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Indian history


'Indian history' - 38 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • 16 जून का इतिहास: सीरिया में मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ संघर्ष में इसी दिन हुई थी 62 शेखों की मौत

    16 जून का इतिहास: सीरिया में मुस्लिम ब्रदरहुड के साथ संघर्ष में इसी दिन हुई थी 62 शेखों की मौत

    इतिहास में 16 जून की तारीख पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं. इनमें सबसे महत्वपूर्ण घटना करीब 55 साल पुरानी है, जब रूस की एक महिला ने पहली बार अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरी. रूस की इस 26 वर्षीय महिला का नाम लेफ्टिनेंट वलेंटीना तेरेशकोवा था और उन्होंने रूस की राजधानी मोस्को से 16 जून 1963 को अंतरिक्ष यान - वोस्टोक 6 में सवार होकर अंतरिक्ष की ओर अपना सफर शुरू किया था. दुनिया में किसी भी महिला की यह अंतरिक्ष की ओर पहली उड़ान थी.

  • 15 June History: भारत के इतिहास की दुखद घटना, आज ही के दिन कांग्रेस ने अंग्रेजों के भारत के बंटवारे का प्रस्ताव स्वीकारा था

    15 June History: भारत के इतिहास की दुखद घटना, आज ही के दिन कांग्रेस ने अंग्रेजों के भारत के बंटवारे का प्रस्ताव स्वीकारा था

    देश के बंटवारे को इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में शुमार किया जाता है. यह सिर्फ दो मुल्कों का नहीं बल्कि घरों का, परिवारों का, रिश्तों का और भावनाओं का बंटवारा था. रातोरात लोगों की तकदीर बदल गई. कोई बेघर हुआ तो किसी को नफरत की तलवार ने काट डाला. किसी का भाई सीमापार चला गया तो कोई अपने परिवार को छोड़कर इस ओर चला आया. एक रात पहले तक भाइयों की तरह रहने वाले दो समुदायों के लोग हमसाए से अचानक दुश्मन बन गए और इस बंटवारे ने दोनो समुदायों के लोगों के दिलों में नफरत की ऐसी खाई खोद दी, जिसे पाटने की कोई कोशिश आज तक कामयाब नहीं हो पा रही है. बंटवारे के उस दुखद इतिहास में 15 जून का दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस ने 1947 में 14-15 जून को नयी दिल्ली में हुए अपने अधिवेशन में बंटवारे के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. आजादी की आड़ में अंग्रेज भारत को कभी न भरने वाला यह जख्म दे गए.

  • 11 जून का इतिहास : तीसरी बार ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनकर मार्गरेट थैचर ने रचा था इतिहास

    11 जून का इतिहास : तीसरी बार ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनकर मार्गरेट थैचर ने रचा था इतिहास

    आज साल के छठे महीने का 11वां दिन और जाते साल का 162वां दिन है और अब 203 दिन का सफर बाकी है.11 जून के इतिहास की बात करें तो इसी दिन देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की इच्छा के अनुरूप उनकी अस्थियों को देश की धरती पर बिखेर दिया गया था. दुनिया के इतिहास में ब्रिटेन के लिए 11 जून के दिन का खास महत्व है. दरअसल वह 11 जून का ही दिन था जब ब्रिटेन की 'लौह महिला' कही जाने वाली मार्गरेट थैचर ने तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला और देश के 160 बरस के इतिहास में यह उपलब्धि हासिल करने वाली वह पहली राजनेता बनीं.

  • 10 जून का इतिहास : भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर आज ही हासिल की थी पहली टेस्ट जीत

    10 जून का इतिहास : भारतीय क्रिकेट टीम ने लॉर्ड्स के मैदान पर आज ही हासिल की थी पहली टेस्ट जीत

    भारतीय क्रिकेट के इतिहास के लिए 10 जून के दिन का खास महत्व है. यही वह दिन है, जब भारतीय टीम को पहली बार लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्‍ट मैच में जीत हासिल हुई. कपिल देव की अगुवाई में भारतीय टीम ने 10 जून, 1986 को इंग्‍लैंड को 5 विकेट से हराकर इतिहास रचा था. लॉर्ड्स को क्रिकेट का मक्का कहा जाता है और वहां जीत दर्ज करना अपने आप में क्रिकेट के हज के बराबर है. 1986 में भारतीय टीम जब इंग्‍लैंड दौरे पर गई थी तो पहले ही टेस्‍ट मैच में ऐसी अप्रत्‍याशित जीत मिल जाएगी, यह किसी ने नहीं सोचा था.

