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  • प्रिय नौजवानो परीक्षा दे दीजिए, फीस बढ़ गई तो दे दीजिए, जैसा आपने बोया था, काट लीजिए

    प्रिय नौजवानो परीक्षा दे दीजिए, फीस बढ़ गई तो दे दीजिए, जैसा आपने बोया था, काट लीजिए

    रोज़ाना मैसेज आते हैं कि सर, हमारी परीक्षा रद्द करवा दें, कोरोना का ख़तरा है. वे जानते हैं कि मैं शिक्षा मंत्री नहीं हूं, न ही यूजीसी हूं, फिर भी लिखते हैं. छात्र सुप्रीम कोर्ट भी गए थे कि परीक्षा न हो. 10 अगस्त तक सुनवाई टल गई. यूजीसी ने छह जुलाई को आदेश जारी किया है कि सितंबर के अंत तक अंतिम वर्ष की परीक्षा पूरी की जा सकती है. कोई छात्र बाढ़ में फंसा है, कोई होली में घर गया तो तालाबंदी के कारण घर ही रह गया. किताब कापी कहीं और छूट गई. इस बीच कइयों के घर आर्थिक तबाही आई होगी, तो दिल्ली या पढ़ने के शहर आकर किराया देने में ही पसीने छूटेंगे. लेकिन जब कोर्ट से राहत नहीं मिली तो मैं क्या कर सकता हूं. मैं समझ नहीं पाता कि क्या इन छात्रों को उम्मीद करना भी नहीं आता, सिर्फ मुझ लिख देना ही ध्येय है क्या. 

  • एक लाख पैकेट प्रसाद बंटेगा , शिलान्यास का एक अहम दस्तावेज़

    एक लाख पैकेट प्रसाद बंटेगा , शिलान्यास का एक अहम दस्तावेज़

    अयोध्या प्रशासन की यह विज्ञप्ति कम ऐतिहासिक नहीं है. एक साँस में पढ़ जाइये. पसीने छूट जाएँगे. किसी कंपनी के सी ई ओ तो अस्पताल में भर्ती हो जाएँ. निर्देशों की भरमार है.

  • महामहिम के महा कारनामे..

    महामहिम के महा कारनामे..

    अभी तक यह आरोप कांग्रेस द्वारा नियुक्त किए गए राज्यपालों पर लगते रहे हैं मगर हाल के वर्षों में एनडीए शासन द्वारा राज्यपालों ने सभी को पीछे छोड दिया है. बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड का उदाहरण तो दे ही चुका हूं. राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रभी इसका सबसे ताजा उदाहरण है, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विधानसभा का सत्र बुलाना चाहते हैं मगर राज्यपाल महोदय को यह नागवार गुजर रहा है.

  • बोली लगेगी 23 सरकारी कंपनियों की, निजीकरण का ज़बरदस्त स्वागत

    बोली लगेगी 23 सरकारी कंपनियों की, निजीकरण का ज़बरदस्त स्वागत

    सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करने वालों के लिए यह ख़ुशख़बरी है. उनका प्रदर्शन बेहतर होगा और वे प्राइवेट हो सकेंगे. जिस तरह से रेलवे के निजीकरण की घोषणाओं का स्वागत हुआ है उससे सरकार का मनोबल बढ़ा होगा. आप रेलमंत्री का ट्विटर हैंडल देख लें. पहले निजीकरण का नाम नहीं ले पाते थे लेकिन अब धड़ाधड़ ले रहे हैं. जो बताता है कि सरकार ने अपने फ़ैसलों के प्रति सहमति प्राप्त की है. हाँ ज़रूर कुछ लोगों ने विरोध किया है मगर व्यापक स्तर पर देखें तो वह विरोध के लिए विरोध जैसा था. जो भी दो चार लोग विरोध करेंगे उनके व्हाट्स एप में मीम की सप्लाई बढ़ानी होगी ताकि वे मीम के नशे में खो जाएँ. नेहरू वाला मीम ज़रूर होना चाहिए.

  • अमिताभ बच्चन ने शेयर किया अस्पताल का अनुभव, बोले- जिस डॉक्टर के मार्गदर्शन में इलाज चलता है, वह कभी करीब...

    अमिताभ बच्चन ने शेयर किया अस्पताल का अनुभव, बोले- जिस डॉक्टर के मार्गदर्शन में इलाज चलता है, वह कभी करीब...

    अभिनेता ने कहा, "चले जाते हैं क्योंकि लंबे वक्त तक रुकने से संक्रमित होने का डर रहता है. जिस डॉक्टर के मार्गदर्शन में आपका इलाज चल रहा होता है वह कभी आपके पास नहीं आता."

  • ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    ध्यान रहे : कोरोना न तो भाभी जी के पापड़ से खत्म होने वाला है न बाबाओं की दवाई से

    करीब दो महीने पहले किसी एक रिसर्च स्कॉलर का फोन आया. रिसर्च करके वो कोरोना के ऊपर कोई किताब लिख रहे थे. जब मैंने पूछा कि आप मुझसे क्या चाहते हैं तो उनका जवाब था कि कोरोना के ऊपर उन्होंने काफी रिसर्च की है और टीवी पर आ कर बोलना चाहते हैं. उनका कहना था कि भारत में कोरोना का कोई असर नहीं होगा, लोगों को डरने की जरूरत नहीं. लॉकडाउन खोल देना चाहिए, लॉकडाउन करके सरकार ने गलती की है.

  • विक्रम जोशी को बदमाशों ने नहीं, सड़े हुए सिस्टम ने मारा; नजीर स्थापित कीजिए मुख्यमंत्री जी

    विक्रम जोशी को बदमाशों ने नहीं, सड़े हुए सिस्टम ने मारा; नजीर स्थापित कीजिए मुख्यमंत्री जी

    आखिर पुलिस विक्रम जोशी के मरने के बाद जागी नहीं, जगाई गई. और फिर वही पुराना रटा-रटाया लीपापोती का बहुत ही घटिया और बासी हो चुका फॉर्मूला, चौकी इंचार्ज, एसओ या सीओ का निलंबन, परिवार को कुछ आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को नौकरी. लीपापोती का एक बेहतरीन तरीका. क्या इससे परिवार के नुकसान की भरपायी हो जाएगी? क्या इससे उन दस और छह साल की बेटियों के आगे से ताउम्र उनके पिता की हत्या की तस्वीरें मिट पाएंगी? क्या ये बेटियां इस घटना से उबर पाएंगी? पुलिस की क्या छवि बनेगी इन बेटियों की नजरों में?

  • राजस्थान में टॉम और जेरी में रेस जारी है...

    राजस्थान में टॉम और जेरी में रेस जारी है...

    राजस्थान में सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पीछे लगे हुए हैं तो सचि पायलट के पीछे राजस्थान की की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी एसओजी लगी हुई है. दूसरी ओर केन्द्र सरकार ने अशोक गहलोत के करीबियों के पीछे ईडी या प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स को लगाया हुआ है.

  • अमिताभ बच्चन ने अस्पताल से लिखा ब्लॉग, बोले- हर दिन सांस लेता हुआ जीवन...

    अमिताभ बच्चन ने अस्पताल से लिखा ब्लॉग, बोले- हर दिन सांस लेता हुआ जीवन...

    बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) कोरोना (Covid 19) पॉजिटिव होने के बाद से नानावटी हॉस्पिटल में भर्ती हैं. बता दें, अमिताभ बच्चन के साथ-साथ अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय और आराध्या बच्चन भी कोरोना से संक्रमित हैं. ऐसे में पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहे हैं.

  • कैसे मुमकिन बन रही है आईपीएल की राह

    कैसे मुमकिन बन रही है आईपीएल की राह

    आईसीसी ने एलान किया है कि 2020 में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले वर्ल्ड कप की टिकटें 2021 में भी मान्य रहेंगी. मतलब साफ़ है लगातार दो साल होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के आयोजनों को एक-एक साल के लिए टाल दिया गया है और साथ ही आईसीसी क्रिकेट वनडे वर्ल्ड के आयोजन को भी टालना पड़ा. 

  • दुश्मन का दुश्मन दोस्त, राजस्थान में राम राम सा...

    दुश्मन का दुश्मन दोस्त, राजस्थान में राम राम सा...

    राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच सत्ता का संघर्ष कई स्तरों पर चल रहा है. एक लड़ाई जयपुर में लड़ी जा रही है जहां जयपुर से तीस किलोमीटर दूर एक रिसॉर्ट में कांग्रेस के विधायक जमे हुए हैं तो दूसरी तरफ गुड़गांव के एक रिसॉर्ट में सचिन के सर्मथक विधायक डटे हुए हैं. वहीं एक लड़ाई अदालत में भी लड़ी जा रही है जहां भारत के सबसे नामी गिरामी वकील जैसे हरीश साल्वे, मुकुल रोहतगी और अभिषेक मनु सिंघवी एक-दूसरे से भिड़ रहे हैं. मगर इस सबके बीच राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया नदारद हैं..वे अपने गृह क्षेत्र झालावाड़ में हैं और जयपुर तक आने को राजी नहीं हैं.

  • गुना में पुलिस के डंडे बजते रहे और कई सवाल पीछे छूट गए ...

    गुना में पुलिस के डंडे बजते रहे और कई सवाल पीछे छूट गए ...

    कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश में साहूकारी संशोधन विधेयक एवं अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक 2020 को कैबिनेट की स्वीकृति दे दी गई जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी व्यक्तियों के 15 अगस्त 2020 तक के सभी ऋण ब्याज सहित माफ किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है. दूसरे वर्गों को भी साहूकारों के चंगुल से छुड़ाने के लिए मध्यप्रदेश साहूकार (संशोधन विधेयक 2020) लाया जा रहा है.

  • गुना में पुलिस के डंडे बजते रहे और कई सवाल पीछे छूट गए ...

