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Bhima koregaon case News in Hindi


'Bhima koregaon case' - 19 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • NEWS FLASH: आज से खोले जाएंगे केरल के सबरीमाला मंदिर के पट, धारा 144 लागू

    NEWS FLASH: आज से खोले जाएंगे केरल के सबरीमाला मंदिर के पट, धारा 144 लागू

    सीबीआई के डायरेक्टर आलोक वर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा. वर्मा ने उन्हें सरकार द्वारा छुट्टी पर भेजे जाने के फैसले को चुनौती दी है.

  • भीमा कोरेगांव मामला : रोमिला थापर और अन्य की पुनर्विचार याचिका पर कल सुनवाई

    भीमा कोरेगांव मामला : रोमिला थापर और अन्य की पुनर्विचार याचिका पर कल सुनवाई

    भीमा कोरेगांव मामले में रोमिला थापर व अन्य की पुनर्विचार याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट में तीन जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी.

  • भीमा कोरेगांव मामला : गौतम नवलखा को अाजाद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

    भीमा कोरेगांव मामला : गौतम नवलखा को अाजाद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा

    भीमा कोरेगांव मामले में गौतम नवलखा को अाजाद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है. महाराष्ट्र सरकार ने इस फैसले को चुनौती दी है. ट्रांजिट रिमांड रद्द करने और हाउस अरेस्ट हटाने के फैसले को चुनौती दी गई है और याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाकर तुरंत हाउस अरेस्ट के आदेश बहाल करने की मांग है. या

  • भीमा कोरेगांव मामले में नजरबंद मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा का हाउस अरेस्ट खत्म

    भीमा कोरेगांव मामले में नजरबंद मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा का हाउस अरेस्ट खत्म

    भीमा-कोरेगांव हिंसा (Bhima Koregaon Case) के सिलसिले में नक्सल से जुड़े होने के आरोप में अपने घर में ही नजरबंद मानवाधिकार कार्यकर्ता गौतम नवलखा की ट्रांजिट रिमांड संबंधी याचिका खारिज हो गई. दिल्ली हाईकोर्ट ने गौतम नवलखा को नजरबंदी से मुक्त करने की इजाजत दे दी. दिल्ली हाईकोर्ट ने नवलखा को राहत देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते उन्हें आगे के उपायों के लिए चार हफ्तों के अंदर उपयुक्त अदालत का रुख करने की छूट दी थी, जिसका उन्होंने उपयोग किया है. हाईकोर्ट ने निचली अदालत की ट्रांजिट रिमांड के आदेश को भी रद्द कर दिया. मामले को शीर्ष न्यायालय में ले जाए जाने से पहले इस आदेश को चुनौती दी गई थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि नवलखा को 24 घंटे से अधिक समय हिरासत में रखा गया, जिसे उचित नहीं ठहराया जा सकता.

  • महाराष्ट्र के दक्षिणपंथी नेता संभाजी भिड़े पर से दंगे के मामले वापस लिये गए, RTI में खुलासा

    महाराष्ट्र के दक्षिणपंथी नेता संभाजी भिड़े पर से दंगे के मामले वापस लिये गए, RTI में खुलासा

    महाराष्ट्र सरकार ने राइट विंग लीडर और कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में मुख्य संदिग्ध संभाजी भिड़े के खिलाफ कम से कम दंगे के 6 मामलों को वापस ले लिया है. यह खुलासा एक RTI में हुआ है. भिड़े की अगुवाई वाले शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को दंगे के मामले में क्लीन चिट मिल गई है. जबकि दर्जनों मामलों में दंगे की धाराओं को हटा दिया गया है. इन मामलों में बीजेपी और शिवसेना के नेता व समर्थक शामिल रहे हैं. 

  • भीमा कोरेगांव हिंसा मामला : सीएम देवेंद्र फड़नवीस ने कहा- पुलिस ने देश के खिलाफ षड़यंत्र का पर्दाफाश कर दिया

    भीमा कोरेगांव हिंसा मामला : सीएम देवेंद्र  फड़नवीस ने कहा- पुलिस ने देश के खिलाफ षड़यंत्र का पर्दाफाश कर दिया

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कोरेगांव-भीमा हिंसा प्रकरण के सिलसिले में पांच कार्यकर्ताओं के खिलाफ राज्य पुलिस की जांच में हस्तक्षेप से इनकार करने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का शुक्रवार को स्वागत किया.  फड़नवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह साबित हो गया कि पांच कार्यकर्ता वरवर राव, अरूण फरेरा, वर्नेन गोन्साल्विज, सुधा भारद्वाज और गौतम नवलखा के खिलाफ राज्य पुलिस की कार्रवाई के पीछे कोई साजिश नहीं थी.

