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GDP Growth Rate


'GDP Growth Rate' - 69 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • वित्त वर्ष 2020-21 में शून्य रह सकती है भारत की GDP वृद्धि दर, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का दावा

    वित्त वर्ष 2020-21 में शून्य रह सकती है भारत की GDP वृद्धि दर, क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस का दावा

    एजेंसी ने अपने नये पूर्वानुमान में कहा कि वित्त वर्ष 2020-21 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि शून्य रह सकती है. इसका अर्थ है कि देश की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की स्थिति इस वित्त वर्ष में सपाट रहेगी. एजेंसी ने हालांकि, वित्त वर्ष 2021-22 में वृद्धि दर के 6.6 प्रतिशत पर पहुंच जाने का अनुमान व्यक्त किया है.

  • कोरोनावायरस की मार: कर, विनिवेश लक्ष्य से चूकेगी सरकार

    कोरोनावायरस की मार: कर, विनिवेश लक्ष्य से चूकेगी सरकार

    कोरोनावायरस संक्रमण के फैलने की वजह से सरकार चालू वित्त वर्ष में राजस्व संग्रह के लक्ष्य से चूक सकती है.  इस महामारी की वजह से मांग और आर्थिक गतिविधियां सुस्त पड़ेंगी, जिससे अगले वित्त वर्ष यानी 2020-21 में भी सरकार के लिए राजस्व संग्रह के लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण होगा. भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर पहले ही 11 साल के निचले स्तर पर आ चुकी है. ऐसे में कोरोना वायरस के चलते सरकार ने वीजा पर अंकुश लगाए हैं, जिससे पर्यटन और होटल क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं.

  • देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    देश की आर्थिक वृद्धि दर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में 4.7 प्रतिशत रही

    आंकड़ों के अनुसार कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस तथा उर्वरक क्षेत्र में आलोच्य माह के दौरान गिरावट दर्ज की गयी. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी अवधि के दौरान बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर घटकर 0.6 प्रतिशत रही है जो कि एक साल पहले इसी अवधि में 4.4 प्रतिशत रही थी.

  • भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन, फ्रांस को पीछे छोड़ा: रिपोर्ट

    भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, ब्रिटेन, फ्रांस को पीछे छोड़ा: रिपोर्ट

    भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है. उसने 2019 में ब्रिटेन और फ्रांस को पीछे छोड़ दिया.

  • भारत कठिन दौर से गुजर रहा है, नीचे बनी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर: अर्थशास्त्री अजय शाह

    भारत कठिन दौर से गुजर रहा है, नीचे बनी रहेगी आर्थिक वृद्धि दर: अर्थशास्त्री अजय शाह

    उन्होंने 1991 से 2011 की अवधि को भारतीय इतिहास का स्वर्णिम काल बताया और कहा कि उस दौरान जो आर्थिक वृद्धि हुई, उससे 35 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर हुए. शाह ने अपनी पुस्तक ‘इन सर्च ऑफ द रिपब्लिक’ पर चर्चा के दौरान कहा, ‘उसके बाद निजी निवेश में कमी के साथ समस्या शुरू हुई.’ 

  • आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    आठ प्रतिशत GDP वृद्धि के लिए श्रम उत्पादकता बढ़ाने की जरूरत: इंडिया रेटिंग्स

    रेटिंग एजेंसी के मुताबिक , आर्थिक नरमी को देखते हुए निकट भविष्य में इसके हासिल होने की संभावना नहीं है. हालांकि , यह असंभव काम नहीं है. एजेंसी ने कहा," श्रम उत्पादकता में वृद्धि के इस स्तर को पहले हासिल किया जा चुका है . अन्य देशों की तरह भारत की श्रम उत्पादकता वृद्धि में भी 2008 के वित्तीय संकट के बाद खासकर 2010-11 और 2014-15 में दबाव आया है.

