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Swami Vivekananda


'Swami Vivekananda' - 37 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • स्वामी विवेकानंद की विरासत पर अधिकार जताने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध

    स्वामी विवेकानंद की विरासत पर अधिकार जताने को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में वाकयुद्ध

    पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले विवेकानंद की जयंती पर उनकी विरासत पर अपना अधिकार जताने के प्रयास के तहत सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच मंगलवार को वाकयुद्ध हुआ.

  • National Youth Day 2021: युवाओं के मार्गदर्शक बने स्वामी विवेकानंद की जयंती, जानिए आज के दिन का इतिहास

    National Youth Day 2021: युवाओं के मार्गदर्शक बने स्वामी विवेकानंद की जयंती, जानिए आज के दिन का इतिहास

    Swami Vivekananda Birth Anniversary: स्वामी विवेकानंद का नाम इतिहास में एक ऐसे विद्वान के रूप में दर्ज है, जिन्होंने मानवता की सेवा को अपना सर्वोपरि धर्म माना. अमेरिका के शिकागो में धर्म सभा में अपने धाराप्रवाह भाषण के कारण अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए भारतीय संन्यासी स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को बंगाल में हुआ था. स्वामी विवेकानंद अपने ओजपूर्ण और बेबाक भाषणों के कारण काफी लोकप्रिय हुए, विशेषकर युवाओं में. इसी कारण उनके जन्मदिन को पूरा राष्ट्र ‘युवा दिवस' के रूप में मनाता है.

  • National Youth Day 2021: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर जानिए उनके जीवन से जुड़ी अहम बातें

    National Youth Day 2021: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर जानिए उनके जीवन से जुड़ी अहम बातें

    Swami Vivekananda Jayanti: महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्‍वामी विवेकानंद जी की आज जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) है. उनका जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. भारत में उनका जन्‍मदिन 'युवा दिवस' के रूप में मनाया जाता है. वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे. रामकृष्ण परमहंस से संपर्क में आने के बाद नरेंद्रनाथ ने करीब 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था. संन्यास लेने से पहले उनका नाम नरेंद्रनाथ दत्त था, लेकिन संन्यास लेने के बाद इनका नाम विवेकानंद पड़ा. स्वामी रामकृष्ण परमहंस के देहांत के बाद स्वामी विवेकानंद ने पूरे देश में रामकृष्ण मठ की स्थापना की थी. 

  • स्वामी जी के दर्शन का मुख्य आधार है करुणा, ये प्रतिमा छात्रों में करुणा का भाव पैदा करेगी : पीएम मोदी

    स्वामी जी के दर्शन का मुख्य आधार है करुणा, ये प्रतिमा छात्रों में करुणा का भाव पैदा करेगी :  पीएम मोदी

    बापू के नेतृत्व में किसी को अपनी विचारधारा छोड़नी नहीं पड़ी. सब देश के साथ खड़े थे. आपातकाल में भी सब एकजुट थे. मैं भी उस आन्दोलन का हिस्सा था. उस आन्दोलन में कांग्रेस, जनसंघ और आरएसएस के लोग जेएनयू के लोग सभी साथ आकर राष्ट्रहित में इमरजेंसी के खिलाफ थे.

  • त्रिपुरा के CM बिप्लब देब बोले- घरों में लगाएं स्वामी विवेकानंद की फोटो, 30 साल तक राज करेगी BJP 

    त्रिपुरा के CM बिप्लब देब बोले- घरों में लगाएं स्वामी विवेकानंद की फोटो, 30 साल तक राज करेगी BJP 

    त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने कहा, "मैं देखा है, यहां तक कि अपने गांव में भी, लोग अपने ड्रॉइंग रूम में कम्युनिस्ट नेताओं- ज्योति बसु, जोसेफ स्टालिन, माओ ज़ेदोंग- की तस्वीरें लगाते हैं. क्या हम स्वामी विवेकानंद की तस्वीर नहीं लगा सकते हैं? हमारी पार्टी हमारी विचारधाराओं और संस्कारों को बनाए रखेगी. यदि त्रिपुरा के 80 प्रतिशत घरों में स्वामी विवेकानंद की तस्वीरें लगी होंगी, तो बीजेपी की सरकार और 30-35 साल सत्ता में रहेगी." 

  • आज का इतिहास: आज है युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती

    आज का इतिहास: आज है युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की जयंती

    अमेरिका के शिकागो में धर्म सभा में अपने धाराप्रवाह भाषण के कारण अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में आए भारतीय संयासी स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) का जन्म 12 जनवरी 1863 को बंगाल में हुआ था. स्वामी विवेकानंद अपने ओजपूर्ण और बेबाक भाषणों के कारण काफी लोकप्रिय हुए, विशेषकर युवाओं में.

