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'Blog' - 517 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • एन इवनिंग इन पेरिस: डील, डीलर और पीएम

    एन इवनिंग इन पेरिस: डील, डीलर और पीएम

    एफ़िल टावर के नीचे बहती सीन नदी की हवा बनारस वाले गंगा पुत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पेरिस की शाम का हिसाब मांगने आ गई है. 10 अप्रैल 2015 की पेरिस यात्रा सिरे से संदिग्ध हो गई है. गंगा के सामने सीन बहुत छोटी नदी है लेकिन वो गंगा से बेहतर बहती है. उसके किनारे खड़ा एफ़िल टावर बनारस के पुल की तरह यूं ही हवा के झोंके से गिर नहीं जाता है. प्रधानमंत्री कब तक गंगा पुत्र भीष्म की तरह चुप्पी साधे रहेंगे. क्या अंबानी के लिए ख़ुद को इस महाभारत में भीष्म बना देंगे? न कहा जा रहा है न बचा जा रहा हैय 

  • पाकिस्तान पर मोदी सरकार की ढुलमुल नीति...

    पाकिस्तान पर मोदी सरकार की ढुलमुल नीति...

    आतंकवाद पर पाकिस्तान के चेहरे को बेनकाब करते हुए भारत ने प्रस्तावित विदेश मंत्री स्तर की मुलाकात रद्द कर दी है. लेकिन इस फैसले के बाद पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की ढुलमुल नीति सबके सामने आ गई है, जिसमें कभी हां होती है तो कभी ना. भारत ने कहा कि आतंकवाद पर पाकिस्तान के दोहरे रवैये को पूरी दुनिया ने देख लिया है. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान बचकाना है. पाकिस्तान अमन के हक में है और यह पूरी दुनिया देख रही है.

  • दो साल बाद सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक...

    दो साल बाद सरकार की सर्जिकल स्ट्राइक...

    अब यह लगभग स्पष्ट है कि केंद्र सरकार के लिए दो साल पहले हुई सर्जिकल स्ट्राइक के निशाने पर जितने सीमा पार बैठे आतंकी थे, उससे कहीं ज़्यादा भारतीय लोकतंत्र था. अन्यथा एक बहुत संक्षिप्त सैन्य कार्रवाई को राष्ट्रीय जलसे में बदलने की ऐसी कवायद न होती कि यूजीसी जैसे संस्थान को इसके लिए विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी करना पड़ता. सर्जिकल स्ट्राइक निस्संदेह भारतीय सेना की वीरता और क्षमता का उदाहरण थी. सीमा पार जाकर पाक शिविरों में बैठे आतंकियों और उनके आकाओं को तबाह करना और बिना कोई नुक़सान उठाए सुरक्षित लौट आना आसान नहीं था. यह असंभव लगता कारनामा भारतीय सेना ने इतने अचूक ढंग से किया कि पाकिस्तान हैरान रह गया.

  • गोवा में गहराता राजनैतिक संकट...

    गोवा में गहराता राजनैतिक संकट...

    गोवा में राजनैतिक संकट गहराता जा रहा है... संकट इस बार संवैधानिक बन सकता है, जैसा कि कांग्रेस कह रही है... गोवा के हालात एकदम अलग हैं... वहां BJP की सरकार है, जिसके पास 14 विधायक हैं और वह 40 सदस्यों की विधानसभा में सबसे बड़ा दल नहीं है... सबसे बड़ा दल कांग्रेस है, जिसके पास 16 विधायक हैं... मगर गोवा में सरकार BJP की है, जिसे महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी, यानी MGP के 3, गोवा फॉरवर्ड पार्टी, यानी GFP के 3 और 3 निर्दलीय विधायकों का सर्मथन मिला हुआ है... इन सभी पार्टियों ने साफ कह रखा है कि उन्होंने BJP को नहीं, बल्कि मनोहर पर्रिकर को समर्थन दिया है...

  • हर दो मिनट में होती है तीन बच्चों की मौत, लेकिन यह मुद्दा नहीं...

    हर दो मिनट में होती है तीन बच्चों की मौत, लेकिन यह मुद्दा नहीं...

