NDTV Khabar

Rajya Sabha


'Rajya Sabha' - more than 1000 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • UP-उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान, 9 नवंबर को होगी वोटिंग 

    UP-उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का ऐलान, 9 नवंबर को होगी वोटिंग 

    चुनाव आयोग ने आधिकारिक बयान में कहा गया है कि "दो राज्यों में पर्यवेक्षक के रूप में मुख्य निर्वाचन अधिकारियों" को नियुक्त किया गया है. दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिया गया है कि चुनाव के आयोजन की व्यवस्था करते समय COVID-19 रोकथाम उपायों के बारे में निर्देशों को सुनिश्चित करने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती की जाए." 

  • राहुल गांधी का वार- किसानों के लिए मौत की सजा है कृषि कानून, भारत में मर चुका है लोकतंत्र 

    राहुल गांधी का वार- किसानों के लिए मौत की सजा है कृषि कानून, भारत में मर चुका है लोकतंत्र 

    राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में कहा, "कृषि क़ानून हमारे किसानों के लिए मौत की सज़ा हैं. उनकी आवाज़ संसद के अंदर और बाहर कुचल दी गयी है. ये इस बात का प्रमाण है कि भारत में लोकतंत्र मर चुका है." 

  • कृषि विधेयकों को प्रक्रिया के अनुसार पारित किया गया : हरिवंश

    कृषि विधेयकों को प्रक्रिया के अनुसार पारित किया गया : हरिवंश

    राज्यसभा (Rajya Sabha) के उप सभापति हरिवंश (Harivansh) ने रविवार को अपना रुख दोहराया कि 20 सितंबर को कृषि विधेयकों (Agriculture Bills) को प्रक्रिया के अनुसार पारित कराया गया था और विपक्ष द्वारा मत विभाजन की मांग को नहीं माना गया क्योंकि सदन में हंगामा होने के कारण व्यवस्था नहीं थी. इस बारे में आई एक मीडिया रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उप सभापति ने कहा, '' नियमों और चलन के अनुसार, मत विभाजन के लिए दो चीजें आवश्यक हैं. पहला कि मत विभाजन की मांग की जानी चाहिए और इतना ही महत्वपूर्ण यह भी है कि सदन व्यवस्थित तरीके से चल रहा हो.''

  • राज्यसभा में नियम तोड़ने के मुद्दे पर विवाद, उप सभापति ने तथ्य रखे सामने

    राज्यसभा में नियम तोड़ने के मुद्दे पर विवाद, उप सभापति ने तथ्य रखे सामने

    राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश सिंह ने उन मीडिया रिपोर्टों से इनकार किया कि जिनमें दावा किया गय था कि 20 सितंबर को कृषि बिलों पर मतदान के दौरान नियमों का उल्लंघन किया गया था. मीडिया को एक नोट में, सिंह ने कहा कि वह "तथ्यों को सीधा-सीध रखना" चाहेंगे और घटना की मिनट-दर-मिनट जानकारी देना चाहेंगे. साथ ही सीपीएम के केके रागेश और डीएमके के तिरुचि सिवा द्वारा दिए गए प्रस्तावों के वीडियो अंश भी मीडिया के सामने रखना चाहेंगे. दोनों सदस्यों द्वारा फिजिकल वोटिंग के आह्वान को नकार दिया गया था और ध्वनि मत के बाद उनके प्रस्ताव नहीं माने गए थे.

  • किसान बिल पर वोटिंग को लेकर सरकार ने तोड़े नियम? सरकार के दावे से अलग कहानी बयां करता राज्यसभा का VIDEO

    किसान बिल पर वोटिंग को लेकर सरकार ने तोड़े नियम? सरकार के दावे से अलग कहानी बयां करता राज्यसभा का VIDEO

    NDTV को मिली फुटेज में बिलों के पारित होने के समय सदन की कार्यवाही के दौरान नियमों का पालन करने को लेकर सरकार के बयान पर सवाल खड़े हो रहे हैं. दरअसल राज्यसभा नियमावली के नियम-37 के अनुसार, सभापति सदन की कार्यवाही की समय सीमा में बदलाव सबकी सहमति से 'सेन्स ऑफ द हाउस' लेकर ही कर सकते हैं. कृषि बिलों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता ने यह सवाल उठाया था लेकिन सभापति ने उसे नहीं माना.