  • 5 जून का इतिहास: सेना का ऑपरेशन ब्लूस्टार, स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान

    5 जून का इतिहास: सेना का ऑपरेशन ब्लूस्टार, स्वर्ण मंदिर में छिपे आतंकियों के खिलाफ अभियान

    जून का पहला सप्ताह और उसमें भी पांच जून का दिन देश के सिखों के जहन में एक दुखद घटना के साथ दर्ज है.भारतीय सेना ने इस दिन अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में प्रवेश किया था. सिखों के इस सर्वाधिक पूजनीय स्थल पर सेना के अभियान को ऑपरेशन ब्लू स्टार नाम दिया गया था. दरअसल देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी देश के सबसे खुशहाल राज्य पंजाब को उग्रवाद के दंश से छुटकारा दिलाना चाहती थीं, लिहाजा उन्होंने यह सख्त कदम उठाया और खालिस्तान के प्रबल समर्थक जरनैल सिंह भिंडरावाले का खात्मा करने और सिखों की आस्था के पवित्रतम स्थल स्वर्ण मंदिर को उग्रवादियों से मुक्त करने के लिए यह अभियान चलाया.

  • आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ध्वज को किया गया था स्वीकार, आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने किया था इसे डिजाइन

    आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ध्वज को किया गया था स्वीकार, आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने किया था इसे डिजाइन

    1921 में गांधीजी ने 31 मई के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ध्वज को स्वीकृत और संशोधित किया. यह मूल रूप से आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा डिजाइन किया गया था, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाल और हरे रंग की पट्टियों को स्थान दिया गया था. 

  • 22 मई का इतिहास: इसी दिन दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्‍ट पर पहुंची थीं बछेंद्री पाल

    22 मई का इतिहास: इसी दिन दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्‍ट पर पहुंची थीं बछेंद्री पाल

    इतिहास में 22 मई के दिन बहुत सी महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हैं. भारत की बछेन्द्री पाल 22 मई के ही दिन दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर एवरेस्ट पर पहुंची थीं और यह कारनामा अंजाम देने वाली वह देश की पहली महिला पर्वतारोही हैं. पर्वतारोहण और साहसिक खेलों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए बछेन्द्री पाल को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया.

  • 13 मई का इतिहास: आजाद भारत में संसद के पहले सत्र की शुरूआत का दिन

    13 मई का इतिहास: आजाद भारत में संसद के पहले सत्र की शुरूआत का दिन

    साल के बाकी दिनों की तरह इतिहास में 13 मई का भी अपना खास मकाम है. देश के लोकतांत्रिक इतिहास में यह दिन एक मील का पत्थर है. स्वतंत्र भारत का पहला संसद सत्र 13 मई, 1952 से आहूत किया गया था. तीन अप्रैल, 1952 को पहली बार उच्च सदन यानी राज्यसभा का गठन किया गया और इसका पहला सत्र 13 मई, 1952 को आयोजित किया गया. इसी तरह 17 अप्रैल, 1952 को पहली लोकसभा का गठन किया गया जिसका पहला सत्र 13 मई, 1952 को आहूत किया गया.

