोड़ रुपये से अधिक है.

  • जानिए कैसा होगा मोदी सरकार का अंतिम पूर्णकालिक बजट...

    जानिए कैसा होगा मोदी सरकार का अंतिम पूर्णकालिक बजट...

    मोदी सरकार का अंतिम पूर्णकालिक बजट एक फरवरी को वित्त मंत्री अरुण जेटली पेश करेंगे. अगले लोकसभा चुनाव के मद्देनजर माना जा रहा था कि यह बजट लोकलुभावन हो सकता है.

  • जितनी ज़ुबान चलती है, उतनी ही अर्थव्यवस्था फ़िसलती है

    जितनी ज़ुबान चलती है, उतनी ही अर्थव्यवस्था फ़िसलती है

    सरकार का आर्थिक प्रबंधन फिसलन पर है. उसका वित्तीय घाटा बढ़ता जा रहा है. सालभर यही दावा होता है कि सब कुछ नियंत्रण में है बस आख़िर में पता चलने लगता है कि वित्तीय घाटा 3.4 प्रतिशत हो गया है. वित्त वर्ष 17-18 के लिए जितनी बजट ज़रूरत तय की गई थी, उसे पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है.

  • वित्तवर्ष 2017-18 की पहली छमाही में घाटा बजट अनुमान का 91.3 प्रतिशत रहा

    वित्तवर्ष 2017-18 की पहली छमाही में घाटा बजट अनुमान का 91.3 प्रतिशत रहा

    देश का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के अंत में बजट अनुमान का 91.3 प्रतिशत तक पहुंच गया. इसका मुख्य कारण व्यय बढ़ना रहा है.

  • बजट से जुड़े मुश्किल शब्दों के अर्थ - आम आदमी की भाषा में...

    बजट से जुड़े मुश्किल शब्दों के अर्थ - आम आदमी की भाषा में...

    हर साल की तरह बजट पेश होने वाला है, और सभी की निगाहें उसी पर टिकी हुई हैं... लेकिन कभी-कभी समस्या यह हो जाती है कि बजट भाषण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों का अर्थ आम आदमी नहीं समझ पाता, सो, आज हम आपके लिए लेकर आए बजट शब्दावली, जिसमें सभी ऐसे शब्दों के अर्थ आम आदमी की भाषा में समझाए गए हैं...

  • बजट 2017 : वित्त मंत्री अरुण जेटली के लिए इन 7 बड़ी चुनौतियों से पार पाना नहीं होगा आसान

    बजट 2017 :  वित्त मंत्री अरुण जेटली के लिए इन 7 बड़ी चुनौतियों से पार पाना नहीं होगा आसान

    शेयर बाज़ार जनवरी माह में लिवाली के समर्थन के चलते वापस उसी स्तर पर आ गया है जिस स्तर पर वह नोटबंदी के पहले था. तेजी के पीछे एक बड़ी वजह यह रही है कि निवेशकों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली बजट में व्यक्तिगत और कॉर्पोरेट स्तर पर छूट देंगे. बाजार को इस बात की भी उम्मीद है कि जेटली नोटबंदी के बुरी तरह तबाह हुए इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाएंगे.

  • सितंबर महीने में निर्यात 4.62 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार घाटा नौ महीने के उच्चतम स्तर पर

    सितंबर महीने में निर्यात 4.62 प्रतिशत बढ़ा, व्यापार घाटा नौ महीने के उच्चतम स्तर पर

    दो महीने की गिरावट से बाहर निकलते हुए सितंबर महीने में निर्यात 4.62 प्रतिशत बढ़कर 22.9 अरब डॉलर रहा. इंजीनियरिंग और रत्न एवं आभूषण जैसे क्षेत्रों में अच्छी वृद्धि से निर्यात में वृद्धि दर्ज की गयी हैं पिछले वर्ष इसी महीने में निर्यात 21.8 अरब डॉलर था.

  • रघुराम राजन ने कर्ज के जरिये आर्थिक वृद्धि बढ़ाने को लेकर आगाह किया

    रघुराम राजन ने कर्ज के जरिये आर्थिक वृद्धि बढ़ाने को लेकर आगाह किया

    बजट से पहले रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने अतिरिक्त कर्ज के जरिये आर्थिक वृद्धि बढ़ाने को लेकर आगाह करते हुए कहा कि राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के रास्ते से हटना अर्थव्यवस्था की स्थिरता को नुकसान पहुंचा सकता है।

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