    आखिर कोई क्यों यह आवाज़ नहीं उठाता है कि दुनिया में शिशु मृत्यु के सर्वाधिक आंकड़े भारत के हैं, जिसके बाद नाइजीरिया का नंबर है. यहां तक कि गरीब देश भी अपने आंकड़े सुधार रहे हैं.

  • क्या मायावती को घेरने की तैयारी कर रही बीजेपी?

    क्या मायावती को घेरने की तैयारी कर रही बीजेपी?

    बीएसपी प्रमुख मायावती को उनके गढ़ में ही घेरा जा रहा है. एक तरफ मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान में कांग्रेस के साथ समझौते को लेकर तस्वीर साफ नहीं हो पा रही है तो अब उत्तर प्रदेश में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं. पिछले साल सहारनपुर में हुई हिंसा के आरोपी और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून एनएसए के तहत जेल में बंद भीम सेना के संस्थापक चंद्रशेखर उर्फ रावण की समय से पहले रिहाई इसी की ओर इशारा कर रही है.

  • आरोप-प्रत्यारोप के दौर में बैकफुट पर सरकार

    आरोप-प्रत्यारोप के दौर में बैकफुट पर सरकार

    मौजूदा हफ्ता राजनैतिक पत्रकारों के लिए लॉटरी से कम नहीं रहा... पहले लगातार पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतें सुर्खियों में रहीं. तेल की कीमत आसमान छू रही है ..जनता परेशान है, सरकार से उम्मीद बांधे है कि शायद सरकार ही कुछ रहम कर दे. मगर केन्द्र सरकार ने जरा भी राहत देने से मना कर दिया.

  • ...तो हर इंग्लैंड दौरे में कुछ ऐसा ही हाल होगा!

    ...तो हर इंग्लैंड दौरे में कुछ ऐसा ही हाल होगा!

    इंग्लैंड के खिलाफ हालिया संपन्न पांच टेस्ट मैचों की सीरीज के आखिरी टेस्ट की दूसरी पारी में केएल राहुल और ऋषभ पंत ने अपनी शतकीय पारियों से सीरीज की स्कोर लाइन 3-2 करने की भरपूर कोशिश की, लेकिन आखिर में भारत को 4-1 से हार का कलंक वहन करने पर मजबूर होना पड़ा.

  • बीजेपी और कांग्रेस के बीच अब राष्ट्रवाद को लेकर नई जंग

    बीजेपी और कांग्रेस के बीच अब राष्ट्रवाद को लेकर नई जंग

    हिंदुत्व के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस में राष्ट्रवाद को लेकर नई जंग छिड़ गई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह लगातार तथाकथित शहरी नक्सलियों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साध रहे हैं तो वहीं कांग्रेस सेना में डेढ़ लाख पदों की कटौती को लेकर बीजेपी के राष्ट्रवाद पर सवाल उठा रही है.

  • 10 साल में UPA से ज़्यादा 4 साल में NDA ने उत्पाद शुल्क चूस लिया...

    10 साल में UPA से ज़्यादा 4 साल में NDA ने उत्पाद शुल्क चूस लिया...

    तेल की बढ़ी क़ीमतों पर तेल मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तर्क है कि यूपीए सरकार ने 1.44 लाख करोड़ रुपये तेल बॉन्ड के ज़रिए जुटाए थे,जिस पर ब्याज की देनदारी 70,000 करोड़ बनती है. मोदी सरकार ने इसे भरा है. 90 रुपये तेल के दाम हो जाने पर यह सफ़ाई है तो इसमें भी झोल है. सरकार ने तेल के ज़रिए 'आपका तेल' निकाल दिया है. ऑनिद्यो चक्रवर्ती ने हिसाब लगाया है कि यूपीए ने 2005-6 से 2013-14 के बीच जितना पेट्रोल डीज़ल की एक्साइज़ ड्यूटी से नहीं वसूला उससे करीब तीन लाख करोड़ ज़्यादा उत्पाद शुल्क एनडीए ने चार साल में वसूला है. उस वसूली में से दो लाख करोड़ चुका देना कोई बहुत बड़ी रक़म नहीं है.