  • 11 मई का इतिहास: इस दिन भारत ने किया था सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का ऐलान

    11 मई का इतिहास: इस दिन भारत ने किया था सफल पोखरण परमाणु परीक्षण का ऐलान

    11 मई साल का 131वां दिन है और इतिहास में इस दिन के नाम पर बहुत सी घटनाएं दर्ज हैं. वर्ष 2000 में 11 मई के ही दिन भारत की आबादी ने एक अरब का आंकड़ा छू लिया, जब नयी दिल्ली में जन्मी एक बच्ची को देश का एक अरबवां नागरिक करार दिया गया. यह दिन देश के इतिहास में एक और खास घटना के साथ दर्ज है. 11 मई 1998 को भारत सरकार ने पोखरण में सफलतापूर्वक परमाणु परीक्षण करने का ऐलान किया था.

  • 24 अप्रैल का इतिहास: इसी दिन हुआ था क्रिकेट के योद्धा सचिन तेंदुलकर का जन्म

    24 अप्रैल का इतिहास: इसी दिन हुआ था क्रिकेट के योद्धा सचिन तेंदुलकर का जन्म

    Sachin Tendulkar Birthday: इतिहास के पन्नों में दर्ज 365 दिन किसी न किसी वजह से खास हैं. भारत की बात करें तो सचिन तेंदुलकर को भगवान की तरह मानने वाले इस देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए 24 अप्रैल का दिन किसी उत्सव से कम नहीं है क्योंकि सचिन तेंदुलकर का जन्म 1973 में इसी दिन हुआ था. दुनिया के सर्वश्रेष्ठ सर्वकालिक बल्लेबाज माने जाने वाले सचिन रमेश तेंदुलकर ने बहुत छोटी उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू किया था

  • 23 अप्रैल का इतिहास: आज है फिल्म और साहित्य की दोहरी क्षति का दिन

    23 अप्रैल का इतिहास: आज है फिल्म और साहित्य की दोहरी क्षति का दिन

    साल के 113वें दिन यानी 23 अप्रैल को साहित्य और सिनेमा को दोहरा नुकसान हुआ था. अंग्रेजी साहित्य के महान कवि और नाटककार विलियम शेक्सपियर की मौत 23 अप्रैल को ही हुई थी और भारतीय सिनेमा के बेहतरीन निर्देशकों में शुमार सत्यजीत रे भी 23 अप्रैल के ही दिन इस दुनिया को अलविदा कह गए थे. इस दिन की एक और बड़ी घटना की बात करें तो वह यूट्यूब से जुड़ी है. दुनियाभर में सोशल नेटवर्किंग के सबसे सशक्त माध्यमों में शुमार यूट्यूब पर आज ही के दिन पहला वीडियो अपलोड किया गया था.

  • 16 अप्रैल का इतिहास: इसी दिन देश में मुंबई से ठाणे के बीच चली थी पहली रेल गाड़ी

    16 अप्रैल का इतिहास: इसी दिन देश में मुंबई से ठाणे के बीच चली थी पहली रेल गाड़ी

    आज भले ही सुपरफास्ट, बुलेट ट्रेन का जमाना हो, लेकिन भारतीय रेलवे के इतिहास में 16 अप्रैल के दिन की खास अहमियत है और हमेशा रहेगी. दरअसल 1853 को 16 अप्रैल के दिन देश में पहली रेल चली थी साल का यह 106वां दिन एक और कारण से भी सदा याद किया जाएगा. दूसरे विश्व युद्ध की त्रासदी के बीच दुनिया को हंसाने वाले चार्ली चैपलिन का जन्म आज ही के दिन हुआ था.

  • 9 अप्रैल का इतिहास: जब अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खत्‍म किया था अपना अनशन

    9 अप्रैल का इतिहास: जब अन्ना हजारे ने भ्रष्टाचार के खिलाफ खत्‍म किया था अपना अनशन

    अनशन और आंदोलन जैसे शब्द आजकल कम सुनाई देते हैं, लेकिन 9 अप्रैल के दिन का हाल के वर्षों के एक चर्चित अनशन से गहरा नाता है. सामाजिक कार्यकर्ता और देश में भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की अलख जगाने वाले अन्ना हजारे ने 2011 को दिल्ली के रामलीला मैदान में धुआंधार तरीके से अनशन किया था और 9 अप्रैल को अपने इस अनशन का समापन किया था. उनके इस भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि कभी उनके सहयोगी रहे अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के तख्तो ताज तक पहुंचने का रास्ता इसी आंदोलन से निकला था.

