NDTV Khabar

Article 377


'Article 377' - 11 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • आर्मी चीफ जनरल रावत बोले- सेना में गे-सेक्स की इजाजत नहीं

    आर्मी चीफ जनरल रावत बोले- सेना में गे-सेक्स की इजाजत नहीं

    सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत (General Bipin Rawat) ने कहा है कि वह सेना में गे-सेक्स (Gay Sex) की इजाजत नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि समलैंगिक संबंधों पर सेना के अपने कानून हैं. आर्मी चीफ बिपिन रावत ने यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा वयस्कों के बीच समलैंगिक संबंधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के कुछ महीने बाद दिया है.

  • यौन रूझान को 'स्वतंत्र अभिव्यक्ति' बताने के तर्क से असहमत : अरुण जेटली

    यौन रूझान को 'स्वतंत्र अभिव्यक्ति' बताने के तर्क से असहमत : अरुण जेटली

    वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शनिवार को कहा कि सहमति से बने समलैंगिक संबंध को अपराध के दायरे से बाहर करने के सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के उस हिस्से से वह सहमत नहीं हैं जिसमें कहा गया है कि यौन रूझान स्वतंत्र अभिव्यक्ति का हिस्सा है. जेटली ने कहा कि उन्हें लगता है कि इससे स्कूल, छात्रावास, जेल या सेना के मोर्चे पर समलैंगिक या बाईसेक्सुअल गतिविधि के किसी भी स्वरूप को रोके जाने पर सवाल उठता है.

  • ...जब माथे पर लाल बिंदी और काले रंग का दुपट्टा ओढ़े दिखे क्रिकेटर गौतम गंभीर

    ...जब माथे पर लाल बिंदी और काले रंग का दुपट्टा ओढ़े दिखे क्रिकेटर गौतम गंभीर

    क्रिकेटर गौतम गंभीर हाल ही में दिल्‍ली में आयोजित एक कार्यक्रम में जब माथे पर बिंदी लगाए और दुपट्टा ओढ़े हुए नजर आए तो हर कोई उन्‍हें देखकर हैरान रह गया. दरअसल गंभीर किन्‍नरों के प्रति समर्थन जताने के लिए इस कार्यक्रम में पहुंचे थे. उनकी इस पहल की देशभर में सराहना हासिल हुई है. गौरतलब है कि गौतम सामाजिक और चैरिटी कार्यों में बढ़ चढ़कर भागीदारी करते रहे हैं. मैदान पर भले ही वे आक्रामक तेवरों वाले क्रिकेटर के रूप में नजर आते रहे हों, लेकिन राष्‍ट्र से जुड़े मुद्दों को लेकर उनकी राय अथवा उनकी ओर से उठाए गए कदमों में परिपक्‍वता देखने को मिली है.छत्तीसगढ़ में पिछले साल अप्रैल में हुए नक्‍सली हमले में शहीद हुए 25 जवानों के बच्चों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का ऐलान करके उन्‍होंने देश के प्रति अपने कर्तव्‍य भाव का अहसास कराया था. समाज में उपेक्षा और भेदभाव के शिकार किन्‍नर समाज के प्रति समर्थन जताने के लिए जब गौतम पहुंचे तो किन्‍नर समाज ने दुपट्टा ओढ़ाकर और बिंदी लगाकर उनका स्‍वागत किया. 

  • Section 377: देश के इस राज्य में धारा 377 के तहत दर्ज समलैंगिंक संबंध मामलों की संख्या सबसे ज्यादा

    Section 377: देश के इस राज्य में धारा 377 के तहत दर्ज समलैंगिंक संबंध मामलों की संख्या सबसे ज्यादा

    धारा 377 के तहत समलैंगिक यौन संबंध को लेकर दर्ज मामलों की संख्या के लिहाज से उत्तर प्रदेश सबसे आगे है. इसके  बाद केरल का स्थान है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते इस कानून को आंशिक रूप से निरस्त कर दिया था. धारा 377 के तहत 2014 से 2016 के बीच कुल 4,690 मामले दर्ज किए गए. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2016 में धारा 377 के तहत समलैंगिक यौन संबंधों के 2,195 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2015 में  1,347 और 2014 में 1,148 मामले दर्ज किए गए. 2016 में सबसे ज्यादा 999 ऐसे मामले उत्तर प्रदेश में सामने आए. इसके बाद केरल (207) का स्थान था.