  • सोने की दोगुनी खरीद का माजरा क्या है...?

    सोने की दोगुनी खरीद का माजरा क्या है...?

    इस हफ्ते सूचना मिली कि देश में सोना खूब खरीदा जा रहा है, और बिक्री इतनी बढ़ गई है कि पिछले महीने दोगुने से भी ज़्यादा सोना विदेश से भारत में आया. यह सामान्य घटना नहीं है, लेकिन मीडिया में इस ख़बर का विश्लेषण ज्य़ादा नहीं दिखा. क्या इस घटना का आगा-पीछा नहीं देखा जाना चाहिए...?

  • एक पत्र आया है, चर्चा इस पर कीजिए

    एक पत्र आया है, चर्चा इस पर कीजिए

    यह व्यवस्था किसी साहूकार या निजी कंपनियों द्वारा नहीं चलाई जा रही है बल्कि यह व्यवस्था स्वयं शासन के द्वारा चलाई जा रही है. जी हां, मैं बात कर रहा हूं मध्य प्रदेश पॉलिटेक्निक अतिथि व्याख्याताओं के लिए बनाए गए नियमों के बारे में इन नियमों के तहत अतिथि अध्यापकों को प्रति कालखंड सिर्फ 275 का भुगतान किया जाता है. अगर किसी दिन किसी भी कारण से कक्षा नहीं लगती है तो उस दिन अतिथि व्याख्याताओं को कोई भी भुगतान नहीं किया जाता है.

  • क्या आपने हिन्दी का कूड़ा अख़बार बंद किया या बदला?

    क्या आपने हिन्दी का कूड़ा अख़बार बंद किया या बदला?

    अंबानी जी पाठकों को लेकर हमेशा उदार रहे हैं. उन पर कभी मानहानि नहीं करते. कैरवान ने भी उन्हें मानहानि देने के लिए ये अंक निकाला है. आप पढ़कर ख़ुद से अंबानी की मानहानि की भरपाई करें.

  • सवर्णों की नाराज़गी दूर करने में जुटी बीजेपी

    सवर्णों की नाराज़गी दूर करने में जुटी बीजेपी

    बीजेपी सवर्ण वर्ग की नाराजगी को दूर करने की कोशिशों में जुट गई है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने वरिष्ठ मंत्रियों और पार्टी नेताओं के साथ एससी/एसटी ऐक्ट में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के बाद बने हालात पर विस्तार से चर्चा की है. पार्टी आधिकारिक रूप से इस संवेदनशील मुद्दे पर टिप्पणी करने को तैयार नहीं है, लेकिन पार्टी नेता इस मुद्दे को तूल देने के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार बता रहे हैं. पार्टी ने इस मुद्दे पर उठ रहे सवालों का जवाब देने का मन भी बनाया है. बताया जा रहा है कि इस सप्ताहांत दिल्ली में होने वाली बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

  • एक लाख स्कूल के बच्चों के पास नहीं प्रिय शिक्षक चुनने का विकल्प 

    एक लाख स्कूल के बच्चों के पास नहीं प्रिय शिक्षक चुनने का विकल्प 

    आज शिक्षक दिवस है. देश के तकरीबन 14 लाख स्कूलों के बच्चे अपने प्रिय शिक्षक को तरह-तरह से शुभकामना दे रहे होंगे. किसी ने अपने प्रिय शिक्षक के चेहरे पर मुस्कान बिखेरने के लिए घर के बगीचे से फूल तोड़कर दिया होगा, कुछ ने ग्रीटिंग कार्ड बनाकर दिया होगा. किसी भी आधारभूत सुविधा से ज़्यादा बड़ी ज़रूरत शिक्षक का होना है. हम सभी के ज़हन में अपने-अपने प्रिय या अप्रिय भी शिक्षक की छवि कैद ज़रूर होती है, लेकिन देखिए कि देश की एक बड़ी विडम्बना है कि देश के लाखों बच्चों के पास अपने प्रिय शिक्षक चुनने का विकल्प ही नहीं है, क्योंकि वहां उन्हें पढ़ाने के लिए केवल एक ही शिक्षक मौजूद है. एक ही शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल है, सारी कक्षाएं हैं, ऐसे में आप खुद ही सोच लीजिए कि हमारे देश के ऐसे स्कूल का क्या होने वाला है...? बिना शिक्षक के स्कूल कैसे चलने वाले हैं, भविष्य का भारत कैसे और कैसा बनने वाला है...?