  • डॉ. प्रणय रॉय से बोले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन- 'अर्थव्यवस्था की यह सुस्ती मामूली नहीं'

    डॉ. प्रणय रॉय से बोले पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन- 'अर्थव्यवस्था की यह सुस्ती मामूली नहीं'

    केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियन (Arvind Subramanian) ने NDTV के डॉ. प्रणय रॉय से देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर खास बातचीत की. बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ''अर्थव्यवस्था की सुस्ती मामूली' नहीं है.

  • भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और हो सकती है मंद, मूडीज ने विकास दर का अनुमान घटाया

    भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार और हो सकती है मंद, मूडीज ने विकास दर का अनुमान घटाया

    भारतीय अर्थव्यवस्था के और सुस्त होने का अंदेशा बढ़ता जा रहा है. सोमवार को अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2019-20 के लिए भारत की जीडीपी विकास दर 5.8% से घटाकर 4.9% कर दी है.

  • सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिये मांग बढ़ाने पर ध्यान दे रही है: मुख्य आर्थिक सलाहकार

    सरकार आर्थिक वृद्धि में तेजी लाने के लिये मांग बढ़ाने पर ध्यान दे रही है: मुख्य आर्थिक सलाहकार

    मुख्य आर्थिक सलाहकार ने कहा कि अर्थव्यवस्था को गति देने के लिये बजट में निर्धारित 3.38 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय में से 66 प्रतिशत का उपयोग किया जा चुका है. रेल और सड़क मंत्रालयों ने 31 दिसंबर तक 2.46 लाख करोड़ रुपये का पूंजी व्यय किया है

  • दिसंबर तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: नोमुरा

    दिसंबर तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रहने का अनुमान: नोमुरा

    नोमुरा का मानना है कि वर्ष 2020 की पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर में मामूली सुधार होगा और यह 4.7 प्रतिशत रह सकता है. नोमुरा की मुख्य अर्थशास्त्री (भारत एवं एशिया) सोनल वर्मा ने कहा, ‘‘गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) का संकट लंबा खींच जाने के कारण घरेलू ऋण उपलब्धता की स्थिति गंभीर बनी हुई है.’’

  • भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    भारत की आर्थिक विकास दर रहेगी 5.1 प्रतिशत के करीब, क्रिसिल का अनुमान

    रिजर्व बैंक मौद्रिक नीति समिति (MPCC) की मौद्रिक नीति समीक्षा के लिये 3-5 दिसंबर को बैठक होगी. क्रिसिल का यह अनुमान जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा के 4.7 प्रतिशत अनुमान के बाद सबसे कम है. रेटिंग एजेंसी ने जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा आने के कुछ दिन बाद ही यह अनुमान जताया है.

  • अर्थव्यवस्था को लेकर यशवंत सिन्हा का हमला- 'सरकार यह कहकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही कि...'

    अर्थव्यवस्था को लेकर यशवंत सिन्हा का हमला- 'सरकार यह कहकर लोगों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रही कि...'

    पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा (Yashwant Sinha) ने आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) 'बहुत गंभीर संकट' में है और मांग लुप्त होती दिख रही है.

  • World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    World Bank के बाद IMF ने भी विकास दर के अनुमान में की कटौती, 6.1 फीसदी रहने का अनुमान

    आर्थिक मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका लग सकता है. वर्ल्ड बैंक (World Bank) के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी विकास दर अनुमान में कटौती की है. IMF ने भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि दर का अनुमान 2019 के लिए मंगलवार को घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है.

  • TOP 5 NEWS: बवाल के बाद रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना बयान, वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया

    TOP 5 NEWS: बवाल के बाद रविशंकर प्रसाद ने वापस लिया अपना बयान, वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाया

    TOP 5 NEWS विश्वबैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर रविवार को छह प्रतिशत कर दिया. वित्त वर्ष 2018-19 में वृद्धि दर 6.9 फीसदी रही थी. हालांकि, दक्षिण एशिया आर्थिक फोकस के ताजा संस्करण में विश्वबैंक ने कहा कि मुद्रास्फीति अनुकूल है और यदि मौद्रिक रुख नरम बना रहा तो वृद्धि दर धीरे-धीरे सुधर कर 2021 में 6.9 प्रतिशत और 2022 में 7.2 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है.