  • भीमा-कोरेगांव मामला: राहुल के पुराने ट्वीट पर अमित शाह का पलटवार: मुर्खता के लिए केवल एक जगह, वह है कांग्रेस

    भीमा-कोरेगांव मामला: राहुल के पुराने ट्वीट पर अमित शाह का पलटवार: मुर्खता के लिए केवल एक जगह, वह है कांग्रेस

    भीमा-कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में नक्सल से जुड़े होने के आरोप में सुप्रीम कोर्ट ने पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के मामले में हस्तक्षेप करने से शुक्रवार को इनकार करने के साथ ही इन गिरफ्तारियों की जांच के लिये विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने का आग्रह भी ठुकरा दिया. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने पांचों को अगले 4 हफ्ते तक नजर बंद रखने का आदेश दिया. बहुमत के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोपी इस बात का चयन नहीं कर सकते कि मामले की जांच किस एजेन्सी को करनी चाहिए और यह सिर्फ राजनीतिक दृष्टिकोण में भिन्नता का मामला नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि कार्यकर्ताओं गिरफ्तारी असहमति के आधार पर नहीं है. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर हमला बोला और कहा कि तंज के लहजे में कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले से वे लोग एक्सपोज हो गये हैं, जो इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं. 

  • भीमा कोरेगांवः बीजेपी का हमला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुन शर्म से झुक जाएं राहुल गांधी

    भीमा कोरेगांवः बीजेपी का हमला- सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुन शर्म से झुक जाएं राहुल गांधी

    भीमा कोरेगांव पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला है .फैसले का स्वागत करते हुए बीजेपी ने कांग्रेस पर देशद्रोहियों के साथ खड़े होने का आरोप लगाया है.

  • Bhima-Koregaon Case : सुप्रीम कोर्ट ने कहा - मामले की SIT जांच नहीं होगी, नज़रबंदी चार हफ्ते तक बनी रहेगी

    Bhima-Koregaon Case : सुप्रीम कोर्ट ने कहा - मामले की SIT जांच नहीं होगी, नज़रबंदी चार हफ्ते तक बनी रहेगी

    भीमा- कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में नक्सल से जुड़े होने के आरोप में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला सुनाया. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने फैसला दिया कि हैदराबाद में वामपंथी कार्यकर्ता और कवि वरवर राव, मुंबई में कार्यकर्ता वरनन गोन्जाल्विस और अरुण फरेरा, छत्तीसगढ़ में ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता सुधा भारद्वाज और दिल्ली में रहने वाले गौतम नवलखा को जमानत नहीं दी जाएगी   और अगले चार हफ्ते तक उन्हें घर में नजर बंद रखा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस  मामले की SIT से जांच नहीं कराई जाएगी. बता दें कि गत 29 अगस्त को इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दखल देते हुए उन्हें उनके घरों में ही हाउस अरेस्ट रखने के आदेश जारी किए थे. तभी से वे अपने घरों में नजरबंद हैं. याचिका रोमिला थापर, देवकी जैन, प्रभात पटनायक, सतीश देशपांडे और माया दारूवाला की ओर से दाखिल की गई है. इसमें सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में SIT जांच और पांचों को जमानत की मांग की गई है. 20 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था और महाराष्ट्र पुलिस की केस डायरी भी ले ली थी.

  • पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज

    भीमा- कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में नक्सल से जुड़े होने के आरोप में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के मामले में सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को अपना फैसला सुनाएगा.

  • भीमा कोरेगांव: 5 वाम विचारकों की गिरफ्तारियों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित, सोमवार तक रहेंगे नजरबंद

    भीमा कोरेगांव: 5 वाम विचारकों की गिरफ्तारियों पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित, सोमवार तक रहेंगे नजरबंद

    कोर्ट ने सभी पक्षों से लिखित जवाब सोमवार तक दाखिल करने के लिए भी कहा है. वहीं अदालत ने सभी वाम विचारकों की नजरबंदी की सीमा को बढ़ाकर सोमवार तक कर दिया है.

  • भीमा कोरेगांव मामला: मनु सिंघवी ने SC में कहा- क्या ये संभव है जेल में बंद कोई शख्‍स चिट्ठी लिखकर PM मोदी की हत्या की साजिश रचे

    भीमा कोरेगांव मामला: मनु सिंघवी ने SC में कहा- क्या ये संभव है जेल में बंद कोई शख्‍स चिट्ठी लिखकर PM मोदी की हत्या की साजिश रचे

    पुणे पुलिस की सारी कहानी मनगढ़ंत है. सवाल ये है कि जो आदमी 2017 मार्च से जेल में है उसके नाम या उसके नाम से चिट्ठी कैसे और कहां आई? क्या ये संभव है कि वो इस तरह जेल में चिट्ठी लिखें कि पीएम मोदी की हत्या की साजिश रच रहे हैं. 

