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Sahitya Akademi Award


'Sahitya Akademi Award' - 23 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    अपने ही घर में मृत पाए गए साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता डॉ जी नंजुंदन

    डॉ. नंजुंदन की ख्याति दर्जनों कन्नड़ किताबों को तमिल में अनुवाद करने की वजह से मिली. इन किताबों में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता यू आर अनंतमूर्ति की कृति "भाव" और "अवस्थे" शामिल है. उन्हें साल 2012 में "अक्का" के लिए अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला. यह विभिन्न कन्नड़ लेखिकाओं की लघु कथा है जिसे उन्होंने तमिल में अनुवाद किया है. 

  • नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    नंदकिशोर आचार्य को साहित्य अकादेमी सम्मान की ख़बर के बहाने

    इस साल अपने कविता संग्रह 'छीलते हुए अपने को' के लिए साहित्य अकादेमी से सम्मानित नंदकिशोर आचार्य बीते तीन वर्षों में अकादेमी सम्मान प्राप्त हिंदी के सबसे युवा लेखक हैं- महज 74 साल के. वरना बीते साल यह सम्मान 75 साल की चित्रा मुद्गल को मिला और उसके पहले वाले साल 86 साल के रमेश कुंतल मेघ को.

  • नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    नहीं रहीं मशहूर लेखिका कृष्णा सोबती

    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.

  • कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    कृष्णा सोबती बहुत याद आएगा आपका जादुई व्यक्तित्व और बेबाकपन

    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.

  • साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    साहित्य अकादमी को हिंदी प्रकाशन के लिए मिला FICCI पुरस्कार

    फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FICCI) ने साहित्य अकादमी को अपना 'बुक ऑफ द ईयर' प्रकाशन पुरस्कार प्रदान किया है. यह पुरस्कार साहित्य अकादमी के शीर्षक 'नागफनी वन का इतिहास' के लिए दिया गया है.

  • बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बच्चों के लिए हिन्दी में लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है : स्वयं प्रकाश

    बाल साहित्य के लिए इस बार साहित्य अकादमी का पुरस्कार पाने वाले वरिष्ठ कहानीकार स्वयं प्रकाश का कहना है कि हिन्दी में बच्चों के लिए लिखने को दूसरे दर्जे का काम समझा जाता है.

  • पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    पी. जयरामन सहित 22 को दिया जाएगा साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार

    तमिल, हिन्दी और संस्कृत के विद्वान और लेखक पी. जयरामन सहित 22 भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा. अकादमी के सचिव के. श्रीनिवासन राव ने बताया कि अकादमी के अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी मंडल की बैठक में 22 भारतीय भाषाओं के अनुवादकों को वर्ष 2016 का 'साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार' दिया जायेगा.

  • लेखक का कोई धर्म नहीं होता: नासिरा शर्मा

    लेखक का कोई धर्म नहीं होता: नासिरा शर्मा

    1948 में उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में जन्मीं नासिरा शर्मा उपन्यास 'पारिजात' के लिए साहित्य अकादमी पुस्कार से सम्‍मानित किया गया. उनकी 10 कहानी संकलन, 6 उपन्यास और 3 निबंध संग्रह प्रकशित हैं. वह हिंदी के अलावा फारसी, अंग्रेजी, उर्दू और पोश्तो भाषाओं पर भी अच्छी पकड़ रखती हैं.

  • साहित्य अकादमी के पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है: राव

    साहित्य अकादमी के पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है: राव

    देश में कथित असहिष्णुता को लेकर साहित्य अकादमी का पुरस्कार लौटाने वालों के पुरस्कार और उनके चेक अकादमी के पास जस के तस ही पड़े हैं क्योंकि उनके पास पुरस्कार वापस लेने का कोई प्रावधान ही नहीं है. साहित्य अकादमी के सचिव के श्रीनिवास राव ने कहा कि 2015 में जो कुछ हुआ वह अकादमी के 60 साल के इतिहास में पहली बार हुआ था.

  • नासिरा शर्मा की कहानियों में रहती है स्त्री-पुरुष संबधों की प्रमुखता

    नासिरा शर्मा की कहानियों में रहती है स्त्री-पुरुष संबधों की प्रमुखता

    साहित्य अकादमी ने बुधवार को 24 भारतीय भाषाओं के रचनाकारों को साहित्य अकादमी पुरस्कार देने की घोषणा की. हिंदी में इस वर्ष साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रसिद्ध लेखिका नासिरा शर्मा को उनके उपन्यास 'परिजात' के लिए दिया जाएगा.