  • RBI ने Repo Rate में की कटौती, लोन पर ब्याज दर में हो सकती है कमी

    RBI ने Repo Rate में की कटौती, लोन पर ब्याज दर में हो सकती है कमी

    भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने Repo Rate को 25 आधार अंक घटा दिया है, और अब यह 5.40 फीसदी से 5.15 फीसदी हो गया है. रेपो रेट वह दर होती है, जिस पर RBI अन्य बैंकों को कम अवधि पर ऋण दिया करता है. इस वर्ष के दौरान लगातार पांचवीं बार रेपो रेट में कटौती की गई है, और इस कैलेंडर वर्ष में अब तक 135 आधार अंक, यानी 1.35 प्रतिशत की कमी की जा चुकी है.

  • अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के ये 12 फैसले क्या काफी हैं?

    देश की अर्थव्यवस्था को मंदी से बचाने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कोशिशें जारी हैं. पिछले 2 महीने में वित्तमंत्री की ओर से देश को मंदी की ओर जाने से रोकने के लिए कई ऐलान किए गए हैं. आज हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कारपोरेट टैक्स घटाकर 30 फीसदी से 25.2 फीसदी कर दिया है. उनके इस ऐलान के बाद शेयर बाजार में तगड़ा उछाल आया और सेंसेक्स 1600 अंकों तक पहुंच गया है. गौरतलब है कि इस तिमाही में देश की विकास दर 5 फीसदी पर पहुंच गई है. इसके बाद से मोदी सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इसे नोटबंदी और जल्दबाजी में लागू किए जीएसटी को वजह बताया. इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार को कुछ कदम उठाने की सलाह दी. मंदी का सबसे कारण घरेलू बाजार में मांग की कमी है जिसमें ग्रामीण अर्थव्यवस्था सबसे ज्यादा प्रभावित है. इसका सबसे ज्यादा असर ऑटो सेक्टर पर दिखाई दे रहा है. वहीं मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि के हालात भी ठीक नहीं है. सरकार इससे निपटने के लिए पिछले दो महीने में कई बड़े ऐलान कर चुकी है और कई फैसले भी वापस भी लिए हैं जो बजट के दौरान किए गए थे. हालांकि उसकी ओर से अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी का असर भारत पर बताया जा रहा है. इससे पहले जो ऐलान किए गए थे उसका स्वागत भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) ने भी किया है और उम्मीद जताई कि इससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी.

  • फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    फ़र्ज़ी कंपनियों का बहीखाता लेकर जीडीपी बढ़ाने का खेल पकड़ा गया

    जीडीपी का आंकड़ा बढ़ा-चढ़ा कर बताने के लिए फ़र्ज़ी कंपनियों का इस्तमाल किया गया है. नेशनल सैंपल सर्वे (NSSO) ने एक साल लगाकर एक सर्वे किया मगर उसकी रिपोर्ट दबा दी गई. पहली बार सर्विस सेक्टर की कंपनियों का सर्वे हो रहा था. इसके लिए NSSO ने कारपोरेट मंत्रालय से सर्विस सेक्टर की कंपनियों का डेटा लिया. जब उन कंपनियों का पता लगाने गए तो मालूम ही नहीं चल पाया.

  • ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    ऊंची आर्थिक वृद्धि दर के बाद भी रोजगार सृजन में राष्ट्रीय औसत से पीछे रहे 12 बड़े राज्य: रिपोर्ट

    एक रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों की जीडीपी में वृद्धि मुख्यत: ऐसे क्षेत्रों में हुई है जिनमें रोजगार के कम अवसर होते हैं. क्रिसिल की यह रिपोर्ट ऐसे समय में आयी है जब सेंटर फोर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने सिर्फ 2018 में ही 1.10 करोड़ नौकरियां समाप्त होने की बात कही है.

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