  • Section 377 खत्म होने के बाद इस शख्स ने मनाई ऐसी खुशी, माता-पिता बोले- अब हमारा बेटा अपराधी नहीं

    Section 377 खत्म होने के बाद इस शख्स ने मनाई ऐसी खुशी, माता-पिता बोले- अब हमारा बेटा अपराधी नहीं

    सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता (Homosexuality) को अपराध की श्रेणी से हटा दिया है. इसके अनुसार आपसी सहमति से दो वयस्कों के बीच बनाए गए समलैंगिक संबंधों को अब अपराध नहीं माना जाएगा.

  • इस Gay Prince ने भी लड़ी Section 377 से जंग, एड्स के फैलाव को रोकने के लिए पेड़ पर लटकाए थे...

    इस Gay Prince ने भी लड़ी Section 377 से जंग, एड्स के फैलाव को रोकने के लिए पेड़ पर लटकाए थे...

    समलैंगिकता (Homosexuality) को अवैध बताने वाली IPC की धारा 377 (Section 377) की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया.

  • इन 5 लोगों ने दी थी Section 377 को चुनौती, जानिए उनके बारे में सबकुछ

    इन 5 लोगों ने दी थी Section 377 को चुनौती, जानिए उनके बारे में सबकुछ

    समलैंगिकता (Homosexuality) को अवैध बताने वाली IPC की धारा 377 (Section 377) की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अहम फैसला सुनाया.

  • समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

    समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

    सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध के दायरे से बाहर करने संबंधी याचिकाओं पर मंगलवार को महत्वपूर्ण सुनवाई शुरू की और स्पष्ट किया कि वह एलजीबीटी समुदाय से संबंधित विवाह या सह जीवन (लिव-इन) संबंधों में उत्तराधिकार के मुद्दों पर गौर नहीं करेगा.

  • यूपी में लेस्बियन कपल ने रचाई शादी, दूल्‍हा बनकर आई थी एक लड़की

    यूपी में लेस्बियन कपल ने रचाई शादी, दूल्‍हा बनकर आई थी एक लड़की

    दूल्‍हा बनी लड़की अपने साथ फर्जी माता-पिता भी लाई थी. वहीं दुल्‍हन के घरवालों के सामने यह शादी हुई. हैरान करने वाली बात ये हैं कि दोनों की ठीक से शादी भी हो गई. किसी को कोई शक नहीं हुआ.

  • क्या है धारा-377, दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्यों है अपराध? 7 बड़ी बातें

    क्या है धारा-377, दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्यों है अपराध? 7 बड़ी बातें

    समलैंगिकता एवं अप्राकृतिक यौन संबंध को अपराध बताने वाली धारा-377 पर सुप्रीम कोर्ट फिर से विचार करेगा. कोर्ट ने मामले को बड़ी बेंच को रेफर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि नाज फाउंडेशन मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2013 के फैसले पर फिर से विचार करने की जरूरत है क्योंकि हमे लगता है कि इसमें संवैधानिक मुद्दे जुड़े हुए हैं. दो वयस्कों के बीच शारीरिक संबंध क्या अपराध हैं, इस पर बहस जरूरी है. अपनी इच्छा से किसी को चुनने वालों को भय के माहौल में नहीं रहना चाहिए. कोई भी इच्छा को कानून के चारों तरफ नहीं रह सकता लेकिन सभी को अनुच्छेद 21 के तहत जीने के अधिकार के तहत कानून के दायरे में रहने का अधिकार है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट जानवरों के साथ संबंध बनाने के मामले की सुनवाई नहीं करेगा जो कि इसी धारा के तहत अपराध माना गया है.

  • समलैंगिक संबंध सही या गलत? सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की पीठ करेगी सुनवाई

    समलैंगिक संबंध सही या गलत? सुप्रीम कोर्ट में 5 जजों की पीठ करेगी सुनवाई

    समलैंगिक संबंधों पर आईपीसी की धारा 377 को चुनौती देने वाली क्यूरेटिव याचिका पर शुक्रवार आठ सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संवैधानिक पीठ सुनवाई करेगी.