  • भीमा कोरेगांव मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश: जारी रहेगी वाम विचारकों की नजरबंदी, अब 17 सितंबर को अगली सुनवाई

    भीमा कोरेगांव मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश: जारी रहेगी वाम विचारकों की नजरबंदी, अब 17 सितंबर को अगली सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने भीमा-कोरेगांव हिंसा के सिलसिले में नज़रबंद रखे गए पांच वाम विचारकों की नज़रबंदी की अवधि 17 सितंबर तक के लिए बढ़ा दी है. बता दें कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कोरेगांव-भीमा गांव में हिंसा की घटना के सिलसिले में पांच कार्यकर्ताओं को घरों में ही नजरबंद रखने की अवधि 12 सितंबर तक के लिये बढ़ाई थी. 

  • भीमा कोरेगांव मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 5 वाम समर्थकों की नजरबंदी 12 सितंबर तक बढ़ाई

    भीमा कोरेगांव मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 5 वाम समर्थकों की नजरबंदी 12 सितंबर तक बढ़ाई

    महाराष्ट्र सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सालिसीटर जनरल तुषार मेहता से पीठ ने कहा, ‘आप अपने पुलिस अधिकारियों को अधिक जिम्मेदार बनने के लिये कहें.  मामला हमारे पास है और हम पुलिस अधिकारियों से यह नहीं सुनना चाहते कि उच्चतम न्यायालय गलत है.’ 

  • भीमा कोरेगांव मामला: महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह अर्जी सुनवाई लायक नहीं, क्योंकि...

    भीमा कोरेगांव मामला: महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह अर्जी सुनवाई लायक नहीं, क्योंकि...

    भीमा कोरेगांव मामले में पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया है. महाराष्‍ट्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि ये याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. गिरफ्तार लोगों से अनजान लोगों की जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई नहीं करनी चाहिए.

  • पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर देश भर में तीखी प्रतिक्रिया

    पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर देश भर में तीखी प्रतिक्रिया

    भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच के नाम पर कल पांच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ़्तारी को लेकर तीखी प्रतिक्रिया हुई. सामाजिक आंदोलनों से जुड़े लोग मानते हैं कि सरकार असहमत लोगों को डराने और उनकी आवाज़ दबाने की कोशिश कर रही है.

  • जानें, क्यों विवादास्पद है UAPA कानून, जिसके तहत गिरफ्तार हुए वाम विचारक

    जानें, क्यों विवादास्पद है UAPA कानून, जिसके तहत गिरफ्तार हुए वाम विचारक

    अलग-अलग शहरों में पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं को उनके घरों में मंगलवार शाम को तलाशी लिए जाने के बाद गिरफ्तार किए जाने की चौतरफा आलोचना हो रही है, और आरोप लगाया जा रहा है कि उन्हें पकड़ने के लिए एक ऐसे आतंकवाद-रोधी कानून का सहारा लिया गया है, जिसमें गिरफ्तारी के लिए किसी वारंट की ज़रूरत नहीं होती. कवि तथा माओवादी विचारक वरवर राव, वकील सुधा भारद्वाज तथा कार्यकर्ताओं अरुण फरेरा, गौतम नवलखा व वरनॉन गोन्सालवेज़ को गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (Unlawful Activities Prevention Act - UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है.

  • सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सभी गिरफ्तार वाम विचारक 6 सितंबर तक अपने घर में ही नजरबंद रहेंगे, 10 बातें

    सुप्रीम कोर्ट का आदेश, सभी गिरफ्तार वाम विचारक 6 सितंबर तक अपने घर में ही नजरबंद रहेंगे, 10 बातें

    सुप्रीम कोर्ट ने भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले के सिलसिले में गिरफ्तार 5 मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को 6 सितंबर तक घर में नजरबंद रखने का आज आदेश दिया. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि असहमति लोकतंत्र का 'सेफ्टी वाल्व' है. शीर्ष अदालत के इस आदेश के बाद इन पांचों मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को जेल नहीं भेजा जाएगा, परंतु वे पुलिस की निगरानी में घरों में ही बंद रहेंगे. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति धनन्जय वाई चंद्रचूड़ की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने भीमा-कोरेगांव घटना के करीब 9 महीने बाद इन व्यक्तियों को गिरफ्तार करने पर महाराष्ट्र पुलिस से सवाल भी किए.

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