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Abhigyan ka point


'Abhigyan ka point' - 16 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • ...उम्मीद है कि वेस्टइंडीज टीम को उसके हिस्से का सम्मान मिलेगा

    ...उम्मीद है कि वेस्टइंडीज टीम को उसके हिस्से का सम्मान मिलेगा

    70-80 के दशक में वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम का जो बोलबाला था वो शायद ही कभी किसी क्रिकेट टीम का इतने लंबे समय तक रह पाए। पिछले कुछ सालों में वेस्ट इंडीज़ टीम की ज्यादा गिनती भी नहीं हो रही थी और ऐसे में आई है इस वर्ल्ड कप टीम की बड़ी जीत।

  • लाज़िमी है कि विराट को सचिन की राह पर कहा जाता है

    लाज़िमी है कि विराट को सचिन की राह पर कहा जाता है

    मैंने टी-20 का क्रिकेट उसकी बड़ी लोकप्रियता के बावजूद ना के बराबर देखा है, वजह उस युग के क्रिकेट की छाप मेरे दिमाग पर रही है जिसमें क्रिकेट जेंटलमेन अंदाज़ में खेला जाता था।

  • मध्यम वर्ग के मन में विकास से आगे अब विवाद के एजेंडे का साया

    मध्यम वर्ग के मन में विकास से आगे अब विवाद के एजेंडे का साया

    मोदी और मध्य वर्ग, यह रिश्ता नरेंद्र मोदी की सफलता का आधार रहा है। यह रिश्ता ही मोदी सरकार के काम का सबसे पहले आकलन मांग रहा है कि क्या उसे अच्छे दिन मिले हैं या नहीं?

  • धर्मशाला जैसे विवादों से बचा जाना चाहिए...

    धर्मशाला जैसे विवादों से बचा जाना चाहिए...

    टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान और भारत के बीच कोई मैच बहुत बड़ा आकर्षण होता है, ये पिछले वर्ल्ड कप में मोहाली के मैच ने साबित कर दिया था। लेकिन फिलहाल धर्मशाला में मैच होना है या नहीं इसपर विवाद हो गया है और कठघरे में खड़ी है हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार।

  • नौकरीपेशा करदाताओं को अपने आर्थिक भविष्य के बारे में सोचना होगा क्योंकि...

    नौकरीपेशा करदाताओं को अपने आर्थिक भविष्य के बारे में सोचना होगा क्योंकि...

    इस देश के 3% सीधे टैक्स देने वालों को लेकर और मूल प्रश्न मेरा यही है कि क्या हमें आर्थिक आज़ादी मिलनी चाहिए या नहीं? सरकार को किसने हक दिया ये आज़ादी छीनने का?

  • किसानों तक कैसे पहुंचें सरकारी योजनाएं

    किसानों तक कैसे पहुंचें सरकारी योजनाएं

    कोई भी दल, कभी भी चाहे वो सत्ता में हो या सत्ता से बाहर, किसानों के हित की ही बात करता है लेकिन किसानों की हालत में ज़मीनी स्तर पर सुधार अभी बहुत बाकी है।

  • नवाज शरीफ के कबूलनामे से जाहिर हुई पाकिस्‍तानी सरकारों की कमजोरी

    नवाज शरीफ के कबूलनामे से जाहिर हुई पाकिस्‍तानी सरकारों की कमजोरी

    पाकिस्तान...पाकिस्तान, पाकिस्तान। पाकिस्तान का नाम लिया जाना हाल की सुर्खियों का हिस्सा है, लेकिन इन सबके बीच जेएनयू से बहुत दूर नवाज़ शरीफ़ ने ये कबूला है कि अटल बिहारी वाजपेयी की पीठ पर छुरा घोंपा गया।

  • क्‍या गलत कर्ज देने वालों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई होगी?

    क्‍या गलत कर्ज देने वालों के खिलाफ कभी कोई कार्रवाई होगी?

    सुप्रीम कोर्ट ने आरबीआई को कहा है कि वो छह हफ़्तों के भीतर उन उद्योग घरानों की लिस्ट दें जिनका बकाया 500 करोड़ रुपये से ज्यादा का है। देश के 29 राष्ट्रीय बैंकों ने 1 लाख 14 हज़ार करोड़ के डूबे कर्जों को 2013-14 में माफ़ किया, ये उनके पिछले 9 सालों में डूबे हुए कर्ज़ के रिकॉर्ड से कहीं ज्यादा है।

  • बजट से पहले शेयर बाजार धड़ाम : सवाल तो बनते हैं...

