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History Of India


'History of India' - 51 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • National Education Day 2020: क्यों मनाया जाता है राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस? जानिए देश के पहले शिक्षा मंत्री के बारे में अहम बातें

    National Education Day 2020: क्यों मनाया जाता है राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस? जानिए देश के पहले शिक्षा मंत्री के बारे में अहम बातें

    National Education Day 2020: भारत में हर साल 11 नवंबर को राष्‍ट्रीय शिक्षा दिवस (National Education Day) के रूप में मनाया जाता है. दरअसल, देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद (Maulana Abul Kalam Azad) की जयंती 11 नवंबर को होती है, जिसे देश में ‘‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’’ के रूप में मनाया जाता है. शिक्षा के क्षेत्र में अप्रतिम योगदान के लिए मौलाना आजाद को साल 1922 में भारत के सर्वोच्‍च नागरिक सम्‍मान भारत रत्‍न से सम्‍मानित किया गया.

  • Gwalior Fort: ग्वालियर का किला देखने जा रहे हैं, तो उससे जुड़ी ये खास बातें भी जरूर जानें

    Gwalior Fort: ग्वालियर का किला देखने जा रहे हैं, तो उससे जुड़ी ये खास बातें भी जरूर जानें

    Gwalior Fort: रानी लक्ष्मीबाई की पुण्यतिथि 18 जून को झांसी में 1857 के विद्रोह में खोए हुए लोगों के सम्मान के लिए शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है. रानी लक्ष्मी बाई, झाँसी राज्य की एक वीर रानी, ​​1857 के विद्रोह की एक महान हस्ती थीं. उनके साहस और बहादुरी की वजह से झाँसी की रानी को ब्रिटिश शासन के प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता था.

  • National Unity Day 2020: हर साल 31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस ? क्या है महत्व ?

    National Unity Day 2020: हर साल 31 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय एकता दिवस ? क्या है महत्व ?

    National Unity Day 2020: राष्ट्रीय एकता दिवस (National Unity Day)  हर साल 31 अक्टूबर को मनाया जाता है. भारत के लौह पुरुष (Iron Man of India) - सरदार वल्लभभाई पटेल (Sardar Vallabhbhai Patel) की जयंती को मनाने के लिए भारत सरकार द्वारा साल 2014 में इस दिन की शुरुआत की गई थी. देश इस वर्ष स्वतंत्रता सेनानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 145 वीं जयंती मना रहा है.

  • World Food Day 2020: जानें क्या है विश्व खाद्य दिवस का इतिहास, थीम और स्वास्थ्य पर प्रभाव

    World Food Day 2020: जानें क्या है विश्व खाद्य दिवस का इतिहास, थीम और स्वास्थ्य पर प्रभाव

    World Food Day 2020: विश्व खाद्य दिवस (World Food Day 2020) हर साल 16 अक्टूबर को कई संगठनों द्वारा मनाया जाता है, जो खाद्य सुरक्षा से संबंधित हैं, जैसे कि अंतर्राष्ट्रीय कोष कृषि विकास, विश्व खाद्य कार्यक्रम और बहुत कुछ. यह दिन भूख से पीड़ित लोगों के लिए जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है और सभी के लिए खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार की आवश्यकता सुनिश्चित करने के लिए मनाया जाता है.

  • कहानी भारत के आन-बान और शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की

    कहानी भारत के आन-बान और शान के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की

    कहानी भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे की....देश की आन-बान और शान के प्रतीक हमारे तिरंगे का इतिहास भी उतना ही दिलचस्प है जितनी भारत की आजादी से जुड़ा घटनाक्रम है. दरअसल हमारे तिरंगे से जुड़े तथ्यों में से एक फ्रांसीसी क्रांति से भी जुड़ा माना जाता है. उस समय फ्रांस के झंडा भी तिरंगा था. 1831 में हुई फ्रांसीसी क्रांति ने नेशनल्जिम को जन्म दिया था. हालांकि इसको हिन्दी में राष्ट्रवाद कहने पर अलग-अलग मत भी सामने आते हैं. लेकिन ज्यादातर विद्वान क्रांति को ही राष्ट्रवाद का जनक मानते हैं. फ्रांस में हुए इस घटना के बाद भारत में भी 1857 की क्रांति हुई थी. 20 वीं शताब्दी में हुए स्वदेशी आंदोलन के समय भी प्रतीक के तौर एक झंडे की जरूरत महसूस की गई. इसके बाद 7 अगस्त 1906 को बंग आंदोलन में पहली बार तिरंगा फहराया गया था.

  • 27 मई का इतिहास: इसी दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का हुआ था निधन

    27 मई का इतिहास: इसी दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का हुआ था निधन

    Jawaharlal Nehru Death Anniversary: इतिहास एक दिन में नहीं बनता, लेकिन किसी एक दिन की बड़ी घटना इतिहास में एक बड़ा मोड़ ले आती है. आज 27 मई का यह दिन कहने को तो साल के बाकी दिनों की तरह एक साधारण सा 24 घंटे का दिन ही है, लेकिन इस दिन के नाम पर इतिहास की कई बड़ी घटनाएं दर्ज हैं. भारत के इतिहास की बात करें तो देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का निधन आज ही के दिन हुआ था. इसके अलावा महात्मा गांधी की हत्या का मुकदमा भी आज ही शुरू हुआ था.

