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Anita sharma


'Anita sharma' - 482 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • कर्नाटक पर महाभारत: 'ये किसे वोट दे दिया!' यह सोचकर शर्मिंदा तो नहीं न आप...

    कर्नाटक पर महाभारत: 'ये किसे वोट दे दिया!' यह सोचकर शर्मिंदा तो नहीं न आप...

    वो कहते हैं न जिसकी लाठी उसकी भैंस. अरे, न न ये मैंने क्या कह दिया! ये तो लोकतंत्र है... मुझे कहना चाहिए जिसका बहुमत उसकी 'भैंस', मेरा मतलब सत्ता... ये तो हम बरसों से सुनते आ रहे हैं कि 'लोकतंत्र लोगों के लिए, लोगों के द्वारा और लोगों का है.' तो फिर ये बहुमत क्या है... क्या कहा, बहुमत लोकतंत्र का प्राणतत्व यानी जान है? तो मतलब यह हुआ कि लोकतंत्र को समझने के लिए बहुमत का गणित समझना जरूरी है...

  • हम सजा के बारे में बहस करते हैं, सुधार पर कोई चर्चा नहीं होती...

    हम सजा के बारे में बहस करते हैं, सुधार पर कोई चर्चा नहीं होती...

    उन्नाव और उसके बाद कठुआ के मामलों ने लोगों के भीतर रेप के लिए दबे गुस्से को चरम पर पहुंचा दिया. इस मामले के बाद नाबालिग से रेप के दोषी को फांसी की सजा की मांग ने जोर पकड़ लिया. इससे जुड़ी कई बहसें शुरू हो गईं. मैंने खबरें पढ़ीं, कई विश्लेषण भी देखे, कई बहसों का भी दर्शक के तौर पर हिस्सा रही.

  • रोज जन्म लेती है निर्भया और तिल-तिल, पल-पल मरती है उसकी अस्मिता...

    रोज जन्म लेती है निर्भया और तिल-तिल, पल-पल मरती है उसकी अस्मिता...

    तेरह साल की बच्ची घेरे वाली फ्रॉक जिद करके ले आई थी और पूरे दो दिन तक उसे पहन कर गांवभर में घूम रही थी. एक-एक राहगीर को दिखा रही थी- 'देखो चाचा मेरी नई फ्रॉक', 'देखो काकी, देखो न...' हर कोई उसकी इस नादानी पर हंस देता और उसे पुचकार कर आगे निकल जाता.

  • दिल्ली, तूने सबको 'अपना घर' दिया, लेकिन हमने तुझे 'अनाथ' कर दिया

    दिल्ली, तूने सबको 'अपना घर' दिया, लेकिन हमने तुझे 'अनाथ' कर दिया

    बचपन से दिल्ली में रहती हूं. पर लोग जब पूछते हैं कि कहां से बिलॉन्ग करती हो, तो जवाब होता है हरियाणा. दादा-परदादा, खेल-खलिहाल और सबसे अहम दो महीने की छुट्ट‍ियां सब वहीं पर हैं, वैसे के वैसे, जैसे पापा कभी छोड़ आए थे. उनते ही सादे और अपने...

  • ध्यान दीजिए – शिक्षा प्रणाली आपको शिक्ष‍ित बना रही है, वयस्क नहीं...

    ध्यान दीजिए – शिक्षा प्रणाली आपको शिक्ष‍ित बना रही है, वयस्क नहीं...

    कहते हैं सिनेमा वही दिखाता है, जो समाज में हो रहा होता है. मतलब सिनेमा हमें आईना दिखाता है... शायद ठीक एक सेल्फी की तरह, जिसमें हम खुद को देखते हैं. तो इस लिहाज़ से इसे खूबसूरत या मनमाफिक बनाने के लिए लगाए जाने वाले फिल्टर हुए सेंसर बोर्ड.

  • श्रीदेवी, तुम उसे अकेला छोड़ गई, जिसने तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा...

    श्रीदेवी, तुम उसे अकेला छोड़ गई, जिसने तुम्हें कभी अकेला नहीं छोड़ा...