  • निलंबित राज्यसभा सांसद केके रागेश ने उपसभापति हरिवंश को लिखी खुली चिट्ठी- 'लोग बार-बार बेवकूफ नहीं बनेंगे'

    निलंबित राज्यसभा सांसद केके रागेश ने उपसभापति हरिवंश को लिखी खुली चिट्ठी- 'लोग बार-बार बेवकूफ नहीं बनेंगे'

    सीपीआई (एम) के सांसद केके रागेश ने अपनी चिट्ठी में उपसभापति को उनकी चाय की कूटनीति पर बधाई दी लेकिन कहा कि 'ऐसी नौटंकी से लोगों को बार-बार धोखा नहीं दिया जा सकता.' और यह भी कहा कि 'राजनीतिक बराबरी को आत्मसात' करने को लेकर उनका रुख 'दोहरा (हिपोक्रिटिकल)' था.

  • हरिवंश निशाने पर क्यों...?

    हरिवंश निशाने पर क्यों...?

    हरिवंश की आलोचना इसलिए हो रही है कि उन्होंने मत विभाजन क्यों नहीं कराया और सदन का कामकाज आगे बढ़ाने के लिए आम राय क्यों नहीं बनाई. वह चाहते, तो सदन कुछ देर के लिए स्थगित कर मत विभाजन का प्रयास कर सकते थे.

  • लोकसभा का मानसून सत्र समाप्त, असाधारण हालात में बने कई रिकॉर्ड

    लोकसभा का मानसून सत्र समाप्त, असाधारण हालात में बने कई रिकॉर्ड

    संसद (Parliament) का मॉनसून सत्र (Monsoon session) इसकी तय अवधि से पहले समाप्त हो गया. बुधवार को दोपहर में राज्यसभा (Rajya Sabha) का सत्रावसान हो गया और शाम को लोकसभा (Lok Sabha) को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया. इस बार कोविड-19 (Covid-19) की छाया के बीच चले संसद के मानसून सत्र में लोकसभा ने इतिहास रच दिया. मानसून सत्र में लोकसभा की कार्य उत्पादकता 167 प्रतिशत रही जो लोकसभा के किसी भी सत्र में सर्वाधिक है. दस दिन चले सत्र में 25 विधेयक पारित किए गए तथा कई अन्य रिकॉर्ड भी बने.

  • विपक्ष रहा गैरमौजूद, राज्यसभा में दो दिन में 15 विधेयक पारित हो गए

    विपक्ष रहा गैरमौजूद, राज्यसभा में दो दिन में 15 विधेयक पारित हो गए

    सरकार ने विपक्ष के बहिष्कार के बावजूद राज्यसभा (Rajya Sabha) में पिछले सिर्फ दो दिनों में 15 बिल पारित करा लिए. बुधवार को राज्यसभा में आठ बिल पारित हुए जिनमें श्रम सुधार से जुड़े तीन विवादित लेबर कोड बिल (Labor code bills) शामिल हैं. आरएसएस (RSS) से जुड़े भारतीय मज़दूर संघ ने कहा है कि सरकार ने जल्दबाजी में ये बिल पारित कराए हैं और उनकी मांगों को सरकार ने बिल में शामिल नहीं किया है.