  • 19 मई का इतिहास: आज ही के दिन बना था तापमान को मापने के लिए सेंटीग्रेड पैमाना

    19 मई का इतिहास: आज ही के दिन बना था तापमान को मापने के लिए सेंटीग्रेड पैमाना

    साल का 139वां दिन यानि 19 मई इतिहास में एक खास वजह से दर्ज है. अन्य बहुत सी घटनाओं का गवाह रहा यह दिन तापमान को नापने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सेंटीग्रेड पैमाने के विकास का दिन भी है. 19 मई को ही ज्यां पियरे क्रिस्टीन ने 1743 में सेंटीग्रेड तापमान पैमाना विकसित किया था. भारत के शुरुआती उद्योगपतियों में से एक जमशेदजी नुसरवान जी टाटा का निधन 19 मई को ही हुआ था और महात्मा गांधी के सीने में गोलियां दागने वाले नाथू राम गोडसे ने 19 मई के दिन इस दुनिया में कदम रखा था.

  • 18 मई का इतिहास: स्माइलिंग बुद्धा ने भारत को पहुंचाया था परमाणु संपन्न देशों की कतार में

    18 मई का इतिहास: स्माइलिंग बुद्धा ने भारत को पहुंचाया था परमाणु संपन्न देशों की कतार में

    इस विशाल जगत में हर दिन कुछ न कुछ अच्छा बुरा घटित होता रहता है. कभी धरती पर तो कभी सुदूर अंतरिक्ष में. इनमें से कुछ घटनाएं वक्त के साथ भुला दी जाती हैं और कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं इतिहास में अपना नाम दर्ज कराती हैं. 1974 में 18 मई का दिन एक ऐसी अहम घटना के साथ इतिहास में दर्ज है, जिसने भारत को दुनिया के परमाणु संपन्न देशों की कतार में खड़ा कर दिया.

  • 14 मई का इतिहास: भारत ने श्रीलंका के विद्रोही संगठन लिट्टे पर इसी दिन लगाया था प्रतिबंध

    14 मई का इतिहास: भारत ने श्रीलंका के विद्रोही संगठन लिट्टे पर इसी दिन लगाया था प्रतिबंध

    इतिहास में विभिन्न कारणों से दर्ज 14 मई के दिन ही भारत ने पड़ोसी देश श्रीलंका के विद्रोही संगठन लिट्टे पर प्रतिबंध लगाया था. भारत ने गैरकानूनी गतिविधियां संबंधी अधिनियम के तहत लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर 14 मई 1992 को प्रतिबंध लगा दिया था. यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका में भी इस संगठन पर प्रतिबंध था.

  • 13 मई का इतिहास: आजाद भारत में संसद के पहले सत्र की शुरूआत का दिन

    13 मई का इतिहास: आजाद भारत में संसद के पहले सत्र की शुरूआत का दिन

    साल के बाकी दिनों की तरह इतिहास में 13 मई का भी अपना खास मकाम है. देश के लोकतांत्रिक इतिहास में यह दिन एक मील का पत्थर है. स्वतंत्र भारत का पहला संसद सत्र 13 मई, 1952 से आहूत किया गया था. तीन अप्रैल, 1952 को पहली बार उच्च सदन यानी राज्यसभा का गठन किया गया और इसका पहला सत्र 13 मई, 1952 को आयोजित किया गया. इसी तरह 17 अप्रैल, 1952 को पहली लोकसभा का गठन किया गया जिसका पहला सत्र 13 मई, 1952 को आहूत किया गया.

  • 20 अप्रैल का इतिहास: इस दिन अमेरिका में स्कूली छात्रों ने गोलीबारी करके ली थी सहपाठियों की जान

    20 अप्रैल का इतिहास: इस दिन अमेरिका में स्कूली छात्रों ने गोलीबारी करके ली थी सहपाठियों की जान

    आज से करीब दो दशक पहले अमेरिका के इतिहास में स्कूल में गोलीबारी की भीषणतम घटना हुई, जब कोलंबाइन हाई स्कूल में पढ़ने वाले एरिक हैरिस और डायलन क्लेबोल्ड अपने साथ राइफलें, पिस्तौलें और विस्फोटक लेकर स्कूल में दाखिल हुए और अंधाधुंध गोलियां चलाकर अपने 12 सहपाठियों की जान ले ली. इस दौरान 21 लोग घायल भी हुए. इन दोनो ने तकरीबन 20 मिनट तक गोलियां चलाईं और बाद में खुद को भी गोली मार ली.