    बजट से पहले शेयर बाजार धड़ाम : सवाल तो बनते हैं...

    हालांकि वित्त मंत्री हाल के सालों में इस बात को कहते रहे हैं कि बाज़ारों के गिरने से देश की आर्थिक व्यवस्था का कोई संकेत नहीं मिलता है लेकिन साथ ही ये बात भी हक़ीकत है कि बाज़ारों के गिरने से आर्थिक माहौल में बड़ी उथल-पुथल होती है।

  • समय रहते कमजोर कड़ियां दुरुस्त करे बीजेपी

    समय रहते कमजोर कड़ियां दुरुस्त करे बीजेपी

    बीजेपी और उसके नेताओं के लिए सार्वजनिक जीवन में शुचिता का पाठ पढ़ाना कोई नई बात नहीं है, बीजेपी और उसके बड़े नेता दो दशकों से ये पाठ दोहराते आए हैं। लेकिन विडंबना ये है कि बीजेपी के कई नेता कई बार इस पाठ का अनुसरण नहीं करते नज़र आए।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : आडवाणी की सीट पहले तय क्यों नहीं की...

    अभिज्ञान का प्वाइंट : आडवाणी की सीट पहले तय क्यों नहीं की...

    2014 के इन चुनावों में हर पार्टी का लक्ष्य नज़र आता है युवा वोटरों को अपनी ओर खींचना। बीजेपी बार बार ये भी कहती है कि नरेंद्र मोदी का असर सबसे ज़्यादा देश के युवाओं में है। नेताओं की रिटायरमेंट की उम्र क्या होनी चाहिए, इस पर भी बहुत बहस हो चुकी है।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : कमजोर हुई नीतीश की पकड़?

    अभिज्ञान का प्वाइंट : कमजोर हुई नीतीश की पकड़?

    बीजेपी और जेडीयू के रिश्तों का वो वक़्त था, जहां सबकुछ बढ़िया बढ़िया नज़र आता था और इस बात के प्रश्न भी नहीं उठते थे कि क्या ये गठबंधन कभी टूटेगा, लेकिन एक सियासत बदल रही थी जिसका पैमाना शायद नीतीश कुमार नहीं माप पाए और वो भी भारतीय जनता पार्टी में नरेंद्र मोदी की बढ़ती लोकप्रियता।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : जोशी हुए दार्शनिक!

    अभिज्ञान का प्वाइंट : जोशी हुए दार्शनिक!

    कई टर्म्स में राज्यसभा और लोकसभा दोनों में रहने वाले मुरली मनोहर जोशी ने अब मज़ाकिया अंदाज़ में कहना शुरू कर दिया है कि वो अगर प्रयाग में पैदा हुए, काशी में पढ़ाई लिखाई की तो उसके बाद सियासत का और संसद में रहने का पाप कर बैठे।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : हमारे नेतागण ऐसे ही हैं?

    अभिज्ञान का प्वाइंट : हमारे नेतागण ऐसे ही हैं?

    संसद प्रजातंत्र का मंदिर है। देश की दिशा संसद में तय होती है। संसद देश के क़ानून पास करती है। संसद हमारे आपके नुमाइंदों की हमारे आपके लिए फ़ैसले लेने की जगह है। ये सारी लाइनें हैं संसद के बारे में।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : कांग्रेस शर्मसार होगी?

    अभिज्ञान का प्वाइंट : कांग्रेस शर्मसार होगी?

    शीला दीक्षित 15 साल दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और इतने लंबे समय मुख्यमंत्री रहने के बाद स्वाभाविक है कि वो कांग्रेस का बड़ा चेहरा बन गईं। उसके बाद वो चुनाव हार गईं और उन्हीं की पार्टी कांग्रेस ने उन्हीं के विरोधी अरविंद केजरीवाल जिन्होंने उन्हें चुनाव हराया था उनकी सरकार को समर्थन दे दिया।

  • अभिज्ञान का प्वाइंट : राहुल गांधी से ज्यादा उम्मीदें?

    अभिज्ञान का प्वाइंट : राहुल गांधी से ज्यादा उम्मीदें?

    राहुल गांधी की चर्चा इसलिए नहीं कि हाल ही में उन्होंने अख़बार और टेलीविज़न को इंटरव्यू दिया। लेकिन, इस लिहाज़ से कि कांग्रेस कितनी बार उनको प्री−लॉन्च, लॉन्च और री−लॉन्च करेगी।

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