  • राष्ट्रपति से मिले विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, कहा- कृषि विधेयक वापस लिए जाएं

    राष्ट्रपति से मिले विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, कहा- कृषि विधेयक वापस लिए जाएं

    कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) से मुलाकात की. विपक्षी दल विवादास्पद कृषि विधेयकों (Farm bills) के खिलाफ विरोध जारी रखे हैं. इन विधेयकों को संसद में मंजूरी दे दी गई है. राज्यसभा में विपक्ष के नेता आज़ाद और राष्ट्रपति के बीच बैठक विपक्षी दलों द्वारा संसद की र्कायवाही  का बहिष्कार शुरू करने के एक दिन बाद हुई है. कांग्रेस (Congress) नेता गुलाम नबी आजाद ने राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कहा कि सरकार को कृषि संबंधी विधेयक लाने से पहले सभी दलों, किसान नेताओं के साथ विचार-विमर्श करना चाहिए था. 

  • किसान बिलों के विरोध में आज राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी में विपक्ष, पढ़ें- अब तक की 10 बड़ी बातें

    किसान बिलों के विरोध में आज राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी में विपक्ष, पढ़ें- अब तक की 10 बड़ी बातें

    केंद्र की एनडीए सरकार के तीन किसान बिलों पर जबरदस्त हंगामा मचा हुआ है. ये तीनों बिल संसद के दौनों सदनों में पास किए जा चुके हैं. अब इनके कानून बनने में बस राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के एक हस्ताक्षर भर की जरूरत है. इन बिलों के विरोध में विपक्षी पार्टियां पूरी तरह से लामबंद हैं. विपक्ष ने मंगलवार को विरोध में राज्यसभा का बहिष्कार करने का ऐलान किया था. अब इसके बाद वो राष्ट्रपति से मुलाकात करने की तैयारी कर रहे हैं. विपक्ष चाहता है कि राष्ट्रपति इन बिलों पर हस्ताक्षर न करके इन्हें लौटा दें. बस विपक्ष ही नहीं, देश के कई राज्यों में किसानों और किसान संघों का भी इन विधेयकों के खिलाफ गुस्सा दिख रहा है. विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आज़ाद आज शाम पांच बजे राष्ट्रपति से मुलाकात करने वाले हैं.

  • विपक्ष के बहिष्कार के बीच राज्यसभा में 3 लेबर कोड बिल पारित, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया सदन

    विपक्ष के बहिष्कार के बीच राज्यसभा में 3 लेबर कोड बिल पारित, अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया सदन

    संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) जारी है. कृषि व अन्य विधेयकों को लेकर विपक्षी दल केंद्र सरकार पर हमलावर हैं और सभी दल सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर रहे हैं. विपक्षी दलों के सदन की कार्यवाही के बॉयकॉट के बावजूद राज्यसभा (Rajya Sabha) में आज (बुधवार) तीन लेबर कोड बिलों (Labour Code Bills) को पारित कर दिया गया है.

  • Parliament Monsoon Session Live Update: अनिश्चित काल के लिए राज्यसभा स्थगित

    Parliament Monsoon Session Live Update: अनिश्चित काल के लिए राज्यसभा स्थगित

    Parliament Monsoon Session Live Update:  कोरोना वायरस महामारी के साये में आयोजित राज्यसभा का ‘‘ऐतिहासिक’’ मानसून सत्र बुधवार को अपने निर्धारित समय से करीब आठ दिन पहले अनिश्चित काल के लिए स्थगित हो गया. छोटी सी अवधि होने के बावजूद सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया जबकि हंगामे के कारण आठ विपक्षी सदस्यों को रविवार को शेष सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया. सभापति एम वेंकैया नायडू ने सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा क्योंकि इस दौरान उच्च सदन के सदस्यों को बैठने की नयी व्यवस्था के तहत पांच अन्य स्थानों पर बैठाया गया. ऐसा उच्च सदन के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ. इसके अलावा सदन ने लगातार दस दिनों तक काम किया. शनिवार और रविवार को सदन में अवकाश नहीं रहा. 

