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Ayodhya babri masjid dispute


'Ayodhya babri masjid dispute' - 38 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • CJI रंजन गोगोई को उम्‍मीद- 17 नवंबर तक तय हो जाएगा अयोध्‍या में राम मंदिर बनेगा या नहीं

    CJI रंजन गोगोई को उम्‍मीद- 17 नवंबर तक तय हो जाएगा अयोध्‍या में राम मंदिर बनेगा या नहीं

    इस केस की सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद भी जताई. 27 सितंबर तक मुस्लिम पक्षकार अपनी बहस पूरी कर लेंगे. मुस्लिम पक्षकारों की तरफ से राजीव धवन ने कहा, ''अगले हफ़्ते तक हम अपनी बहस पूरी कर लेंगे.''

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- ईश्वर निराकार हो सकता है लेकिन देवता का एक रूप होना चाहिए

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- ईश्वर निराकार हो सकता है लेकिन देवता का एक रूप होना चाहिए

    अयोध्या मामले में 24 वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने बहस की शुरुआत की. राजीव धवन ने संविधान पीठ के समक्ष फिर एक मुद्दा उठाया. राजीव धवन ने कहा कि सोशल मीडिया में एक व्यक्ति ये कह रहे हैं कि उन्होंने एक पत्र लिखा है CJI को, जिसमें उन्हींने कहा है कि कोर्ट को ये मामला नही सुनना चहिए. CJI ने कहा कि हमें इस मामले में कोई जानकारी नहीं. इसके बाद मुख्य मामले की सुनवाई शुरू हुई.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- चीन मानसरोवर जाने से रोक दे तो क्या पूजा का अधिकार होगा?

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- चीन मानसरोवर जाने से रोक दे तो क्या पूजा का अधिकार होगा?

    अयोध्या राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद (Ayodhya Case) मामले में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ में शुक्रवार को 23वें दिन की सुनवाई हुई. कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि जन्मस्थान के लिए अदालत में याचिका दाखिल नहीं हो सकती. जन्मस्थान कोई कानूनी व्यक्ति नहीं है. नदियों, पहाड़ों, कुओं के लिए प्रार्थना की जाती है और यह एक वैदिक अभ्यास है. अगर कल को चीन मानसरोवर में जाने से मना कर देता है तो क्या कोई पूजा के अधिकार का दावा कर सकता है? मुस्लिम पक्ष की तरफ से सबसे पहले वरिष्ठ वकील जफरयाब जिलानी ने बहस की शुरुआत की. जिलानी ने कहा कि 1885 में निर्मोही अखाड़े ने जब कोर्ट में याचिका दायर की थी तो उन्होंने अपनी याचिका में विवादित जमीन की पश्चिमी सीमा पर मस्जिद होने की बात कही थी. यह हिस्सा अब विवादित जमीन के भीतरी आंगन के नाम से जाना जाता है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा-यूपी के मंत्री कह रहे अयोध्या हिंदुओं की, सुप्रीम कोर्ट भी उनका; CJI ने की निंदा

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा-यूपी के मंत्री कह रहे अयोध्या हिंदुओं की, सुप्रीम कोर्ट भी उनका; CJI ने की निंदा

    अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले (Ayodhya Case) में 22 वें दिन मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पक्ष रखा. राजीव धवन ने मुख्य मामले की सुनवाई से पहले अपनी कानूनी टीम के क्लर्क को धमकी दिए जाने की जानकारी कोर्ट को दी और कहा कि ऐसे गैर-अनुकूल माहौल में बहस करना मुश्किल हो गया है. राजीव धवन ने कोर्ट को बताया कि यूपी में एक मंत्री ने कहा है कि अयोध्या हिंदुओं की है, मंदिर उनका है और सुप्रीम कोर्ट भी उनका है. उन्होंने कहा कि 'मैं अवमानना के बाद अवमानना दायर नहीं कर सकता.' उन्होंने पहले ही 88 साल के व्यक्ति के खिलाफ अवमानना दायर की है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष का सवाल- क्या रामलला विराजमान कह सकते हैं कि जमीन पर मालिकाना हक उनका?

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष का सवाल- क्या रामलला विराजमान कह सकते हैं कि जमीन पर मालिकाना हक उनका?

    अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद मामले में 21 वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की तरफ से वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने पक्ष रखा. राजीव धवन ने कहा कि संविधान पीठ को दो मुख्य बिन्दुओं पर ही विचार करना है. पहला विवादित स्थल पर मालिकाना हक किसका है और दूसरा क्या गलत परम्परा को जारी रखा जा सकता है. राजीव धवन ने सन 1962 में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल उठाया और कहा कि जो गलती हुई उसे जारी नहीं रखा जा सकता, यही कानून के तहत होना चाहिए.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- रामलला के अंतरंग सखा को सिर्फ पूजा का अधिकार, जमीन पर दावा नहीं

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- रामलला के अंतरंग सखा को सिर्फ पूजा का अधिकार, जमीन पर दावा नहीं

    Ayodhya Case : अयोध्या राम जन्मभूमि मामले में 20 वें दिन की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने बहस की शुरुआत की. राजीव धवन ने कहा कि निर्मोही अखाड़ा 1734 से अस्तित्व का दावा कर रहा है. मैं कह सकता हूं कि निर्मोही अखाड़ा 1885 में बाहरी आंगन में था और वह वहां रहा है. धवन ने कहा कि राम चबूतरा बाहरी आंगन में है जिसे राम जन्म स्थल के रूप में जाना जाता है और मस्जिद को विवादित स्थल माना जाता है.

  • Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- जिस ढांचे को तोड़ा गया, वहां पहले मन्दिर होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं

    Ayodhya Case : मुस्लिम पक्ष ने कहा- जिस ढांचे को तोड़ा गया, वहां पहले मन्दिर होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं

    अयोध्या (Ayodhya) के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 वें दिन की सुनवाई हुई. कोर्ट में मुस्लिम पक्षकारों की ओर से कहा गया कि बाहरी अहाता तो शुरू से निर्मोही अखाड़े के कब्जे में रहा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के आधार पर दलीलें दी जा रही हैं. झगड़ा तो आंतरिक अहाते को लेकर है जिस पर जबरन कब्ज़ा किया गया. जिस ढांचे को तोड़ा गया, वहां पहले मन्दिर होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले. एडवर्स पोजिशन को लेकर भी विवाद खड़ा किया गया है. हाईकोर्ट के फैसले के हवाले से वकील राजीव धवन बोले- बीच वाले गुम्बद के नीचे जबरन रामलला की मूर्ति रखकर विवाद खड़ा किया गया. क्योंकि उन्होंने इस बारे में एक कहानी भी गढ़ ली.

  • Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था

    Ayodhya Case: हिंदू संस्था ने SC में कहा- मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगजेब ने कराया था

    एक मुस्लिम पार्टी द्वारा दायर मुकदमे में प्रतिवादी अखिल भारतीय श्री राम जन्म भूमि पुनरुद्धार समिति ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष बाबरनामा, हुमायूंनामा, अकबरनामा और तुजुक-ए-जहांगीरी जैसी ऐतिहासिक पुस्तकों का उल्लेख किया.

  • मुगल वंशज प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने कहा, "अगर अयोध्‍या में बनेगा राम मंदिर तो दूंगा सोने की ईंट"

    मुगल वंशज प्रिंस हबीबुद्दीन तुसी ने कहा,

    तुसी का तर्क है अयोध्‍या में विवादित जमीन को लेकिर किसी भी पक्षकार के पास अपने पक्ष को साबित करने के लिए कोई दस्‍तावेज नहीं है. चूंकि वह मुगलों के वंशज हैं इसलिए जमीन पर उनका हक है.

  • अयोध्या मामला : रामलला विराजमान का दावा, विवादित स्थल पर विशाल मंदिर होने के प्रमाण

    अयोध्या मामला : रामलला विराजमान का दावा, विवादित स्थल पर विशाल मंदिर होने के प्रमाण

    अयोध्या के श्री राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद जमीन विवाद (Ayodhya Land Dispute Case) मामले में शुक्रवार को सातवें दिन की सुनवाई हुई. कोर्ट में रामलला विराजमान के वकील सीएस वैद्यनाथन ने आर्कियालॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) की खुदाई और रिपोर्ट के आधार पर दावा किया है कि जिस तरह की विशाल इमारत नीचे मिलने के प्रमाण मिले हैं वे बताते हैं कि वहां एक विशाल मंदिर था, जो आम जनता के दर्शन के लिए था. जस्टिस चंद्रचूड़ ने वैद्यनाथन से कहा कि आप साबित करें कि बाबरी मस्ज़िद मंदिर या किसी धार्मिक इमारत के ऊपर बनी है? रामलला विराजमान की तरफ से कहा गया कि विवादित स्थल की खुदाई से मिले पुरातात्विक अवशेष से यह साफ पता चलता है कि वहां मंदिर था.

  • राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा- "हिन्‍दुओं का विश्‍वास अयोध्‍या में जन्‍मे थे राम, इससे आगे न जाए कोर्ट"

    राम लला के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील, कहा-

    सीनियर एडवोकेट वैद्यनाथ ने मंगलवार को कोर्ट को बताया था कि भगवान राम की जन्मस्थली अपने आप में देवता है और मुस्लिम 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर अधिकार होने का दावा नहीं कर सकते क्योंकि संपत्ति को बांटना ईश्वर को 'नष्ट करने' और उसका 'भंजन' करने के समान होगा.