  • NIF Fellowship: भारत के इतिहास पर लिखिए और हर महीने कमाएं डेढ़ लाख रुपये

    NIF Fellowship: भारत के इतिहास पर लिखिए और हर महीने कमाएं डेढ़ लाख रुपये

    NIF Fellowship 2020: आमतौर पर कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें इतिहास पढ़ने और उसको अपने शब्दों में बयां करने का काफी शौक होता है. लेकिन उन लोगों को ये नहीं पता होता कि लिखने के बाद अपने लेख का क्या करें. आपको बता दें कि न्यू इंडिया फाउंडेशन (New India Foundation) एक ऐसी संस्था हो जो हर साल लेखकों और स्कॉलरों को भारत के इतिहास के बारे में लिखने के लिए आमंत्रित करती है और विजयी उम्मीदवारों को लाखों के ईनाम से भी सम्मानित करती है.

  • बिना मैच खेले इंडियन महिला क्रिकेट टीम पहुंची फाइनल में, तो अनुष्का शर्मा ने किया ट्वीट, कही यह बात...

    बिना मैच खेले इंडियन महिला क्रिकेट टीम पहुंची फाइनल में, तो अनुष्का शर्मा ने किया ट्वीट, कही यह बात...

    अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) ने लिखा:  "बारिश ने खेल खराब कर दिया, जब हम सभी एक अच्छे मैच का गवाह बनना चाहते थे. और हमारी लड़कियों को फाइनल के लिए  क्वालीफाई करते देखना चाहते थे. लेकिन फिर भी हम पहुंच गए अब हम इसे दोनों हाथों से पकड़ेंगे. अब 8 मार्च का इंतजार नहीं होता."

  • 4 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन भारत में शुरू हुआ था पहले एशियाई खेलों का आयोजन

    4 मार्च का इतिहास: आज ही के दिन भारत में शुरू हुआ था पहले एशियाई खेलों का आयोजन

    इतिहास में 4 मार्च का दिन भारत में पहले एशियाई खेलों के आयोजन से जुड़ा है. 1951 में 4 से 11 मार्च के बीच नई दिल्ली में पहले एशियाई खेलों का आयोजन किया गया था. इन खेलों में 11 एशियाई देशों के कुल 489 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. खेलों का आयोजन 1950 में किया जाने वाला था, लेकिन तैयारियों के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाने के कारण आयोजन का वर्ष 1951 कर दिया गया.

  • 'बदलाव और निरंतरता वाला शहर है दिल्ली'

    'बदलाव और निरंतरता वाला शहर है दिल्ली'

    दिल्ली भारत की राजधानी के अलावा तेजी से बढ़ता हुआ एक शहर है. इस शहर की अपनी एक संस्कृति है, एक अलग रंग है, एक अलग बनावट है. दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्रों पर कई किताबे लिखी जा चुकी है. लेकिन पूरे दिल्ली के इतिहास को एक जगह समग्र रुप में नहीं लिखा गया था. दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास की प्रोफेसर डॉ. मनीषा चौधरी ने दिल्ली के इतिहास पर अपनी एक किताब लिखी है(Delhi A History).

  • 20 फरवरी का इतिहास: रेलवे ने आज ही दिन शुरू की थी कंप्यूटर से टिकट आरक्षण प्रणाली की शुरूआत

    20 फरवरी का इतिहास: रेलवे ने आज ही दिन शुरू की थी कंप्यूटर से टिकट आरक्षण प्रणाली की शुरूआत

    कंप्यूटर को मानव इतिहास के चंद सबसे महत्वपूर्ण अविष्कारों में शुमार किया जाता है. इसके होने से हजारों लाखों आंकड़ों का संकलन और संचालन बड़ी सहजता से हो जाता है. भारतीय रेलवे ने 20 फरवरी 1986 को कंप्यूटर से रेलवे टिकट आरक्षण प्रणाली की शुरूआत की.

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