  • क्या गोरक्षा का मुद्दा हथियाने की फ़िराक़ में है कांग्रेस? 

    क्या गोरक्षा का मुद्दा हथियाने की फ़िराक़ में है कांग्रेस? 

    देश की राजनीति की धारा बदलती हुई दिख रही है. अब तक बीजेपी कांग्रेस पर मुस्लिम तुष्टीकरण का आरोप लगाती आई है. छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर बीजेपी दूसरे विपक्षी दलों पर हमला करती आई है. इफ्तार पार्टियां सियासत का बड़ा हिस्सा बन गईं थीं और बीजेपी का आरोप था कि मुसलमानों को खुश करने के लिए इन पार्टियों ने हिंदुओं के हितों को चोट पहुंचाई. बीजेपी खुद को हिंदू हितों के सबसे बड़े रक्षक के तौर पर पेश करने लगी और हिंदू ह्रदय सम्राट के तौर पर नरेंद्र मोदी ने अपने बूते बीजेपी को 282 सीटें दिलवा दीं. अब कांग्रेस भी इसी बदली धारा का हिस्सा बनती दिखना चाह रही है. बात सिर्फ राहुल गांधी के मंदिरों के दौरों तक सीमित नहीं रह गई है. एक तरफ राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर हैं तो दूसरी तरफ कांग्रेस बीजेपी के हिंदुत्व का एक बड़ा मुद्दा गोरक्षा हथियाने की फिराक में है. मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने एक ट्वीट में कहा प्रदेश की हर पंचायत में गौशाला बनाएंगे. ये घोषणा नहीं वचन है.

  • पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल-डीज़ल के बढ़ते दाम- क्यों ज़ख्मों पर नमक छिड़क रही है सरकार?  

    पेट्रोल डीजल की कीमतें नई ऊंचाई पर और डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर. 8.2 फीसदी की जीडीपी के बीच आम लोगों से जुड़ी अर्थव्यवस्था की ये खबरें सरकार के सामने चुनौती पेश कर रही हैं, लेकिन पेट्रोल-डीज़ल की कीमतों में लगी आग के बीच सरकार ने जले पर नमक छिड़कते हुए कीमतें घटाने से इनकार कर दिया है. आला सरकारी सूत्रों ने एनडीटीवी से कहा कि मौजूदा समय में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों को देखते हुए कीमतें कुछ और समय तक बढ़ी रह सकती हैं, लेकिन सरकार उन्हें कम करने के लिए एक्साइज़ ड्यूटी में अब कोई कटौती नहीं करेगी. 

  • बोलिए मोदी जी, देश को बोलने वाला नेता चाहिए था... बोलिए न... 

    बोलिए मोदी जी, देश को बोलने वाला नेता चाहिए था... बोलिए न... 

    भाषणों के मास्टर कहे जाते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. साल 2013 में जब वह डॉलर के मुक़ाबले भारतीय रुपये के गिरने पर दहाड़ रहे थे, तब लोग कहते थे, 'वाह मोदी जी, वाह... यह हुआ भाषण... यह भाषण नहीं, देश का राशन है... हमें बोलने वाला नेता चाहिए... पेट को भोजन नहीं, भाषण चाहिए...' यह बात भी उन तक पहुंची ही होगी कि पब्लिक में बोलने वाले नेता की डिमांड है. बस, उन्होंने भी बोलने में कोई कमी नहीं छोड़ी. पेट्रोल महंगा होता था, मोदी जी बोलते थे. रुपया गिरता था, मोदी जी बोलते थे. ट्वीट पर री-ट्वीट, डिबेट पर डिबेट. 2018 में हम इस मोड़ पर पहुंचे हैं, जहां 2013 का साल राष्ट्रीय फ्रॉड का साल नज़र आता है, जहां सब एक दूसरे से फ्रॉड कर रहे थे.

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