  • National Youth Day: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस, जानिए 10 बातें

    National Youth Day: स्वामी विवेकानंद की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय युवा दिवस, जानिए 10 बातें

    National Youth Day 2020: महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्‍वामी विवेकानंद जी की आज जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) है. उनकी जंयती के दिन ही हर साल राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है. स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार दोनों ही प्रेरणा के स्त्रोत हैं. स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) के विचारों पर चलकर लाखों युवाओं के जीवन में बदलाव आया. विवेकानंद जी ने अमेरिका स्थित शिकागो में सन् 1893 में आयोजित विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था. उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है. वे रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे.

  • CAA नागरिकता देने का कानून, छीनने का नहीं... PM मोदी ने बेलूर मठ में कहीं 10 बड़ी बातें

    CAA नागरिकता देने का कानून, छीनने का नहीं... PM मोदी ने बेलूर मठ में कहीं 10 बड़ी बातें

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के पश्चिम बंगाल दौरे का आज (रविवार) दूसरा दिन है. बीते शनिवार पीएम मोदी ने कोलकाता में आयोजित किए गए कई कार्यक्रमों में शिरकत की. पीएम ने हावड़ा ब्रिज के नाम से मशहूर रबींद्र सेतु के इंटरैक्टिव लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया. शनिवार को प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banarjee) से मुलाकात भी की. इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनके सामने CAA, NRC और NPR का मुद्दा उठाया. पीएम ने इनपर चर्चा के लिए ममता बनर्जी को दिल्ली आने का न्योता दिया. शनिवार रात पीएम मोदी रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में ही रुके थे. मठ में रुकने का कार्यक्रम अचानक तय किया गया. पहले जानकारी दी गई थी कि पीएम राजभवन में ही रात्रि विश्राम करेंगे. रविवार सुबह बेलूर मठ में पूजा-अर्चना के बाद पीएम ने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए 'राष्ट्रीय युवा दिवस' की शुभकामनाएं दीं. इस दौरान प्रधानमंत्री ने एक बार फिर नागरिकता कानून (CAA) का जिक्र किया.

  • LIVE Updates: पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी के दौरे का दूसरा दिन, ममता बनर्जी पर साधा निशाना

    LIVE Updates: पश्चिम बंगाल में पीएम मोदी के दौरे का दूसरा दिन, ममता बनर्जी पर साधा निशाना

    पीएम मोदी ने शनिवार को हावड़ा ब्रिज के नाम से मशहूर रबींद्र सेतु के इंटरैक्टिव लाइट एंड साउंड शो का शुभारंभ किया. पीएम के रात्रि विश्राम का कार्यक्रम पहले राजभवन में आयोजित किया गया था लेकिन ऐन मौके पर इसे बदल दिया गया. पीएम मोदी ने रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में रात विश्राम किया. आज स्वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda Birth Anniversary) की जयंती है. सुबह पूजा-अर्चना के बाद पीएम मोदी मठ के साधु-संतों से मिले. इसके बाद पीएम कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के कार्यक्रम में पहुंचे.

  • JNU में कथित तौर पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा तोड़ी गई, प्रशासन दर्ज कराएगा FIR

    JNU में कथित तौर पर स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा तोड़ी गई, प्रशासन दर्ज कराएगा FIR

    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru University) के कुलपति एम. जगदीश कुमार ने गुरुवार को कहा है कि कथित तौर पर परिसर में तोड़फोड़ करने वाले विद्यार्थियों की पहचान कर ली गई है और जल्द उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

  • Swami Vivekananda Quotes: स्‍वामी विवेकानंद के ये 10 विचार बदल देंगे आपकी जिंदगी

    Swami Vivekananda Quotes: स्‍वामी विवेकानंद के ये 10 विचार बदल देंगे आपकी जिंदगी

    Swami Vivekananda Death Anniversary: महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) की आज पुण्यतिथि है. 39 वर्ष की उम्र में 4 जुलाई 1902 को उनका निधन हो गया था. स्‍वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. स्‍वामी विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था. स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने न सिर्फ भारत के उत्‍थान के लिए काम किया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई. स्‍वामी विवेकानंद (Vivekananda) का जीवन बड़ा ही संघर्षमयी था.

  • Swami Vivekananda Jayanti: कौन थे स्‍वामी विवेकानंद? जानिए उनके जीवन से जुड़ी 10 बातें

    Swami Vivekananda Jayanti: कौन थे स्‍वामी विवेकानंद? जानिए उनके जीवन से जुड़ी 10 बातें

    महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने भारत के उत्‍थान में अपनी अहम भूमिका निभाई थी. स्‍वामी विवेकानंद का जन्म (Swami Vivekananda Birthday) 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. स्‍वामी विवेकानंद (Vivekananda) का नाम नरेंद्रनाथ दत्त था. बेहद कम उम्र में ही उन्‍होंने वेद और दर्शन शास्‍त्र का ज्ञान हासिल कर लिया था. उनके पिता व‍िश्‍वनाथ दत्त कलकत्ता हाईकोर्ट के वकील थे, जबकि मां भुवनेश्वरी देवी धार्मिक विचारों वाली महिला थीं.