  • 31 मार्च का इतिहास: बाबा साहब भीम राव आंबेडकर को मरणोपरांत आज ही के दिन मिला था भारत रत्न

    31 मार्च का इतिहास: बाबा साहब भीम राव आंबेडकर को मरणोपरांत आज ही के दिन मिला था भारत रत्न

    Bhimrao Ramji Ambedkar: साल के 365 दिन इतिहास में तरह तरह की घटनाओं के साथ दर्ज हैं. इनमें कुछ अच्छी हैं तो कुछ बुरी. 31 मार्च का दिन भी ऐसी ही बहुत सी घटनाओं का साक्षी रहा है. ऐसी ही एक घटना की बात करें तो देश के संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर को 31 मार्च 1990 को मरणोपरांत सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करके देश और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान को नमन किया गया.

  • सिर्फ मांगने से नहीं मिली आज़ादी, क्रांतिकारियों के सशस्त्र संघर्ष ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : संजीव सान्याल

    सिर्फ मांगने से नहीं मिली आज़ादी, क्रांतिकारियों के सशस्त्र संघर्ष ने भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका : संजीव सान्याल

    भारत सरकार में प्रमुख आर्थिक सलाहकार और अपने इतिहास लेखन के लिए पहचाने वाले संजीव सान्याल ने स्वतंत्रता संघर्ष को केंद्र में रखते हुए इतिहास के पुनर्लेखन पर जोर दिया. नेता जी सुभाष बोस की 123वीं जयंती पर नई दिल्ली में आयोजित 14वें स्मृति व्याख्यान में उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम अपने आप में अनोखा था और उसमें अहिंसक आंदोलन का भी अपना महत्व था, लेकिन इसमें क्रांतिकारियों के सशस्त्र प्रयासों को नकार देना कहीं से भी ठीक नहीं है.

  • इतिहास, आलोचना और संस्कृति के तीन दिन : नेमिचंद्र जैन का जन्मशती समारोह

    इतिहास, आलोचना और संस्कृति के तीन दिन : नेमिचंद्र जैन का जन्मशती समारोह

    वह 'तार सप्तक' के कवियों में रहे और अज्ञेय के अलावा वह दूसरे कवि थे, जिन्होंने इसके प्रकाशन में सक्रिय भूमिका अदा की. वह हिन्दी नाट्यालोचना के शिखर पुरुष रहे. उन्होंने हिन्दी के संसार को रंगमंच देखना और समझना सिखाया.

  • जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर देश का नया केंद्र शासित प्रदेश बना लद्दाख, जानिए इसके बारे में

    जम्‍मू-कश्‍मीर से अलग होकर देश का नया केंद्र शासित प्रदेश बना लद्दाख, जानिए इसके बारे में

    राष्‍ट्रपति के आदेश से केंद्र सरकार ने जम्‍मू-कश्‍मीर (Jammu-Kashmir) राज्‍य में धारा 370 को हटा दिया है. गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने आज राज्‍यसभा धारा 370 हटाने का ऐलान किया. इसी के साथ अब जम्मू-कश्मीर से लद्दाख (Ladakh) को अलग कर दिया गया है.

  • कर्नाटक सरकार गिरने पर बोलीं मायावती, लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय

    कर्नाटक सरकार गिरने पर बोलीं मायावती, लोकतंत्र के इतिहास में काला अध्याय

    मायावती ने कर्नाटक विधानसभा में एच डी कुमारस्वामी के विश्वास मत हारने के कुछ ही घंटे बाद बसपा के एकमात्र विधायक को पार्टी से निष्कासित कर दिया था.

  • आज का इतिहास: 12 साल पहले आज प्रतिभा पाटिल बनीं थीं भारत की पहली महिला राष्ट्रपति

    आज का इतिहास: 12 साल पहले आज प्रतिभा पाटिल बनीं थीं भारत की पहली महिला राष्ट्रपति

    देश की महिलाओं के लिए 21 जुलाई का दिन खुश होने की एक खास वजह लेकर आया. 12 बरस पहले इसी दिन देश को प्रतिभा पाटिल के रूप में पहली महिला राष्ट्रपति मिलीं. 19 दिसंबर 1934 को जन्मीं प्रतिभा देवीसिंह पाटिल देश की 12वीं राष्ट्रपति बनीं और 2007-2012 तक वह इस पद पर रहीं.

  • सोलह साल: कुछ हसीन और कुछ ज़ालिम 

    सोलह साल: कुछ हसीन और कुछ ज़ालिम 

    आज सोलह साल हो गए. जीवन में मज़दूर दिवस एक ख़ास तारीख़ बन गई है. डेढ़ दशक जमा एक साल के इस सफ़र में कई दफे नई तारीख़ से रुबरू हुआ. नए और लुभावने मौक़ों से तार्रुफ़ हुआ, लेकिन जिसे ज़िंदगी के बेहतरीन साल समर्पित कर दिए, उससे बेवफ़ाई करने का जी नहीं चाहा. कुछ लगाव रहा और कुछ मजबूरियां भी और साथ लंबा होता चला गया.

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