    सुनो श्री, वो उस समय महज पांच साल की थी जब 'सदमा' दूरदर्शन पर दिखाई गई. काले-सफेद चलचित्रों में तुम्हारी नादानियों पर हंस रही थी, तुम्हारी तरह ही अपनी चोटी से खेल रही थी, जब तुम रोती तो रुआंसी होती, उन गुंडों को देखकर उसने भी अपनी भौंहें सिकोड़ कर मुट्ठी और दांत भींच लिए थे...

  • दिमाग से अस्वस्थ कौन था, मधु या उसे पीट-पीट कर मारने वाले...

    दिमाग से अस्वस्थ कौन था, मधु या उसे पीट-पीट कर मारने वाले...

    केरल में हाल ही में एक दर्दनाक घटना हुई. इसमें महज 27 साल के दिमागी रूप से अस्वस्थ आदि‍वासी मधु को केरल के तथाकथि‍त श‍िक्ष‍ित लोगों की भीड़ ने उसके हाथ बांधे, फिर उसके साथ सेल्फी ली, वीडियो बनाएं और जब यह सब करके उनका मन भर गया तो बेरहमी से पीट-पीटकर उसे अधमरा कर छोड़ दिया. आपने बिलकुल सही पढ़ा. वह दिमागी रूप से ठीक नहीं था और महज 27 साल का था.

  • दर्द एक पुलिसवाले का, जब उसने पूछा- तो क्या हम चौकीदार बन जाएं...

    दर्द एक पुलिसवाले का, जब उसने पूछा- तो क्या हम चौकीदार बन जाएं...

    मेरे घर परसों चोरी हुई. यह हमारे घर में बीते कुछ महीनों में तीसरी चोरी रही. हैरानी वाली बात यह कि हर बार एक ही समय पर (सुबह के आठ से नौ बजे के बीच), एक ही मुहल्ले में, एक ही समूह ने, एक ही घर में, एक ही चीज को तीन बार चुराया. और वह चीज थी पानी का मीटर और मोटर. पहली चोरी के बाद सुरक्षा के जुगाड़ किए गए. मजेदार ये रहा कि इन त्वरित जुगाड़ों के बावजूद दो दिन बाद ही फिर से चोरी हुई और करीब करीब छह महीने के अंदर ही एक बार फिर यानी परसों चोरी हुई. किसी तरह इस बार चोरों की शिनाख्त संभव हो सकी.

  • गुर्दे की बीमारी से बचना है, तो अपनाएं ये छोटे-छोटे पर काम के नियम...

    गुर्दे की बीमारी से बचना है, तो अपनाएं ये छोटे-छोटे पर काम के नियम...

    रक्त जांच ग्लूमेरुलर फिल्ट्रशन रेट की जांच करता है. यह गुर्दो की फिल्टर करने की क्षमता होती है. 60 से कम जीएफआर गुर्दो के गंभीर रोग का संकेत होता है. 15 से कम जीएफआर गुर्दो के फेल होने का प्रमाण होता है.

  • बदल रहा है मौसम का मिजाज, त्वचा का रखें खास ख्याल, यहां हैं टिप्स...

    बदल रहा है मौसम का मिजाज, त्वचा का रखें खास ख्याल, यहां हैं टिप्स...

    सर्दियों के मौसम में त्वचा अपनी नमी खो देती है. इसलिए जरूरी है कि उसकी नमी बरकरार रखी जाए. चमकती त्वचा के लिए मॉइस्चरॉइजिंग जरूरी है.

  • बस आने वाली हैं सर्दियां, यूं करें बच्चों के लिए सही कपड़ों का चयन...

    बस आने वाली हैं सर्दियां, यूं करें बच्चों के लिए सही कपड़ों का चयन...

    अपने बच्चे के लिए सर्दियों के कपड़े चुनते हुए कुछ खास बातों का ख्याल रखें, जिनमें से एक है रंगों का चयन. सर्दियों में आप रंगों के साथ प्रयोग कर सकती हैं. आप अपने बच्चे के लिए पीले, भूरे, लाल, हरे, नारंगी और बेज आदि रंग के कपड़ों का चयन कर सकती हैं.