  • Swami Vivekananda Quotes: ''खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है'', जानिए विवेकानंद के 10 विचार

    Swami Vivekananda Quotes: ''खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है'', जानिए विवेकानंद के 10 विचार

    महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद की आज जयंती (Swami Vivekananda Jayanti) है. स्‍वामी विवेकानंद का जन्म (Swami Vivekananda Birthday) 12 जनवरी 1863 को कलकत्ता में हुआ था. स्‍वामी विवेकानंद का वास्तविक नाम नरेन्द्र नाथ दत्त था. स्‍वामी विवेकानंद (Swami Vivekananda) ने न सिर्फ भारत के उत्‍थान के लिए काम किया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई. स्‍वामी विवेकानंद (Vivekananda) का जीवन बड़ा ही संघर्षमयी था. मात्र 25 साल की उम्र में अपने गुरु से प्रेरित होकर उन्‍होंने सांसारिक मोह-माया त्‍याग दी और संन्‍यासी बन गए.

  • 11 सितंबर 1893 को शिकागो में दिया गया स्वामी विवेकानंद का वो भाषण, जो आज भी प्रासंगिक है

    11 सितंबर 1893 को शिकागो में दिया गया स्वामी विवेकानंद का वो भाषण, जो आज भी प्रासंगिक है

    'सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका'...11 सितंबर 1893 को जब शिकागों में आयोजित विश्व धर्म सम्मेलन में स्वामी विवेकानंद ने इन शब्दों से अपने भाषण की शुरुआत की तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा हॉल गूंज पड़ा. वह पहला मौका था जब पश्चिम का पूरब से सामना हो रहा था.

  • स्‍वामी विवेकानंद के ये 10 विचार जिंदगी के हर मोड़ पर दिलाएंगे सक्‍सेस

    स्‍वामी विवेकानंद के ये 10 विचार जिंदगी के हर मोड़ पर दिलाएंगे सक्‍सेस

    महान दार्शनिक स्‍वामी विवेकानंद की आज 116वीं पुण्यतिथि है. स्‍वामी विवेकानंद ने न सिर्फ भारत के उत्‍थान के लिए काम किया बल्‍कि लोगों को जीवन जीने की कला भी सिखाई.

  • Swami Vivekananda Death Anniversary: जब स्‍वामी विवेकानंद ने की थी अपनी मृत्‍यु की भविष्‍यवाणी

    Swami Vivekananda Death Anniversary: जब स्‍वामी विवेकानंद ने की थी अपनी मृत्‍यु की भविष्‍यवाणी

    अमेरिका में हुई धर्म संसद में जब स्‍वामी विवेकानंद ने 'अमेरिका के भाइयों और बहनों' के संबोधन से भाषण शुरू किया तो पूरे दो मिनट तक आर्ट इंस्टीट्यूट ऑफ शिकागो में तालियां बजती रहीं.

  • स्वामी विवेकानंद जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन, देश की युवा शक्ति को भी किया सलाम

    स्वामी विवेकानंद जयंती पर पीएम मोदी ने किया नमन, देश की युवा शक्ति को भी किया सलाम

    स्वामी विवेकानंद की आज जयंती है. इस मौके पर पीएम मोदी ने उन्हें नमन किया. पीएम मोदी ने ट्वीट के जरिए कहा कि वह स्वामी विवेकानंद की जचंती पर उन्हें प्रणाम करते हैं. बता दें कि आज आज राष्ट्रीय युवा दिवस भी है. ऐसे में पीएम ने देश की युवा शक्ति को भी सैल्यूट किया

  • Swami Vivekananda Jayanti: अमेरिका को दीवाना बनाने वाले शख्‍स के बारे में जानिए 10 बातें

    Swami Vivekananda Jayanti: अमेरिका को दीवाना बनाने वाले शख्‍स के बारे में जानिए 10 बातें

    स्‍वामी व‍िवेकानंद अपने गुरु रामकृष्‍ण परमहंस के न‍िधन के बाद पैदल ही भारत भ्रमण के ल‍िए न‍िकल पड़े. इसी यात्रा के अंत में कन्याकुमारी में नरेंद्र को ये ज्ञान मिला कि नए भारत के निर्माण से ही देश की समस्या दूर की जा सकती है. भारत के पुनर्निर्माण का लगाव ही उन्हें शिकागो की धर्मसंसद तक ले गया.

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