  • जो बाबर ने किया, वह अब बदल नहीं सकते: पढ़ें अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा

    जो बाबर ने किया, वह अब बदल नहीं सकते: पढ़ें अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा

    अयोध्या मामले (Ayodhya Case) में मध्यस्थता पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अगुवाई में पांच जजों की संविधान पीठ ने इस मामले की बुधवार को सुनवाई की. हालांकि, अभी सुप्रीम कोर्ट ने यह नहीं बताया कि वह इस पर फैसला कब सुनाएगी. सुनवाई के दौरान जहां मुस्लिम पक्ष मध्यस्थता के लिए तैयार दिखा, वहीं हिंदू महासभा और रामलला पक्ष ने इस पर सवाल उठाए. हिंदू महासभा ने कहा कि जनता मध्यस्थता के फैसले को नहीं मानेगी. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछली सुनवाई के दौरान सुझाव दिया था कि दोनों पक्षकार बातचीत का रास्ता निकालने पर विचार करें. अगर एक फीसदी भी बातचीत की संभावना हो तो उसके लिए कोशिश होनी चाहिए.

  • अयोध्या मामले में मध्यस्थता पर SC ने सुरक्षित रखा फैसला, कहा- यह केवल जमीन विवाद नहीं, दिल, दिमाग और हीलिंग का मामला है

    अयोध्या मामले में मध्यस्थता पर SC ने सुरक्षित रखा फैसला, कहा- यह केवल जमीन विवाद नहीं, दिल, दिमाग और हीलिंग का मामला है

    चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (CJI Ranjan Gogoi) की अगुवाई में पांच जजों का संविधान पीठ ये तय करेगा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले को मध्यस्थता के लिए भेजा जाए या नहीं. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पिछली सुनवाई के दौरान सुझाव दिया था कि दोनों पक्षकार बातचीत का रास्ता निकालने पर विचार करें. अगर एक फीसदी भी बातचीत की संभावना हो तो उसके लिए कोशिश होनी चाहिए.

  • क्या आपसी समझौते से सुलझेगा अयोध्या विवाद ?

    क्या आपसी समझौते से सुलझेगा अयोध्या विवाद ?

    संविधान पीठ ने कहा था कि मुख्य मामले की सुनवाई 8 हफ्ते के बाद होगी तब तक आपसी समझौते से विवाद को सुलझाने का एक प्रयास किया जा सकता है.

  • अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, अब 10 जनवरी को 3 जजों की नई बेंच के सामने होगा मामला

    अयोध्या में राम मंदिर विवाद पर सुुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए एक नई बेंच के गठित करने की बात कही है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अयोध्या मामले पर अब 10 जनवरी को सुनवाई होगी. हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उससे पहले तीन जजों की बेंच नई बेंच बनाई जाएगी, जो इस मामले पर सुनवाई करेगी और यही बेंच तय करेगी कि सुनवाई कब हो.

  • रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद: दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई 

    इस मामले में पिछले साल नवंबर में सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में याचिकाओं पर शीघ्र सुनवाई से इनकार कर दिया था. उस दौरान चीफ जस्टिस रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की पीठ ने कहा था कि उसने पहले ही अपीलों को जनवरी में उचित पीठ के पास सूचीबद्ध कर दिया है.

  • धर्म संसद से पहले मोदी सरकार पर बरसे उद्धव ठाकरे, कहा- मंदिर नहीं बनाया तो यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी

    धर्म संसद से पहले मोदी सरकार पर बरसे उद्धव ठाकरे, कहा- मंदिर नहीं बनाया तो यह सरकार दोबारा नहीं बनेगी

    उन्होंने इस दौरान केंद्र सरकार पर हमला करते हुए कहा कि बीते चार साल में सरकार ने एक बार भी ऐसी कोशिश नहीं की कि वह राम मंदिर का निर्माण हो. अब जब चुनाव नजदीक है तो वह हिन्दुओं की भावनाओं से खेल रही है. उन्होंने इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद किया. उद्धव ने कहा कि अटल जी ने कहा था कि हिंदू मात नहीं खाएगा. मैं मानता हूं कि उस समय अटल जी की मिली जुली सरकार थी इसलिए चाह कर भी राम मंदिर के लिए कुछ नहीं कर पाए लेकिन अब तो केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार है.

  • छह दिसंबर 1992 जब कुछ मिनटों में ही ढहा दी गई थी बाबरी मस्जिद, पढ़ें अयोध्या विवाद का पूरा मामला...

    छह दिसंबर 1992 जब कुछ मिनटों में ही ढहा दी गई थी बाबरी मस्जिद, पढ़ें अयोध्या विवाद का पूरा मामला...

    उन्होंने कहा कि रामलला भी शायद यही चाहते हैं कि जिस दिन बाबरी मस्जिद ढाही गई उसी दिन से मंदिर का निर्माण शुरू हो. 6 दिसंबर 1992 का दिन भारत के इतिहास में बाबरी मंदिर विध्वंस के रूप में जाना जाता है. इसी दिन कार्यसेवकों ने महज 17 से 18 मिनट के अंदर ही बाबरी मस्जिद को ढाह दिया था. आइये जानते हैं कि इस दिन आखिर हुआ क्या था.

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