  • पैरों की भी करें परवाह, कुछ यूं रखें इनका खास ख्याल...

    पैरों की भी करें परवाह, कुछ यूं रखें इनका खास ख्याल...

    परेशानी की बात यह है कि हम अक्सर अपने चेहरे का तो बहुत ख्याल रखते हैं, लेकिन पूरा दिन हमारा बोझ सहने वाले अपने पैरों को भूल जाते हैं. ऐसे में चेहरे के साथ-साथ पैरों का भी अतिरिक्त ख्याल रखने की जरूरत होती है. तो सोचना क्या, आज से ही जुट जाएं अपने पैरों की परवाह करने में. यहां हैं पैरों की साफ-सफाई को लेकर कुछ महत्वपूर्ण नुस्खे- 

  • साथी को कैसे बताएं कि उनमें हैं कुछ बुरी आदतें...

    साथी को कैसे बताएं कि उनमें हैं कुछ बुरी आदतें...

    अब अगर आप खुल कर उनसे इस बारे में बात करेंगे तो हो सकता है कि यह झगड़े को जन्म दे दे, तो चलिए हम आपको बताते हैं कि आप कैसे डील कर सकते हैं उनकी इन आदतों से.... 

  • प्रोटीन लेने से कहीं ज्यादा जरूरी है उसे संतुलित मात्रा में लेना...

    प्रोटीन लेने से कहीं ज्यादा जरूरी है उसे संतुलित मात्रा में लेना...

    प्रोटीन युक्त आहार का कितनी मात्रा में सेवन करना चाहिए, इसे जानने के कई तरीके हैं. पारंपरिक तरीकों के अलावा आप एक जर्नल में अपने शरीर की जरूरत के मुताबिक प्रोटीन के सेवन को नोट कर सकते हैं और उसी के अनुसार प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करें.

  • जानिए क्या है श्राद्ध और इसका महत्व, क्यों अहम है महालया अमावस्या...

    जानिए क्या है श्राद्ध और इसका महत्व, क्यों अहम है महालया अमावस्या...

    हिन्दू धर्म में तीन तरह के कर्ज होते हैं, पहला देव ऋण, दूसरा ऋषि ऋण और तीसरा पितृ ऋण. इन तीनों में पितृ ऋण का महत्व सबसे अधि‍क माना गया है.

  • इन बच्चों में होता है आत्महत्या का खतरा 5 गुना ज्यादा...

    इन बच्चों में होता है आत्महत्या का खतरा 5 गुना ज्यादा...

    आत्महत्या जोखिम की जांच करने वाले डॉक्टरों के लिए जारी किए जानेवाले सार्वजनिक स्वास्थ्य दिशा-निर्देशों पर महत्वपूर्ण प्रभाव हो सकता है. क्योंकि वे दुर्लभ हैं और उनकी भविष्यवाणी करना मुश्किल है.

  • ऑफिस में अपनी इमेज सुधारनी है, तो ध्यान रखें ये बातें...

    ऑफिस में अपनी इमेज सुधारनी है, तो ध्यान रखें ये बातें...

    आप जैसे नहीं हैं वैसी बातें आपके बारे में की जा रही हैं. आपकी लाख कोश‍िशों के बाद भी लोग आपके व्यवहार मे खामियां निकाल देते हैं. तो हो सकता है कि दिक्कत आपके व्यवहार में नहीं, आपके हावभाव में हो या हो सकता है कि आपको कुछ छोटी मोटी बातों का ध्यान रखना हो...

  • त्योहारों के मौसम में मीठा खाने की तमन्ना को यूं करें पूरा!

    त्योहारों के मौसम में मीठा खाने की तमन्ना को यूं करें पूरा!

    कई लोग खूब मिठाईयां या मीठे खाद्य पदार्थ खाने के शौकीन होते हैं, लेकिन इससे उन्हें मधुमेह जैसी बीमारी होने का खतरा भी रहता है...

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