    गुना में पुलिस के डंडे बजते रहे और कई सवाल पीछे छूट गए ...

    कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश में साहूकारी संशोधन विधेयक एवं अनुसूचित जनजाति ऋण मुक्ति विधेयक 2020 को कैबिनेट की स्वीकृति दे दी गई जिसमें अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत अनुसूचित जनजाति वर्ग के सभी व्यक्तियों के 15 अगस्त 2020 तक के सभी ऋण ब्याज सहित माफ किए जाने का प्रावधान किया जा रहा है. दूसरे वर्गों को भी साहूकारों के चंगुल से छुड़ाने के लिए मध्यप्रदेश साहूकार (संशोधन विधेयक 2020) लाया जा रहा है.

  • बीजेपी की झोली में पायलट, तेल देखिए और तेल की धार देखिए...

    बीजेपी की झोली में पायलट, तेल देखिए और तेल की धार देखिए...

    राजस्थान के इस सत्ता संघर्ष में भले ही सचिन पायलट यह कहते रहें कि वे बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे और कांग्रेस में हैं और रहेंगे... कांग्रेस आलाकमान ने भी उनका विश्वास किया और कहा कि सचिन के लिए दरवाजे खुले हैं, हमें युवा नेताओं की जरूरत है और वे राजस्थान जाएं... मगर सचिन के इस बयान में कि वे बीजेपी के साथ हैं, कोई सच्चाई नहीं नहीं दिख रही है. पहली बात सचिन ने अपने विधायकों को हरियाणा के पांच सितारा होटल में रख रखा है जिसके बाहर हरियाणा के बड़ी रैंक के अधिकारी अपने दल बल, यानी हरियाणा पुलिस के साथ पहरा दे रहे हैं. किसी को वहां जाने की अनुमति नहीं है. मीडिया को तो मीलों दूर रखा है.

  • राजनीतिक अस्तित्व के लिए सचिन पायलट की राह

    राजनीतिक अस्तित्व  के लिए सचिन पायलट की राह

    सभी लोग अलग-अलग कार्रवाई की बात करते हैं जबकि वास्तविकता यह है कि पायलट अपने साथ जुड़े 16 विधायकों के साथ अब भी बीजेपी से बात कर रहे हैं. अपना चेहरा बचाने की आशा में उन्होंने एक स्वतंत्र संगठन के बारे में सोचा था. उनका अनुमान है कि बीजेपी और कांग्रेस के कुछ ''खिलाड़ियों'' के समर्थन वाली उनकी नई पार्टी दुर्घटनाग्रस्त हो जाएगी.

  • मैं जागा क्यों रह गया?

    मैं जागा क्यों रह गया?

    कोई 12 साल पहले पहाड़गंज में चाकू की धार तेज़ करने वाले ने भी ऐसा ही कुछ कहा था. वो साइकिल पर ही बैठा रहता है. साइकिल को दीवार से सटा देता है ताकि अतिक्रमण न लगे और चाकू तेज़ करता है. उसने कहा था कि कभी एम्स नहीं देखा है. कनाट प्लेस किस तरह से बदला है वो नहीं देखा है.

  • अस्पताल में भर्ती, टेस्ट, एंबुलेंस की तीन देरियों से मर रहे थे लोग, केजरीवाल ने ठीक कर बचाई जान

    अस्पताल में भर्ती, टेस्ट, एंबुलेंस की तीन देरियों से मर रहे थे लोग, केजरीवाल ने ठीक कर बचाई जान

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की इस बात को ध्यान से देखिए. यही कि टेस्ट होने में देरी से, एंबुलेंस आने में देरी से और अस्पताल में भर्ती की देरी से लोगों की मौत हो रही थी. उन्होंने खुद माना है. बता रहे है कि इसे ठीक करने के कारण जून के महीने में जहां हर दिन 100 लोग मर रहे थे अब 30-35 लोगों की मौत हो रही है. सिर्फ इन तीन चीज़ों को ठीक करने से अगर हर दिन 70 लोगों की जान बचाई जा सकती थी तो सोचिए जहां ये तीन चीज़ें ठीक नहीं होंगी वहां इंसान किस तरह से मर रहा होगा.

  • राजस्थान के 'जादूगर' का मायाजाल, पायलट न घर के रहे न घाट के

    राजस्थान के 'जादूगर' का मायाजाल, पायलट न घर के रहे न घाट के

    राजस्थान में चल रहे सत्ता के शह और मात के खेल में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को पटकनी दे दी है. मगर खेल अभी खत्म नहीं हुआ है क्योंकि सचिन पायलट अभी भी कांग्रेस में हैं. गहलोत को राजस्थान में वहां की राजनीति का जादूगर भी कहा जाता है वजह है कि गहलोत के पिता जादूगर थे और गहलोत ने भी बचपन में कुछ गुण उनसे सीखे हैं. यही वजह है कि हर बार वे अपनी सरकार बचा ले जाते हैं. कभी बीएसी तो कभी निर्दलीय तो कभी दोनों गहलोत को अपना सर्मथन दे देते हैं. 

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