  • विपक्षी दलों पर बरसीं मायावती, बोलीं- संसद में उनका बर्ताव लोकतंत्र को शर्मसार करनेवाला

    विपक्षी दलों पर बरसीं मायावती, बोलीं- संसद में उनका बर्ताव लोकतंत्र को शर्मसार करनेवाला

    रविवार (20 सितंबर) को राज्यसभा में किसान बिल पारित कराने के दौरान विपक्षी सांसदों ने काफी शोर-शराबा और हंगामा किया था. टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने तो उप सभापति के आसान के पास जाकर रूल बुक तक फाड़ दी थी.

  • 'मेरी मानो नहीं तो दफा हो' वाला रवैया स्वीकार्य नहीं : नायडू ने विपक्ष के बहिष्कार पर कहा

    'मेरी मानो नहीं तो दफा हो' वाला रवैया स्वीकार्य नहीं : नायडू ने विपक्ष के बहिष्कार पर कहा

    राज्यसभा (Rajya Sabha) के सभापति एम वेंकैया नायडू ( M. Venkaiah Naidu) ने सदन में विपक्ष के सदस्यों के हंगामे के बीच उप सभापति हरिवंश (Harivansh) द्वारा दिखाये गये संयम की सराहना की तथा विरोध कर रहे नेताओं के आचरण को नामंजूर करते हुए कहा ‘‘मेरी मानो नहीं तो दफा हो’’ वाला रवैया स्वीकार नहीं किया जा सकता.

  • डिप्टी स्पीकर की 'चाय डिप्लोमेसी', कृषि सुधार के तीसरे बिल समेत सात विधेयक पारित

    डिप्टी स्पीकर की 'चाय डिप्लोमेसी', कृषि सुधार के तीसरे बिल समेत सात विधेयक पारित

    कृषि सुधार (Agricultural Reform) से जुड़े विधेयकों के खिलाफ राज्यसभा (Rajya Sabha) में अपना विरोध जताने आठ निलंबित सांसद रात भर संसद (Parliament) परिसर में ही रहे. सुबह-सुबह राज्यसभा के उप सभापति चाय लेकर उनके पास पहुंचे. लेकिन उनकी चाय डिप्लोमेसी निलंबित सांसदों की नाराजगी दूर नहीं कर सकी. सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो विपक्ष की ओर से सासंदों का निलंबन वापस लेने की मांग उठी. सरकार की ओर से बिना शर्त माफी मांगने पर निलंबन खत्म करने की पेशकश की गई जिस पर विपक्ष राजी नहीं है. इसी दौरान सरकार ने कृषि सुधार से जुड़े तीसरे बिल सहित सात विधेयक पारित करा लिए.

  • राज्‍यसभा ने कृषि सुधार के तीसरे बिल सहित सात बिलों को दी मंजूरी

    राज्‍यसभा ने कृषि सुधार के तीसरे बिल सहित सात बिलों को दी मंजूरी

    रविवार को दो कृषि विधेयक को पारित करने की प्रक्रिया के दौरान राज्‍यसभा में विपक्षी सांसदों ने जमकर हंमामा किया था, जिसके फलस्‍वरूप आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया था, जो कल दिन से ही संसद परिसर में धरने पर बैठे हुए हैं.

  • पाकिस्‍तान ने भारत के जलक्षेत्र में ही मौजूद 56 मछुआरों को पकड़ा, उन्‍हें वापस लाए सरकार: कांग्रेस सांसद

    पाकिस्‍तान ने भारत के जलक्षेत्र में ही मौजूद 56 मछुआरों को पकड़ा, उन्‍हें वापस लाए सरकार: कांग्रेस सांसद

    कांग्रेस के कुमार केतकर ने कहा कि हाल ही में पाकिस्तानी नौवहन एजेंसी ने 56 भारतीय मछुआरों को पकड़ लिया जो अपने ही जलक्षेत्र में थे. उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. पाकिस्तानी नौवहन एजेंसी अब तक 270 भारतीय मछुआरों को पकड़ चुकी है और मछली पकड़ने की 1200 से अधिक नौकाएं वह अपने कब्जे में कर चुकी है.

Advertisement

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com