  • हिन्दी में नासिरा शर्मा, उर्दू में निजाम सिद्दीकी और अंग्रेजी में जेरी पिंटो को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    हिन्दी में नासिरा शर्मा, उर्दू में निजाम सिद्दीकी और अंग्रेजी में जेरी पिंटो को साहित्य अकादमी पुरस्कार

    इस वर्ष साहित्य अकादमी का प्रतिष्ठित पुरस्कार हिन्दी के लिए नासिरा शर्मा, उर्दू के लिए निज़ाम सिद्दीकी, अंग्रेजी के लिए जेरी पिंटो और संस्कृत के लिए सीतानाथ आचार्य शास्त्री सहित 24 भाषाओं के रचनाकारों को देने का ऐलान किया गया.

  • मलयाली उपन्यासकार यू के कुमारन को मिलेगा वायलार पुरस्कार

    मलयाली उपन्यासकार यू के कुमारन को मिलेगा वायलार पुरस्कार

    प्रख्यात मलयाली उपन्यासकार और लघुकथा लेखक यू के कुमारन को उनके उपन्यास ‘तक्षणकुन्नू स्वरूपम’ के लिए इस साल का नामी वायलार पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है.

  • उदय प्रकाश ने भी कहा, मैं साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने नहीं जा रहा

    उदय प्रकाश ने भी कहा, मैं साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने नहीं जा रहा

    हिन्दी कवि उदय प्रकाश ने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार वापस लेने से इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि ‘अवार्ड वापसी’ अभियान में शामिल लेखकों को अवार्ड फिर से स्वीकार करने के लिए राजी करके राजग सरकार महज अपनी छवि को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही है।

  • इंतज़ार है जब खजुराहो की मूर्तियों को साड़ी पहनाई जाएगी : नयनतारा सहगल

    इंतज़ार है जब खजुराहो की मूर्तियों को साड़ी पहनाई जाएगी : नयनतारा सहगल

    'पुरस्कार वापसी’ अभियान का शुरुआत करने वाली शख्सियतों में से लेखिका नयनतारा सहगल का कहना है कि देश में इस कदर असहिष्णुता बढ़ रही है कि वह उस दिन का इंतजार कर रही हैं जब संस्कृति मंत्री खजुराहो की नग्न मूर्तियों को साड़ी पहनाएंगे।

  • हिन्दी कवि रामदरश मिश्र को 'आग की हंसी' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार

    हिन्दी कवि रामदरश मिश्र को 'आग की हंसी' के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार

    हिन्दी में रामदरश मिश्र, उर्दू में शमीम तारिक और अंग्रेजी में साइरस मिस्त्री सहित 23 साहित्यकारों को इस साल देश का प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजे जाने का ऐलान किया गया है।

  • कानून-व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी, अकादमी की नहीं : प्रसिद्ध वैज्ञानिक नार्लीकर

    कानून-व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी, अकादमी की नहीं : प्रसिद्ध वैज्ञानिक नार्लीकर

    जाने-माने वैज्ञानिक जयंत नार्लीकर ने कन्नड़ साहित्यकार एमएम कलबुर्गी की हत्या के विरोध में साहित्य अकादमी सम्मान लौटाने को नामंजूर किया है, लेकिन कहा है कि कानून-व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है और जनाक्रोश इसे बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों की तरफ होना चाहिए।

  • मौन साहित्यकारों के खिलाफ मुखर विरोध

    मौन साहित्यकारों के खिलाफ मुखर विरोध

    नागरिक या पाठक के तौर पर हमारी मजबूरी भी देखिए - साहित्यकार ही मानव की जटिलताओं को सरल और रोचक बनाकर सुरुचिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने में सक्षम होते हैं, और जब वे ही मुश्किल में फंस गए, तो अच्छे साहित्य से हमारा वंचित हो जाना तो तय है ही।

  • पहले ऐसा माहौल नहीं था जब नाम से पहले धर्म पूछा जाए : गुलज़़ार

    पहले ऐसा माहौल नहीं था जब नाम से पहले धर्म पूछा जाए : गुलज़़ार

    गुलजार ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी स्थिति भी आएगी, जब किसी व्यक्ति का नाम जानने से पहले उसका धर्म पूछा जाएगा। उन्होंने कहा कि पुरस्कार लौटाना ही लेखकों के पास विरोध जताने का एकमात्र तरीका होता है।

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