NDTV Khabar

Aadhaar biometrics


'Aadhaar biometrics' - 6 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता: UIDAI

    आधार की बायोमेट्रिक जानकारी का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता: UIDAI

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने शुक्रवार को कहा कि आधार अधिनियम के तहत आधार की बायोमेट्रिक जानकारी (डेटा) का इस्तेमाल आपराधिक जांच में नहीं किया जा सकता है. प्राधिकरण का यह बयान ऐसे समय आया है जब एक दिन पहले राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने अपराध पकड़ने के लिए पुलिस को आधार की सूचनाओं की सीमित उपलब्धता की बातें की थी.

  • आधार पर सुप्रीम कोर्ट : कल को डीएनए के लिए खून मांगेंगे, क्या यह निजता के अधिकार का हनन नहीं?

    आधार पर सुप्रीम कोर्ट : कल को डीएनए के लिए खून मांगेंगे, क्या यह निजता के अधिकार का हनन नहीं?

    आधार की अनिवार्यता पर सुप्रीम कोर्ट में पांच जजों की संविधान पीठ ने सुनवाई की. कोर्ट में केंद्र सरकार की ओर से AG केके वेणुगोपाल ने कहा आधार के तहत उंगलियों के निशान सहित बायोमेट्रिक और जनसांख्यिकीय डेटा का संग्रह किसी व्यक्ति की निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता.

  • आधार (Aadhaar) ऑथेंटिकेशन की हिस्ट्री ऐसे जांचें

    आधार (Aadhaar) ऑथेंटिकेशन की हिस्ट्री ऐसे जांचें

    अगर आपको डर है कि आपके आधार डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है तो आप ऑनलाइन जाकर आधार बायोमैट्रिक डेटा को लॉक कर सकते हैं। आप चाहें तो यह भी जान सकते हैं कि आपके आधार डेटा का ऑथेंटिकेशन के लिए कब-कब इस्तेमाल हुआ है। इसके लिए नीचे दिए गए निर्देशों का पालन करें।

  • डाकघर जमा, पीपीएफ, और किसान विकास पत्र के लिए अब आधार होगा जरूरी

    डाकघर जमा, पीपीएफ, और किसान विकास पत्र के लिए अब आधार होगा जरूरी

    सरकार ने सभी डाकघरों में जमा खातों के लिए बायोमीट्रिक पहचान संख्या आधार को अनिवार्य कर दिया है. अब डाकघरों में लोक भविष्य निधि (पीपीएफ), राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी) तथा किसान विकास पत्र (केवीपी) के लिए अपना आधार नंबर देना जरूरी होगा.

  • निजता का अधिकार भी अपने आप में संपूर्ण नहीं : सुप्रीम कोर्ट, आधार से जुड़ी सुनवाई की 10 खास बातें

    निजता का अधिकार भी अपने आप में संपूर्ण नहीं : सुप्रीम कोर्ट, आधार से जुड़ी सुनवाई की 10 खास बातें

    उच्चतम न्यायालय की नौ न्यायधीशों की संविधान पीठ ने बुधवार को दलीलें सुननी शुरू कीं जिनके आधार पर यह तय किया जाएगा कि निजता का अधिकार संविधान के तहत मौलिक अधिकार है या नहीं. नौ न्यायधीशों की पीठ में न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति एस ए बोबड़े, संविधान पीठ में न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल, न्यायमूर्ति रोहिंगटन फली नरीमन, न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे, न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर भी शामिल हैं. यह पीठ निजता के अधिकार के सीमित मुद्दे पर विचार कर रही है, और आधार योजना को चुनौती देने वाले अन्य मुद्दों को लघु पीठ के पास ही भेजा जाएगा.

  • आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी, नये नियम अधिसूचित

    आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकेगी, नये नियम अधिसूचित

    आम लोगों के आधार कार्ड की जानकारी रखने वाली एजेंसियों को इस जानकारी को सार्वजनिक करने या प्रकाशित करने की अनुमति नहीं होगी. इसके साथ ही इन एजेंसियों की 12 अंक वाले आधार अंक की गोपनीयता व सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी.